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  • Maruti Suzuki Kharkhoda Plant: प्रधानमंत्री मोदी और जापान की प्रधानमंत्री ताकाइची ने किया मारुति सुजुकी के अत्याधुनिक संयंत्र का उद्घाटन!

    Maruti Suzuki Kharkhoda Plant: प्रधानमंत्री मोदी और जापान की प्रधानमंत्री ताकाइची ने किया मारुति सुजुकी के अत्याधुनिक संयंत्र का उद्घाटन!

    Maruti Suzuki Kharkhoda Plant: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरियाणा के खरखौदा स्थित मारुति सुजुकी के नए अत्याधुनिक विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया। यह उद्घाटन भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच के दौरान हुआ, जिसमें दोनों देशों के बीच औद्योगिक सहयोग और निवेश को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई।

    इस अवसर पर सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के प्रतिनिधि निदेशक एवं अध्यक्ष तोशिहिरो सुजुकी तथा मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिसाशी ताकेउची भी मौजूद रहे। कंपनी के अनुसार, नए संयंत्र की शुरुआती वार्षिक उत्पादन क्षमता 5 लाख वाहन होगी। वहीं, हंसलपुर स्थित चौथे संयंत्र में उत्पादन शुरू होने के बाद चालू वित्त वर्ष के अंत तक कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 29 लाख वाहन प्रतिवर्ष हो जाएगी।

    करीब 800 एकड़ में फैला यह संयंत्र भविष्य में पूर्ण क्षमता हासिल करने पर हर साल 10 लाख वाहनों का उत्पादन करने में सक्षम होगा। इस परियोजना में लगभग 35,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है और इससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से करीब 21,000 रोजगार सृजित होने की संभावना है।

    यह संयंत्र ‘सुजुकी स्मार्ट फैक्ट्री’ अवधारणा और इंडस्ट्री 5.0 तकनीक पर आधारित है। इसमें मानव और मशीन के बेहतर समन्वय के लिए ह्यूमन-अवेयर सहयोगी रोबोट, सौर ऊर्जा, बायोगैस, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली तथा अन्य हरित ऊर्जा तकनीकों का उपयोग किया गया है। संयंत्र की 100 प्रतिशत बिजली आवश्यकता नवीकरणीय ऊर्जा से पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

    वर्तमान में संयंत्र में 20 मेगावाट पीक सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की गई है, जिसे वर्ष 2030 तक 70 मेगावाट पीक तक बढ़ाने की योजना है। इसके अलावा यहां 10 टन प्रतिदिन क्षमता का बायोगैस प्लांट, 1 मेगावाट-आवर बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली, 100 प्रतिशत जल पुनर्चक्रण व्यवस्था और वर्षा जल संचयन जैसी पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं विकसित की गई हैं। साथ ही वाहनों के परिवहन को अधिक कुशल बनाने और ईंधन की बचत के लिए संयंत्र परिसर में रेलवे साइडिंग भी विकसित की जाएगी।

    इस अवसर पर तोशिहिरो सुजुकी ने कहा कि पूर्ण क्षमता हासिल करने के बाद खरखौदा संयंत्र दुनिया के सबसे बड़े कार निर्माण संयंत्रों में शामिल होगा। उन्होंने इसे भारत-जापान रणनीतिक साझेदारी और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की सफलता का महत्वपूर्ण उदाहरण बताते हुए भारत में निवेश, रोजगार, निर्यात और उन्नत तकनीकों के विस्तार के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता दोहराई।

  • MP Advocate Goval K. Padvi: आदिवासी आबादी के अनुपात में 9.35% बजट मिले, तेलंगाना की तर्ज पर बने अलग कानून: सांसद एडवोकेट गोवाल के. पाडवी!

    MP Advocate Goval K. Padvi: आदिवासी आबादी के अनुपात में 9.35% बजट मिले, तेलंगाना की तर्ज पर बने अलग कानून: सांसद एडवोकेट गोवाल के. पाडवी!

    MP Advocate Goval K. Padvi: महाराष्ट्र में आदिवासी विकास के लिए अनुसूचित जनजाति (एसटी) की जनसंख्या के अनुपात में 9.35 प्रतिशत बजटीय प्रावधान सुनिश्चित किया जाए तथा तेलंगाना राज्य के ट्राइबल सब-प्लान (Tribal Sub-Plan) कानून की तर्ज पर राज्य में भी स्वतंत्र आदिवासी कानून बनाया जाए।

    यह मांग नंदुरबार लोकसभा क्षेत्र के सांसद एडवोकेट गोवाल के. पाडवी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में विधान भवन में आयोजित 52वीं आदिवासी सलाहकार परिषद की बैठक में जोरदार ढंग से उठाई।

    सांसद पाडवी ने कहा कि महाराष्ट्र में अनुसूचित जनजातियों की आबादी लगभग 9.35 प्रतिशत है, इसलिए आदिवासी विकास के लिए भी उसी अनुपात में बजट आवंटित किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूर्व के शासन निर्णयों और स्थापित नीति के बावजूद आदिवासी समाज के लिए आबादी के अनुपात में धनराशि उपलब्ध नहीं करा रही है, जिससे आदिवासी क्षेत्रों के विकास कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि वर्तमान में आदिवासी विकास विभाग के बजट में पगार, पेंशन और प्रशासनिक खर्च (Committed Expenditure) को भी आदिवासी विकास का खर्च दिखाया जा रहा है, जबकि इससे वास्तविक विकास योजनाओं के लिए उपलब्ध राशि में भारी कमी आ रही है।

    उन्होंने मांग की कि प्रशासनिक खर्च को सामान्य प्रशासन के मद में अलग रखा जाए और शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, रोजगार, सड़क तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के लिए अलग एवं पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाए।

    सांसद पाडवी ने तेलंगाना की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी स्वतंत्र ट्राइबल सब-प्लान कानून लागू करने की मांग करते हुए कहा कि इससे आदिवासी विकास निधि का अन्य कार्यों में उपयोग नहीं हो सकेगा तथा धनराशि का पारदर्शी और जवाबदेह उपयोग सुनिश्चित होगा।

    बैठक में उन्होंने अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाणपत्र और जाति वैधता प्रमाणपत्र के कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेजों या धोखाधड़ी के आधार पर एसटी प्रमाणपत्र प्राप्त करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

    साथ ही, जाति सत्यापन समितियों को केवल शिकायत का इंतजार करने के बजाय स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेकर ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार और जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

    सांसद ने अनुसूचित जनजाति आरक्षण के तहत रिक्त एवं अधिसंख्य पदों को शीघ्र भरने की मांग भी की। उन्होंने आदिवासी विकास विभाग, एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना (आईटीडीपी), अतिरिक्त आदिवासी आयुक्त कार्यालयों तथा नासिक स्थित आदिवासी विकास आयुक्तालय में अधिकारियों की नियुक्ति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जनप्रतिनिधियों को होने वाली कठिनाइयों का मुद्दा भी परिषद के समक्ष रखा।

    उन्होंने जाति प्रमाणपत्रों की जांच प्रक्रिया को आधुनिक बनाने का सुझाव देते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल डेटा विश्लेषण और ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग कर सत्यापन प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया जाए।

    बैठक के अंत में सांसद पाडवी ने सर्वोच्च न्यायालय में लंबित धनगर समाज से जुड़े मामले पर राज्य सरकार की भूमिका पर चर्चा कराने का प्रयास किया। उनका आरोप है कि जैसे ही उन्होंने यह विषय उठाना शुरू किया, राज्य के आदिवासी विकास मंत्री ने इस पर आपत्ति जताई और उन्हें मुद्दा रखने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद, उनके अनुसार, परिषद के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बैठक स्थगित कर दी और सभागार से बाहर चले गए।

  • TET Paper Leak Case: टीईटी पेपर लीक मामले में ठाणे पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन और आरोपी गिरफ्तार!

    TET Paper Leak Case: टीईटी पेपर लीक मामले में ठाणे पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन और आरोपी गिरफ्तार!

    TET Paper Leak Case: महाराष्ट्र के बहुचर्चित शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में ठाणे पुलिस ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से पूरे पेपर लीक नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और फरार आरोपियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण राज सामने आ सकते हैं।

    पुलिस के अनुसार, लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी कपिल दहिया को जम्मू से गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ पहले ही लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था। वहीं, मामले से जुड़े सोनू सिंह और मिथुन सिंह को बिहार की राजधानी पटना से हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया।

    जांच में सामने आया है कि सोनू सिंह और मिथुन सिंह इस मामले के मुख्य आरोपी बिजेंद्र कुमार गुप्ता के करीबी सहयोगी हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, पटना में बिजेंद्र कुमार गुप्ता की एक अहम बैठक में दोनों आरोपी मौजूद थे। इसी बैठक के बाद पुलिस ने इनके खिलाफ साक्ष्य जुटाने शुरू किए और लगातार इनकी तलाश कर रही थी।

    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक की पूरी साजिश किस स्तर पर रची गई, प्रश्नपत्र किस माध्यम से एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाए गए और इस नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही। इसके लिए आर्थिक लेन-देन, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), डिजिटल साक्ष्य और बैंक खातों की गहन जांच की जा रही है।

    इससे पहले ठाणे पुलिस मुख्य आरोपी बिजेंद्र कुमार गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी को भी बिहार से गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का दावा है कि उससे पूछताछ के दौरान मिले तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर ही इन तीनों आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।

    जांच एजेंसियों के अनुसार, टीईटी परीक्षा के प्रश्नपत्र उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस से कथित रूप से अवैध तरीके से बाहर निकाले गए थे। इसके बाद उन्हें दिल्ली के रास्ते महाराष्ट्र लाकर संगठित तरीके से लीक किया गया। पुलिस को आशंका है कि इस पूरे रैकेट में कई राज्यों के लोगों की संलिप्तता है, जिसके चलते जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

    गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को भिवंडी पुलिस की हिरासत में रखा गया है। उन्हें भिवंडी न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां ठाणे पुलिस उनकी पुलिस हिरासत की मांग करेगी ताकि आमने-सामने पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हालिया गिरफ्तारियों के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले में कई और बड़े नाम सामने आने की संभावना है। फिलहाल महाराष्ट्र, बिहार, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामला अब महत्वपूर्ण और निर्णायक चरण में पहुंच चुका है।

  • Torrent Power’s franchise model: भिवंडी में टोरंट पावर का फ्रेंचाइजी मॉडल सबसे सफल, अब 24 घंटे के करीब मिल रही बिजली: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

    Torrent Power’s franchise model: भिवंडी में टोरंट पावर का फ्रेंचाइजी मॉडल सबसे सफल, अब 24 घंटे के करीब मिल रही बिजली: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

    Torrent Power’s franchise model: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भिवंडी में टोरंट पावर का फ्रेंचाइजी मॉडल राज्य में सबसे सफल साबित हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग (एमईआरसी) द्वारा निर्धारित दरों से अधिक बिजली शुल्क वसूलने का अधिकार किसी भी फ्रेंचाइजी कंपनी को नहीं है।

    विधानसभा में भिवंडी पूर्व के विधायक रईस शेख ने प्रश्न उठाते हुए कहा कि टाटा पावर और अदाणी पावर की तुलना में टोरंट पावर की बिजली दरें अधिक होने से भिवंडी के उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने भिवंडी में अन्य निजी बिजली वितरण कंपनियों को भी अवसर देने तथा पावरलूम संचालकों के लिए ब्याज और बकाया बिजली बिलों पर एकमुश्त समझौता (ओटीएस) योजना लागू करने की मांग की।

    मुख्यमंत्री ने अपने जवाब में कहा कि टोरंट पावर के आने के बाद भिवंडी की बिजली व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य में औसतन बिजली हानि 12 से 13 प्रतिशत है, जबकि भिवंडी में इसे घटाकर लगभग 10 प्रतिशत तक लाया गया है।

    उन्होंने कहा कि टोरंट पावर के संचालन से पहले भिवंडी में औसतन 16 घंटे बिजली आपूर्ति होती थी, जबकि अब यह बढ़कर 23.56 घंटे प्रतिदिन हो गई है। साथ ही, पहले जहां बिजली बिलों की वसूली दर 65–67 प्रतिशत थी, वहीं अब यह बढ़कर 98 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

    मुख्यमंत्री ने दोहराया कि बिजली दरों का निर्धारण महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग (एमईआरसी) के नियमों के अनुसार किया जाता है और आयोग द्वारा तय दरों से अधिक शुल्क वसूलने की अनुमति किसी भी फ्रेंचाइजी कंपनी को नहीं है।

    विधानसभा में इस विषय पर हुई चर्चा के बाद भिवंडी की बिजली व्यवस्था, टोरंट पावर की शुल्क संरचना तथा पावरलूम उद्योग से जुड़े मुद्दे एक बार फिर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस का विषय बन गए हैं।

  • Delhi Hospital Bedsheet Scam Allegation: सरकारी अस्पतालों में बेडशीट खरीद में 50 करोड़ के कमीशन का कांग्रेस का आरोप

    Delhi Hospital Bedsheet Scam Allegation: सरकारी अस्पतालों में बेडशीट खरीद में 50 करोड़ के कमीशन का कांग्रेस का आरोप

    Delhi Hospital Bedsheet Scam Allegation: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने राजधानी के 28 सरकारी अस्पतालों में बेडशीट खरीद को लेकर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। पार्टी ने दावा किया है कि खरीद प्रक्रिया में करीब 50 करोड़ रुपये का कमीशन लिया गया और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग उपराज्यपाल से की है।

    दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि जिन बेडशीट की बाजार में कीमत लगभग 150 रुपये प्रति पीस है, उन्हें सरकार ने 450 रुपये प्रति बेडशीट की दर से खरीदा। उनके अनुसार, इस खरीद प्रक्रिया में सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है और इससे स्वास्थ्य विभाग में कथित अनियमितताओं की ओर संकेत मिलता है।

    कांग्रेस का दावा है कि दिल्ली के 28 सरकारी अस्पतालों में लगभग 15,500 बेड हैं, जबकि सरकार ने 16.60 लाख बेडशीट खरीदने पर करीब 75 करोड़ रुपये खर्च किए। पार्टी के अनुसार, यह संख्या वास्तविक आवश्यकता से कहीं अधिक है और औसतन प्रत्येक बेड के लिए 106 बेडशीट खरीदी गईं।

    देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में संदिग्ध खरीद के मामले पिछली आम आदमी पार्टी सरकार और मौजूदा भाजपा सरकार के कार्यकाल से जुड़े हैं। उन्होंने उपराज्यपाल से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

    नोट: ये आरोप दिल्ली प्रदेश कांग्रेस द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित सरकार या स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

  • Sri Ganganagar Central Jail Search: अजमेर जेल हत्याकांड के बाद श्रीगंगानगर सेंट्रल जेल में चला तीन घंटे का सर्च ऑपरेशन!

    Sri Ganganagar Central Jail Search: अजमेर जेल हत्याकांड के बाद श्रीगंगानगर सेंट्रल जेल में चला तीन घंटे का सर्च ऑपरेशन!

    Sri Ganganagar Central Jail Search: राजस्थान के अजमेर जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद राज्यभर की जेलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसी क्रम में गुरुवार को श्रीगंगानगर जिला प्रशासन और पुलिस ने सेंट्रल जेल में संयुक्त रूप से अचानक तलाशी अभियान चलाया। करीब तीन घंटे तक चले इस विशेष अभियान में जेल के सभी संवेदनशील क्षेत्रों की गहन जांच की गई।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, अभियान का मुख्य उद्देश्य जेल परिसर में छिपाकर रखे गए हथियारों, प्रतिबंधित सामग्री या अन्य संदिग्ध वस्तुओं की तलाश करना था। जेल प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमों ने बैरकों, परिसर और अन्य संवेदनशील स्थानों की बारीकी से तलाशी ली। हालांकि, इस दौरान कोई हथियार या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई।

    गौरतलब है कि पिछले सप्ताह जेल परिसर के शौचालय के पास जमीन में दबा हुआ करीब 75 ग्राम जर्दा बरामद हुआ था। इससे पहले भी तीन अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जेल की दीवार के ऊपर से जर्दे के पैकेट फेंकने की घटना सामने आई थी। इन घटनाओं के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं।

    तलाशी अभियान का नेतृत्व उपखंड अधिकारी नयन गौतम और पुलिस उपाधीक्षक (शहर) विष्णु खत्री ने किया। इस दौरान कोतवाली थाना प्रभारी पृथ्वीपाल सिंह, जवाहरनगर थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह राठौड़, पुरानी आबादी थाना प्रभारी रमेश न्यौल और सदर थाना प्रभारी सुभाषचंद्र ढील सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

    अधिकारियों की निगरानी में गठित पुलिस टीमों ने जेल के अलग-अलग हिस्सों में सघन तलाशी अभियान चलाया। प्रशासन का कहना है कि राज्य की जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को रोकने के लिए आगे भी इस तरह के औचक निरीक्षण और तलाशी अभियान जारी रहेंगे।

  • Washim Custodial Death Case: 2011 हिरासत मौत मामले में 9 पुलिसकर्मियों को उम्रकैद, अदालत का ऐतिहासिक फैसला!

    Washim Custodial Death Case: 2011 हिरासत मौत मामले में 9 पुलिसकर्मियों को उम्रकैद, अदालत का ऐतिहासिक फैसला!

    Washim Custodial Death Case: महाराष्ट्र के वाशिम जिले में वर्ष 2011 के चर्चित हिरासत में मौत मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने गुरुवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए रिसोड पुलिस थाने के तत्कालीन प्रभारी अधिकारी माधव मणिकराव धांडे सहित 9 पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह महीने की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी।

    अदालत ने दोषी ठहराए गए पुलिसकर्मियों में से चार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी अलग से सजा सुनाई है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक साथ (Concurrent) चलेंगी।

    अभियोजन पक्ष के अनुसार, बेग्या पवार और एक अन्य व्यक्ति को 9 मई 2011 को एक आपराधिक मामले की जांच के सिलसिले में रिसोड पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। आरोप है कि हिरासत के दौरान बेग्या पवार के साथ गंभीर मारपीट की गई, जिससे उनके शरीर पर 43 चोटों के निशान पाए गए। अगले दिन अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।

    घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर हिरासत में बेरहमी से मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया था। मामले ने व्यापक जनाक्रोश पैदा किया, जिसके बाद जांच महाराष्ट्र सीआईडी को सौंप दी गई। सीआईडी ने चिकित्सीय साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपपत्र दाखिल किया।

    अपर सत्र न्यायाधीश जे.पी. झापटे ने सभी नौ आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या, स्वीकारोक्ति कराने के लिए गंभीर चोट पहुंचाने, आपराधिक साजिश और साझा आपराधिक मंशा जैसे आरोपों में दोषी ठहराया। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 47 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला महाराष्ट्र में हिरासत में मौत के मामलों में पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराने वाले सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित निर्णयों में से एक माना जा रहा है।

  • CBSE Chairman Transfer: सीबीएसई अध्यक्ष प्रशांत सीताराम का गृह मंत्रालय में तबादला, अतिरिक्त सचिव बने!

    CBSE Chairman Transfer: सीबीएसई अध्यक्ष प्रशांत सीताराम का गृह मंत्रालय में तबादला, अतिरिक्त सचिव बने!

    CBSE Chairman Transfer: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के अध्यक्ष प्रशांत सीताराम लोखंडे का गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर तबादला कर दिया गया है। इस संबंध में मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनके स्थानांतरण को मंजूरी दे दी है।

    जारी आदेश के अनुसार, एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर के 2001 बैच के आईएएस अधिकारी प्रशांत सीताराम लोखंडे पिछले महीने ही सीबीएसई के अध्यक्ष नियुक्त किए गए थे। अब गृह मंत्रालय में नई जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ वे सीबीएसई अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक बोर्ड के लिए स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हो जाती।

    गौरतलब है कि पिछले महीने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर उठे विवाद के बाद तत्कालीन अध्यक्ष राहुल सिंह को हटाकर प्रशांत सीताराम लोखंडे को सीबीएसई का अध्यक्ष बनाया गया था। उसी दौरान सीबीएसई के सचिव हिमांशु गुप्ता को भी उनके पद से हटा दिया गया था।

    इस नवीन प्रशासनिक फेरबदल के साथ अब प्रशांत सीताराम लोखंडे गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में अपनी नई जिम्मेदारियां निभाएंगे, जबकि सीबीएसई के नियमित अध्यक्ष की नियुक्ति होने तक बोर्ड के अध्यक्ष का अतिरिक्त दायित्व भी उनके पास रहेगा।

  • CJP Jantar Mantar Protest: भूख हड़ताल के दौरान सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, CJP का प्रदर्शन जारी

    CJP Jantar Mantar Protest: भूख हड़ताल के दौरान सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, CJP का प्रदर्शन जारी

    CJP Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन 11वें दिन भी जारी रहा। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे पर शुरू हुआ यह आंदोलन अब केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग तक पहुंच गया है। इसी बीच पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के तीसरे दिन उनकी तबीयत बिगड़ने से चिंता बढ़ गई है।

    CJP की ओर से जारी स्वास्थ्य अपडेट के अनुसार, सोनम वांगचुक का ब्लड शुगर लेवल 66 तक पहुंच गया, जो सामान्य स्तर से काफी नीचे है। उनका ब्लड प्रेशर 117/60, ऑक्सीजन सैचुरेशन 96 प्रतिशत और पल्स रेट 92 दर्ज किया गया। चिकित्सकों ने कहा कि लगातार गर्मी में बिना भोजन के रहना स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है, इसलिए उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    प्रदर्शन के दौरान CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भाजपा नेताओं की ओर से प्रदर्शनकारियों को ‘वायरस’ बताए जाने वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हम कोई वायरस नहीं हैं, बल्कि वायरस के खिलाफ वैक्सीन हैं।” दिपके ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं और केवल NEET ही नहीं, बल्कि अन्य भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं की निष्पक्षता भी सवालों के घेरे में है।

    दिपके ने छात्रों और अभिभावकों से आंदोलन का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि यदि आज परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग नहीं उठाई गई, तो भविष्य में और अधिक छात्र प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन स्थल पर आने वाले कुछ समर्थकों को प्रवेश से रोका गया और आंदोलन को सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है।

    गौरतलब है कि CJP 20 जून से जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। आंदोलनकारी कथित परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सोनम वांगचुक ने भी इस आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है, जिससे प्रदर्शन को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा मिली है।

  • Open Manhole Horror: साकीनाका में खुले मैनहोल में समाए 60 वर्षीय बुजुर्ग, मौके पर मचा हड़कंप!

    Open Manhole Horror: साकीनाका में खुले मैनहोल में समाए 60 वर्षीय बुजुर्ग, मौके पर मचा हड़कंप!

    Open Manhole Horror: खुले मैनहोल से जुड़ी दुखद और असल ज़िंदगी की “डरावनी” कहानियाँ अक्सर प्रशासन की भारी लापरवाही का नतीजा होती हैं; इनमें बिना ढक्कन वाले नाले या ठीक से घेराबंदी न किए गए मरम्मत के काम जानलेवा हादसों की वजह बनते हैं।

    ऐसे ही मुंबई के साकीनाका इलाके में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में 60 वर्षीय व्यक्ति की खुले मैनहोल में गिरने से मौत हो गई। यह घटना खैरानी रोड पर उस समय हुई, जब बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से नालों की सफाई और रखरखाव का कार्य चल रहा था।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, नाले की सफाई के लिए मैनहोल का ढक्कन हटाया गया था। इसी दौरान बुजुर्ग व्यक्ति वहां से गुजर रहे थे और खुले मैनहोल में गिर गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही पुलिस, दमकलकर्मी और अन्य राहत दल मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद व्यक्ति को बाहर निकाला गया और नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। नागरिकों ने आरोप लगाया कि नाले की सफाई के दौरान खुले मैनहोल के आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम, बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे, जिससे यह दुखद हादसा हुआ।

    पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, संबंधित विभाग भी घटना के कारणों की जांच कर रहा है। इस हादसे के बाद मानसून के दौरान चल रहे नाला सफाई कार्यों में सुरक्षा मानकों और नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।