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  • Mumbra’s Shil Phata Submerged: सिर्फ साधारण बारिश में डूबा मुंब्रा का सील फाटा, मनपा की तैयारियों पर उठे गंभीर सवाल!

    Mumbra’s Shil Phata Submerged: सिर्फ साधारण बारिश में डूबा मुंब्रा का सील फाटा, मनपा की तैयारियों पर उठे गंभीर सवाल!

    Mumbra’s Shil Phata Submerged: मुंब्रा का सील फाटा क्षेत्र एक बार फिर जलभराव की गंभीर समस्या से जूझता नजर आया। हैरानी की बात यह है कि न तो मूसलाधार बारिश हुई और न ही कोई तूफानी मौसम था। जून के अंतिम दिन शुरू हुई साधारण बारिश ने ही पूरे इलाके की व्यवस्था की पोल खोल दी। देखते ही देखते सड़कों पर पानी भर गया, यातायात पूरी तरह ठप हो गया और लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश का पानी निकलने का कोई रास्ता नहीं था। नालों में पानी की निकासी नहीं हो रही थी और सड़क किनारे बने ड्रेनेज सिस्टम भी पूरी तरह विफल साबित हुए। कई स्थानों पर जब नालों के ढक्कन हटाए गए, तब कहीं जाकर पानी का बहाव शुरू हुआ। तब तक पानी दुकानों, मकानों और वाहनों में घुस चुका था, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि हर वर्ष मानसून से पहले करोड़ों रुपये नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था पर खर्च किए जाते हैं, फिर भी पहली ही सामान्य बारिश में पूरा इलाका पानी-पानी कैसे हो गया? यदि इतनी मामूली बारिश में यह हाल है, तो आने वाले दिनों में मूसलाधार बारिश के दौरान स्थिति कितनी भयावह हो सकती है, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

    स्थानीय नागरिकों ने मनपा प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बारिश से पहले जलनिकासी की समुचित योजना बनाना और उसे प्रभावी ढंग से लागू करना प्रशासन की जिम्मेदारी थी, लेकिन इस दिशा में पर्याप्त तैयारी नहीं की गई। यही वजह है कि हर साल लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता है।

    अब नागरिकों की मांग है कि मनपा इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले, जलनिकासी व्यवस्था का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्निर्माण करे और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि हर मानसून में जनता को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।

  • Demand for VJTI Audit: 55 करोड़ की सड़कों की गुणवत्ता पर उठे सवाल, वीजेटीआई से ऑडिट कराने की मांग!

    Demand for VJTI Audit: 55 करोड़ की सड़कों की गुणवत्ता पर उठे सवाल, वीजेटीआई से ऑडिट कराने की मांग!

    Demand for VJTI Audit: ठाणे शहर में 55 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे कंक्रीट सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए विधायक संजय केलकर ने वीजेटीआई से तकनीकी ऑडिट कराने की मांग की है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेसीबी की मदद से सड़क की गुणवत्ता की जांच कराई, जिसमें कथित रूप से कई खामियां सामने आने का दावा किया गया।

    बताया गया कि ठाणे महानगरपालिका ने केंद्र सरकार से 600 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण लेकर विभिन्न विकास कार्य शुरू किए हैं। इसी निधि से बालकुम, ढोकाली, दोस्ती व अन्य क्षेत्रों में लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से चार कंक्रीट सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। विधायक केलकर ने बालकुम-कोलशेत रोड, दोस्ती वेस्ट काउंटी से लोढ़ा अमारा तक, ददलानी रोड, रुनवाल गार्डन सिटी रोड तथा अन्य परियोजनाओं का निरीक्षण किया।

    निरीक्षण के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर फुटपाथ और नालियों का निर्माण कार्य वर्क ऑर्डर के अनुरूप नहीं किया गया है। उनका कहना था कि यदि निर्माण की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया तो करोड़ों रुपये की सार्वजनिक धनराशि व्यर्थ हो सकती है। विधायक केलकर ने मांग की कि पूरे सड़क निर्माण कार्य का स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (VJTI) से कराया जाए।

    उन्होंने दोस्ती काउंटी में प्रस्तावित साइकिल ट्रैक और जॉगिंग ट्रैक के वास्तविक क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाए तथा अधिकारियों को चेतावनी दी कि ऋण से निर्मित सड़कों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता संजय कदम, उप कार्यकारी अभियंता कुसुरकर, अभियंता मोरे तथा भाजपा के कई पदाधिकारी और स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

  • Thane Park Transformer Controversy: ‘इंजीनियर डिप्टी कमिश्नर से बड़े हो गए हैं!’ पार्कों में ट्रांसफॉर्मर लगाने के खिलाफ विक्रांत चव्हाण का आंदोलन!

    Thane Park Transformer Controversy: ‘इंजीनियर डिप्टी कमिश्नर से बड़े हो गए हैं!’ पार्कों में ट्रांसफॉर्मर लगाने के खिलाफ विक्रांत चव्हाण का आंदोलन!

    Thane Park Transformer Controversy: वर्तकनगर के पार्क में ट्रांसफ़ॉर्मर लगाने से मना करने वाले डिप्टी कमिश्नर के आदेश को इंजीनियरों ने केले की टोकरी दिखाकर MSEB को अनुमति दे दी है, क्योंकि पार्क में बच्चे खेल रहे हैं, जबकि बुज़ुर्ग नागरिक टहल रहे हैं। इससे यहां के निवासी नाराज़ हैं और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और स्थानीय पूर्व नगरसेवक विक्रांत चव्हाण ने 23 जून को महानगरपालिका मुख्यालय में ‘काम रोकने’ या फिर भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है।

    वर्तकनगर वार्ड समिति के अंतर्गत भीमनगर में बिल्डिंग नंबर 54 के पीछे ठाणे मनपा द्वारा संचालित और मेंटेन किया जाने वाला म्हाडा पार्क है। MSEB के इस पार्क में ट्रांसफ़ॉर्मर लगाने की रिक्वेस्ट के बाद, म्हाडा ने ठाणे मनपा से ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ लेने के लिए बातचीत शुरू कर दी थी। डिप्टी कमिश्नर ने साफ़ कर दिया था कि नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी न किया जाए, क्योंकि पार्क में मंदिर और एंट्रेंस के लिए जगह की कमी है और ट्रांसफ़ॉर्मर से स्पार्क या शॉर्ट सर्किट जैसा कोई हादसा होने पर बच्चों की जान को खतरा है, ऐसा विक्रांत चव्हाण ने बताया है।

    डिप्टी कमिश्नर के ऑर्डर को ताक पर रखते हुए, कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट के किरण भोये, संदीप गायकवाड़, रणधीर राणे, सुधीर गायकवाड़ और अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के रविशंकर शिंदे ने भी पार्क को म्हाडा को ट्रांसफर करने और नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी करने के बारे में बातचीत की है। विक्रांत चव्हाण ने छोटे बच्चों की जान से खेलने वाले इन अधिकारियों की निंदा की है और मनपा कमिश्नर सौरभ राव को लिखे लेटर में चेतावनी दी है कि वह इन अधिकारियों को सस्पेंड करने और ट्रांसफ़ॉर्मर लगाने की मांग को लेकर 23 जून से मनपा मुख्यालय में आमरण अनशन करेंगे।

  • Thane Drain Cleaning: नाले की सफाई का घोटाला बंद करो, कॉन्ट्रैक्टर को ब्लैकलिस्ट करो!

    Thane Drain Cleaning: नाले की सफाई का घोटाला बंद करो, कॉन्ट्रैक्टर को ब्लैकलिस्ट करो!

    Thane Drain Cleaning: शहर में करोड़ों रुपये के नाले की सफाई के काम में कॉन्ट्रैक्टर ज़्यादा से ज़्यादा हाथ से सफाई कर रहे हैं, और अधिकारी भी इसे नज़रअंदाज़ कर रहे हैं। इसलिए विधायक संजय केलकर ने मांग की है कि नाले की सफाई का घोटाला बंद किया जाए और संबंधित कॉन्ट्रैक्टर को ब्लैकलिस्ट किया जाए।विधायक संजय केलकर ने आज अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी में बालकुम, ढोकाली और कोलशेत में चल रहे नाले की सफाई के काम का निरीक्षण किया।

    उस समय उन्होंने इस काम में हो रहे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया। उन्होंने अधिकारियों से इसका जवाब मांगते हुए अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की।नाले की सफाई के काम की न तो अधिकारी मॉनिटरिंग कर रहे हैं, न ही कॉन्ट्रैक्टर काम कर रहे हैं। इसका खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। इसलिए केलकर ने मांग की है कि कॉन्ट्रैक्टरों के बिल रोके जाएं और उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए। जिन अधिकारियों को नाले की सफाई की ज़िम्मेदारी दी गई है, उन्हें सिर्फ़ कारण बताओ नोटिस जारी किए बिना घर बैठा दिया जाना चाहिए केलकर ने मांग की।

    दादलानी पार्क के रहने वाले पिछले दो साल से शिकायत कर रहे हैं। नालियों में जमा बदबूदार पानी और कचरे से बीमारियाँ फैलती हैं। इस बीच, मानसून आने से ठीक पहले नालों की सफाई अधूरी पड़ी है। फिर कमिश्नर की 1 जून की डेडलाइन कहाँ गई? केलकर ने गुस्सा जताया। इसलिए, कमिश्नर को खुद सड़कों पर उतरकर इंस्पेक्शन करना चाहिए, ताकि नालों की सफाई के काम में लापरवाही सामने आ सके केलकर ने अपील की। इंस्पेक्शन टूर के दौरान मनपा के ऑफिसर संजय कदम भाजपा के पदाधिकारी संजय पाटिल, नीलेश पाटिल के साथ-साथ नीरज कबाड़ी, भानुदास भोईर, एडवोकेट हेमंत म्हात्रे, रवि रेड्डी आदि मौजूद थे।

  • Bhiwandi Drain Cleaning: 51 प्रतिशत नाला सफाई के दावे पर उठे सवाल, महापौर समेत पार्षदों ने जताई नाराजगी

    Bhiwandi Drain Cleaning: 51 प्रतिशत नाला सफाई के दावे पर उठे सवाल, महापौर समेत पार्षदों ने जताई नाराजगी

    Bhiwandi Drain Cleaning: मानसून पूर्व तैयारियों के तहत भिवंडी महानगरपालिका द्वारा शहर में नाला सफाई का कार्य युद्धस्तर पर किए जाने का दावा किया जा रहा है। निगम प्रशासन के अनुसार अब तक 51 प्रतिशत नालों की सफाई पूरी कर ली गई है, जबकि इस कार्य पर करीब 2 करोड़ 40 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। हालांकि, महापौर नारायण चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधियों ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कार्य की गुणवत्ता और प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया है।

    महापौर नारायण चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नाला सफाई का कार्य कागजों पर अधिक और जमीनी स्तर पर कम दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह उन्होंने स्वयं विभिन्न क्षेत्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया था, जिसमें कई स्थानों पर कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया। इस दौरान संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों को फटकार भी लगाई गई थी, लेकिन उसके बावजूद अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है।

    महापौर ने कहा कि निगम अधिकारियों को ठेकेदारों से गुणवत्तापूर्ण तरीके से नाला सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि मानसून के दौरान शहर में जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसके लिए लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि शहर की स्वच्छता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नागरिकों का सहयोग भी आवश्यक है।

    कागजों पर आंकड़ेबाजी का आरोप
    स्थायी समिति के सदस्य एडवोकेट मयूरेश विलास पाटिल ने निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों द्वारा केवल कागजों पर प्रतिशत दिखाकर ठेकेदारों के हितों की रक्षा की जा रही है। उनका दावा है कि वास्तविकता में 20 प्रतिशत नाला सफाई भी पूरी नहीं हुई है।

    उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मात्र बीस दिनों में इतने बड़े पैमाने पर नाला सफाई का कार्य पूरा किया जा सकता है? उनके अनुसार स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विभाग के कुछ कर्मचारी केवल आंकड़े प्रस्तुत कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य की स्थिति अलग है। पाटिल ने मांग की कि प्रशासन को वास्तविक निरीक्षण और सत्यापन के बिना ठेकेदारों के बिलों का भुगतान नहीं करना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान यदि नागरिकों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ा, तो लोग ठेकेदारों को नहीं बल्कि अपने जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराएंगे। इसलिए आयुक्त और महापौर की जिम्मेदारी है कि वे ठेकेदारों से गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध कार्य सुनिश्चित कराएं।

  • Monsoon Session: अधिवेशन में अवैध फेरीवालों और बांधकाम का मुद्दा उठेगा!

    Monsoon Session: अधिवेशन में अवैध फेरीवालों और बांधकाम का मुद्दा उठेगा!

    Monsoon Session: शहर में अनिधिकृत बांधकाम और फेरीवालों की भरमार है अधिकारियों की लापरवाही की वजह से माफिया ताकतवर हो गया है।वहीं मनपा आयुक्त अधिकारियों के खिलाफ एक्शन नहीं ले रहे हैं।विधायक संजय केलकर ने बताया कि आने वाले मॉनसून अधिवेशन में इस गंभीर समस्या को उठाया जाएगा। शहर में बिना इजाज़त के कंस्ट्रक्शन की भरमार है और ये कंस्ट्रक्शन सभी वार्ड में बड़ी संख्या में चल रहे हैं। इसकी वजह से आम लोगों और मनपा को मिलने वाली सुविधाओं पर दबाव पड़ रहा है और पैसे का नुकसान हो रहा है।

    दूसरी तरफ, बिना इजाज़त के फेरीवाले भी फुटपाथ और सड़कों पर कब्ज़ा करके बिजनेस कर रहे हैं। इस बिजनेस से करोड़ों रुपये का टर्नओवर होता है। ये दोनों ही समस्याएं ठाणे के टैक्सपेयर्स को परेशान कर रही हैं और शहर में माफिया मजबूत हो गया है मनपा के अधिकारी शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इस बीच आयुक्त इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इन समस्याओं को लेकर ठाणे के लोगों में नाराजगी है और वे आने वाले मानसून अधिवेशन में इन मुद्दों को उठाकर राज्य सरकार को इसमें दखल देने के लिए मजबूर करेंगे, ऐसा केलकर ने बताया।

    कलवा के वाघोबानगर में बिना इजाज़त मस्जिद बनाने को लेकर मनपा ने आक्रामक रुख अपनाने के बाद कार्रवाई की, लेकिन केलकर ने यह भी राय दी कि अगर समय पर कार्रवाई की जाए तो भविष्य में झगड़े नहीं होंगे। सावरकरनगर में प्लान की गई सिद्धिविनायक सोसायटी में 110 परिवार और लोकमान्यनगर में शिव औदुंबर सोसायटी में 275 परिवार हैं। यहां SRA प्रोजेक्ट चल रहा है और उन्हें क्लस्टर में शामिल किया गया है। क्योंकि संबंधित प्रशासन दबाव में इन सोसाइटियों को क्लस्टर से बाहर नहीं कर रहा था, इसलिए स्थानीय नगरसेवक अमित सरैया ने निवासियों के साथ केलकर से मुलाकात की।

    निवासियों ने डर जताया कि SRA प्रोजेक्ट को क्लस्टर में घरों के लिए 20-25 साल तक इंतज़ार करना पड़ेगा। केलकर ने इस बारे में हाई-लेवल कमेटी के अधिकारियों से बात की, जिसके बाद इस प्रोजेक्ट को क्लस्टर से बाहर कर दिया गया। इससे सैकड़ों परिवारों को राहत मिली है।इस कार्यक्रम में फाइलेरिया डिपार्टमेंट के कर्मचारियों के विरासत के अधिकार, रुस्तमजी हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में पानी की कमी, फाइनेंशियल फ्रॉड जैसे कई विषयों पर चर्चा हुई। केलकर ने तुरंत संबंधित अधिकारियों से फोन पर संपर्क किया और समाधान सुझाए। इस मौके पर नगरसेवक विकास पाटिल, अमित सरैया, सुरेश कांबले, पूर्व मेयर मनोहर गाढ़वे, स्वप्नाली सालवी, रक्षा यादव आदि मौजूद थे।

  • Shramjeevi Sanghatana Protests: घटिया कंक्रीट सड़क के खिलाफ श्रमजीवी संगठन का प्रदर्शन, सार्वजनिक निर्माण विभाग कार्यालय पर मोर्चा

    Shramjeevi Sanghatana Protests: घटिया कंक्रीट सड़क के खिलाफ श्रमजीवी संगठन का प्रदर्शन, सार्वजनिक निर्माण विभाग कार्यालय पर मोर्चा

    Shramjeevi Sanghatana Protests: भिवंडी तालुका के गोमतारा किला से देपोली मार्ग पर जिला योजना समिति के माध्यम से लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कंक्रीट सड़क की गुणवत्ता को लेकर श्रमजीवी संगठन ने तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने भादवड स्थित सार्वजनिक निर्माण विभाग (लोनिवि) कार्यालय पर मोर्चा निकालकर धरना दिया और सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की।

    जानकारी के अनुसार, पिळंझे ग्राम पंचायत के अंतर्गत देपोली से गोमतारा किला मार्ग पर स्थित भवरपाडा, नंबरपाडा और खरमपाडा जैसे आदिवासी बस्तियों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिला योजना समिति के माध्यम से दो करोड़ रुपये की निधि मंजूर की गई थी।

    श्रमजीवी संगठन का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण कार्य अत्यंत निम्न गुणवत्ता का किया गया है। इस संबंध में स्थानीय ग्रामीणों और संगठन की ओर से 16 मार्च को सार्वजनिक निर्माण विभाग को लिखित शिकायत भी दी गई थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने न तो स्थल निरीक्षण किया और न ही तकनीकी जांच कर कोई कार्रवाई की।

    विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व श्रमजीवी संगठन के तालुका सचिव विश्वनाथ पासारी, उपाध्यक्ष चंद्रकांत रायत, महापोली गुट अध्यक्ष दयानंद पाटील सहित तानाजी लहांगे, सुरेश ठाकरे, दशरथ गवळी, किशोर पाटील, विठ्ठल पस्टे, निलेश शेलार, भीमाबाई पवार और सुनीताबाई भवर ने किया।

    प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सड़क निर्माण शुरू करते समय नियमानुसार परियोजना की जानकारी, स्वीकृत निधि और कार्य विवरण दर्शाने वाला सूचना फलक नहीं लगाया गया। इसके अलावा सड़क निर्माण के दौरान आवश्यक रोलर कॉम्पैक्शन नहीं किया गया और सीमेंट कंक्रीट सड़क पर निर्धारित मानकों के अनुसार पानी का छिड़काव भी नहीं किया गया।

    संगठन का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही सड़क पर कई स्थानों पर बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई देने लगी हैं। सड़क किनारे बनाई गई नालियां भी निम्न गुणवत्ता की सामग्री के कारण टूटने और ध्वस्त होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। कई जगहों पर सड़क की मोटाई स्वीकृत अनुमान (एस्टीमेट) से कम होने का आरोप भी लगाया गया है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका व्यक्त की गई है।

    श्रमजीवी संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है तथा संबंधित ठेकेदार को संरक्षण दिया जा रहा है। संगठन ने मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की तत्काल निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए, ठेकेदार का भुगतान रोका जाए तथा निर्धारित मानकों और स्वीकृत बजट के अनुसार सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाए। साथ ही, कार्य की निगरानी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए।

  • Varsha Gaikwad targets BJP: वर्षा का भाजपा पर निशाना; मुंबई में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई तो भाजपा होगी जिम्मेदार!

    Varsha Gaikwad targets BJP: वर्षा का भाजपा पर निशाना; मुंबई में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई तो भाजपा होगी जिम्मेदार!

    Varsha Gaikwad targets BJP: मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने कहा है कि यदि आगामी मानसून में मुंबई में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा और उसके नेतृत्व वाली व्यवस्था की होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन पर जिम्मेदारी डालकर सरकार अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकती।

    राजीव गांधी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में वर्षा गायकवाड़ ने मुंबई कांग्रेस के सभी जिला अध्यक्षों, पूर्व नगरसेवकों, फ्रंटल संगठनों, विभागों, सेल पदाधिकारियों, बीएलए-1 तथा ब्लॉक समन्वयकों के साथ संगठनात्मक और नागरिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में पूर्व मंत्री असलम शेख, विधायक अमीन पटेल, कांग्रेस प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।

    वर्षा गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचारमुक्त शासन और स्वच्छ मुंबई का वादा कर सत्ता में आई भाजपा कुछ ही महीनों में अपने दावों पर खरी नहीं उतर सकी है। उन्होंने कहा कि मानसून शुरू होने से पहले नालों की सफाई पूरी नहीं हो सकी और मामूली बारिश में ही कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति सामने आ गई, जिससे मुंबई महानगरपालिका प्रशासन और भाजपा की तैयारियों की पोल खुल गई है।

    उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद मुंबई के फिर से जलमग्न होने की आशंका दिखाई दे रही है। ऐसे में यदि नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है तो सरकार को इसकी जवाबदेही स्वीकार करनी होगी।

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    बैठक में वर्षा गायकवाड़ ने कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया में नागरिकों की सहायता करनी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि यदि सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होने के बावजूद किसी नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाया जाता है, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उसकी दखल लेकर नाम पुनः दर्ज कराने के लिए प्रयास करना चाहिए।

    सांसद गायकवाड़ ने भाजपा-महायुति सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार विभिन्न स्तरों पर विफल साबित हुई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों, स्कूल बस शुल्क में वृद्धि तथा अन्य जनसरोकारों के मुद्दों पर जनता के बीच जाकर आवाज उठाने का आह्वान किया।

    उन्होंने कहा कि मुंबई महानगरपालिका के कामकाज की वास्तविकता जनता के सामने लाने और कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों को पूरी ताकत के साथ काम करना चाहिए।

  • MLA Sanjay Kelkar’s Call: संजय केलकर की ललकार; जिहाद के खिलाफ प्रशासन और हिंदू एकजुट हों!

    MLA Sanjay Kelkar’s Call: संजय केलकर की ललकार; जिहाद के खिलाफ प्रशासन और हिंदू एकजुट हों!

    MLA Sanjay Kelkar’s Call: राज्य और देश में लव जिहाद, वोट जिहाद, कॉर्पोरेट जिहाद चल रहा है। इस जिहादी रवैये को खत्म करने की जिम्मेदारी सिर्फ प्रशासन की नहीं, बल्कि आपकी और हमारी भी है। इसलिए हमें सतर्क और जागरूक रहना चाहिए, विधायक केलकर ने अपील की।विधायक संजय केलकर के मार्गदर्शन में, मितेश शाह ने 31 मई को ठाणे के इंदिरानगर चौक पर सकल हिंदू समाज ठाणे की ओर से हिंदू जन आक्रोश सभा का आयोजन किया।

    इस मौके पर जगद्गुरु परमहंस आचार्य मौजूद थे।इस मौके पर मौजूद हिंदुओं को संबोधित करते हुए विधायक केलकर ने उनसे देश की रक्षा के लिए जागरूक रहने की अपील की। ​​उन्होंने कहा, यह भगवान श्री राम की भूमि है, हमें छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत मिली है। भारत हमारा है। हिंदू धर्म सनातन धर्म है और हिंदुओं ने कभी किसी पर हमला नहीं किया। हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन अगर कोई हमें छेड़ता है, तो हम उसे छोड़ना नहीं चाहते। यह अपील विधायक केलकर ने की है।

    राज्य और देश में लव जिहाद, वोट जिहाद, कॉर्पोरेट जिहाद चल रहा है। हिंदू लड़कियों को बहला-फुसलाकर, कभी ज़बरदस्ती हिंदू धर्म छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है, उन्हें मारा जा रहा है। इस जिहादी रवैये को खत्म करने की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ एडमिनिस्ट्रेशन की नहीं, बल्कि आपकी और हमारी, हिंदू भाइयों की भी है। इसलिए, हमें जागरूक होना होगा, मिस्टर केलकर ने अपील की।पश्चिम बंगाल में 300 हिंदू भाइयों ने अपनी जान देकर वोट जिहाद खत्म किया। जय श्री राम का नारा लगने के बाद हिंदू वोटर घर-घर से निकले और 200 से ज़्यादा भाजपा विधायक चुने गए।

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    बांग्लादेशी नागरिक ठाणे में घुस आए हैं। वे फेरीवालों का धंधा कर रहे हैं। उन्हें समय रहते निकालना हमारी ज़िम्मेदारी है। मैंने इसके खिलाफ़ काम करना शुरू कर दिया है। अगर एडमिनिस्ट्रेशन अपना काम नहीं करता है, तो हमें उनकी गर्दन पर बैठकर उन्हें निकालना होगा। देश की सुरक्षा के लिए येउर के पहाड़ों में एयर फ़ोर्स स्टेशन है। लेकिन, इस स्टेशन के आस-पास बिना इजाज़त के कंस्ट्रक्शन किए गए हैं, जिससे खतरा पैदा हो गया है। मैं इस बारे में सरकार से बात कर रहा हूँ और जब तक यह कंस्ट्रक्शन साफ़ नहीं हो जाता, मैं चैन से नहीं बैठूँगा, केलकर ने साफ़ किया।

    यह कहते हुए कि मैं पहले कारसेवक था और अब मैं पब्लिक सर्वेंट हूँ, उन्होंने दोहराया कि उन्हें कारसेवक होने पर गर्व है।जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने हिंदुओं को संबोधित करते हुए कहा, मैं अयोध्या से महाराष्ट्र की पवित्र धरती पर सिर्फ़ हिंदू धर्म का प्रचार-प्रसार करने और हिंदुओं के स्वाभिमान को जगाने आया हूँ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी बाबा ऐसा इंसाफ़ करें कि क्रिमिनल दोबारा क्राइम करने की कोशिश न करें। उन्होंने यह भी अपील की कि सनातन हिंदू धर्म को ध्यान रखना चाहिए कि भारत में कहीं भी लव जिहाद न हो।

    हिंदू जन आक्रोश सभा में बड़ी संख्या में भाजपा के लोकल कॉर्पोरेटर, कॉर्पोरेटर अमित सरैया, कॉर्पोरेटर सुरेश कांबले, कॉर्पोरेटर अनीता यादव, कॉर्पोरेटर सीताराम राणे, कॉर्पोरेटर विकास पाटिल,व्यापारी सेल अध्यक्ष मितेश शाह, करण जैन, कैलाश म्हात्रे, अमित मिश्रा, बिपिन पांडे, महिला अध्यक्ष स्वप्नाली सालवी, सीमा वैष्णवी, पदाधिकारी, कार्यकर्ता और महिला मोर्चा के साथ-साथ पूरे हिंदू समुदाय के पदाधिकारी शामिल हुए।

  • MP Naresh Mhaske Demands: मानसून से पहले ज़रूरी कामों को कोड ऑफ़ कंडक्ट से छूट दी जाए; नरेश म्हस्के की डीएम से मांग!

    MP Naresh Mhaske Demands: मानसून से पहले ज़रूरी कामों को कोड ऑफ़ कंडक्ट से छूट दी जाए; नरेश म्हस्के की डीएम से मांग!

    MP Naresh Mhaske Demands: लेजिस्लेटिव काउंसिल चुनाव के बैकग्राउंड में राज्य में लागू कोड ऑफ़ कंडक्ट की वजह से लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट बॉडीज़ के मानसून से पहले होने वाले ज़रूरी काम रुक गए हैं, और ठाणे लोकसभा MP नरेश म्हस्के ने डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर से इन कामों को कोड ऑफ़ कंडक्ट से खास छूट देने की मांग की है।

    लेजिस्लेटिव काउंसिल चुनाव के लिए कोड ऑफ़ कंडक्ट अभी राज्य में 25 जून तक लागू है। इस वजह से म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, म्युनिसिपैलिटी, ज़िला परिषद और दूसरी लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट बॉडीज़ के कई डेवलपमेंट काम और टेंडर प्रोसेस पेंडिंग हैं। खासकर आने वाले मानसून को देखते हुए, ड्रेन की सफाई, सड़क की मरम्मत, वॉटर सप्लाई सिस्टम, ड्रेनेज की मरम्मत, प्रोटेक्टिव दीवारें, सीवेज मैनेजमेंट और इमरजेंसी रोकथाम के कामों को तुरंत पूरा करना ज़रूरी है, MP नरेश म्हस्के ने बयान में कहा है।

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    MP नरेश म्हस्के ने यह भी डर जताया है कि आने वाले मानसून सीजन में लोगों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि कोड ऑफ़ कंडक्ट के कारण ज़रूरी कामों को मंज़ूरी देना, टेंडर प्रोसेस लागू करना और असल में काम शुरू करना मुमकिन नहीं है।

    लोगों की सुरक्षा और पब्लिक इंटरेस्ट को ध्यान में रखते हुए, मानसून सीजन से पहले ज़रूरी और इमरजेंसी कामों को करने के लिए स्पेशल परमिशन दी जानी चाहिए, और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, म्युनिसिपैलिटी और डिस्ट्रिक्ट काउंसिल को टेंडर प्रोसेस और काम शुरू करने के लिए तुरंत मंज़ूरी दी जानी चाहिए, MP नरेश म्हस्के ने एडमिनिस्ट्रेशन से मांग की है।