Weak Monsoon Forecast Hits Market: कमजोर मानसून की आशंका ने शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। मौसम विभाग की कम बारिश की भविष्यवाणी के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ी और बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में करीब डेढ़ फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
भारतीय मौसम विभाग द्वारा इस साल मानसून सामान्य से कमजोर रहने की संभावना जताए जाने के बाद घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। निवेशकों की बिकवाली के दबाव में BSE Sensex 1,092.06 अंक यानी 1.44 प्रतिशत टूटकर 74,775.74 अंक पर बंद हुआ, जो 13 मई के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है।
वहीं Nifty 50 भी 359.40 अंक यानी 1.5 प्रतिशत गिरकर 23,547.75 अंक पर पहुंच गया। यह 20 मई के बाद का निचला स्तर रहा।
शुरुआती कारोबार में बाजार में तेजी देखने को मिली थी और सेंसेक्स 76,220 अंक तक पहुंचा, लेकिन मानसून से जुड़ी चिंताओं के बाद बिकवाली तेज हो गई। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 1,631 अंकों का बड़ा उतार-चढ़ाव देखा।
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मौसम विभाग ने कहा कि इस साल मानसून सीजन में दीर्घावधि औसत का लगभग 90 प्रतिशत ही वर्षा होने की संभावना है। इससे कृषि, ग्रामीण मांग और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई, जिसका असर सीधे शेयर बाजार पर दिखाई दिया।
वृहद बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप-50 में 1.49 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक में 0.85 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। आईटी सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए।
तेल एवं गैस, धातु, बैंकिंग, ऑटो, एफएमसीजी, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। हालांकि आईटी शेयरों में कुछ खरीदारी देखने को मिली, जिससे नुकसान कुछ हद तक सीमित रहा।
कंपनियों की बात करें तो इंडिगो का शेयर चौथी तिमाही में 2,537 करोड़ रुपये के नुकसान की खबर के बाद 3.55 प्रतिशत गिर गया। इसके अलावा पावर ग्रिड, एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, रिलायंस इंडस्ट्रीज और हिंदुस्तान यूनिलीवर समेत कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही।
दूसरी ओर, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे आईटी शेयरों में तेजी देखने को मिली। वैश्विक बाजारों में एशियाई बाजारों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा, जबकि यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में हल्की बढ़त दर्ज की गई।

