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  • Brides Walk the Ramp Showcasing Cultural Diversity; Awareness Session Held on Online Matrimonial Frauds: दुल्हन के वेश में रैंप वॉक की झलक, ऑनलाइन विवाह धोखाधड़ी पर जागरूकता कार्यक्रम

    Brides Walk the Ramp Showcasing Cultural Diversity; Awareness Session Held on Online Matrimonial Frauds: दुल्हन के वेश में रैंप वॉक की झलक, ऑनलाइन विवाह धोखाधड़ी पर जागरूकता कार्यक्रम

    “वाशी में आयोजित रैंप वॉक में दुल्हन के वेश में युवतियों और वरिष्ठ महिलाओं ने विभिन्न राज्यों की वैवाहिक संस्कृति की झलक दिखाई।”

    दुल्हन के वेश में रैंप वॉक, ऑनलाइन विवाह धोखाधड़ी पर जागरूकता कार्यक्रम | Navi Mumbai

    नवी मुंबई, 25 जुलाई 2025: – वर्तमान बदलते सामाजिक ढाँचे में ऑनलाइन विवाह उद्योग में बढ़ती धोखाधड़ी, झूठी पहचान और आपराधिक प्रवृत्तियों के बारे में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से हाल ही में वाशी स्थित साहित्य मंदिर सभागार में एक जागरूकता कार्यक्रम “ऑनलाइन नवरा नको गं बाई…” का आयोजन किया गया। साथ ही, परंपरा और आधुनिकता का संगम करते हुए, देश के विभिन्न राज्यों की विवाह संस्कृति और दुल्हनों के परिधानों का जीवंत दृश्य प्रस्तुत करते हुए, एक विविध फैशन शो का भी उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में युवतियों की तरह वरिष्ठ महिलाओं ने भी दुल्हन के वेश में रैंप वॉक कर उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। यह पहल नेत्रा एंटरप्राइजेज के बहुउद्देशीय मंच “वी मुक्ता” और स्विफ्ट डिटेक्टिव एंड इन्वेस्टिगेशन्स के सहयोग से कार्यान्वित की गई। इस अवसर पर, मुख्य वक्ता के रूप में प्रिया काकड़े (निदेशक, स्विफ्ट डिटेक्टिव एंड इन्वेस्टिगेशन्स) ने महिलाओं को वास्तविक उदाहरणों के साथ बहुमूल्य मार्गदर्शन प्रदान किया। पारंपरिक दुल्हन के परिधानों के माध्यम से वैवाहिक संस्कृति में सुंदरता, विविधता और सुरक्षा का संदेश दिया गया।

    प्रिया काकड़े ने अपने भाषण में हाल की कुछ घटनाओं का उदाहरण देते हुए महिलाओं को सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने एक चौंकाने वाली घटना का खुलासा किया जिसमें पुणे की एक युवा आईटी इंजीनियर महिला को एक युवक ने 16 से 17 लाख रुपये की ठगी की। यह युवक उससे एक ऑनलाइन मैट्रिमोनियल साइट पर मिला था और शादी के कुछ ही महीनों बाद फरार हो गया। एक अन्य घटना में, पुणे में शिक्षा के लिए रह रही एक युवती ने एक 75 वर्षीय व्यक्ति के साथ ‘शुगर डैडी’ संबंध शुरू कर दिया और उस पर निजी खर्च करने लगा और उसकी संपत्ति हड़पने की भी कोशिश की। ऐसा होने पर, उसकी पत्नी मदद लेने स्विफ्ट डिटेक्टिव एजेंसी आई।

    इसके अलावा, उन्होंने विवाहेतर संबंधों, तलाक के लिए आवश्यक सबूत जुटाने और सोशल मीडिया के कारण बढ़ती दूरियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। इस व्याख्यान में, प्रिया काकड़े ने बताया कि प्रेम, विवाह या भावनात्मक सुरक्षा के नाम पर कई महिलाओं को जाल में फँसाया जा रहा है। ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर 90% प्रोफ़ाइल फ़र्ज़ी हैं, और कुछ मामलों में, वित्तीय धोखाधड़ी के साथ-साथ लड़कियों को बेचे जाने के उदाहरण भी मिलते हैं।

    कार्यक्रम का एक और विशेष आकर्षण “नववधू रैंप वॉक प्रतियोगिता” थी। इस प्रतियोगिता की खास बात यह थी कि कई वरिष्ठ महिलाएँ भी दुल्हन के रूप में सजकर रैंप पर उतरीं और उम्र की सीमा को तोड़ दिया। उनके परिधानों ने उनके युवा उत्साह और विवाह की रस्मों के प्रति सम्मान को दर्शाया। दर्शकों ने भी इस फ़ैशन शो का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागी महिलाओं को पदक और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

    इस फ़ैशन शो में, बौद्ध समुदाय के दुल्हन परिधानों की जीवंत प्रस्तुति दी गई। कुछ महाराष्ट्रीयन दुल्हनों ने नौवारी साड़ी पहनी थी, कुछ राजस्थानी दुल्हनों ने पारंपरिक गोटा-पट्टी से सजी घाघरा-चोली पहनी थी, जबकि अन्य ने सिर पर बांधनी ओढ़नी और बोरला-झूबे पहनकर अपनी विशेष राजपूताना गरिमा का प्रदर्शन किया। गुजराती दुल्हनों के रूप में, कुछ महिलाओं ने “पनतोर” साड़ी और दाहिने कंधे से सीधा पल्लू लिए “घरचोल्या” प्रस्तुत किया; उस पर सजी उनकी पारंपरिक बड़ी चूड़ियाँ और झुमके विशेष ध्यान आकर्षित कर रहे थे। केरल की दुल्हन ने पारंपरिक सफेद-सुनहरे किनारे वाली “कासवु” साड़ी और सुनहरे गहनों से सजी कोमलता का प्रतीक एक उत्कृष्ट कृति प्रस्तुत की। मारवाड़ी दुल्हन की प्रस्तुति में, लाल और बैंगनी घाघरे में, अपने आधे चेहरे को पारंपरिक ओढ़नी से ढके, विस्तृत गहनों से सजी महिलाओं ने परंपरा की गरिमा को बरकरार रखा। बौद्ध दुल्हनों के रूप में भाग लेने वाली महिलाओं ने नीली या सफेद साड़ियाँ पहनी थीं, जो सरल लेकिन आत्म-जागरूक पोशाक थीं, और आत्मविश्वास के साथ रैंप पर चलीं, जो वैचारिक सौंदर्य और शांति का प्रतीक बन गईं।

    वी मुक्ता की संस्थापक नेत्रा गुजराती ने कहा, “हमारे मंच का मुख्य उद्देश्य समाज में चल रहे संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर चर्चा करके महिलाओं में जागरूकता पैदा करना है। इस कार्यक्रम ने महिलाओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी से खुद को बचाने के लिए सही मार्गदर्शन दिया है।” “इस फैशन शो का उद्देश्य केवल एक सौंदर्य प्रतियोगिता नहीं था, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों की वैवाहिक संस्कृति और महिला सौंदर्य के विविध रंगों को प्रदर्शित करना भी था। दुल्हन के परिधानों में निहित शालीनता, सम्मान और परंपरा को समाज तक पहुँचाना ज़रूरी है।” इस कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने ‘विवाह-पूर्व प्रोफ़ाइल’ जाँच, धोखाधड़ी से बचाव के उपायों और जासूसी एजेंसियों की मदद से साक्ष्य एकत्र करने के बारे में गहराई से सीखा। कार्यक्रम के आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह की गतिविधियाँ विवाह संस्था में आधुनिक आपराधिक प्रवृत्तियों की पहचान करने में मदद करती हैं, साथ ही महिलाओं को आत्मरक्षा का एक साधन भी प्रदान करती हैं।

    Brides Walk the Ramp Showcasing Cultural Diversity
    “वाशी में आयोजित रैंप वॉक में दुल्हन के वेश में युवतियों और वरिष्ठ महिलाओं ने विभिन्न राज्यों की वैवाहिक संस्कृति की झलक दिखाई।”
  • General Manager of Central Railway Visits Signal & Telecom Training Institute, Inaugurates New Hostel for Trainees: मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ने सिग्नल व टेलीकॉम प्रशिक्षण संस्थान का निरीक्षण किया; प्रशिक्षणार्थियों के लिए नए हॉस्टल का उद्घाटन

    भायखला प्रशिक्षण संस्थान में मध्य रेलवे महाप्रबंधक ने किया हॉस्टल का उद्घाटन
    मध्य रेलवे महाप्रबंधक धर्मवीर मीणा ने भायखला सिग्नल व टेलीकॉम प्रशिक्षण संस्थान का निरीक्षण किया और नए हॉस्टल का उद्घाटन किया।

    मुंबई। मध्य रेलवे के महाप्रबंधक धर्मवीर मीणा ने भायखला स्थित सिग्नल व टेलीकॉम प्रशिक्षण संस्थान का दौरा किया और प्रशिक्षणार्थियों के लिए निर्मित नए जयगढ़ छात्रावास का उद्घाटन किया।

    नए हॉस्टल में
    ✅ 36 सुसज्जित कमरे हैं,
    ✅ जिसमें 144 प्रशिक्षणार्थियों के रहने की क्षमता है।
    ✅ यहां व्यायामशाला, मनोरंजन कक्ष, भोजन कक्ष और वाई-फाई जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।


    प्रशिक्षण संस्थान का परिचय

    भायखला स्थित यह संस्थान, सिग्नल व टेलीकॉम कार्यशाला का हिस्सा है, और हर वर्ष मध्य रेलवे और पश्चिम मध्य रेलवे के करीब 1500 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण देता है।
    📌 स्थापना वर्ष: 1968
    📌 प्रशिक्षण कार्यक्रम: 100 से अधिक कोर्स, जिनमें
    – प्रारंभिक अप्रेंटिस कोर्स
    – फाउंडेशन कोर्स
    – रिफ्रेशर कोर्स
    – विशेष उपकरण कोर्स
    – कवच प्रशिक्षण शामिल हैं।


    निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारी

    इस अवसर पर
    🔹 प्रधान मुख्य सिग्नल व दूरसंचार अभियंता मनिंदर उप्पल,
    🔹 मुख्य कार्यशाला प्रबंधक अमरेन्द्र सिंह,
    🔹 प्रधान विभाग प्रमुख,
    🔹 मुंबई डिवीजन के मंडल रेल प्रबंधक
    सहित मध्य रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • New Guidelines Issued for Police Officers Travelling Abroad for Investigations: विदेश जांच पर जाने वाले पुलिस अधिकारियों के लिए केंद्र के नए दिशानिर्देश जारी

    New Guidelines Issued for Police Officers Travelling Abroad for Investigations: विदेश जांच पर जाने वाले पुलिस अधिकारियों के लिए केंद्र के नए दिशानिर्देश जारी

    रिपोर्ट: शिवदिनेश शर्मा | मुंबई

    मुंबई, 25 जुलाई। केंद्र सरकार ने राज्य पुलिस #Police अधिकारियों द्वारा आपराधिक मामलों की जांच #Investigation के लिए विदेश यात्रा करने पर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। यह फैसला हाल ही में सामने आए कुछ मामलों के बाद लिया गया है, जिनमें पूर्व अनुमति के अभाव में प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।

    #ForeignPolicy #CentreGuidelines #IndiaNews #MumbaiPolice #LawAndOrder


    क्या हैं नए दिशा-निर्देश?

    ✅ विदेश जांच पर जाने से पहले
    ➡️ देश के सक्षम प्राधिकारी
    ➡️ केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय
    ➡️ और भारतीय मिशन से
    पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

    ✅ यह नियम मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र और अन्य राज्यों पर लागू होगा।

    ✅ बिना अनुमति के विदेश जाने पर
    ➡️ प्रशासनिक जटिलताएं
    ➡️ और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असहज स्थिति उत्पन्न हो सकती है।


    केंद्रीय गृह मंत्रालय के संज्ञान में आया था कि कुछ राज्यों की पुलिस टीमों ने आपराधिक मामलों की जांच के लिए विदेश यात्रा करते समय संबंधित देशों की पूर्व अनुमति नहीं ली, जिससे वहां कानूनी व राजनयिक समस्याएं खड़ी हुईं। इसे देखते हुए गृह मंत्रालय के सुरक्षा विभाग ने सभी राज्यों को परिपत्र जारी कर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।


    क्या कहा गया है परिपत्र में?

    ➡️ यदि कोई पुलिस अधिकारी या पदाधिकारी विदेश जांच पर जाना चाहता है, तो
    ✅ पुलिस महानिदेशक और
    ✅ राज्य सरकार से अनुमति लेना जरूरी होगा।

    ➡️ बिना पूर्व अनुमति के किसी भी पुलिसकर्मी को विदेश न भेजा जाए।

    ➡️ संबंधित भारतीय मिशन को भी सूचित करना अनिवार्य होगा।


    इन नए नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अंतरराष्ट्रीय जांच प्रक्रियाएं कानूनी और राजनयिक रूप से पारदर्शी और सुव्यवस्थित रहें। इससे भारत की छवि व विदेशों में जांच के दौरान समन्वय भी मजबूत होगा।

  • किआ इंडिया ने 100वां सर्टिफाइड प्री-ओन्ड वाहन आउटलेट खोला, तीन साल से भी कम में बड़ी उपलब्धि

    किआ इंडिया ने 100वां सर्टिफाइड प्री-ओन्ड वाहन आउटलेट खोला, तीन साल से भी कम में बड़ी उपलब्धि

    मुंबई, 25 जुलाई। देश की अग्रणी मास-प्रीमियम ऑटोमोबाइल कंपनियों में से एक किआ इंडिया ने अपने 100वें ‘किआ सर्टिफाइड प्री-ओन्ड’ (सीपीओ) आउटलेट का उद्घाटन कर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने यह मुकाम महज तीन साल से भी कम समय में प्राप्त किया है, जिससे वह भारत में इतनी तेज़ी से 100 आउटलेट्स वाला प्री-ओन्ड नेटवर्क खड़ा करने वाले सबसे तेज़ ऑटो ब्रांड्स में शामिल हो गई है।

    #KiaIndia #CPOOutlet #AutoIndustry #PreOwnedCars #AutomobileNews #KiaMotors #MovementThatInspires


    ग्राहकों को भरोसेमंद प्री-ओन्ड कार अनुभव

    किआ इंडिया अपने सीपीओ वाहनों पर
    ✅ 2 साल या 40,000 किलोमीटर की वारंटी,
    ✅ 4 मुफ्त पीरियॉडिक मेंटेनेंस सर्विस,
    ✅ 175-पॉइंट की सख्त गुणवत्ता जांच,
    ✅ 1 लाख किलोमीटर से कम चली गाड़ियों का चयन,
    ✅ और कोई ढांचागत क्षति न होने की शर्त प्रदान करती है।
    इन्हीं खूबियों के कारण किआ का सीपीओ प्रोग्राम भारतीय ऑटो इंडस्ट्री में सबसे भरोसेमंद और ग्राहक-केंद्रित प्री-ओन्ड कार प्रोग्राम्स में गिना जाता है।


    70 से अधिक शहरों में नेटवर्क विस्तार

    किआ इंडिया का सीपीओ नेटवर्क अब 70 से अधिक शहरों में फैल चुका है और यह कंपनी के कुल रिटेल नेटवर्क का करीब 60% हिस्सा बन चुका है। इससे प्रमाणित, उच्च गुणवत्ता वाली प्री-ओन्ड कारों की बढ़ती मांग साफ झलकती है।


    किआ इंडिया के चीफ सेल्स ऑफिसर का बयान

    मिस्टर जूनसू चो ने कहा:

    “भारत में महज तीन वर्षों में हमारे सर्टिफाइड प्री-ओन्ड नेटवर्क का 100 आउटलेट्स तक पहुँचना, किआ ब्रांड पर ग्राहकों के भरोसे का ठोस प्रमाण है।
    हमारा सीपीओ व्यवसाय बेहतरीन गुणवत्ता, विश्वसनीय सेवा और ग्राहकों के विश्वास के बल पर रणनीतिक ग्रोथ ड्राइवर बन गया है।
    हम प्री-ओन्ड कार मार्केट को नया रूप देने के लिए डिज़ाइन-फॉरवर्ड आउटलेट्स और पूरी तरह डिजिटल अनुभव प्रदान कर रहे हैं।”


    डिजिटल और पारदर्शी एक्सचेंज प्रोसेस

    किआ के सीपीओ आउटलेट्स पर
    🔹 किसी भी ब्रांड की पुरानी कार खरीदना, बेचना या एक्सचेंज करना आसान है।
    🔹 पूरा प्रोसेस डिजिटल है,
    🔹 उन्नत इवैल्युएशन ऐप तेज़, निष्पक्ष और पारदर्शी मूल्यांकन सुनिश्चित करता है।
    🔹 ग्राहकों को तुरंत भुगतान, आसान डॉक्युमेंट ट्रांसफर और कस्टमाइज़ फाइनेंस विकल्प भी उपलब्ध हैं।


    निष्कर्ष

    किआ इंडिया का उद्देश्य प्री-ओन्ड कार सेगमेंट में भी ग्राहकों को वही भरोसा और सुविधा देना है, जो उन्हें एक नई किआ कार से मिलती है। यह उपलब्धि कंपनी की ‘मूवमेंट दैट इंस्पायर्स’ की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।

  • लवलोकल द्वारा ‘क्वॉलिटी कॉमर्स’ को बढ़ावा, 2 घंटे की फ्री डिलीवरी और वीडियो-आधारित शॉपिंग की सुविधा

    लवलोकल द्वारा ‘क्वॉलिटी कॉमर्स’ को बढ़ावा, 2 घंटे की फ्री डिलीवरी और वीडियो-आधारित शॉपिंग की सुविधा

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    मुंबई, 25 जुलाई। भारत के तेजी से बदलते ऑनलाइन किराना बाजार में लवलोकल ने एक नया मानदंड स्थापित किया है। मुंबई स्थित इस कंपनी ने ‘क्वॉलिटी कॉमर्स’ मॉडल लॉन्च किया है, जो सिर्फ तेज डिलीवरी ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता, भरोसे और स्थानीय दुकानदारों को सशक्त बनाने पर केंद्रित है।


    ग्राहकों को मिल रही है वर्चुअल शॉपिंग की सुविधा

    लवलोकल का हाइपरलोकल ऐप ग्राहकों को वीडियो-आधारित शॉपिंग की सुविधा देता है, जिससे वे वर्चुअली अपनी पड़ोस की दुकान में जाकर वस्तुएं देख सकते हैं। कंपनी ने सभी ऑर्डर्स पर मुफ्त डिलीवरी और फ्री रिप्लेसमेंट की सुविधा दी है, साथ ही दो घंटे के भीतर डिलीवरी सुनिश्चित की जाती है ताकि उत्पादों की ताजगी बरकरार रहे।


    स्थानीय दुकानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की पहल

    लवलोकल की संस्थापक और सीईओ आकांक्षा हजारी ने कहा:

    “ताजा ग्रॉसरी खरीदते समय उपभोक्ता सबसे ज़्यादा गुणवत्ता और भरोसे को प्राथमिकता देते हैं। हमारा उद्देश्य है कि एक लाख दुकानों को ऑनलाइन जोड़कर भारत का सबसे बड़ा और समावेशी ई-कॉमर्स नेटवर्क तैयार किया जाए।”

    उन्होंने कहा कि भविष्य किसी दूर दराज़ गोदाम में नहीं, बल्कि भरोसेमंद पड़ोस की दुकानों में है, जहां डिलीवरी तेज़ और सही होती है। यही है ‘क्वॉलिटी कॉमर्स’।


    15 गुना वृद्धि का लक्ष्य, कई शहरों में विस्तार की योजना

    ✅ लवलोकल अगले 12 महीनों में 15 गुना वृद्धि का लक्ष्य लेकर चल रही है।
    ✅ 2026 तक कई नए शहरों में विस्तार की योजना पर भी काम हो रहा है।
    ✅ अभी तक मुंबई में 600 से अधिक दुकानों को डिजिटाइज किया जा चुका है।


    लवलोकल मॉडल की विशेषताएं

    🔹 मौजूदा रिटेल नेटवर्क को फुलफिलमेंट हब के रूप में उपयोग
    🔹 डिजिटल स्टोरफ्रंट, लॉजिस्टिक्स, पेमेंट सॉल्यूशंस, मार्केटिंग टूल्स और बिजनेस एनालिटिक्स की सुविधा
    🔹 अन्य ऑनलाइन ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म्स की तुलना में 30% अधिक ताजगी भरा उत्पाद चयन और प्रतिस्पर्धी मूल्य
    🔹 स्थानीय दुकानों के भरोसे को डिजिटल तकनीक से जोड़ना


    उपभोक्ताओं का बदलता रुझान

    फाइनेंशियल टाइम्स के हालिया सर्वे में पाया गया कि 80% भारतीय उपभोक्ता क्विक कॉमर्स से असंतुष्ट हैं और एक बार फिर अपनी पारंपरिक दुकानों की ओर लौट रहे हैं। लवलोकल इस ट्रेंड को डिजिटल इनोवेशन से जोड़कर आगे बढ़ा रहा है।


    निष्कर्ष

    लवलोकल का उद्देश्य है कि लोग ताजगी और भरोसे के लिए अपनी स्थानीय दुकानों को ही डिजिटल माध्यम से चुनें। अब तक कंपनी वल्कन कैपिटल, एंड्रेसेन होरोविट्ज़, ब्लूम वेंचर्स समेत कई प्रतिष्ठित संस्थापकों से 30 मिलियन डॉलर का निवेश जुटा चुकी है और भारतीय ई-कॉमर्स में नया इतिहास रचने की दिशा में बढ़ रही है।

  • Grand Felicitation Ceremony for Meritorious Students and Teaching Festival Organized in Thane: ठाणे में मेधावी छात्रों का सम्मान और शिक्षण उत्सव का भव्य आयोजन

    Grand Felicitation Ceremony for Meritorious Students and Teaching Festival Organized in Thane: ठाणे में मेधावी छात्रों का सम्मान और शिक्षण उत्सव का भव्य आयोजन

    ठाणे जिला परिषद स्कूल में छात्रवृत्ति परीक्षा में सफल छात्रों और शिक्षकों का सम्मान समारोह संपन्न, सीईओ रोहन घुगे रहे मुख्य अतिथि।

    ठाणे। ठाणे जिले के किन्हावली बीट अंतर्गत असनोली स्थित जिला परिषद स्कूल में छात्रवृत्ति परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले मेधावी छात्रों के सम्मान में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन और शिक्षकों के योगदान को सराहना था।


    मुख्य अतिथि रोहन घुगे का प्रेरक संबोधन

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोहन घुगे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में निरंतर प्रयासरत रहने और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
    इस अवसर पर छात्रवृत्ति परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित कर पुस्तकें भेंट की गईं।


    शिक्षकों का भी हुआ सम्मान

    कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ-साथ उन्हें मार्गदर्शन देने वाले शिक्षकों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इससे शिक्षण स्टाफ में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार हुआ।


    विशिष्ट उपस्थिति

    इस अवसर पर

    • परियोजना निदेशक: छायादेवी शिसोदे
    • प्राथमिक शिक्षा अधिकारी: बालासाहेब राक्षे
    • संकुल विकास अधिकारी: बाबू राठौड़
    • संकुल शिक्षा अधिकारी: रामचंद्र विशेष
    • विस्तार अधिकारी: संगीता माली
    • केंद्र प्रमुख: डॉ. राजेंद्र चौधरी (अल्यानी)
    • पंचायत समिति के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, शाला प्रबंधन समिति के सदस्य, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम का संचालन नवनीत फरडे ने किया।

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  • Bhiwandi Farmers Demand Fair Compensation for Virar-Alibag Corridor; MLA Mahesh Choughule: विरार-अलीबाग कॉरिडोर: भिवंडी के किसानों को उचित मुआवजे की मांग, विधायक महेश चौगुले ने सौंपा ज्ञापन

    विरार-अलीबाग कॉरिडोर: किसानों को उचित मुआवजे की मांग, विधायक ने सौंपा ज्ञापन

    भिवंडी। महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर परियोजना को लेकर भिवंडी तालुका के किसानों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। इस परियोजना से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर भिवंडी पश्चिम के विधायक महेश चौगुले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन सौंपा।


    मुआवजा दरों में अन्यायपूर्ण अंतर

    विधायक चौगुले ने कहा कि इस परियोजना से भिवंडी तालुका के कई किसानों की जमीनें अधिग्रहित की जा रही हैं, लेकिन उन्हें अन्य परियोजनाओं—जैसे समृद्धि महामार्ग, बुलेट ट्रेन और मुंबई-वडोदरा महामार्ग—के मुकाबले काफी कम मुआवजा दिया जा रहा है। यह अन्यायपूर्ण है और इससे किसानों में गहरा असंतोष है।

    उन्होंने कहा कि भिवंडी तालुका एक औद्योगिक क्षेत्र है, जहां किसान खेती के साथ-साथ विभिन्न रोजगार के अवसरों से भी जुड़े हैं। ऐसे में भूमि अधिग्रहण के एवज में कम मुआवजा देना उनके भविष्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।


    विधायक चौगुले की मुख्य मांगें

    1️⃣ गुणांक 2 लागू किया जाए ताकि सभी प्रभावित जमीनों पर मुआवजा दरें एकसमान हों।
    2️⃣ अधिग्रहण सहमति की समयसीमा 21 दिनों से बढ़ाकर 60 दिन की जाए ताकि किसान कानूनी सलाह ले सकें।
    3️⃣ ठाणे और रायगढ़ जिले की मुआवजा दरों में अंतर समाप्त करने के लिए स्वतंत्र दर निर्धारण समिति का गठन किया जाए।


    परियोजना से जुड़े विकास के अवसर

    विरार-अलीबाग कॉरिडोर परियोजना से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के साथ-साथ औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। यह परियोजना मुंबई महानगर क्षेत्र को JNPT पोर्ट और नवी मुंबई एयरपोर्ट से सीधे जोड़ेगी।

    हालांकि, किसानों का कहना है कि “विकास के साथ न्याय भी होना चाहिए।”
    विधायक चौगुले ने मुख्यमंत्री से किसानों के हित में जल्द निर्णय लेने की अपील की है।

  • पुणे बनेगा ‘Growth Hub’: उपमुख्यमंत्री अजित पवार का ऐलान, यशदा तैयार करेगा नियोजन खाका

    पुणे बनेगा ‘Growth Hub’: उपमुख्यमंत्री अजित पवार का ऐलान, यशदा तैयार करेगा नियोजन खाका

    मुंबई, 24 जुलाई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने घोषणा की है कि पुणे महानगर प्रदेश (PMR) को ‘Growth Hub’ के रूप में विकसित किया जाएगा। मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने बताया कि पुणे अपनी तकनीकी क्षमता, औद्योगिक उत्पादन, शिक्षा और हरित गतिशीलता के कारण इस परियोजना के लिए आदर्श है। #Pune #GrowthHub #AjitPawar


    पुणे को मिलेगा G-HUB का दर्जा

    केंद्र सरकार द्वारा 2024 के बजट में घोषित 14 ग्रोथ हब शहरों में पुणे, नागपुर और नासिक भी शामिल हैं।
    पहले चरण में मुंबई महानगर प्रदेश, सूरत, विशाखापत्तनम और वाराणसी में G-HUB परियोजना लागू हो चुकी है। अब पुणे महानगर प्रदेश को भी ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।


    यशदा तैयार करेगा विकास का रोडमैप

    अजित पवार ने स्पष्ट किया कि नीति आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार पुणे के लिए विकास योजना का खाका यशदा (YASHADA) तैयार करेगा और पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (PMRDA) इसके लिए धनराशि उपलब्ध कराएगा।

    बैठक में मुख्य सचिव राजेश कुमार, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव ओ. पी. गुप्ता, योजना विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजगोपाल देवरा, सामान्य प्रशासन विभाग की अपर मुख्य सचिव वी. राधा, उपमुख्यमंत्री के सचिव डॉ. राजेश देशमुख, पुणे के संभागीय आयुक्त डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार, जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी, पीएमआरडीए आयुक्त योगेश म्हसे, यशदा की प्रभारी महानिदेशक पवनीत कौर, और रजिस्ट्रार राजीव नंदकर उपस्थित थे।


    पुणे की मजबूती बनेगी ग्रोथ इंजन

    अजित पवार ने कहा कि पुणे में आईटी कंपनियां, मेट्रो, रिंग रोड, औद्योगिक गलियारे, विश्व स्तरीय शिक्षण संस्थान और अस्पताल मौजूद हैं।
    पुणे का वर्तमान सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 4.2 लाख करोड़ रुपये है और 2030 तक यहां 15 से 18 लाख नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें 6 लाख नौकरियां महिलाओं के लिए होंगी।


    विकास के प्रमुख क्षेत्र

    ✅ प्रौद्योगिकी और नवाचार: आईटी, एआई, इलेक्ट्रिक वाहन, क्लीन टेक, सेमीकंडक्टर डिजाइन
    ✅ विनिर्माण: ऑटोमोटिव, एयरोस्पेस, फार्मा, सटीक इंजीनियरिंग
    ✅ कौशल विकास: 800 से अधिक उच्च शिक्षण संस्थानों का लाभ
    ✅ बुनियादी ढांचा: मेट्रो, रिंग रोड, नई टाउनशिप
    ✅ पर्यटन: विरासत, कृषि, आध्यात्मिक, साहसिक पर्यटन
    ✅ व्यापार सुगमता: स्टार्टअप निवेश, स्किल सर्टिफिकेशन, विदेशी निवेश को प्रोत्साहन

    अजित पवार ने कहा कि यशदा का नियोजन खाका तैयार होने के बाद मनपा, पीएमआरडीए और अन्य एजेंसियों को तत्परता से काम शुरू करना होगा।
    उन्होंने पीएमआरडीए और अन्य एजेंसियों से चल रही परियोजनाओं में निरंतरता बनाए रखने का भी निर्देश दिया। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में यशदा में जल्द ही बैठक होगी।

  • Public Anger Grows as Protests Intensify for Diva-CSMT Local Train Service: दिवा-सीएसएमटी लोकल की मांग 2014 से जारी, जनता का आक्रोश उफान पर

    Public Anger Grows as Protests Intensify for Diva-CSMT Local Train Service: दिवा-सीएसएमटी लोकल की मांग 2014 से जारी, जनता का आक्रोश उफान पर

    दिवा। पिछले एक दशक से दिवा से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) तक लोकल ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग लगातार उठ रही है, लेकिन आज तक यह मांग अधूरी है। हजारों यात्रियों की रोजमर्रा की परेशानियां, भीड़भाड़ और लगातार हो रही दुर्घटनाएं इसका प्रमाण हैं।

    9 जून को घटी एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने रेलवे प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया, जब भीड़ के कारण दरवाजे पर खड़े यात्री एक-दूसरे से टकरा गए और जान गंवानी पड़ी। दुखद यह रहा कि दुर्घटना के बाद मौके पर एम्बुलेंस की व्यवस्था न होने से घायल यात्रियों को टेम्पो में अस्पताल ले जाना पड़ा।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर स्टेशन पर 24 घंटे एम्बुलेंस सेवा अनिवार्य की जानी चाहिए।


    कई बार हुआ आंदोलन, फिर भी अनसुनी

    दिवा से सीएसएमटी लोकल सेवा शुरू करने के लिए यात्रियों ने हस्ताक्षर अभियान, मोर्चे और आमरण अनशन तक किए।

    • 21 मार्च 2023: दिवा से सीएसएमटी लोकल के लिए मोर्चा निकाला गया।
    • 16-22 अगस्त 2025: अमोल धनराज केंद्रे ने सात दिन का आमरण अनशन किया।
    • 22 दिसंबर 2024: रेल प्रशासन को जगाने के लिए ढोल बजाकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
    • 1 जुलाई 2025: श्रीमती अश्विनी अमोल केंद्र ने दिवा स्टेशन के बाहर धरना शुरू किया, जो 20 दिनों तक चला।
    • 20 जुलाई: अमोल केंद्रे के नेतृत्व में एल्गार मोर्चा निकाला गया और चेतावनी दी गई कि दो दिनों के भीतर कार्रवाई न होने पर ट्रेनें रोकी जाएंगी।

    इसके बाद, 22 और 23 जुलाई को रेलवे अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से मुलाकात की। 24 जुलाई को मध्य रेल प्रबंधक के साथ बैठक हुई जिसमें दिवा से सीएसएमटी लोकल शुरू करने की सहमति तो दी गई, लेकिन समय तय नहीं किया गया।


    फास्ट लोकल रोकने की भी पुरानी मांग

    रेलवे प्रशासन ने बताया कि कल्याण, डोंबिवली, अंबरनाथ की फास्ट लोकल ट्रेनों को दिवा स्टेशन पर रोके जाने और दिवा पनवेल लोकल के संचालन को लेकर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। साथ ही, मुंब्रा, दिवा सहित उन सभी स्टेशनों पर 24 घंटे एम्बुलेंस सेवा शुरू की जाएगी जहां फिलहाल इसकी व्यवस्था नहीं है।


    जनता का धैर्य टूटा, बड़ा आंदोलन संभव

    प्रशासन की बार-बार की गई घोषणाओं और नेताओं के आश्वासनों से जनता का विश्वास कमजोर पड़ता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही दिवा से सीएसएमटी लोकल सेवा, सुबह की लोकल फेरे बढ़ाने, और फास्ट लोकल स्टॉपेज को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो बड़ा विरोध प्रदर्शन होगा, जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ सकती है।

    रेलवे प्रशासन ने फिलहाल कहा है कि इस मुद्दे पर चर्चा कर जनता को जल्द सूचित किया जाएगा।

  • fedex magicbus digital safetyFedEx : FedExऔर मैजिक बस फाउंडेशन ने लॉन्च किया ‘साइबर सेफ इंडिया अभियान’

    fedex magicbus digital safetyFedEx : FedExऔर मैजिक बस फाउंडेशन ने लॉन्च किया ‘साइबर सेफ इंडिया अभियान’

    मुंबई: दुनिया की अग्रणी एक्सप्रेस ट्रांसपोर्टेशन कंपनी FedEx ने शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में कार्यरत गैर-लाभकारी संस्था मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन के साथ मिलकर एक राष्ट्रव्यापी पहल ‘साइबर सेफ इंडिया अभियान’ शुरू किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और समुदायों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्वक आगे बढ़ने के लिए तैयार करना है, जिसमें साइबर अपराधों की रोकथाम और डिजिटल जागरूकता को बढ़ावा देना शामिल है, खासकर वंचित समुदायों के बीच।यह कार्यक्रम दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे और कोलकाता सहित 13 राज्यों के 29 शहरों में चलाया जाएगा, जिसके तहत मैजिक बस के 130 से अधिक आजीविका केंद्रों और 1,000 से ज्यादा कॉलेजों के नेटवर्क के माध्यम से दो लाख से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, नुक्कड़ नाटकों, जागरूकता शिविरों, डिजिटल सुरक्षा सत्रों और स्थानीय साइबर अपराध अधिकारियों के सहयोग से समुदाय स्तर पर भी डिजिटल सुरक्षा की गहरी समझ विकसित की जाएगी।फेडएक्स के नितिन नवनीत टाटीवाला ने बताया कि साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता एक शक्तिशाली हथियार है, और गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार 1.3 मिलियन से अधिक साइबर फ्रॉड मामलों की रिपोर्टिंग से ₹4,386 करोड़ से ज़्यादा की राशि सुरक्षित की जा चुकी है, जो जागरूकता के महत्व को दर्शाता है। मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन के ग्लोबल सीईओ जयंत रस्तोगी ने इस साझेदारी को एक समावेशी डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जहां डिजिटल पहुंच के साथ-साथ डिजिटल सुरक्षा भी सुनिश्चित हो।यह कार्यक्रम भारत की राष्ट्रीय डिजिटल सुरक्षा प्राथमिकताओं के अनुरूप, संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय के अंतर्गत सी-डैक (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, जिसमें क्षेत्रीय स्तर पर पहुंच और समन्वय को मजबूत करने के लिए राज्य साइबर सेल्स से भी भागीदारी की जाएगी। यह साझेदारी भारत के भविष्य के कार्यबल को न केवल डिजिटल रूप से जोड़ने, बल्कि उन्हें डिजिटल रूप से जागरूक, सुरक्षित और सक्षम बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है।