Air Cargo Growth: पश्चिम एशिया में जारी संकट और हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों के बावजूद वैश्विक हवाई माल परिवहन में अप्रैल महीने के दौरान चार प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (IATA) की ओर से जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
रिपोर्ट के अनुसार, कार्गो टन-किलोमीटर के आधार पर मापा जाने वाला हवाई माल परिवहन पिछले वर्ष अप्रैल की तुलना में इस वर्ष अप्रैल में चार प्रतिशत बढ़ा है। हालांकि इस दौरान कुल परिवहन क्षमता में 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
IATA ने बताया कि पश्चिम एशिया के कई देशों में हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंधों के कारण अंतर्राष्ट्रीय हवाई माल परिवहन क्षमता 0.9 प्रतिशत तक घट गई। 28 फरवरी से शुरू हुए पश्चिम एशिया संकट के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते समुद्री जहाजों की आवाजाही लगभग प्रभावित हो गई, जिसके कारण कई वस्तुओं का व्यापार हवाई मार्ग की ओर स्थानांतरित हुआ।
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IATA के महानिदेशक विली वॉल्श ने कहा कि एयर कार्गो की मांग में वृद्धि का सबसे बड़ा कारण एशिया से जुड़े व्यापार प्रवाह में मजबूती रहा। उन्होंने कहा कि सकारात्मक आंकड़ों के बावजूद परिचालन माहौल लगातार चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख हवाई केंद्र प्रभावित हुए हैं, जिससे व्यापार मार्गों में बदलाव आया और कई महत्वपूर्ण रूटों पर क्षमता सीमित हो गई। समर्पित मालवाहक विमानों ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई है।
क्षेत्रीय आंकड़ों के अनुसार, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में क्षमता 5.3 प्रतिशत और वास्तविक माल ढुलाई 10.5 प्रतिशत बढ़ी। वहीं पश्चिम एशिया में क्षमता 22.9 प्रतिशत और वास्तविक माल ढुलाई 18.2 प्रतिशत घट गई। अफ्रीका में क्षमता 9.4 प्रतिशत कम होने के बावजूद हवाई माल परिवहन 7.7 प्रतिशत बढ़ा।
यूरोप में क्षमता और माल ढुलाई क्रमशः तीन प्रतिशत और छह प्रतिशत बढ़ी, जबकि उत्तर अमेरिका में क्षमता 1.2 प्रतिशत और माल ढुलाई पांच प्रतिशत बढ़ी। दूसरी ओर लातिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों में क्षमता बढ़ने के बावजूद वास्तविक हवाई माल परिवहन में 2.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

