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  • Lazy Keto Diet: वायरल हो रही लेज़ी कीटो डाइट क्या है? एक्सपर्ट से जानिए इस डाइट के बारे ए टू ज़ी!

    Lazy Keto Diet: वायरल हो रही लेज़ी कीटो डाइट क्या है? एक्सपर्ट से जानिए इस डाइट के बारे ए टू ज़ी!

    Lazy Keto Diet: Lazy Keto Diet पारंपरिक कीटो डाइट का एक आसान और कम प्रतिबंधों वाला रूप है। इसमें मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates) का सेवन बहुत कम किया जाता है, जबकि प्रोटीन और वसा (फैट) की मात्रा पर ज्यादा सख्ती नहीं बरती जाती। हाल के वर्षों में वजन घटाने की चाह रखने वाले लोगों के बीच यह डाइट काफी लोकप्रिय हुई है।

    क्या है Lazy Keto Diet?
    सामान्य कीटो डाइट में व्यक्ति को प्रतिदिन कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैट की मात्रा का सटीक हिसाब रखना पड़ता है। वहीं, लेजी कीटो डाइट में केवल कार्बोहाइड्रेट को सीमित करने पर ध्यान दिया जाता है।

    आमतौर पर इस डाइट में:
    प्रतिदिन 20–50 ग्राम से कम कार्बोहाइड्रेट लेने की सलाह दी जाती है।
    प्रोटीन और फैट की मात्रा को सख्ती से ट्रैक करने की आवश्यकता नहीं होती।
    शरीर ऊर्जा के लिए कार्ब्स की बजाय फैट का उपयोग करने लगता है, जिसे कीटोसिस (Ketosis) कहा जाता है।

    Lazy Keto Diet में क्या खा सकते हैं?

    ✔ अंडे
    ✔ मछली और चिकन
    ✔ पनीर और चीज़
    ✔ मक्खन और घी
    ✔ बादाम, अखरोट और अन्य नट्स
    ✔ हरी पत्तेदार सब्जियां
    ✔ एवोकाडो और जैतून का तेल

    किन चीजों से परहेज करना चाहिए?

    ✘ चीनी और मिठाइयां
    ✘ ब्रेड, चावल और रोटी
    ✘ आलू और शकरकंद
    ✘ मीठे पेय पदार्थ
    ✘ अधिकांश पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड

    Lazy Keto Diet के फायदे

    1. वजन घटाने में मददगार
      कम कार्बोहाइड्रेट लेने से शरीर जमा फैट को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करने लगता है, जिससे वजन कम हो सकता है।
    2. फॉलो करना आसान
      पारंपरिक कीटो डाइट की तुलना में इसमें हर भोजन का रिकॉर्ड रखने की जरूरत नहीं होती।
    3. भूख कम लग सकती है
      फैट और प्रोटीन युक्त भोजन लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस करा सकता है।
    4. ब्लड शुगर नियंत्रण में मदद
      कुछ लोगों में कार्ब्स कम करने से रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

    Lazy Keto Diet के नुकसान

    1. पोषक तत्वों की कमी
      फल, साबुत अनाज और कुछ सब्जियों का सेवन कम होने से विटामिन, मिनरल और फाइबर की कमी हो सकती है।
    2. ‘कीटो फ्लू’ की समस्या
      शुरुआती दिनों में कुछ लोगों को ये लक्षण महसूस हो सकते हैं:
      सिरदर्द
      थकान
      चक्कर आना
      चिड़चिड़ापन
      कब्ज
    3. लंबे समय तक अपनाने पर जोखिम
      बिना विशेषज्ञ सलाह के लंबे समय तक इस डाइट का पालन करने से हृदय स्वास्थ्य, किडनी और पाचन तंत्र पर असर पड़ सकता है।
    4. अस्वस्थ वसा का अधिक सेवन
      यदि व्यक्ति तले हुए या अत्यधिक प्रोसेस्ड हाई-फैट फूड खाता है, तो कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा हो सकता है।

    किन लोगों को Lazy Keto Diet नहीं अपनानी चाहिए?

    • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं
    • किडनी रोग से पीड़ित लोग
    • लिवर की बीमारी वाले मरीज
    • टाइप-1 डायबिटीज के मरीज
    • खाने से संबंधित विकार (Eating Disorders) से जूझ रहे लोग

    एक्सपर्ट की सलाह
    लेजी कीटो डाइट वजन घटाने का एक विकल्प हो सकती है, लेकिन यह हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं है। यदि आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं या लंबे समय तक इस डाइट को अपनाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले किसी पोषण विशेषज्ञ (Nutritionist) या डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

    निष्कर्ष
    Lazy Keto Diet उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है जो कम कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन अपनाकर वजन कम करना चाहते हैं। हालांकि, संतुलित पोषण और नियमित चिकित्सकीय सलाह के बिना इसे लंबे समय तक अपनाना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है।

  • Fish in Monsoon: क्या मॉनसून में मछली खाना सुरक्षित है? जानें एक्सपर्ट की राय!

    Fish in Monsoon: क्या मॉनसून में मछली खाना सुरक्षित है? जानें एक्सपर्ट की राय!

    Fish in Monsoon: मॉनसून के मौसम में अक्सर खाने-पीने की चीज़ों की सुरक्षा को लेकर बहस होती है। सीफ़ूड भी उनमें से एक है। माना जाता है कि इस दौरान सीफ़ूड खाने से बैक्टीरिया के पनपने और पानी के दूषित होने का खतरा बढ़ जाता है। सही खान-पान चुनने में आपकी मदद के लिए, एक न्यूट्रिशनिस्ट बारिश के मौसम में मछली खाने से जुड़े छिपे हुए स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में बता रही हैं और इसे खरीदने व पकाने के लिए सुरक्षा टिप्स भी दे रही हैं।

    क्या बारिश के महीनों में मछली खाना सुरक्षित है?
    सुश्री राज कहती हैं कि मॉनसून के मौसम में मछली खाना आम तौर पर सुरक्षित है, बशर्ते वह ताज़ी हो, उसे सही तरीके से रखा गया हो और अच्छी तरह पकाया गया हो। वह आगे कहती हैं कि मॉनसून के मौसम में भी मछली हाई-क्वालिटी प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन और मिनरल का एक पौष्टिक स्रोत बनी रहती है।

    नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के अनुसार, ऑयली मछली में लॉन्ग-चेन ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। यह दिल की बीमारी से बचाव में मदद कर सकता है। यह गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी बहुत ज़रूरी है, क्योंकि यह बच्चे के नर्वस सिस्टम के विकास में मदद कर सकता है।

    एक्सपर्ट आगे कहती हैं, “हालांकि, अतिरिक्त सावधानी की ज़रूरत है क्योंकि बारिश के मौसम में ज़्यादा नमी और स्टोरेज की स्थितियों में उतार-चढ़ाव के कारण दूषित होने, खराब होने और बैक्टीरिया के पनपने का खतरा बढ़ सकता है। कुछ इलाकों में मॉनसून के दौरान मछली पकड़ने का काम भी कम हो सकता है क्योंकि यह कई मछली प्रजातियों के प्रजनन का मौसम होता है, जिससे बाज़ार में सीफ़ूड की उपलब्धता और गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।”

    खराब मछली खाने के जोखिम
    सुश्री राज कहती हैं कि खराब या ठीक से न पकाई गई मछली खाने से ये समस्याएं हो सकती हैं:

    • फ़ूड पॉइज़निंग
    • पेट का इन्फेक्शन
    • दस्त (डायरिया)
    • उल्टी
    • पाचन से जुड़ी अन्य समस्याएं
    • फ़ूड पॉइज़निंग
    • पेट का इन्फेक्शन
    • दस्त (डायरिया)
    • उल्टी
    • पाचन से जुड़ी अन्य समस्याएं

    किन्हें ज़्यादा खतरा है? इस सवाल का जवाब देते हुए एक्सपर्ट कहती हैं, “कमज़ोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों, बुज़ुर्गों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को इस दौरान सीफ़ूड खाते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए। भरोसेमंद विक्रेताओं से मछली चुनना और सही स्टोरेज सुनिश्चित करना स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए ज़रूरी कदम हैं।”

    मॉनसून में मछली खाने के लिए सुरक्षा टिप्स
    मॉनसून के दौरान सीफ़ूड का मज़ा लेते हुए सुरक्षित रहने के लिए, सुश्री राज इन बातों का पालन करने का सुझाव देती हैं:

    • मछली सिर्फ़ भरोसेमंद विक्रेताओं से खरीदें जो साफ़-सफ़ाई और सही रेफ्रिजरेशन का ध्यान रखते हों। ताज़ी मछली में हल्की गंध, साफ़ आंखें, सख्त मांस और चमकीले गलफड़े (gills) होने चाहिए।
    • ऐसी मछली न लें जिसमें तेज़ बदबू हो, जो चिपचिपी हो या जिसका रंग बदला हुआ हो। खरीदने के बाद, मछली को फ्रिज में रखें और जितनी जल्दी हो सके उसे पका लें।
    • कच्ची मछली को छूने के बाद अपने हाथों, बर्तनों और कटिंग बोर्ड को अच्छी तरह धो लें ताकि क्रॉस-कंटैमिनेशन (एक चीज़ से दूसरी चीज़ में कीटाणु फैलना) से बचा जा सके।
    • मछली को अच्छी तरह पकाना भी ज़रूरी है, क्योंकि ठीक से पकाने से हानिकारक बैक्टीरिया, पैरासाइट और दूसरे सूक्ष्मजीव मर जाते हैं।
    • मानसून के दौरान कच्चा या अधपका सीफ़ूड (समुद्री भोजन) खाने से बचें, जिसमें बिना पकी मछली वाली डिशेज़ भी शामिल हैं।

    निष्कर्ष
    सबसे ज़रूरी बात है ताज़गी, साफ़-सफ़ाई, सही तरीके से स्टोर करना और अच्छी तरह पकाना। भरोसेमंद जगहों से सीफ़ूड खरीदकर, उसे सही ढंग से स्टोर करके और सुरक्षित तरीके से खाना संभालकर, ज़्यादातर लोग बारिश के मौसम में भी सुरक्षित रूप से मछली का मज़ा ले सकते हैं। अगर मछली की ताज़गी या क्वालिटी को लेकर कोई शक हो, तो उसे न खाना ही बेहतर है, क्योंकि जोखिम लेने के बजाय खाने से होने वाली बीमारी से बचना हमेशा ज़्यादा सुरक्षित होता है।

  • Tech Modern Courses: टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 149 आईटीआई और स्टाफ ट्रेनिंग सेंटर में चलेंगे आधुनिक कोर्सेज!

    Tech Modern Courses: टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 149 आईटीआई और स्टाफ ट्रेनिंग सेंटर में चलेंगे आधुनिक कोर्सेज!

    Tech Modern Courses: उत्तर प्रदेश सरकार ने टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (टीटीएल) के सहयोग से प्रदेश के 149 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और 01 प्रादेशिक स्टाफ प्रशिक्षण एवं शोध केन्द्र, अलीगंज-लखनऊ में अत्याधुनिक कोर्सेज के संचालन को हरी झंडी दे दी है।

    प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को अपग्रेड किया जा रहा है। इसी क्रम में राज्यपाल की ओर से टाटा द्वारा विकसित किए गए आधुनिक व्यवसायों के सुचारु संचालन के लिए कुल 1,065 पदों की मैनपावर को आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

    इसके तहत प्रदेश भर में 171 कार्यदेशक (वर्कशॉप इंस्ट्रक्टर) और 894 प्रशिक्षकों (इंस्ट्रक्टर्स) की सेवाएं ली जाएंगी। मंत्री ने कहा कि योगी सरकार युवाओं को रोजगार देने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इन सभी 1,065 सेवाओं को ‘आउटसोर्सिंग ऑफ सर्विस’ (जॉब आउटसोर्सिंग) के आधार पर ‘जेम पोर्टल’ के माध्यम से क्रय किया जाएगा।

    सेवा प्रदाता एजेंसी का चयन पूरी तरह से स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी रीति से कार्मिक विभाग, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम विभाग तथा श्रम विभाग के शासनादेशों के प्रावधानों और सुसंगत नियमों के आलोक में किया जाएगा। इन पदों हेतु शैक्षिक योग्यता आदि का निर्धारण प्रशिक्षण निदेशालय द्वारा तय कर शासन से अनुमोदित कराया जाएगा। यह आदेश वित्त विभाग की सहमति के बाद जारी कर दिया गया है। टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से प्रदेश के युवाओं को अब पारंपरिक कोर्सेज से इतर चौथी औद्योगिक क्रांति (इंडस्ट्री 4.0) के मांग वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा।

    इन संस्थानों में इलेक्ट्रिक व्हीकल मैकेनिक, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स एंड डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग तकनीशियन, एडवांस्ड सीएनसी मशीनिंग तकनीशियन, मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस कंट्रोल एंड ऑटोमेशन, इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स तकनीशियन, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग तकनीशियन/3डी प्रिंटिंग, सीएएम प्रोग्रामर, बेसिक डिजाइनर एंड वर्चुअल वेरिफायर-मैकेनिकल तथा आर्टिसन यूजिंग एडवांस्ड टूल जैसे 9 अत्याधुनिक कोर्सेज संचालित किए जा रहे हैं।

    टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से संचालित होने वाले ये कोर्सेज प्रदेश के युवाओं को वैश्विक कंपनियों की जरूरत के मुताबिक तैयार करेंगे। आईटीआई से पास होने वाले छात्रों को न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी बेहतरीन पैकेज पर रोजगार मिल सकेगा। योगी सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा ‘स्किल हब’ बनाना है और यह कदम उसी दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

  • Ladakh Infrastructure Projects: लद्दाख में तीन अहम विद्युत अवसंरचना परियोजनाएं सितंबर तक पूरे हो जायेंगी!

    Ladakh Infrastructure Projects: लद्दाख में तीन अहम विद्युत अवसंरचना परियोजनाएं सितंबर तक पूरे हो जायेंगी!

    Ladakh Infrastructure Projects: केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख के जंस्कार, नुब्रा और सियाचिन आधार शिविर जैसे दूर-दराज़ इलाकों को जोड़ने वाली तीन अहम विद्युत अवसंरचना परियोजनाएं इस साल सितंबर तक पूरी हो जाएगी। लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के एक प्रवक्ता ने बताया कि हाल ही में एक समीक्षा बैठक में आरइसी लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक और भारत सरकार के बिजली मंत्रालय के संयुक्त सचिव (ट्रांसमिशन) ने उप-राज्यपाल वी.के. सक्सेना को इन परियोजनाओं की स्थिति के बारे में जानकारी दी।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विकास पैकेज (पीएमडीपी) के तहत लागू की रही ये अहम परियोजनाएं ज़ंस्कार और नुब्रा से लेकर सियाचिन आधार शिविर तक बिना रुकावट बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी। इससे बिजली के लिए डीज़ल जनरेटर पर निर्भरता कम होगी और प्रधानमंत्री के कार्बन-न्यूट्रल लद्दाख के विज़न को पूरा करने में मदद मिलेगी। इस उपलब्धि के साथ, लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के सात में से छह ज़िले (चांगथांग को छोड़कर) पावर ग्रिड से जुड़ जायेंगे।

    उपराज्यपाल को बताया गया कि नुब्रा, चांगथांग और ज़ंस्कार समेत कई रणनीतिक रूप से अहम इलाके अभी राष्ट्रीय पावर ग्रिड से नहीं जुड़े हैं और बिजली के लिए सीमित स्थानीय स्रोतों पर निर्भर हैं, जिसके कारण बिजली आपूर्ति सीमित और रुक-रुक कर होती है। इन परियोजनाओं से लद्दाख के दूर-दराज़ इलाकों में बिजली ढांचे का काफ़ी विस्तार होगा।

    उपराज्यपाल ने लद्दाख के हर हिस्से, खासकर दूर-दराज़ और सीमावर्ती इलाकों में बिना रुकावट और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं में द्रास से पदुम तक 189 किलोमीटर लंबी 220 केवी पारेषण लाइन और फ्यांग से स्किट तक 79 किलोमीटर लंबी 220 केवी पारेषण लाइन का निर्माण शामिल है।

    इन दोनों परियोजनाओं को सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इनकी मंज़ूर की गई लागत 1,925 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं के तहत सियाचिन और पदुम जैसे दूर-दराज़ और रणनीतिक रूप से अहम इलाकों में चौबीसों घंटे बिजली मिलेगी, जिससे रणनीतिक सीमावर्ती इलाकों में बिजली सुविधा सुनिश्चित होगी।

    उन्होंने बताया कि ज़ंस्कार में चार सब-स्टेशन बनाए जाएंगे ताकि घाटी के सभी हिस्सों तक बिजली पहुँच सके। इसी तरह, सियाचिन आधार शिविर में दो सब-स्टेशन बनाए जाएंगे। चांगथांग में, 66 केवी पारेषण नेटवर्क के तहत आठ सब-स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है इनमें दुर्बुक, फोब्रंग, चुशुल, मुध-न्योमा, कोरज़ोक, हानले, कोयुल और चुमाथांग शामिल हैं। इनसे ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बिजली की उपलब्धता में काफी सुधार होगा।

    उन्होंने कहा “भरोसेमंद और बिना रुकावट वाली बिजली सिर्फ़ बुनियादी ढांचे की ज़रूरत नहीं है; यह शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रोज़गार, पर्यटन, डिजिटल कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसरों के लिए भी बहुत ज़रूरी है। साथ ही, ये दूर-दराज़ के इलाकों में पर्यटन, उद्यमिता और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी।

    सक्सेना ने कहा “नुब्रा और ज़ंस्कार जैसे इलाकों को पहली बार ग्रिड से जोड़ना लद्दाख के विकास के सफ़र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। ये परियोजना रणनीतिक और विकास के नज़रिए से बहुत अहम हैं। इनसे लद्दाख के हर घर और हर गांव को चौबीसों घंटे बिजली और उससे जुड़े अवसरों का फ़ायदा मिलेगा।”

    उन्होंने कहा कि सभी लागू करने वाली एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे आपस में अच्छा तालमेल रखें और परियोजनाओं को समय पर पूरा करें, ताकि लद्दाख के लोगों, खासकर दूर-दराज़ और सीमावर्ती इलाकों में रहने वालों को जल्द से जल्द भरोसेमंद और चौबीसों घंटे बिजली मिल सके।

  • SSR 2026: विशेष संक्षिप्त पुनर्निरीक्षण एसआईआर-2026- कलवा प्रभाग समिति में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मीटिंग!

    SSR 2026: विशेष संक्षिप्त पुनर्निरीक्षण एसआईआर-2026- कलवा प्रभाग समिति में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मीटिंग!

    SSR 2026: चुनाव आयोग के बताए गए विशेष संक्षिप्त पुनर्निरीक्षण-एसआईआर-2026 प्रोग्राम के मुताबिक, गुरुवार को कलवा प्रभाग समिति में अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की एक मीटिंग हुई। इस मीटिंग में एसआईआर-2026 प्रोग्राम के बारे में डिटेल में जानकारी दी गई और अतिरिक्त जिलाधिकारी और वोटर रजिस्ट्रेशन अधिकारी सुरेखा चव्हाण ने सभी राजनीतिक दलों से वोटर लिस्ट री-इंस्पेक्शन प्रोसेस में एक्टिव रूप से सहयोग करने की अपील की।

    सुरेखा चव्हाण ने यह भी बताया कि अगर घर-घर जाकर वोट देने के दौरान संबंधित राजनीतिक दलों के पोलिंग स्टेशन लेवल ऑफिसर (BLO) और पोलिंग स्टेशन लेवल असिस्टेंट (BLA) मौजूद रहेंगे, तो प्रोसेस ज़्यादा ट्रांसपेरेंट और भरोसेमंद होगा। उन्होंने बताया कि स्पेशल ब्रीफ री-इंस्पेक्शन प्रोग्राम को प्लान और ट्रांसपेरेंट तरीके से लागू किया जाएगा। इस मौके पर एसआईआर-2026 प्रोग्राम का शेड्यूल भी अनाउंस किया गया। इसके मुताबिक, क्वालिफाइंग डेट 1 जुलाई 2026 है और तैयारी, ट्रेनिंग और प्रिंटिंग का काम 20 से 29 जून तक किया जाएगा।

    30 जून से 26 जुलाई तक BLO के ज़रिए हाउस विज़िट किए जाएंगे और 29 जुलाई तक पोलिंग स्टेशनों का रैशनलाइज़ेशन पूरा कर लिया जाएगा। ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट 8 अगस्त को पब्लिश की जाएगी। इसके बाद, 8 अगस्त से 1 सितंबर तक क्लेम और ऑब्जेक्शन लिए जाएंगे। इस समय बताया गया कि 3 सितंबर तक इस पर फैसला ले लिया जाएगा और फाइनल वोटर लिस्ट 17 सितंबर 2026 को पब्लिश की जाएगी।

    इस मीटिंग में उपायुक्त दीपक झिंजाड,सहायक आयुक्त ललिता जाधव, रजिस्ट्रेशन ऑफिसर संदीप थोरात, विजय कवाले, नवनाथ गोराड, स्वाति थेले, मृण्मयी सातव और 149 कलवा-मुंब्रा विधानसभा क्षेत्रों के सभी सहायक रजिस्ट्रेशन ऑफिसर मौजूद थे।

  • Neonatal ICU Inaugurated: सांसद नरेश म्हस्के के हाथों से  लखमीचंद फतिचंद हॉस्पिटल में नवजात बच्चों के लिए आइसीयू यूनिट का उद्घाटन!

    Neonatal ICU Inaugurated: सांसद नरेश म्हस्के के हाथों से लखमीचंद फतिचंद हॉस्पिटल में नवजात बच्चों के लिए आइसीयू यूनिट का उद्घाटन!

    Neonatal ICU Inaugurated: कोपरी स्थित लखमीचंद फतिचंद हॉस्पिटल में नवजात बच्चों के लिए 18 बेड वाले आइसीयू यूनिट का उद्घाटन सांसद नरेश म्हस्के ने किया और महापौर शर्मिला पिंपलोलकर ने इसकी अध्यक्षता की। इस मौके पर उपमहापौर कृष्णा पाटिल,सभागृह नेता हनुमंत जगदाले,नगरसेवक राम रेपाले, भरत चव्हाण, नगरसेविका मालती पाटिल, नम्रता पमनानी, उपायुक्त मनीष जोशी, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रसाद पाटिल, डॉ. धायगुडे, डॉ. समिधा गोरे और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।

    शेठ लखमीचंद फतिचंद प्रसूतिगृह कई सालों से इलाके के आम लोगों, मजदूरों और स्लम एरिया के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रसूतिगृह रहा है। स्थानीय नगरसेवक लगातार इस हॉस्पिटल के डेवलपमेंट के लिए फॉलोअप और कोशिशें की हैं।

    महिला के बच्चे को जन्म देने के बाद, अगर बच्चे को आइसीयू में रखना होता था, तो उसे छत्रपति शिवाजी महाराज हॉस्पिटल या कहीं और शिफ्ट करना पड़ता था। लेकिन अब, जब से इस जगह पर 18 बेड का आईसीयू बन गया है, तब से नए जन्मे बच्चों को कहीं और शिफ्ट नहीं करना पड़ेगा।

  • Land Scam Exposed: टीडीआर की आड़ में एक और 94 एकड़ जमीन का पर्दाफाश-डॉ. जितेंद्र आव्हाड

    Land Scam Exposed: टीडीआर की आड़ में एक और 94 एकड़ जमीन का पर्दाफाश-डॉ. जितेंद्र आव्हाड

    Land Scam Exposed: डी डायाभाई एंड कंपनी ने ठाणे मनपा और वन विभाग से मिलकर 2800 करोड़ रुपये का टीडीआर घोटाला किया है। हालांकि टीडीआर के पीछे की असली साज़िश 94 एकड़ के करीब 4 हज़ार करोड़ रुपये के घोटाले को छिपाने की है, यह जानकारी राकांपा राष्ट्रीय महासचिव डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने एक पत्रकार परिषद में दी। 194 एकड़ में से यहां 94 एकड़ में युवाओं को भ्रष्ट करने वाले हर तरह के धंधे चल रहे हैं और कोठारी-डी डायाभाई इसका किराया लेकर अमीर हो रहे हैं।

    डॉ. जितेंद्र आव्हाड और राकांपा पार्टी के जिला अध्यक्ष मनोज प्रधान ने आरोप लगाया कि यह इस जमीन को बेचकर अमीर बनने की कोशिश है। इस बीच, डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने यह भी चेतावनी दी कि हम इस कोठारी कंपाउंड में घुसकर सब कुछ ठीक कर देंगे; देखते हैं कौन से गुंडे बाहर आते हैं,येउर के पास, संजय गांधी नेशनल पार्क से सटे, चितलसर-मानपाड़ा में 194 एकड़ जंगल की ज़मीन ठाणे मनपा के डेवलपमेंट प्लान में उद्यान पार्क के तौर पर रिज़र्व है। इस इलाके को संजय गांधी नेशनल पार्क के बहुत ज़्यादा सेंसिटिव इलाके में शामिल किया गया है।

    फिर भी, आज 2,800 करोड़ रुपये का टीडीआर देने का प्रोसेस मज़बूती से शुरू कर दिया गया है। हालांकि, डॉ. आव्हाड और मनोज प्रधान ने पत्रकारों से बात करते हुए इस बात का खुलासा किया कि 94 एकड़ के घोटाले को छिपाने की कोशिश की जा रही है।डॉ. आव्हाड ने कहा कि वनसंरक्षक अनीता पाटिल ने 19 जून 2026 को एक लेटर दिया है, जिसमें कहा गया है कि डी. डायाभाई एंड कंपनी को टीडीआर नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया है कि एक स्पेशल परमिशन पिटीशन फाइल की जाएगी। तो, क्या वन विभाग पिछले 96 दिनों से सो रहा था? डायाभाई लुटेरा है।

    टीडीआर तो बहाना है लेकिन, उसने 94 एकड़ लूट ली है। उसने 100 एकड़ जमीन को रेजिडेंशियल एरिया में बदल दिया है। यहां जमीन का रेट आम तौर पर 40 करोड़ रुपये प्रति एकड़ है। यानी यह लगभग 4 हजार करोड़ रुपये की सीधी लूट है। क्या ठाणे मनपा को यह नहीं दिखता कि इस डायाभाई-कोठारी ने इस इलाके में गोदाम, पब, कोठे बनाए हैं और सालों से किराया खाया है? अब हमारे पास यह भी जानकारी है कि कौन से बिल्डर इन 94 एकड़ के लिए मांग कर रहे हैं।

    इसलिए इन 94 एकड़ का भी हिसाब होना चाहिए। अगर ट्रांसपेरेंसी दिखानी है, तो सभी 194 एकड़ पर गार्डन बनाओ! यह स्कैम सिर्फ़ टीडीआर तक सीमित नहीं है। यह लूट है। अगर सेशन खत्म होने से पहले इस कोठारी कंपाउंड पर एक्शन नहीं लिया गया, तो हम वहां घुस जाएंगे। फिर, हम देखेंगे कि कोठारी के कौन से गुंडे हमारे रास्ते में आते हैं, डॉ. आव्हाड ने यह भी चेतावनी दी।इस बीच, 94 एकड़ में से 27, 5 और 4 एकड़ का भी आपस में बंटवारा हो गया है।

    भले ही यह ज़मीन 1975 में ही जंगलों से ढकी हुई थी, इन प्लॉट पर गोदाम बना दिए गए हैं और इसे बेच भी दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने 27 अप्रैल, 2026 को हाई कोर्ट के ऑर्डर पर स्टे लगा दिया। भले ही इस स्टे ऑर्डर के समय कोई काम नहीं होना था, लेकिन 25 मई, 2026 को पुलिस फोर्स ने ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया और वन विभाग के बोर्ड हटा दिए।मनपा को इतनी जल्दी क्यों थी? मनोज प्रधान ने कहा कि भले ही कंटेम्प्ट पिटीशन पर 3 जुलाई को सुनवाई होनी थी, लेकिन महासभा को गुमराह किया गया और चर्चा नहीं होने दी गई।

  • Crime News: चोर गिरफ्तार; अपराध शाखा कल्याण इकाई ने कार्रवाई की!

    Crime News: चोर गिरफ्तार; अपराध शाखा कल्याण इकाई ने कार्रवाई की!

    Crime News: उत्तर प्रदेश निवासी राजेश अरविंद राजभर (30), जो ठाणे कमिश्नरेट और मुंबई समेत पश्चिमी उपनगरों में बेखौफ चोरियां कर रहा था, को ठाणे अपराध जांच शाखा की कल्याण इकाई ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि उससे पूछताछ के जरिए 21 चोरी के मामले सुलझाए गए हैं और उसके पास से 38 लाख 50 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।

    डोम्बिवली के विष्णु नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक चोरी के मामले की समानांतर जांच ठाणे अपराध शाखा की कल्याण इकाई द्वारा की जा रही थी। घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज की जांच करने पर पुलिस को पता चला कि इन सभी चोरियों में एक ही चोर शामिल था। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के माध्यम से चोर की तलाश करने पर पता चला कि वह उत्तर प्रदेश भाग गया था।

    जांच दल सीधे उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ गया और चोर को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान पता चला कि इस चोर ने विष्णु नगर-3, तिलकनगर-2, नरपोली, नौपाड़ा, कोपरी, कालवा, मुंब्रा, मनपाड़ा-3, कोलसेवाड़ी-2, नालासोपारा -2 , खड़कपाड़ा, बदलापुर, उरण और कल्याण तालुका के प्रत्येक पुलिस स्टेशन में एक-एक अपराध किया था।

    इस प्रकार, आरोपी राजेश अरविंद राजभर को सूचना दी गई और उसने 21 चोरी के अपराधों को अंजाम देने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने चोरी के गहने और 38 लाख 50 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं, जिन्हें उसकी पहली पत्नी और भाई ने उसके पैतृक गांव में छिपा रखा था। यह जानकारी क्राइम ब्रांच के उपायुक्त अमरसिंह जाधव ने दी।

  • Thane: लोक उपवन सोसाइटी क्षेत्र में पालतू कुत्ते “डॉन” की संदिग्ध मौत; चितलसर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज!

    Thane: लोक उपवन सोसाइटी क्षेत्र में पालतू कुत्ते “डॉन” की संदिग्ध मौत; चितलसर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज!

    Thane: ठाणे के लोक उपवन फेज-1 सोसाइटी इलाके के निवासियों के चहेते कुत्ते “डॉन” की संदिग्ध मौत ने खूब चर्चा बटोरी है। इस घटना को लेकर काफी हंगामा मचा हुआ है क्योंकि आशंका जताई जा रही है कि कुत्ते “डॉन” की मौत जहर के कारण हुई है। हालांकि, चिड़ियाघर के एक कर्मचारी की शिकायत के आधार पर चितलसर पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

    लोक उपवन फेज-1सोसाइटी के निवासियों के प्यारे पालतू कुत्ते ‘डॉन’ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। चितलसर पुलिस ने इस मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पशु प्रेमी अनुपम बसु की शिकायत के अनुसार, ‘डॉन’ 21 जून की सुबह सोसाइटी परिसर में मृत पाया गया।

    निवासियों ने बताया कि उसे सुबह 8:30 बजे तक इलाके में घूमते देखा गया था। इसलिए, शिकायत में संदेह जताया गया है कि उसके भोजन में जहरीला पदार्थ या दवा मिलाकर उसकी हत्या की गई है। पुलिस ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • Case against BLO teacher: चुनाव कार्य में लापरवाही को लेकर बीएलओ शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया!

    Case against BLO teacher: चुनाव कार्य में लापरवाही को लेकर बीएलओ शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया!

    Case against BLO teacher: वर्तकनगर वार्ड कमेटी के वरिष्ठ क्लर्क प्रशांत नाहिरे ने एसआईआर मैपिंग अभियान में काम में देरी करने के आरोप में नियुक्त बीएलओ शिक्षक के खिलाफ वर्तकनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया है।

    चुनाव आयोग के विशेष गहन समीक्षा (एसआईआर) मानचित्रण अभियान का काम समय पर पूरा न करने के आरोप में मतदान केंद्र स्तर अधिकारी (बीएलओ) नियुक्त एक शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वर्तकनगर वार्ड समिति के वरिष्ठ क्लर्क प्रशांत नाहिरे ने इस संबंध में वर्तकनगर पुलिस स्टेशन में अपना बयान दर्ज कराया है।

    ब्राह्मण स्कूल के शिक्षक समाधान महाले को मतदाता सूची के भाग संख्या 89 का कार्य सौंपा गया था। शिकायत में कहा गया है कि बार-बार लिखित और मौखिक निर्देश दिए जाने के बावजूद उन्होंने चुनाव संबंधी कार्य पूरा नहीं किया है। इस मामले में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वर्तकनगर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।