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  • All India Marathi Journalists’ Association: पदाधिकारियों ने Thane Police Commissioner और Joint Commissioner से की सदिच्छा भेंट!

    All India Marathi Journalists’ Association: पदाधिकारियों ने Thane Police Commissioner और Joint Commissioner से की सदिच्छा भेंट!

    All India Marathi Journalists’ Association: अखिल भारतीय मराठी पत्रकार संघ, ठाणे जिला के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज ठाणे पुलिस आयुक्तालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से सदिच्छा मुलाकात की।

    ​अध्यक्ष चंद्रभूषण विश्वकर्मा और उपाध्यक्ष इरफान कुरैशी के नेतृत्व में संघ के सम्मानित सदस्यों ने ठाणे पुलिस कमिश्नर श्री आशुतोष डुंबरे और संयुक्त पुलिस कमिश्नर (Joint CP) डॉ. पंजाबराव उगले से मुलाकात की।

    इस बैठक के दौरान पत्रकारों के विभिन्न मुद्दों, उनकी सुरक्षा और पुलिस-प्रेस के बीच बेहतर समन्वय (Coordination) को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया है।

  • Illegal Gas Cylinders Seized: भिवंडी में अवैध गैस सिलेंडरों का बड़ा भंडार पकड़ा, 772 सिलेंडर जब्त!

    Illegal Gas Cylinders Seized: भिवंडी में अवैध गैस सिलेंडरों का बड़ा भंडार पकड़ा, 772 सिलेंडर जब्त!

    Illegal Gas Cylinders Seized: भिवंडी में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से जमा किए गए 772 गैस सिलेंडरों का भंडार जब्त किया है। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।

    खोनी गांव में छापा
    यह कार्रवाई शहर के पास स्थित खोनी ग्राम पंचायत के मिठपाड़ा इलाके में की गई। यहां ‘श्री राम ट्रेडर्स’ नामक खाद्यान्न थोक गोदाम में भारी मात्रा में गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण की सूचना मिली थी।

    सूचना के आधार पर राज्य सतर्कता दस्ते के मार्गदर्शन में अधिकारियों की संयुक्त टीम ने बुधवार दोपहर छापा मारा। छापे के दौरान 692 भरे, 80 खाली सिलेंडर बरामद हुए। इस तरह कुल 772 सिलेंडर जब्त किए गए। ये सिलेंडर HP Gas, Bharat Gas और Indane कंपनियों के 5 किलो वाले घरेलू उपयोग के बताए जा रहे हैं।

    नियमों की खुली अनदेखी
    नियमों के अनुसार किसी भी किराना दुकान को अधिकतम 20 छोटे (5 किलो) गैस सिलेंडर रखने की अनुमति होती है। इसके बावजूद आरोपी द्वारा सैकड़ों सिलेंडर जमा करना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि घनी आबादी वाले इलाके में बड़ा खतरा भी पैदा करता है।

    अधिकारियों की टीम
    इस कार्रवाई में उपनियंत्रक गणेश बेल्लाले, निरीक्षक राजीव भेले, रवींद्र राठौड़, अरुण काते, देवानंद थोरवे, राजेश सोरटे, राहुल इंगले, तालुका आपूर्ति निरीक्षक गौतम राउत, शहर राशनिंग अधिकारी रत्नदीप सावंत, सहायक अधिकारी अमोल गरकर और चेतन राजगडकर सहित कई अधिकारी शामिल थे।

    प्रशासन ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस आपूर्ति को लेकर उत्पन्न संकट के बाद देश में जमाखोरी पर सख्ती बढ़ाई गई थी। इसी क्रम में यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

  • Babubhai Bhavanji’s Message: पानी ही जीवन है, पानी है तो कल है; बाबूभाई भवानजी का जनजागरण संदेश

    Babubhai Bhavanji’s Message: पानी ही जीवन है, पानी है तो कल है; बाबूभाई भवानजी का जनजागरण संदेश

    Babubhai Bhavanji’s Message: दादर में आयोजित एक जनजागृति अभियान के दौरान मुंबई के पूर्व डिप्टी मेयर ने जल संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने लोगों से सवाल करते हुए कहा, “कोई बताए, पानी की एक्सपायरी डेट क्या होती है?” इस सवाल के माध्यम से उन्होंने समाज की सोच पर गहरा चिंतन करने को प्रेरित किया।

    भवानजी ने कहा कि अक्सर हम अपनी सुविधा और परिस्थितियों के आधार पर पानी की एक्सपायरी डेट तय कर लेते हैं, जबकि इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि शहरों में जहां रोजाना नल का पानी उपलब्ध होता है, वहां लोग एक दिन पुराने पानी को बासी मानकर फेंक देते हैं। वहीं जिन इलाकों में पानी की आपूर्ति दो या आठ दिनों में होती है, वहां वही पानी कई दिनों तक सुरक्षित और उपयोगी माना जाता है।

    उन्होंने सामाजिक व्यवहार पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि शादियों और समारोहों में लोग नई बोतल मिलने पर आधी भरी पुरानी बोतल को बेकार समझकर फेंक देते हैं, जबकि दूसरी ओर रेगिस्तान जैसे क्षेत्रों में पानी की हर बूंद तब तक अमूल्य और ताजा मानी जाती है, जब तक अगला जलस्रोत नहीं मिल जाता।

    प्रकृति का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बांधों और झीलों का पानी अगले मानसून तक उपयोगी बना रहता है, और सूखे की स्थिति में यह दो से तीन वर्षों तक भी जीवनदायी होता है। इसी तरह, बोरवेल से निकाला जाने वाला पानी हजारों या लाखों वर्षों पुराना हो सकता है, फिर भी वह शुद्ध और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित माना जाता है।

    भवानजी ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि पानी की अपनी कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती, बल्कि उसकी उपयोगिता हमारी सोच और उसकी उपलब्धता पर निर्भर करती है। जब पानी आसानी से उपलब्ध होता है, तो हम उसे बासी मान लेते हैं, और जब उसकी कमी होती है, तो वही पानी अमूल्य बन जाता है।

    उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पानी का उपयोग विवेक, जिम्मेदारी और संयम के साथ करें। यदि हमने समय रहते अपनी सोच और आदतों में बदलाव नहीं किया, तो पानी खत्म होने से पहले ही हम प्यासे रह जाएंगे। अंत में उन्होंने इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

  • Thane Polio Vaccine: लाखों बच्चों को पोलियो वैक्सीन देने का टारगेट; 1,878 वैक्सीनेशन बूथ, 1,347 हाउस विज़िट टीमें तैयार

    Thane Polio Vaccine: लाखों बच्चों को पोलियो वैक्सीन देने का टारगेट; 1,878 वैक्सीनेशन बूथ, 1,347 हाउस विज़िट टीमें तैयार

    Thane Polio Vaccine: देश को पोलियो-फ़्री रखने के नेशनल गोल को मज़बूत करने के लिए 28 जून, 2026 को होने वाले पल्स पोलियो वैक्सीनेशन कैंपेन के लिए ठाणे ज़िले में पूरी माइक्रो प्लानिंग पूरी कर ली गई है। ज़िला एडमिनिस्ट्रेशन, हेल्थ डिपार्टमेंट और लोकल सेल्फ़-गवर्नमेंट बॉडीज़ के कोऑर्डिनेशन से ग्रामीण और शहरी इलाकों में हर एलिजिबल बच्चे तक पहुँचने के लिए ज़रूरी मैनपावर और मशीनरी तैयार कर ली गई है।इस कैंपेन के तहत, जिले में करीब 1 लाख 97 हज़ार 694 बच्चों को पोलियो वैक्सीन पिलाने का टारगेट रखा गया है।

    इसके लिए, गांव और शहर के इलाकों में 1,878 वैक्सीनेशन बूथ बनाए जाएंगे, और उन पर काम करने के लिए 4,348 कर्मचारियों को रखा गया है। बूथों के काम की देखरेख के लिए 374 सुपरवाइज़र रखे गए हैं।कोई भी बच्चा वैक्सीनेशन से वंचित न रहे, इसके लिए एक खास घर-घर जाकर कैंपेन चलाने का प्लान बनाया गया है। जिले में करीब 6,69,773 घरों में जाने के लिए 1,347 टीमें काम करेंगी, और इस काम के लिए कुल 5,323 टीम-डे प्लान किए गए हैं।

    इस कैंपेन को अच्छे से चलाने के लिए 263 सुपरवाइज़र रखे गए हैं, और उनके लिए कुल 1,036 सुपरवाइज़र-डे प्लान किए गए हैं।बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, चेक पोस्ट और उन जगहों पर भी खास ध्यान दिया गया है जहां माइग्रेंट्स का आना-जाना ज़्यादा होता है। ऐसी जगहों पर 68 ट्रांजिट टीमें काम करेंगी। इसके लिए 257 टीम-डे प्लान किए गए हैं और 27 सुपरवाइज़र इस काम की देखरेख करेंगे।इसके अलावा, दूर-दराज और खास हालात वाले इलाकों में सर्विस देने के लिए 88 मोबाइल टीमों को तैयार रखा गया है और उनके लिए 317 टीम-डे प्लान किए गए हैं।

    वैक्सीनेशन कैंपेन को सफलतापूर्वक चलाने के लिए, जिले के 36 हेल्थ इंस्टीट्यूशन (प्राइमरी हेल्थ सेंटर, ग्रामीण अस्पताल और दूसरी हेल्थ फैसिलिटी) हिस्सा लेंगे, और 76 मेडिकल ऑफिसर और 34 डिस्ट्रिक्ट लेवल के ऑफिसर और सुपरवाइज़र कैंपेन की निगरानी करेंगे।वैक्सीन की क्वालिटी बनाए रखने के लिए ज़रूरी कोल्ड चेन सिस्टम भी चालू किया गया है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन और मैनेजमेंट के लिए 4 हज़ार 225 कोल्ड चेन इक्विपमेंट, 1 ​​हज़ार 292 वैक्सीन कैरियर और 4 हज़ार 476 मार्कर पेन उपलब्ध कराए गए हैं।

    जिला प्रशासन ने माता-पिता से अपील की है कि वे पांच साल से कम उम्र के हर बच्चे को पल्स पोलियो वैक्सीन की डोज़ के लिए पास के वैक्सीनेशन सेंटर या बूथ पर ले जाएं। यह भी अपील की गई है कि वे घर-घर जाकर हेल्थ वर्कर का सहयोग करें और यह पक्का करें कि कोई भी बच्चा वैक्सीनेशन से वंचित न रहे।चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रंजीत यादव ने माता-पिता, NGOs और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन से भी हेल्थ डिपार्टमेंट के इस कैंपेन में एक्टिव रूप से सहयोग करने की अपील की है, क्योंकि पोलियो-फ्री इंडिया की सफलता को बनाए रखने के लिए हर नागरिक की भागीदारी ज़रूरी है।

  • Notebooks Distributed to Children: मां फाउंडेशन द्वारा बच्चों को नोटबुक वितरित!

    Notebooks Distributed to Children: मां फाउंडेशन द्वारा बच्चों को नोटबुक वितरित!

    Notebooks Distributed to Children: घोड़बंदर रोड स्थित आदिवासी परिसर के बालवाड़ी में पढ़ रहे बच्चों के लिए मां फाउंडेशन द्वारा नोटबुक और स्कॉलर किट ( पेंसिल रबर शार्पनर स्केल) वितरित किया गया. उसके पहले पूर्व उपमहापौर नरेश मणेरा के जन्मदिन के अवसर पर मां फाउंडेशन के सदस्यों ने छोटे बच्चों के हाथों केक काटा।

    तत्पश्चात बच्चों को बिस्किट बांटी गई. उक्त अवसर पर मां फाउंडेशन की मार्गदर्शिका प्रेमा ठाकुर, रमेश ठाकुर, जयालक्ष्मी, किरण सालवे, प्रकाश प्रजापति, प्रमिला गावित्त भारत वाघमारे आदि उपस्थित थे, जबकि फाउंडेशन के सचिव नटेश पाटिल और कोषाध्यक्ष देवभा जडेजा हैं.

  • Drug-Free Vasai-Virar: यूथ आइकॉन्स फाउंडेशन की पहल नशा मुक्त हो वसई – विरार; समीर वानखेड़े और अनिल गलगली करेंगे मार्गदर्शन!

    Drug-Free Vasai-Virar: यूथ आइकॉन्स फाउंडेशन की पहल नशा मुक्त हो वसई – विरार; समीर वानखेड़े और अनिल गलगली करेंगे मार्गदर्शन!

    Drug-Free Vasai-Virar: युवाओं को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से दूर रखने तथा समाज में अमली पदार्थों के खिलाफ जनजागृति फैलाने के उद्देश्य से यूथ आइकॉन्स फाउंडेशन द्वारा “नशा मुक्त वसई-विरार” अभियान का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम आगामी 28 जून 2026 (रविवार) को नालासोपारा पूर्व स्थित रेजेंसी हॉल में आयोजित होगा।

    आयोजन के दौरान भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी समीर वानखेड़े मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि प्रख्यात आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली विशेष वक्ता के रूप में नशे के दुष्प्रभावों एवं सामाजिक जागरूकता पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। फाउंडेशन के संस्थापक एवं कार्यक्रम आयोजक मनोज शांडिल्य ने बताया कि वर्तमान समय में युवाओं के बीच नशे की बढ़ती लत समाज के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।

    इसे देखते हुए जागरूकता अभियान के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाएगा तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम रविवार सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित होगा। इसका आयोजन रेजेंसी हॉल, फायर ब्रिगेड के सामने, नालासोपारा (पूर्व) में किया जाएगा।

    आयोजकों ने क्षेत्र के नागरिकों, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं शिक्षण संस्थानों से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर अभियान को सफल बनाने की अपील की है। इस अवसर पर नशे के खिलाफ सामूहिक जनआंदोलन खड़ा करने तथा युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

  • Garudi Community Threatens: गारुडी समाज का आत्मदाह का इशारा, सरकार पर उपेक्षा का आरोप!

    Garudi Community Threatens: गारुडी समाज का आत्मदाह का इशारा, सरकार पर उपेक्षा का आरोप!

    Garudi Community Threatens: अपनी विभिन्न लंबित मांगों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाते हुए मांग-गारुडी समाज संगठन ने राज्य सरकार को पावस सत्र के दौरान सामूहिक आत्मदाह का इशारा दिया है।

    संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर कसबे ने बताया कि समाज की प्रमुख मांगों में 500 करोड़ रुपये का विशेष निधि, स्वतंत्र समाज भवन, अध्ययन आयोग की स्थापना, स्वतंत्र जाति दर्जा, घरकुल योजना, रोजगार में प्राथमिकता तथा भूमिहीनों को जमीन देने जैसी मांगें शामिल हैं।

    उन्होंने कहा कि इन मांगों को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पिछले एक वर्ष से समय मांगा जा रहा है, लेकिन सरकार द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया गया। इसी के विरोध में संगठन ने पावस सत्र के बाहर सामूहिक आत्मदाह का इशारा दिया है।

  • Vishakha Bhujbal Honoured: एमईटी की विशाखा भुजबल ‘वूमेन पावर इम्पैक्ट क्रिएटर ऑफ द ईयर’ अवार्ड से सम्मानित!

    Vishakha Bhujbal Honoured: एमईटी की विशाखा भुजबल ‘वूमेन पावर इम्पैक्ट क्रिएटर ऑफ द ईयर’ अवार्ड से सम्मानित!

    Vishakha Bhujbal Honoured: एमईटी की सीनियर मैनेजमेंट रिप्रेजेंटेटिव विशाखा भुजबल को 11वें वार्षिक ‘वूमेन पावर समिट एंड अवार्ड्स 2026’ में ‘वूमेन पावर इम्पैक्ट क्रिएटर ऑफ द ईयर’ अवार्ड से सम्मानित किया गया। शिक्षा क्षेत्र में उनके सकारात्मक और प्रभावशाली योगदान के लिए उन्हें ‘ज्यूरी स्पेशल चॉइस’ श्रेणी के अंतर्गत यह सम्मान प्रदान किया गया।

    मुंबई के बीकेसी स्थित में आयोजित भव्य समारोह के दौरान उद्यमी एवं टीवी हस्ती ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया। यह सम्मान पारंपरिक शिक्षा की सीमाओं से आगे बढ़कर एक समग्र और परिवर्तनकारी शैक्षणिक इकोसिस्टम विकसित करने के उनके प्रयासों की सराहना करता है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “नेतृत्व का असली अर्थ ऐसे अवसरों का निर्माण करना है, जहाँ लोग वास्तव में विकसित हो सकें।

    सार्थक प्रगति तभी संभव है, जब हम मस्तिष्क को शिक्षित करने के साथ-साथ समुदाय का उत्थान करें और अंतरात्मा का सम्मान करें।” उन्होंने आयोजन स्थल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि किसी भी देश की वास्तविक प्रगति उसके वंचित वर्गों की समृद्धि से जुड़ी होती है। “भारत की आर्थिक प्रगति केवल आंकड़ों या बाजार के ग्राफ से नहीं मापी जा सकती, बल्कि इसकी असली ताकत जमीनी स्तर पर निहित है। हमें ऐसा भारत बनाना होगा, जहाँ कोई भी पीछे न छूटे,” उन्होंने कहा।

    श्रीमती भुजबल को यह सम्मान विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के उत्थान के लिए किए गए उनके कार्यों के लिए मिला है। उनका मानना है कि एक महिला को सशक्त बनाना पूरे परिवार के विकास का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसके साथ ही उन्होंने पारंपरिक ‘वारली’ कला के संरक्षण और कलाकारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

    ‘मिलेनियम दिवाज’ द्वारा आयोजित ‘वूमेन पावर समिट’ का यह 11वां संस्करण महिला उद्यमियों और बदलाव के अग्रदूतों को सम्मानित करने वाला एक प्रमुख मंच है। इस वर्ष के आयोजन में 250 से अधिक नीति-निर्माता, उद्योग जगत के दिग्गज और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हुए। यह समिट भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित करती है, जिसमें श्रीमती भुजबल की पहल एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने आई है।

  • CSMT-Latur and CSMT-Bidar Express Trains: सीएसएमटी-लातूर और सीएसएमटी-बीदर एक्सप्रेस में स्थायी रूप से अतिरिक्त कोच जोड़ने का निर्णय!

    CSMT-Latur and CSMT-Bidar Express Trains: सीएसएमटी-लातूर और सीएसएमटी-बीदर एक्सप्रेस में स्थायी रूप से अतिरिक्त कोच जोड़ने का निर्णय!

    CSMT-Latur and CSMT-Bidar Express Trains: मध्य रेल ने यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए सीएसएमटी-लातूर-सीएसएमटी एक्सप्रेस तथा सीएसएमटी-बीदर-सीएसएमटी एक्सप्रेस में स्थायी रूप से अतिरिक्त कोच जोड़ने का निर्णय लिया है। इस फैसले के तहत दोनों ट्रेनों में एक-एक अतिरिक्त 2एसी, 3एसी और शयनयान (स्लीपर) कोच जोड़े जाएंगे, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी।

    रेलवे प्रशासन के अनुसार, 22107/22108 सीएसएमटी-लातूर-सीएसएमटी एक्सप्रेस की वर्तमान संरचना में 1 फर्स्ट एसी, 2 एसी 2-टियर, 4 एसी 3-टियर, 8 शयनयान श्रेणी, 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी तथा 2 द्वितीय श्रेणी सीटिंग सह गार्ड ब्रेक वैन शामिल हैं, जिसकी कुल कोच संख्या 21 है। संशोधित संरचना के तहत इसमें 1 फर्स्ट एसी, 3 एसी 2-टियर, 5 एसी 3-टियर, 9 शयनयान श्रेणी, 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी और 2 द्वितीय श्रेणी सीटिंग सह गार्ड ब्रेक वैन मिलाकर कुल 24 कोच होंगे।

    यह संशोधित संरचना 22107 सीएसएमटी-लातूर एक्सप्रेस में 25 जून 2026 से तथा 22108 लातूर-सीएसएमटी एक्सप्रेस में 26 जून 2026 से लागू होगी। इसी प्रकार, 22143/22144 सीएसएमटी-बीदर-सीएसएमटी एक्सप्रेस की वर्तमान संरचना भी 21 कोचों की है, जिसमें 1 फर्स्ट एसी, 2 एसी 2-टियर, 4 एसी 3-टियर, 8 शयनयान श्रेणी, 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी और 2 द्वितीय श्रेणी सीटिंग सह गार्ड ब्रेक वैन शामिल हैं।

    संशोधित संरचना के अनुसार इसमें भी 1 फर्स्ट एसी, 3 एसी 2-टियर, 5 एसी 3-टियर, 9 शयनयान श्रेणी, 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी और 2 द्वितीय श्रेणी सीटिंग सह गार्ड ब्रेक वैन सहित कुल 24 कोच होंगे। यह बदलाव 22143 सीएसएमटी-बीदर एक्सप्रेस में 26 जून 2026 से तथा 22144 बीदर-सीएसएमटी एक्सप्रेस में 27 जून 2026 से प्रभावी होगा। रेलवे प्रशासन ने प्रतीक्षा सूची में शामिल यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे ट्रेन में यात्रा करने से पहले अपने टिकट की स्थिति अवश्य जांच लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।