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  • Thane Weather Update: ठाणे में लगातार तीसरे दिन भी झमा झम बारिश से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, ठंड से कांपे ठाणेवासी !

    Thane Weather Update: ठाणे में लगातार तीसरे दिन भी झमा झम बारिश से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, ठंड से कांपे ठाणेवासी !

    Thane Weather Update: बुधवार सुबह से ठाणे में लगातार बारिश हो रही है। ठाणे आपदा प्रबंधन विभाग ने शाम 6 बजे तक ठाणे में 99.02 मिमी बारिश दर्ज की। रविवार रात से शुरू हुई बारिश सोमवार को और तेज हो गई। सोमवार को 116.83 मिमी बारिश दर्ज की गई और मंगलवार शाम तक 111 मिमी बारिश हुई।

    इसके साथ ही बड़े पैमाने पर भूस्खलन भी हुआ। वहीं, बुधवार को मुंब्रा और शिलफाटा में जलभराव की घटनाएं हुईं और वागले में सुरक्षा दीवारें और पेड़ गिरने की घटनाएं भी हुईं। ठाणे में लगातार तीसरे दिन भी भीषण ठंड पड़ रही है। तीन दिनों से रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो रही है और जमा हुए पानी की भरपाई के संकेत मिल रहे हैं।

    बुधवार को ठाणे के कालवा पारसिक नगर स्थित राज पार्क कॉम्प्लेक्स के 90 फीट रोड पर एक पेड़ चार पहिया वाहन पर गिर गया। मुंब्रा में, एमटीएनएल कंपाउंड, अमृतनगर, मुंब्रा में एक बालकनी का एक हिस्सा गिर गया। इमारत में फंसे चार परिवारों को सुरक्षित निकाला गया। वागले एस्टेट स्थित टीएमटी बस डिपो की सुरक्षा दीवार गिर गई।

    वहीं, शिलफाटा, दोस्ती कॉम्प्लेक्स के सामने, माज़ होटल, अंसारी चौक, श्रीलंका रोड, राशिद कंपाउंड, मोती बाग और हरि निवास सर्कल में भी पेड़ की शाखाएं गिरीं। बुधवार सुबह से ही भारी बारिश शुरू हो गई थी। इस बार सुबह 9:30 बजे तक 5.33 मिमी बारिश हुई। वहीं, सुबह 10:30 बजे तक 16.77 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद बारिश की रफ्तार धीमी हो गई। अंत में, शाम 6 बजे तक ठाणे में 82.76 मिमी बारिश दर्ज की गई।

  • Monsoon Alert: जिले में 2 से 4 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश की संभावना; जिला प्रशासन ने लोगों से अलर्ट रहने की अपील की!

    Monsoon Alert: जिले में 2 से 4 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश की संभावना; जिला प्रशासन ने लोगों से अलर्ट रहने की अपील की!

    Monsoon Alert: भारतीय मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट के 30 जून, 2026 के वेदर बुलेटिन के अनुसार, महाराष्ट्र और उत्तरी केरल तट के बीच एक लो-प्रेशर एरिया (ऑफ-शोर ट्रफ) एक्टिव है और कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के बीच एक मिड-ट्रोपोस्फेरिक ट्रफ फैली हुई है। इस वेदर सिस्टम के असर से, 2 से 4 जुलाई के बीच ठाणे जिले समेत पूरे कोंकण में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

    इस दौरान, जिले में नदियों, नालों और डैम के कैचमेंट एरिया में भारी बारिश की संभावना है और निचले इलाकों में पानी भरने, बाढ़ जैसे हालात और घाट इलाके में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए, लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचना चाहिए और यात्रा करने से पहले सड़कों और ट्रैफिक की लेटेस्ट जानकारी लेकर यात्रा करनी चाहिए।

    अरब सागर में समुद्र की लहरें अभी भी तेज़ रहने की संभावना है, इसलिए तट के किनारे मछुआरों से अगली सूचना तक समुद्र में मछली पकड़ने न जाने की अपील की गई है। किसानों को धान के खेतों और सब्ज़ियों की नर्सरी में ज़्यादा पानी तुरंत निकाल देना चाहिए।

    साथ ही, भारी बारिश के दौरान, जानवरों को सुरक्षित बाड़ों में रखकर ज़रूरी सावधानी बरतनी चाहिए। ज़िला प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग, ज़िला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए गए निर्देशों और चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

  • Thane Orange Alert: ठाणे के विभिन्न इलाकों में पेड़ गिरने से 15 वाहन क्षतिग्रस्त; एक व्यक्ति घायल; 3 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट जारी!

    Thane Orange Alert: ठाणे के विभिन्न इलाकों में पेड़ गिरने से 15 वाहन क्षतिग्रस्त; एक व्यक्ति घायल; 3 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट जारी!

    Thane Orange Alert: जून के अंत में ठाणे में बारिश फिर से ज़ोरों से लौट आई है। सोमवार को रुकी बारिश मंगलवार को पूरे दिन जारी रही। इसके साथ ही इस मौसम में कुल बारिश का रिकॉर्ड 342 मिमी तक पहुंच गया है, जिससे संकेत मिलता है कि पिछले कुछ दिनों की बारिश का संचय हो रहा है।

    हालांकि, इस बारिश के साथ ही शहर में दो पेड़ और दो शाखाएं गिर गईं, जिससे 15 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि एक नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गया। क्षतिग्रस्त वाहनों में ठाणे पुलिस के बम निरोधक दस्ते की एक बस भी शामिल है।

    इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने ठाणे और आसपास के इलाकों के लिए 3 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें बिजली गिरने के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। रविवार रात से शुरू हुई बारिश सोमवार को और तेज हो गई।

    सोमवार को 116.83 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, और मंगलवार शाम तक 70 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके चलते जाम्भाली नाका, जूना मार्केट, वंदना टॉकीज क्षेत्र समेत कई निचले इलाकों में पानी जमा हो गया। पिछले दो दिनों में ठाणे नगर निगम के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ को आग, पेड़-पौधे गिरने, जलभराव, सड़क कटाव आदि से संबंधित 58 शिकायतें प्राप्त हुईं।

    पेड़ और शाखाएं गिरने से 15 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए मंगलवार सुबह प्रशांत कॉर्नर इलाके में वागले एस्टेट पुलिस स्टेशन के पास एक विशाल पेड़ गिर गया। इस हादसे में सड़क किनारे खड़ी ग्यारह गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। इनमें ठाणे पुलिस की बम निरोधक बस, एक टेम्पो, दो कारें, एक तिपहिया वाहन और छह दोपहिया वाहन शामिल थे।

    संत ज्ञानेश्वर नगर निवासी पवन झा (52), जो कार्यालय जा रहे थे, पेड़ गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके अलावा, आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने बताया कि वसंत विहार क्षेत्र में एक पेड़ दो कारों पर गिर गया, जबकि रेमंड क्षेत्र और मानसिक अस्पताल के पास पेड़ की शाखाएं गिर गईं, जिससे दोपहिया और चार पहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

    कादंबरी जंक्शन पर सीमेंट टैंकर पलट गया
    मंगलवार दोपहर लगातार बारिश के बीच, ठाणे के घोड़बंदर रोड की ओर जा रहा एक सीमेंट टैंकर केंदंबरी जंक्शन पर यू-टर्न लेते समय पलट गया। बारिश में भीगते हुए यह टैंकर नागपुर से 50 टन सीमेंट लेकर आ रहा था। ट्रैफिक पुलिस ने तुरंत टैंकर को सीधा किया। कुछ समय तक यातायात की गति धीमी रही।

  • IMD Weather Alert: अगले 24 घंटों में 16 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का खतरा!

    IMD Weather Alert: अगले 24 घंटों में 16 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का खतरा!

    IMD Weather Alert: आईएमडी ने शुक्रवार को देश के विभिन्न राज्यों के लिए खराब मौसम का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान 16 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। इसके चलते लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

    आईएमडी के मुताबिक उत्तर भारत, मध्य भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिलेगा। बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में 2 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

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    मौसम विभाग ने बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने को कहा है। खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। इसका असर आने वाले दिनों में भी देखने को मिल सकता है।

    प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। वहीं किसानों को भी मौसम को देखते हुए फसल और कृषि कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

  • UP Weather Update: उत्तर भारत में आंधी-बारिश का नया दौर, राजस्थान-गुजरात में हीटवेव का अलर्ट

    UP Weather Update: उत्तर भारत में आंधी-बारिश का नया दौर, राजस्थान-गुजरात में हीटवेव का अलर्ट

    नयी दिल्ली: India Meteorological Department ने शुक्रवार को देश के कई हिस्सों के लिए मौसम संबंधी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत में 11 से 14 मई के बीच आंधी-तूफान और तेज हवाओं का नया दौर शुरू हो सकता है। वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।(UP Weather Update)

    मौसम विभाग के अनुसार Jammu and Kashmir, Himachal Pradesh और Uttarakhand में 11 से 14 मई के दौरान बारिश, बिजली कड़कने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विशेष रूप से 12 और 13 मई को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है।

    Punjab, Haryana और Delhi NCR में भी 11 मई की शाम से हल्की बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां शुरू होने के आसार हैं।दक्षिण भारत में Kerala, Tamil Nadu, Puducherry और कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में मानसून पूर्व गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

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    पूर्वी भारत में West Bengal, Bihar और Jharkhand में 8 और 9 मई को 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। दूसरी ओर पश्चिम भारत में गर्मी का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले सात दिनों तक पश्चिमी राजस्थान, सौराष्ट्र और कच्छ में लू चलने की स्थिति बनी रहेगी। Gujarat के कई हिस्सों में भी 9 से 14 मई के बीच भीषण गर्मी पड़ सकती है। पिछले 24 घंटों में Jaisalmer 45.1 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया।

    दिल्ली में अगले तीन दिनों तक आसमान साफ रहने और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने का अनुमान है। 10 मई तक अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि 11 मई की शाम या रात से धूल भरी आंधी और हल्की बारिश से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि ओलावृष्टि और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और बागवानी फसलों को सहारा दें।

  • HIGH ALERT! चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ ने पकड़ी रफ्तार, 35 से ज्यादा उड़ानें रद्द, आंध्र प्रदेश के 19 जिलों में रेड अलर्ट

    HIGH ALERT! चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ ने पकड़ी रफ्तार, 35 से ज्यादा उड़ानें रद्द, आंध्र प्रदेश के 19 जिलों में रेड अलर्ट

    नई दिल्ली। पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में तेजी से सक्रिय हो रहा भीषण चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ अब बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, यह तूफान वर्तमान में मछलीपट्टनम से लगभग 100 किलोमीटर और काकीनाडा से करीब 180 किलोमीटर की दूरी पर है। आईएमडी ने चेतावनी जारी करते हुए आंध्र प्रदेश के 19 जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया है और अगले 24 घंटे में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है।

    35 से अधिक उड़ानें रद्द

    तूफान के असर से हवाई सेवाओं पर भी बड़ा प्रभाव पड़ा है। तेलंगाना के शमशाबाद हवाई अड्डे और आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और राजमुंद्री हवाई अड्डों से संचालित होने वाली 35 से अधिक उड़ानें रद्द की गई हैं। इनमें इंडिगो की 30, एयर इंडिया की 2 और एयर इंडिया एक्सप्रेस की 5 उड़ानें शामिल हैं।

    110 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

    आईएमडी ने चेताया है कि विशाखापत्तनम के तटीय इलाकों में हवा की रफ्तार 90 से 100 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर यह 110 किमी/घंटे तक भी जा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, ‘मोंथा’ उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए आज शाम से रात के बीच मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के तट को पार कर सकता है।

    रेलवे ने बनाई विशेष रणनीति

    रेल मंत्रालय ने भी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सभी जोन को सतर्क कर दिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और गुंटूर मंडलों में ‘वॉर रूम’ सक्रिय कर यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन संचालन पर नजर रखी जाए। मशीनरी, राहत सामग्री और तकनीकी स्टाफ को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

    पड़ोसी राज्यों में भी असर

    ‘मोंथा’ का प्रभाव केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। आईएमडी के मुताबिक, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल और कर्नाटक के कई जिलों में भी भारी बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है। तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, ‘मोंथा’ की गति और दिशा पर अगले 12 घंटे बेहद निर्णायक रहेंगे। यदि इसकी रफ्तार और तीव्रता बढ़ती है, तो आंध्र प्रदेश और आसपास के राज्यों में बड़े पैमाने पर बिजली, संचार और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।