मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के सुरक्षित माने जाने वाले दक्षिण मुंबई (फोर्ट परिसर) से एक बेहद विचलित करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक 55 वर्षीय मेहनतकश महिला के साथ न केवल बदसलूकी की गई, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस घटना ने मुंबई में महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।(Mumbai Crime)
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित महिला पिछले कई वर्षों से मेहनत-मजदूरी कर अपना गुजारा कर रही है। आरोपी संजय गुरव पिछले कुछ समय से उस पर नजर रख रहा था और उसे परेशान कर रहा था। घटना वाले दिन यानी बुधवार सुबह, जब महिला काम पर जा रही थी, तब आरोपी चोरी-छिपे उसके फोटो खींच रहा था। जब महिला ने हिम्मत दिखाकर इसका विरोध किया और जवाब मांगा, तो आरोपी आगबबूला हो गया।
काम की जगह पर हमला
दोपहर करीब 2:00 बजे, जब महिला बोरा बाजार स्थित आश्रा’ बिल्डिंग में अपना काम कर रही थी, तब आरोपी संजय गुरव वहां हिंसक जानवर की तरह घुसा। उसने महिला के साथ न केवल अश्लील गाली-गलौज की, बल्कि:
- महिला के बाल पकड़कर उन्हें बेरहमी से घसीटा।
- उनकी पीठ पर लात मारी और शारीरिक शोषण (विनयभंग) करने की कोशिश की।
- जाते-जाते चिल्लाकर धमकी दी कि “तुझे जिंदा नहीं छोडूंगा।”
वहां मौजूद एक अन्य महिला के बीच-बचाव करने की वजह से पीड़ित की जान बच सकी, अन्यथा आरोपी किसी भी हद तक जा सकता था।
पुलिस की कार्रवाई और जन आक्रोश
डरी-सहमी पीड़ित महिला ने रात में एम.आर.ए. मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई। पुलिस ने आरोपी संजय गुरव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:
- धारा 74: महिला की लज्जा भंग करना (विनयभंग)।
- धारा 351: जान से मारने की धमकी देना।

