ठाणे।विधायक संजय केलकर को सह्याद्री आमदार संजय केळकर यांची सहयाद्री प्रतिष्ठान हिंदुस्तान के राष्ट्रीय कार्यकारी समिती के अध्यक्ष पद पर सर्वसम्मति से चयनित किया गया।सह्याद्री प्रतिष्ठान के संस्थापक व दुर्गरत्न से पहचाने जाने वाले श्रमिक गोजमगुंडे ने विधायक संजय केलकर को नियुक्ति पत्र देकर अभिनंदन कर शुभकामनाएं दी।इस अवसर पर महेश विनेरकर, प्रकाश नायर, गौरव शेवाले, अतुल पडवल, संगीता जाधव, अनिकेत कडव, गणेश मांगले व दुर्गसेवक उपस्थित थे।पिछले 12 साल से विधायक केलकर के पास संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष की जबाबदारी थी।लेकिन विधानसभा अधिवेशन में गड़किल्ला के विषय पर कई बार मुद्दा उठाया था।शिवभक्त के रूप में भी इनकी एक अलग पहचान है।27 मार्च को ठाणे कारागार में हर साल सह्याद्री प्रतिष्ठान जिला कमेटी की ओर से कार्यक्रम किया जाता है।सह्याद्री प्रतिष्ठान का राज्य भर में 70 से अधिक शाखाएं है और 25000 से अधिक दुर्ग सेवक है।
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा मंत्रालय को दलाल-मुक्त करने की घोषणा हवा में विलीन होती दिख रही है। फर्जी पत्रकारों के माध्यम से उगाही करने वाले गिरोह का मंत्रालय में आवागमन बढ़ गया है। हाल ही में, उगाही करने वाला रफीक मुलाणी ने सुरेश केसरकर के साथ मुख्यमंत्री कक्ष में मुलाकात की। खास बात यह है कि वह 55 लाख रुपये की उगाही के मामले में हाल ही में जमानत पर रिहा हुआ है।
रफीक मुलाणी बड़े मंत्रियों के साथ तस्वीरें खिंचवाकर खुद को पत्रकार साबित करने की कोशिश करता है। वह सूचना के अधिकार (RTI) कानून का दुरुपयोग कर अपने गिरोह के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों से वसूली करता है। बीएमसी अधिकारी से 55 लाख रुपये की उगाही मांगने के मामले में उसका पर्दाफाश हुआ था। इस मामले में वह और उसके साथी रंगेहाथ पकड़े गए थे।
मुलाणी, प्रतिष्ठित व्यक्तियों से संबंध होने का आभास देकर विभिन्न सरकारी विभागों पर दबाव बनाता है। अभिनव भारत संगठन और सिटीजन जस्टिस प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया जैसी उससे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ पहले ही शिकायतें दर्ज हैं। अब, राज्य गुणवंत कामगार एसोसिएशन, जो सुरेश केसरकर की अध्यक्षता में है, उसमें भी उसकी संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है।
मंत्रालय की सुरक्षा पर सवाल
मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में दलाली रोकने के लिए नई जांच और प्रवेश प्रणाली स्थापित करने का विचार रखा है। हालांकि, इसकी प्रभावी अमल में लाने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। अन्यथा, ऐसे उगाही करने वाले अपराधी मंत्रालय में घूमते रहेंगे और आम नागरिक अपने न्याय और अधिकारों से वंचित रह जाएंगे।
नई दिल्ली। भाजपा नेता केशव उपाध्ये ने शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव, ‘इंडिया’ ब्लॉक, केंद्रीय बजट, संजय राउत के अलावा महाकुंभ में भगदड़ पर अपने विचार साझा किए हैं। केशव उपाध्ये ने मीडिया से बातचीत करने के समय कहा है कि, जब इंडिया ब्लॉक बना था, तो उसका कोई भी एक स्पष्ट एजेंडा नहीं था। उनके पास पीएम मोदी और भाजपा का विरोध करने के अलावा अन्य कोई भी उद्देश्य नहीं था। लेकिन विकास का कोई रोडमैप ना होने के चलते ये गठबंधन ज्यादा नहीं टिक पाया था। केशव उपाध्ये का कहना है कि, दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच झगड़े और विरोध की स्थिति साफ दिखती है। इसकी वजह यह है कि दोनों पार्टियां विकास पर जोर नहीं दे रही थीं, बल्कि एक-दूसरे को नीचा दिखाने में व्यस्त थीं। इसी कारण दिल्ली की जनता अब भाजपा की तरफ देख रही है, क्योंकि भाजपा ने हमेशा अपने एजेंडा और विकास पर जोर दिया है। केशव उपाध्ये ने अरविंद केजरीवाल की राजनीति पर भी कई सारे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि, उनकी राजनीति को लोग स्वीकार नहीं करेंगे, क्योंकि राजनीति में ईमानदारी जरूरी है। अरविंद केजरीवाल के इस व्यवहार को लोग गलत मान रहे हैं और चुनाव आयोग ने भी उनका जवाब मांगा है। महाकुंभ हादसे को लेकर अपनी बात रखते हुए कहा है कि, कुंभ मेले के दौरान एक दुर्घटना हुई, लेकिन वहां आयोजकों ने इसे बहुत अच्छे तरीके से संभाला। इस बारे में एक समिति का गठन किया गया है। उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। इस बीच, उन्होंने संजय राउत(Sanjay Raut) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे बिना ठोस सबूत के सिर्फ आरोप लगाते रहते हैं। जनता भी अब उनकी बातों को गंभीरता से नहीं ले रही है। बजट 2025-26 पर केशव उपाध्ये ने कहा है कि बजट बहुत आवश्यक है, क्योंकि मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 10 साल में देश की अर्थव्यवस्था और विकास में काफी सुधार हुआ है। मोदी जी ने हमेशा गरीबों के लिए काम किया है और उम्मीद की जा रही है कि आगामी बजट भी देश की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण होगा। पूरे विश्व में अब भारत की गरिमा बढ़ी है। इस तरह से देखा जाए, तो आने वाला बजट देश के विकास के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होगा और इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
दै.राष्ट्रीय स्वाभिमान दैनंदिन 2025 (कैंलेंडर) लोकभारती स्कूल ग्रुप के संचालक व भारतीय जनता पार्टी वविश जिला महामंत्री जे.पी.सिंह को सौंपते हुए संपादक अश्विनी दूबे व पत्रकार प्रेम चौबे
नालासोपारा। दै.राष्ट्रीय स्वाभिमान दैनंदिनी (कैंलेंडर ) 2025 को अपने शुभचिंतक पाठकगण समाजसेवी संदीप सिंह ‘सिंपल’, प्रदीप मिश्रा के साथ विनीत कुमार तिवारी को सौंपते हुए संपादक अश्विनी कुमार दूबे व पत्रकार प्रेम चौबे।
कल्याण: डोंबिवली पूर्व के रिजेंसी अनंतम में 29 और 30 जनवरी 2025 को ग्लोबल करंसी नोट और पोस्टल स्टैम्प प्रदर्शनी के साथ अंतरशालेय विज्ञान प्रदर्शनी और पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। डावखर फाउंडेशन, रिजेंसी ग्रुप, समर्थ पेट्रोलियम, एनए सोल्यूशन और डावखर फिल्म्स के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस कार्यक्रम में 193 देशों की करंसी नोट्स और डाक टिकटों का अनोखा संग्रह प्रदर्शित किया जाएगा।
इस आयोजन में छात्रों की रचनात्मकता और विज्ञान में रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष विज्ञान प्रदर्शनी और पोस्टर प्रतियोगिताएं भी होंगी। कार्यक्रम के आयोजक संतोष डावखर ने बताया कि इस बार 45 स्कूलों के छात्रों ने भागीदारी दर्ज कराई है और हर साल करीब 30,000 से अधिक छात्र इस आयोजन का हिस्सा बनते हैं।
प्रतियोगिता के विजेता छात्रों और उनके शिक्षकों को 1,50,000 रुपये के नकद पुरस्कार और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शाम 8 बजे तक सभी के लिए निःशुल्क रहेगा। साथ ही, छात्रों की सुविधा के लिए स्कूलों के लिए बस सेवा भी उपलब्ध कराई गई है।
कल्याण।कल्याण के बी.के. बिड़ला महाविद्यालय में आयोजित अंतरमहाविद्यालयीन साइंस फेस्टिवल ‘प्रवाह-2025’ ने विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए। ‘न्यू एज साइंस – आवर विजन आवर फ्यूचर’ थीम पर केंद्रित इस दो दिवसीय आयोजन में मुंबई विश्वविद्यालय के 12 शाखाओं के लगभग 2,500 छात्रों और प्राध्यापकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
उद्घाटन समारोह और मुख्य अतिथि:
इस भव्य आयोजन का उद्घाटन ‘द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस, इंडिया’ (मुंबई डिवीजन) के चेयरमैन प्रो. ए. के. सिंह द्वारा किया गया। बायो जिनोमिक्स, ठाणे के निदेशक डॉ. संजय सोनार और महाविद्यालय प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष सुबोध दवे ने सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थिति दर्ज की। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अविनाश पाटील ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
प्रदर्शनियां और प्रतियोगिताएं:
इस अवसर पर विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन हुआ, जिसमें आसपास के विद्यालयों के छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए। प्रमुख शिक्षण संस्थानों जैसे सेंट जेवियर कॉलेज, सोमैया कॉलेज, सिद्धार्थ कॉलेज, आर. जे. झुनझुनवाला कॉलेज, और एस आई ई एस कॉलेज के छात्रों ने अपनी रचनात्मकता और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया।
समापन समारोह
आयोजन का समापन महाराष्ट स्टेट स्किल यूनिवर्सिटी की कुलगुरु डॉ. अपूर्वा पालकर की उपस्थिति में हुआ। इस आयोजन को महाविद्यालय की उप प्राचार्या डॉ. मनिंदर कौर धालीवाल, डॉ. हरीश दुबे, स्मिता गुप्ता और अन्य सदस्यों के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
मुंबई: महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) स्थानीय निकाय चुनावों में एकला चलो की राह पकड़ती नजर आ रही है। राज्यसभा सांसद और सीनियर नेता संजय राउत ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी मुंबई में अकेले चुनाव लड़ेगी। मगर, दूसरे शहरों को लेकर फैसला अभी तक नहीं हुआ है। यह निर्णय पार्टी की ताकत के आधार पर लिया जाएगा। संजय राउत ने कहा, ‘पार्टी के पास मुंबई में अच्छी-खासी ताकत है। स्थानीय नेताओं का इस बात पर जोर है कि पार्टी को बीएमसी चुनाव अकेले लड़ना चाहिए। इसे देखते हुए हमने मुंबई में बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने का मन बनाया है। जहां तक अन्य स्थानीय निकायों का सवाल है तो हम मौजूदा स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।’ संजय राउत ने कहा कि हमारी पार्टी किस सीट पर अकेले लड़ेगी और कहां पर गठबंधन होगा, इस संबंध में चर्चा जारी है। फिलहाल, मुंबई में अकेले लड़ने का फैसला लिया गया है। इससे पहले, शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने संकेत दिया था कि उनकी पार्टी आगामी स्थानीय निकाय चुनाव अपने दम पर लड़ सकती है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकर्ता इसके लिए उत्सुक हैं और वह उचित समय पर इस पर निर्णय लेंगे। उन्होंने भाजपा को कम से कम एक चुनाव मतपत्रों से कराने की चुनौती दी।
शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे की ९९वीं जयंती पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि वह सभी नगर निगमों में पार्टी के कार्यकर्ताओं से बात कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि पार्टी आगामी स्थानीय निकाय चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़े। उन्होंने कहा, ‘क्या आप देशद्रोहियों को उनकी जगह दिखाने के लिए तैयार हैं? अभी चुनावों की घोषणा होनी बाकी है। मुझे अपनी तैयारियां देखने दीजिए और मैं आपकी इच्छा के अनुसार निर्णय लूंगा। मैं उचित समय पर निर्णय लूंगा।’ ठाकरे का यह बयान पार्टी नेता संजय राउत की उस घोषणा के कुछ दिन बाद आया जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी स्थानीय निकाय चुनाव अकेले लड़ेगी। इस कदम से विपक्षी खेमे की एकता पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है।
महाराष्ट्र विधानसभा का विशेष सत्र 7 दिसंबर से शुरू होने वाला है। नई सरकार के गठन के बाद भाजपा विधायक कालिदास कोलंबकर शुक्रवार को महाराष्ट्र विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर होंगे। नौ बार विधायक रह चुके कोलंबकर को राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन दोपहर 1 बजे राजभवन में शपथ दिलाएंगे।
प्रोटेम स्पीकर बनने के बाद कोलंबकर, 288 नव-निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाएंगे। साथ ही 9 दिसंबर को 15वीं विधानसभा के लिए अध्यक्ष का चुनाव कराएंगे। इसके बाद CM फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार विश्वास मत हासिल करेगी।
इससे पहले 5 दिसंबर को देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और एकनाथ शिंदे–अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री की शपथ ली। 23 नवंबर को चुनाव परिणाम आने के 13वें दिन महाराष्ट्र CM का शपथ ग्रहण हो सका।
काफी मान-मनौव्वल के बाद डिप्टी सीएम पद स्वीकार करने वाले शिंदे महाराष्ट्र के दूसरे ऐसे नेता बने, जो सीएम से डिप्टी सीएम बने।
एनसीपी नेता अजित पवार छठी बार डिप्टी सीएम बने। वे कांग्रेस, महायुति और महाविकास अघाड़ी सरकार में डिप्टी CM रहने वाले महाराष्ट्र के पहले नेता बन गए हैं।
मुख्यमंत्री का चार्ज लेने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा– विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले मंत्रियों की शपथ हो जाएगी और उनके पोर्टफोलियो दे दिए जाएंगे।
महाराष्ट्र विधानसभा में नेता विपक्ष का पद दिया जाएगा या नहीं, यह स्पीकर तय करेंगे। हमारे रोल बदले हैं, हमारी दिशा नहीं बदली। मंत्रिमंडल तय हो चुका है। इसमें ज्यादा बदलाव नहीं होंगे।
10 साल में तीसरी बार सीएम बने फडणवीस, ऐसा करने वाले महाराष्ट्र के पहले भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने 10 साल में तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। ऐसा करने वाले वह भाजपा के पहले नेता हैं। शपथ के बाद वे PM मोदी के पास गए और अभिनंदन किया।
फडणवीस के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने डिप्टी CM पद की शपथ ली। शपथ से पहले उन्होंने बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे का नाम लिया। प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह को धन्यवाद दिया। वे राज्य के दूसरे नेता हैं जो CM के बाद डिप्टी CM बने।
शिंदे के बाद NCP नेता अजित पवार ने डिप्टी CM की शपथ ली। वह छठी बार राज्य के डिप्टी CM बने हैं। वह महायुति और महाविकास अघाड़ी दोनों गठबंधन की सरकार में डिप्टी CM रहने वाले महाराष्ट्र के पहले नेता बन गए हैं।
शपथ समारोह मुंबई के आजाद मैदान में गुरुवार शाम 5:31 बजे शुरू हुआ, जो करीब 30 मिनट तक चला। राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के सामने तीनों नेताओं ने मराठी में शपथ ली।
समारोह में PM मोदी, अमित शाह, नितिन गडकरी के अलावा नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू समेत NDA शासित 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के CM और डिप्टी CM शामिल हुए।
शपथ लेने जाने से पहले देवेंद्र फडणवीस की मां ने उनका तिलक किया।
पक्ष के किसी भी दल के पास 10% सीटें नहीं, इसलिए नेता विपक्ष पर संशय महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर 20 नवंबर को वोटिंग हुई थी। 23 नवंबर को रिजल्ट आया। महायुति को 230 सीटें मिलीं। इसमें भाजपा को 132, शिवसेना को 57 और NCP को 41 विधायक जीते। वहीं महाविकास अघाड़ी (MVA) को 46 और अन्य को 12 सीटें मिलीं। MVA में शिवसेना (UBT) 20, कांग्रेस 16 और शरद पवार की NCP को 10 सीटों पर जीत मिली। बहुमत का आंकड़ा 145 है।
नेता विपक्ष पर दावा करने के लिए पार्टी के पास 10% सीटों होना जरूरी है। 288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा में इस पद पर दावा करने के लिए 29 सीटों की जरूरत है, जो किसी भी विपक्षी पार्टी के पास नहीं हैं।