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  • Akasa SkyCadet Program: अकासा एयर ने लॉन्च किया ‘अकासा स्काईकैडेट’ पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम!

    Akasa SkyCadet Program: अकासा एयर ने लॉन्च किया ‘अकासा स्काईकैडेट’ पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम!

    Akasa SkyCadet Program: Akasa Air ने भविष्य के वाणिज्यिक पायलटों को तैयार करने के उद्देश्य से ‘अकासा स्काईकैडेट’ पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। यह कार्यक्रम विमानन क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं को व्यापक प्रशिक्षण और एयरलाइन-उन्मुख तैयारी प्रदान करेगा।

    एयरलाइन के अनुसार, कार्यक्रम को नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के नियमों और वैश्विक परिचालन मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसके तहत प्रतिभागियों को विमानन शिक्षा, उड़ान प्रशिक्षण और पेशेवर पायलट बनने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान किए जाएंगे।

    इस पहल के लिए अकासा एयर ने मान्यता प्राप्त उड़ान प्रशिक्षण संस्थानों स्काईनेक्स एयरो और ड्यून्स एविएशन अकादमी के साथ साझेदारी की है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को प्रारंभिक प्रशिक्षण से लेकर एयरलाइन स्तर की तैयारी तक मार्गदर्शन देना है।

    कंपनी ने बताया कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते विमानन बाजारों में शामिल है। भारतीय एयरलाइंस द्वारा 1,700 से अधिक विमानों का ऑर्डर दिया जा चुका है, जिनकी डिलीवरी वर्ष 2035 तक होने की उम्मीद है। इसके चलते प्रशिक्षित पायलटों, केबिन क्रू और ग्राउंड स्टाफ की मांग लगातार बढ़ रही है।

    अकासा एयर के सह-संस्थापक और मुख्य परिचालन अधिकारी Belson Coutinho ने कहा कि भारतीय विमानन उद्योग एक नए विकास चरण में प्रवेश कर रहा है और इस विस्तार को समर्थन देने के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ‘अकासा स्काईकैडेट’ कार्यक्रम युवा प्रतिभाओं को विमानन क्षेत्र में सफल करियर बनाने का अवसर प्रदान करेगा।

  • IndiGo Q4 Results: इंडिगो को चौथी तिमाही में 2,537 करोड़ रुपये का भारी नुकसान!

    IndiGo Q4 Results: इंडिगो को चौथी तिमाही में 2,537 करोड़ रुपये का भारी नुकसान!

    IndiGo Q4 Results: देश की प्रमुख विमान सेवा कंपनी IndiGo को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 2,537 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि विदेशी मुद्रा प्रभाव और विशेष मदों को हटाने पर कंपनी ने लाभ दर्ज किया है।

    प्रमुख एयरलाइन कंपनी IndiGo ने शुक्रवार को अपने चौथी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए, जिसमें कंपनी को समेकित आधार पर 2,537 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कंपनी के निदेशक मंडल ने बैठक में इन परिणामों को मंजूरी दी।

    हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया कि यदि विदेशी मुद्रा विनिमय प्रभाव और विशेष मदों को अलग कर दिया जाए, तो चौथी तिमाही में उसे 1,921 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है।

    पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में इंडिगो को 3,068 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। वहीं विशेष मदों और मुद्रा विनिमय प्रभाव को हटाने पर लाभ 2,981 करोड़ रुपये रहा था।

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    कंपनी के अनुसार, मार्च महीने में पश्चिम एशिया संकट के कारण विमान सेवाओं पर असर पड़ा, लेकिन इसके बावजूद उसकी उपलब्ध क्षमता में सालाना 3.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह बढ़कर 43.6 अरब सीट-किलोमीटर तक पहुंच गई।

    हालांकि यात्रियों की संख्या में 1.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 3.16 करोड़ रह गई। दूसरी ओर परिचालन से मिलने वाला राजस्व 1.3 प्रतिशत बढ़कर 22,438 करोड़ रुपये पहुंच गया।

    कंपनी ने बताया कि विमान ईंधन की औसत लागत सालाना आधार पर 4.8 प्रतिशत घटकर 1.53 रुपये प्रति किलोमीटर प्रति सीट रही, जबकि अन्य परिचालन खर्च 7.3 प्रतिशत बढ़ गए। प्रति सीट प्रति किलोमीटर कमाई में भी 2.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

    पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इंडिगो को 2,394 करोड़ रुपये का कुल नुकसान हुआ। हालांकि विशेष मदों और विदेशी मुद्रा प्रभाव को हटाने पर कंपनी ने 7,503 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया।

    कंपनी के प्रबंध निदेशक Rahul Bhatia ने कहा कि बीता वित्त वर्ष एयरलाइन उद्योग के लिए चुनौतीपूर्ण रहा, जिससे मुनाफे पर असर पड़ा। इसके बावजूद कंपनी का परिचालन प्रदर्शन मजबूत बना रहा और कुल आय में छह प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

  • Air India: एयर इंडिया अपनी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में 27 प्रतिशत की कटौती करेगी!

    Air India: एयर इंडिया अपनी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में 27 प्रतिशत की कटौती करेगी!

    Air India: टाटा समूह की विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया ने विमान ईंधन की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्रों पर जारी प्रतिबंधों के बीच अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में जून से अगस्त के दौरान 27 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की है।

    एयरलाइंस ने बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि वह जून से अगस्त के दौरान चुनिंदा अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर उड़ानों को युक्तिसंगत बनायेगी। उसने इसके लिए “कई कारकों के संयुक्त प्रभाव” को जिम्मेदार ठहराया है जिनमें पश्चिम एशिया संकट के कारण कुछ इलाकों में हवाई क्षेत्र संबंधी प्रतिबंधों का जारी रहना और विमान ईंधन के रिकॉर्ड उच्चतम स्तर प्रमुख हैं।

    उसने कहा है कि जून से अगस्त के बीच वह हर महीने 1,200 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन करेगी जो रोजाना औसतन 40 के करीब है। सूत्रों ने बताया कि अभी एयरलाइंस औसतन हर दिन 55 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन कर रही है। इस प्रकार उड़ानों की संख्या में 27 प्रतिशत की कटौती की गयी है।

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    प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन बदलावों का उद्देश्य नेटवर्क की स्थिरता बनाये रखना और अंतिम क्षणों में यात्रियों को होने वाली असुविधाओं से बचाना है। पहले से जिन यात्रियों ने टिकट बुक करा रखे हैं उन्हें दूसरी विमानों में सीट देने में एयरलाइंस मदद करेगी।

    एयर इंडिया का कहना है कि वह जून से अगस्त तक हर सप्ताह उत्तर अमेरिका के लिए में 33, यूरोप के लिए 47, ब्रिटेन के लिए 57, ऑस्ट्रेलिया के लिए आठ और सुदूर पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया तथा सार्क क्षेत्र के लिए 158 और मॉरिशस के लिए सात उड़ानों का परिचालन करेगी।

    उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया संकट के कारण इस समय विमान ईंधन की कीमत रिकॉर्ड उच्चतम स्तर हैं। सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए विमान ईंधन की कीमतों में हर महीने के लिए 25 प्रतिशत की सीमा तय कर दी है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए यह राहत नहीं दी गयी है।