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  • Raj Thackeray Case Update: राज ठाकरे 2008 के प्रवासी हमले के मामले में ठाणे की अदालत में पेश हुए!

    Raj Thackeray Case Update: राज ठाकरे 2008 के प्रवासी हमले के मामले में ठाणे की अदालत में पेश हुए!

    • अगली सुनवाई 18 मई को होगी… राज ठाकरे की उपस्थिति अनिवार्य नहीं है।
    • 12 गवाहों से पूछताछ की गई और उनके बयान दर्ज किए गए

    Raj Thackeray Case Update: कल्याण में परीक्षा देने आए एक प्रवासी मजदूर की एमएनएस कार्यकर्ताओं द्वारा पिटाई के मामले की सुनवाई ठाणे की अभिजीत कुलकर्णी की अदालत में चल रही थी। बुधवार दोपहर को इस मामले में राज ठाकरे ठाणे की अदालत में उपस्थित थे।

    इस दौरान न्यायाधीश ने राज ठाकरे से पूछताछ की। मामले के संबंध में अपने जवाब में राज ठाकरे ने कहा कि वे घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे, लेकिन उन्होंने दावा किया कि झूठे मामले दर्ज किए गए हैं।

    न्यायमूर्ति अभिजीत कुलकर्णी ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई 18 मई को होगी और राज ठाकरे को अदालत में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है। बुधवार दोपहर राज ठाकरे के ठाणे अदालत पहुंचने के बाद कार्यवाही शुरू हुई। सरकारी वकीलों ने बहस की।

    इनमें राज ठाकरे की ओर से सायजी नागरे ने पैरवी की। इसी दौरान जज अभिजीत कुलकर्णी ने राज ठाकरे से पूछा कि क्या रेलवे परीक्षा देने आए एक उत्तर भारतीय उम्मीदवार की उनके एमएनएस कार्यकर्ताओं द्वारा लाठियों से पिटाई के बारे में उन्हें कुछ कहना है?

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    राज ठाकरे ने अदालत को बताया कि यह झूठा मामला है। उन्होंने जवाब दिया कि घटना के समय मैं न केवल यहां नहीं था, बल्कि नासिक में था। तब जज ने राज ठाकरे से फिर पूछा कि यह सब आपके भड़काऊ भाषण के कारण हुआ, उन्होंने उस भाषण की सीडी प्राप्त करने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मिल सकी।

    राज ठाकरे ने जवाब दिया कि इस घटना को 20 साल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि उस समय मैं न केवल ठाणे में नहीं था, बल्कि नासिक में था। इसके बाद जज कुलकर्णी ने स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई 18 मई को होगी।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसके लिए राज ठाकरे को अदालत में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है। राज ठाकरे के वकील सायजी नागरे ने यह बात कही। इस मामले में अब तक 12 गवाहों से पूछताछ की जा चुकी है और उनके बयान दर्ज कर लिए गए हैं। अदालत की आगे की कार्यवाही दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत होगी।

    बयान दर्ज होने के बाद अदालत विपक्षी पक्षों को मौका दे रही है। गवाहों ने इसी तरह अपने बयान दर्ज कराए हैं। इस संबंध में राय मांगी जा रही है और अब सुनवाई 18 मई को दोबारा होगी। आगे की कार्यवाही में बहस होगी और उसके बाद अदालत का फैसला आने की उम्मीद है, नागरे ने कहा।

  • Congress demands Fadnavis’ resignation: डॉ. संपदा मुंडे की मौत संस्थागत हत्या, फडणवीस इस्तीफा दें : वर्षा गायकवाड़

    Congress demands Fadnavis’ resignation: डॉ. संपदा मुंडे की मौत संस्थागत हत्या, फडणवीस इस्तीफा दें : वर्षा गायकवाड़

    नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने महाराष्ट्र की चिकित्सक डॉ. संपदा मुंडे की मौत को “संस्थागत हत्या” करार देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की मांग की है।
    पार्टी ने इस मामले में विशेष जांच दल (SIT) या न्यायिक जांच गठित करने की भी मांग की है ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों को सज़ा मिल सके।

    दिल्ली स्थित एआईसीसी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड़ और महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटील ने कहा कि सतारा जिले के एक अस्पताल में कार्यरत डॉ. संपदा मुंडे को राजनीतिक दबाव, ब्लैकमेलिंग और यौन उत्पीड़न के कारण आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया।

    कांग्रेस नेताओं ने बताया कि डॉ. संपदा पर एक चीनी मिल, जो पूर्व भाजपा सांसद रणजीत सिंह नाईक निम्बालकर की है, के अधिकारियों द्वारा फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेरफेर करने का दबाव डाला जा रहा था।
    जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन्हें लगातार परेशान और ब्लैकमेल किया गया। शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।

    वर्षा गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने बिना किसी जांच के नाईक को क्लीन चिट दी, जो स्पष्ट रूप से सत्ता के दुरुपयोग का मामला है।
    उन्होंने राज्य महिला आयोग के रवैये पर भी नाराज़गी जताई, कहा कि आयोग ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात तक नहीं की और उल्टे चरित्र हनन में शामिल हो गया।

    अतुल लोंढे पाटील ने कहा कि यह घटना आरएसएस की मानसिकता को दर्शाती है, जो दलितों और आदिवासियों के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया रखती है और अपराधियों को संरक्षण देती है।
    उन्होंने मांग की कि फडणवीस को मुख्यमंत्री और गृह मंत्री दोनों पदों से तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।

    लोंढे ने यह भी बताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने डॉ. संपदा मुंडे के परिवार से बात कर न्याय की इस लड़ाई में कांग्रेस का पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया है।

  • Congress Morcha 1 November Election Commission :सरकार किसानों की आवाज दबा रही है, कर्जमाफी हर हाल में होनी चाहिए: हर्षवर्धन सपकाल

    Congress Morcha 1 November Election Commission :सरकार किसानों की आवाज दबा रही है, कर्जमाफी हर हाल में होनी चाहिए: हर्षवर्धन सपकाल

    1 नवंबर को निर्वाचन आयोग से जवाब मांगने के लिए कांग्रेस का मोर्चा

    मुंबई: महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि राज्य में मतदाता सूचियों में भारी गड़बड़ी पाई गई है, जिसकी जानकारी कांग्रेस पार्टी ने सबसे पहले ठोस सबूतों के साथ उजागर की थी।
    इसके बावजूद निर्वाचन आयोग ने इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस “सोए हुए निर्वाचन आयोग” को जगाने के लिए सभी दलों ने 1 नवंबर को एक विशाल मोर्चा आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिसमें कांग्रेस पार्टी भी सक्रिय रूप से शामिल होगी।

    बुलढाणा में पत्रकारों से बातचीत में सपकाल ने बताया —

    “आज मुंबई में 1 नवंबर के मोर्चे के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। कुछ व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों से मैं उस बैठक में शामिल नहीं हो सका, लेकिन कांग्रेस के प्रतिनिधि बैठक में मौजूद थे। कांग्रेस पार्टी का इस मोर्चे में पूर्ण सहभाग रहेगा।”

    उन्होंने आगे कहा —

    “इस आंदोलन में कौन शामिल होता है यह गौण विषय है — मुख्य मुद्दा यह है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी को तत्काल सुधारा जाए।”

    बच्चू कडू के आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए सपकाल ने सरकार पर किसानों की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
    उन्होंने कहा —

    “सरकार कभी पुलिस को, तो कभी अदालत को आगे कर मुख्य मुद्दे से भाग रही है। अदालत को ढाल बनाकर किसानों के आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। अगर सरकार में हिम्मत है तो वह सीधे किसानों से बातचीत करे।”

    सपकाल ने कहा कि चुनाव के समय कर्जमाफी का वादा किया गया था, लेकिन अब सरकार टालमटोल कर रही है।

    “किसानों का कर्ज माफ होना ही चाहिए। अगर राज्य सरकार के खजाने में पैसे की कमी है, तो यह उसकी अक्षमता का प्रमाण है।”

    मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा —

    “अगर उनमें थोड़ी भी राजनीतिक साख बची है, तो वे दिल्ली जाकर महाराष्ट्र के लिए विशेष आर्थिक पैकेज लाएं। किसानों को राहत देना सरकार की जिम्मेदारी है, और अब जनता जवाब मांगने के मूड में है।”

    महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार किसानों की आवाज दबा रही है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर को निर्वाचन आयोग से जवाब मांगने के लिए कांग्रेस सहित कई दल मोर्चा निकालेंगे। सपकाल ने सरकार से कर्जमाफी और विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की