Cyber Security: देश में साइबर सुरक्षा और डिजिटल फॉरेंसिक को नई मजबूती देने के लिए Unique Identification Authority of India और National Forensic Sciences University ने साझेदारी की है। इस सहयोग का उद्देश्य डिजिटल पहचान इकोसिस्टम को और सुरक्षित बनाना और उभरती तकनीकों में रिसर्च को बढ़ावा देना है।
5 साल का रणनीतिक समझौता
Unique Identification Authority of India और National Forensic Sciences University के बीच पांच साल के लिए समझौता किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के डिजिटल इकोसिस्टम, खासकर आधार से जुड़े प्लेटफॉर्म्स की सुरक्षा को और मजबूत करना है।
किन क्षेत्रों में होगा काम
इस साझेदारी के तहत डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर सुरक्षा, सूचना सुरक्षा और सिस्टम प्रोटेक्शन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रयास किए जाएंगे। साथ ही फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर और लैब उत्कृष्टता को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
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उभरती तकनीकों पर खास जोर
समझौते में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन, डीपफेक डिटेक्शन और क्रिप्टोग्राफी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में रिसर्च शामिल है। इससे भविष्य की साइबर चुनौतियों से निपटने की तैयारी मजबूत होगी।
छात्रों और प्रोफेशनल्स को लाभ
इस पहल से NFSU के छात्रों को प्लेसमेंट और इंडस्ट्री एक्सपोजर के बेहतर मौके मिलेंगे। साथ ही प्रोफेशनल्स के लिए भी स्किल डेवलपमेंट और रिसर्च के नए रास्ते खुलेंगे।
अधिकारियों की मौजूदगी में समझौता
यह समझौता Vivek Chand Verma और S. O. Junare की मौजूदगी में हुआ। दोनों संस्थाओं ने इसे डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में अहम कदम बताया।
डिजिटल इंडिया को मिलेगा बल
अधिकारियों का मानना है कि यह सहयोग भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को और सुरक्षित बनाएगा। साथ ही डिजिटल पहचान प्रणालियों में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने में मदद करेगा।

