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  • Rashtriya Purvanchal Ekta Party: वार्ड 74 में राष्ट्रीय पूर्वांचल एकता पार्टी की पब्लिक मीटिंग, तारा यादव ने सुनीं लोगों की समस्याएं!

    Rashtriya Purvanchal Ekta Party: वार्ड 74 में राष्ट्रीय पूर्वांचल एकता पार्टी की पब्लिक मीटिंग, तारा यादव ने सुनीं लोगों की समस्याएं!

    Rashtriya Purvanchal Ekta Party: राष्ट्रीय पूर्वांचल एकता पार्टी के तत्वावधान में प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा उत्तर प्रदेश श्रीमती तारा यादव के नेतृत्व में उनके प्रतिनिधिमंडल द्वारा वार्ड नंबर-74 बाड़गाडा क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों में घर-घर जाकर लोगों की समस्याओं को सुना गया। इसके बाद समस्याओं के निराकरण को लेकर आर्य होटल में एक आम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुनाथ उपाध्याय ने तारा यादव द्वारा उठाए गए इस कदम की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त बुराइयों को समाप्त करने और संगठन को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से भी जनसंपर्क अभियान चलाने का आह्वान किया।

    राष्ट्रीय संरक्षक गंगा सहाय पाण्डेय ने कहा कि सामाजिक एकता से ही देश मजबूत होगा और संगठन के माध्यम से कठिन कार्यों को भी आसान बनाया जा सकता है। उन्होंने तारा यादव के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना की।

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    प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा उत्तर प्रदेश तारा यादव ने कहा कि वह पार्टी को मजबूत करने और जनहित के मुद्दों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करती रहेंगी। वहीं प्रदेश महासचिव महिला मोर्चा प्रोमिला शर्मा और प्रदेश उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश जितेंद्र कुमार ने भी संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया।

    कार्यक्रम में अशोक धवन, बृज मोहन वर्मा, श्रीमती सरोज देवी, उदय शंकर गुप्ता, रमेश तिवारी और गंगा सरण ओझा सहित कई लोगों ने अपने विचार रखे और पार्टी की सदस्यता के लिए दस्तावेज सौंपे। कार्यक्रम का संचालन तारा यादव ने किया, अध्यक्षता जितेंद्र कुमार ने की तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रोमिला शर्मा ने किया।

  • Vipin Pandey in Spotlight: ‘वर्दी’ के साये में अन्याय का तांडव, क्या योगी के न्याय की धज्जियां उड़ा रहे हैं इंचार्ज विपिन पांडे!

    Vipin Pandey in Spotlight: ‘वर्दी’ के साये में अन्याय का तांडव, क्या योगी के न्याय की धज्जियां उड़ा रहे हैं इंचार्ज विपिन पांडे!

    ​Vipin Pandey in Spotlight: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहाँ एक ओर प्रदेश में ‘रामराज्य’ और सुशासन का डंका पीट रहे हैं, वहीं वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र से खाकी को शर्मसार करने वाला मामला सामने आ रहा है। आरोप है कि चोलापुर के गोसाईपुर चौकी इंचार्ज विपिन पांडे ने न्याय की कुर्सी को ‘वसूली का अड्डा’ बना दिया है। जनता का आरोप है कि रक्षक की भूमिका निभाने के बजाय यह अधिकारी दोमुंहे सांप की तरह काम कर रहा है, जो अपराधियों से सांठगांठ कर आम जनता का खून चूस रहा है।

    ज्ञात हों कि वाराणसी के थाना चोलापुर क्षेत्र अंतर्गत नेहियां ग्रामसभा में 5 मई 2026 की रात उस समय सनसनी फैल गई, जब दबंगों ने एक वकील के घर पर धावा बोलते हुए जमकर तांडव मचाया। आरोप है कि करीब रात 9 बजे 12 नामजद और कई अज्ञात लोग लाठी-डंडों से लैस होकर राहुल कुमार दुबे के घर में घुस आए और मारपीट, तोड़फोड़ तथा लूटपाट की घटना को अंजाम दिया।

    पीड़ित राहुल कुमार दुबे के अनुसार वह अपने चेंबर में बैठकर काम कर रहे थे, तभी अचानक गाली-गलौज और शोर सुनाई दिया। दरवाजा खोलते ही कमलेश दुबे, अशोक दुबे समेत कई लोग घर में घुस आए और हमला शुरू कर दिया। हमलावरों ने घर में जमकर उत्पात मचाया और परिवार के सदस्यों को निशाना बनाया।

    घटना के दौरान महिलाओं के साथ भी अभद्रता किए जाने का आरोप है। राहुल दुबे का कहना है कि उनकी मां सुनीता दुबे के साथ मारपीट की गई और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। भयभीत परिवार किसी तरह खुद को कमरे में बंद कर जान बचाने को मजबूर हो गया।

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    पीड़ित परिवार का दावा है कि पूरी घटना घर में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। इसके बावजूद क्षेत्र में चर्चा इस बात को लेकर तेज है कि क्या पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करेगी या मामला दबाने की कोशिश होगी। घटना के बाद स्थानीय लोगों में गोसाईपुर चौकी इंचार्ज विपीन पाण्डेय की पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी नाराजगी देखने को मिल रही है।

    कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय कथित रूप से अवैध वसूली और दबाव की राजनीति हावी है। लोगों का कहना है कि प्रदेश सरकार जहां कानून व्यवस्था को मजबूत करने का दावा कर रही है, वहीं कुछ अधिकारियों की कार्यप्रणाली से आम जनता का भरोसा कमजोर पड़ रहा है।

    ​वसूली का ‘धंधा’ और अपराधियों से ‘यारी’
    ​स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है कि चौकी इंचार्ज विपिन पांडे विपक्षी पार्टियों और दो पक्षों के बीच होने वाली लड़ाई का समाधान करने के बजाय, उसे ‘अवसर’ में बदल देते हैं। आरोप है कि दोनों पक्षों से जबरदस्त धन उगाही की जाती है। इतना ही नहीं, इलाके में अवैध शराब, भांग की दुकानों और जुए के फड़ों को संरक्षण देने के बदले मोटी रकम (हफ्ताखोरी) वसूलने के गंभीर आरोप भी लग रहे हैं।

    ​पुलिसिया कार्रवाई: कागजों पर FIR, जमीन पर क्या?
    ​चोलापुर पुलिस ने राहुल दुबे की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 115(2), 333, 352, 351(3), 324(4), 309(4) और 131 के तहत मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, लेकिन जनता को संदेह है कि क्या इन धाराओं में जान फूंकी जाएगी या फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

    विपीन पाण्डेय के कार्यप्रणाली पर लगा प्रश्नचिन्ह
    ​क्या वाराणसी के आला अधिकारी इस ‘दोमुंहे’ आचरण वाले चौकी इंचार्ज पर नकेल कसेंगे? क्या योगी राज में एक पीड़ित परिवार को वाकई न्याय मिलेगा, या फिर खाकी और अपराधियों का यह ‘अपवित्र गठबंधन’ यूं ही फलता-फूलता रहेगा?

  • Public Land Namaz: सार्वजनिक स्थलों पर नमाज पर इलाहाबाद HC का स्पष्ट रुख; मुस्लिम धर्मगुरुओं ने किया स्वागत!

    Public Land Namaz: सार्वजनिक स्थलों पर नमाज पर इलाहाबाद HC का स्पष्ट रुख; मुस्लिम धर्मगुरुओं ने किया स्वागत!

    Public Land Namaz: सार्वजनिक स्थानों पर नमाज को लेकर Allahabad High Court के हालिया फैसले का समर्थन सामने आया है। Maulana Shahabuddin Rizvi Barelvi समेत कई धर्मगुरुओं और नेताओं ने इसे कानून और शरीयत—दोनों के लिहाज से सही बताया है।

    धर्मगुरुओं का समर्थन
    Maulana Shahabuddin Rizvi Barelvi ने कहा कि इस्लामी शिक्षाओं के अनुसार ऐसी जगह पर नमाज नहीं पढ़नी चाहिए जहां विवाद या आपत्ति की संभावना हो। उनका मानना है कि शांति और सहमति सबसे जरूरी है।

    कोर्ट का स्पष्ट रुख
    Allahabad High Court ने अपने फैसले में कहा कि निजी संपत्ति पर कभी-कभार धार्मिक प्रार्थना की जा सकती है, लेकिन सार्वजनिक जमीन का नियमित या विशेष धार्मिक उपयोग नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी कहा कि राज्य की जिम्मेदारी है कि सभी को सार्वजनिक जमीन तक समान पहुंच मिले।

    याचिका खारिज
    हाई कोर्ट ने असीन नाम के व्यक्ति की याचिका खारिज कर दी, जिसमें संभल जिले में सार्वजनिक जमीन पर नमाज के लिए अनुमति और सुरक्षा की मांग की गई थी। अदालत ने इसे नियमों के खिलाफ माना।

    इकबाल अंसारी की प्रतिक्रिया
    Iqbal Ansari ने कहा कि नमाज के लिए मस्जिदें मौजूद हैं, इसलिए सार्वजनिक जमीन का इस्तेमाल जरूरी नहीं है। उन्होंने अदालत के फैसले का सम्मान करने की अपील की।

    शरीयत का हवाला
    शाही मुख्य मुफ्ती Maulana Chaudhary Ifrahim Hussain ने भी फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि नमाज के लिए साफ और विवाद-मुक्त स्थान जरूरी है, और सार्वजनिक जगहों पर कब्जा करना न कानूनन सही है, न धार्मिक रूप से।

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    अयोध्या से समर्थन
    Girish Pati Tripathi ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक गतिविधियां नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के रुख का हवाला देते हुए फैसले का स्वागत किया।

    राजनीतिक प्रतिक्रिया
    कांग्रेस नेता Hussain Dalwai ने भी फैसले को उचित बताया। हालांकि उन्होंने कहा कि ईद जैसे मौकों पर अस्थायी रूप से सार्वजनिक स्थानों का इस्तेमाल अलग परिस्थिति हो सकती है, जैसा अन्य धर्मों में भी होता है।