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  • CBSE Cyber Attack: पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल पर साइबर हमले की शिकायत दर्ज

    CBSE Cyber Attack: पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल पर साइबर हमले की शिकायत दर्ज

    CBSE Cyber Attack: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अपने ‘पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल’ पर हुए सुनियोजित और जटिल साइबर हमलों को लेकर दिल्ली पुलिस की ‘इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस’ (आईएफएसओ) इकाई में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। बोर्ड ने बताया कि साइबर सुरक्षा टीमों की 24 घंटे की निगरानी के चलते इन सभी हमलों को पूरी तरह विफल कर दिया गया है और किसी भी तरह का डेटा लीक या उससे कोई समझौता नहीं हुआ है।

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    सीबीएसई के अनुसार कक्षा 12वीं की परीक्षा के उम्मीदवारों के लिए उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन जैसी सुविधाएं देने के लिए इस पोर्टल को दो जून को शुरू किया गया था। पिछले तीन दिनों के दौरान इस मंच पर देश और विदेश के कई आईपी पतों से भारी मात्रा में दुर्भावनापूर्ण सुनियोजित साइबर हमले किए गए।

    हमलावरों का मुख्य उद्देश्य इस डिजिटल मंच को अस्थिर करना, आम छात्रों के लिए इसकी पहुंच को रोकना और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ काम करने वाले तत्वों द्वारा अनधिकृत रूप से जानकारी निकालना प्रतीत होता है। हमलों की गंभीरता और बड़े पैमाने को देखते हुए सीबीएसई ने मामले की विस्तृत जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस से संपर्क किया है।

  • Rajnath Singh: युद्ध में बढ़त के लिए ‘आश्चर्य का तत्व’ विकसित करें कमांडर – राजनाथ सिंह

    Rajnath Singh: युद्ध में बढ़त के लिए ‘आश्चर्य का तत्व’ विकसित करें कमांडर – राजनाथ सिंह

    नयी दिल्ली: रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य के बीच भारतीय सेनाओं से भविष्य के युद्धों के लिए पूरी तरह तैयार रहने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि युद्ध में बढ़त बनाए रखने और दुश्मन से आगे रहने के लिए कमांडरों को “आश्चर्य का तत्व” विकसित करना होगा।

    संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य के संघर्ष केवल पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि हाइब्रिड खतरों, साइबर युद्ध, अंतरिक्ष और विद्युतचुंबकीय क्षेत्रों में एक साथ संचालित अभियानों से प्रभावित होंगे। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वायत्त प्रणालियों, डेटा विश्लेषण और सुरक्षित संचार नेटवर्क में क्षमताएं मजबूत करने पर जोर दिया।

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    रक्षा मंत्री ने Operation Sindoor को भारत की त्वरित, सटीक और संयुक्त सैन्य प्रतिक्रिया का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह अभियान भारत की बढ़ती सामरिक क्षमताओं और नए सैन्य दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्ध केवल हथियारों से नहीं बल्कि नवाचारी सोच और बेहतर समन्वय से जीते जाएंगे। उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता, तकनीकी प्रगति और एकीकृत संचालन क्षमता की सराहना की। साथ ही चेतावनी दी कि शत्रु के अप्रत्याशित कदमों से सतर्क रहते हुए हमेशा उससे दो कदम आगे रहना आवश्यक है।

    सम्मेलन के दौरान रक्षा मंत्री ने “ऑपरेशन सिंदूर” पर आधारित एक वृत्तचित्र फिल्म जारी की तथा “विजन 2047” के हिंदी संस्करण और “एकीकृत संचार संरचना के लिए संयुक्त सिद्धांत” का विमोचन भी किया। सम्मेलन में Anil Chauhan, Dinesh Kumar Tripathi, Upendra Dwivedi और A. P. Singh सहित रक्षा मंत्रालय और तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

  • Cyber Security: साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की पहल, UIDAI और NFSU ने मिलाया हाथ!

    Cyber Security: साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की पहल, UIDAI और NFSU ने मिलाया हाथ!

    Cyber Security: देश में साइबर सुरक्षा और डिजिटल फॉरेंसिक को नई मजबूती देने के लिए Unique Identification Authority of India और National Forensic Sciences University ने साझेदारी की है। इस सहयोग का उद्देश्य डिजिटल पहचान इकोसिस्टम को और सुरक्षित बनाना और उभरती तकनीकों में रिसर्च को बढ़ावा देना है।

    5 साल का रणनीतिक समझौता
    Unique Identification Authority of India और National Forensic Sciences University के बीच पांच साल के लिए समझौता किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के डिजिटल इकोसिस्टम, खासकर आधार से जुड़े प्लेटफॉर्म्स की सुरक्षा को और मजबूत करना है।

    किन क्षेत्रों में होगा काम
    इस साझेदारी के तहत डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर सुरक्षा, सूचना सुरक्षा और सिस्टम प्रोटेक्शन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रयास किए जाएंगे। साथ ही फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर और लैब उत्कृष्टता को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

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    उभरती तकनीकों पर खास जोर
    समझौते में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन, डीपफेक डिटेक्शन और क्रिप्टोग्राफी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में रिसर्च शामिल है। इससे भविष्य की साइबर चुनौतियों से निपटने की तैयारी मजबूत होगी।

    छात्रों और प्रोफेशनल्स को लाभ
    इस पहल से NFSU के छात्रों को प्लेसमेंट और इंडस्ट्री एक्सपोजर के बेहतर मौके मिलेंगे। साथ ही प्रोफेशनल्स के लिए भी स्किल डेवलपमेंट और रिसर्च के नए रास्ते खुलेंगे।

    अधिकारियों की मौजूदगी में समझौता
    यह समझौता Vivek Chand Verma और S. O. Junare की मौजूदगी में हुआ। दोनों संस्थाओं ने इसे डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में अहम कदम बताया।

    डिजिटल इंडिया को मिलेगा बल
    अधिकारियों का मानना है कि यह सहयोग भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को और सुरक्षित बनाएगा। साथ ही डिजिटल पहचान प्रणालियों में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने में मदद करेगा।