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  • Meteorological Department: अगले सात दिनों में देश के दक्षिणी एवं पूर्वोत्तर हिस्सों में भारी से भारी बारिश; मौसम विभाग ने लगाया अनुमान!

    Meteorological Department: अगले सात दिनों में देश के दक्षिणी एवं पूर्वोत्तर हिस्सों में भारी से भारी बारिश; मौसम विभाग ने लगाया अनुमान!

    Meteorological Department: मौसम विभाग ने शुक्रवार को अनुमान जताया कि अगले सात दिनों में देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर हिस्सों में भारी से भारी बारिश (सात से 20 सेमी) हो सकती है। विभाग के विस्तृत बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी सामान्य गति से आगे बढ़ते हुए आज अरब सागर के मध्य हिस्सों, गोवा, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ और इलाकों के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में प्रवेश कर गया है।

    अगले दो से तीन दिनों के भीतर इसके महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और उत्तर-पूर्वी राज्यों के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। बुलेटिन में विभाग ने बताया कि अगले सात दिनों के दौरान केरल, माहे और कर्नाटक में छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश (7 से 20 सेंटीमीटर) होने का अनुमान है। विशेष रूप से केरल और माहे में छह और सात जून को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    इसके अतिरिक्त असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। दूसरी ओर, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के राज्यों में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का संकट मंडरा रहा है। आज हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में ओले गिरने की आशंका है।

    इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, और पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने का अनुमान है। राजस्थान के क्षेत्रों में धूलभरी आंधी चलने की भी चेतावनी है। देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भी अगले दो दिनों तक बादल छाए रहने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के अनुमान है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। यहां सात जून से मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा और आठ जून को आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा।

    इस मौसमी बदलाव के बीच देश के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप भी बना रहेगा। पिछले 24 घंटों में देश का सबसे अधिक तापमान महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में पांच और छह जून को तीव्र लू चलने की आशंका है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में आठ जून से 11 जून के बीच तथा पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नौ से 11 जून के बीच एक बार फिर भीषण लू चलने की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही ओडिशा में पांच से नौ जून के बीच उमस भरी गर्मी का दौर जारी रहेगा।

    खराब मौसम और समुद्र में उठने वाली तेज लहरों को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को विशेष हिदायत दी है। मछुआरों को पांच से 10 जून के बीच बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। साथ ही नौ जून को ओमान के तट और मध्य-पश्चिम अरब सागर में भी जाने से मना किया गया है। विभाग ने आम जनता को आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने, बिजली के उपकरणों को बंद रखने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने के निर्देश दिए हैं। भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फसलों, बागों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुँचने की आशंका के मद्देनजर किसानों को फसलों से अतिरिक्त जल निकासी सुनिश्चित करने और पशुपालकों को मवेशियों को सुरक्षित शेड में रखने की सलाह दी गई है।

  • Meteorological Department’s Major Update: तय समय से देरी से आएगा मानसून, जून के अंत तक पूरे देश में देगा दस्तक!

    Meteorological Department’s Major Update: तय समय से देरी से आएगा मानसून, जून के अंत तक पूरे देश में देगा दस्तक!

    Meteorological Department’s Major Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के अनुसार, इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने तय समय से थोड़ी देरी से आगे बढ़ रहा है। आमतौर पर मानसून 1 जून को देश में दस्तक दे देता है, लेकिन इस बार इसके 4 जून 2026 को केरल के तटों से टकराने की पूरी संभावना जताई गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवाओं की रफ्तार धीमी होने और वायुमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulations) के कारण मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ी है। हालांकि, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के तटीय इलाकों में प्री-मानसून की गतिविधियां तेज हो चुकी हैं और विभाग ने इन राज्यों में अगले छह से सात दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है।

    अन्य राज्यों में मानसून का सफर और संभावित तारीखें
    केरल में दस्तक देने के बाद मानसून तेजी से देश के अन्य हिस्सों की तरफ बढ़ेगा, जिससे तपती गर्मी से जूझ रहे राज्यों को राहत मिलेगी। वित्तीय राजधानी मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में प्री-मानसून बौछारें शुरू हो चुकी हैं, जिससे तापमान में गिरावट आई है और वहां 5 जून तक तेज आंधी-तूफान का अनुमान है।

    इसके बाद मानसूनी हवाएं मध्य भारत का रुख करेंगी, जहां मध्य प्रदेश में 20 से 22 जून के बीच पहली मानसूनी बारिश होने की उम्मीद है। वहीं, भीषण गर्मी का सामना कर रहे राजस्थान और इसके आस-पास के उत्तर-पश्चिमी राज्यों में जून के आखिरी हफ्ते, यानी 25 से 30 जून के बीच मानसून के पहुंचने की संभावना जताई गई है।

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    मैदानी इलाकों में आंधी-तूफान और भीषण लू की चेतावनी
    जब तक मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं होता, तब तक उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और बिहार जैसे राज्यों में अगले कुछ दिनों तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने, बिजली कड़कने और हल्की बूंदाबांदी होने की आशंका है।

    इसके साथ ही मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जून के शुरुआती दो हफ्तों में उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में लोगों को सामान्य से अधिक दिनों तक भीषण लू (Heat Wave) का सामना करना पड़ सकता है, जिससे दिन का तापमान सामान्य से ऊपर बना रहेगा।

    अल-नीनो का साया और खेती पर इसका असर
    इस साल देश में कुल मानसूनी बारिश के आंकड़ों को लेकर भी मौसम विभाग ने महत्वपूर्ण दीर्घकालिक पूर्वानुमान जारी किया है। भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में ‘अल नीनो’ (El Niño) की स्थिति सक्रिय होने के कारण इस साल देश में औसत से थोड़ी कम बारिश होने का अनुमान लगाया गया है, जो दीर्घकालिक औसत (LPA) का लगभग 92 प्रतिशत रह सकती है।

    कम बारिश का यह अनुमान देश के कृषि क्षेत्र और जलाशयों के जलस्तर के लिए बेहद संवेदनशील है, क्योंकि भारत की अधिकांश खेती पूरी तरह से मानसूनी बारिश पर ही निर्भर करती है। हालांकि, जून के अंत तक देश के एक बड़े हिस्से में बारिश का दौर शुरू होने से किसानों को बुवाई में मदद मिलने की उम्मीद है।

  • Weak Monsoon Alert: कमजोर मानसून से बढ़ सकती है महंगाई, कृषि क्षेत्र पर असर की आशंका

    Weak Monsoon Alert: कमजोर मानसून से बढ़ सकती है महंगाई, कृषि क्षेत्र पर असर की आशंका

    Weak Monsoon Alert: भारत में वर्ष 2026 के दौरान सामान्य से कम मानसून रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार बारिश औसत से कम हो सकती है, जिससे कृषि उत्पादन, खाद्य आपूर्ति और महंगाई पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

    मौसम विभाग के प्रारंभिक आकलन के अनुसार देश के कई हिस्सों में वर्षा सामान्य स्तर से नीचे रह सकती है। मानसून भारतीय अर्थव्यवस्था, विशेषकर कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि देश की बड़ी आबादी खेती और उससे जुड़े व्यवसायों पर निर्भर है।

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    विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश में उल्लेखनीय कमी आती है तो धान, दाल, तिलहन और अन्य खरीफ फसलों के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

    कमजोर मानसून का असर केवल कृषि तक सीमित नहीं रहेगा। जलाशयों में पानी की उपलब्धता, बिजली उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी इससे प्रभावित हो सकती है। सरकार और कृषि विशेषज्ञ किसानों को मौसम के अनुसार फसल प्रबंधन तथा जल संरक्षण के उपाय अपनाने की सलाह दे रहे हैं।

    अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यदि मानसून सामान्य से काफी कमजोर रहता है तो आने वाले महीनों में खाद्य मुद्रास्फीति (Food Inflation) बढ़ सकती है, जिससे महंगाई नियंत्रण की चुनौती और कठिन हो सकती है। ऐसे में सरकार की नजर मानसून की प्रगति और कृषि उत्पादन पर बनी हुई है।

  • IMD Weather Alert: अगले 24 घंटों में 16 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का खतरा!

    IMD Weather Alert: अगले 24 घंटों में 16 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का खतरा!

    IMD Weather Alert: आईएमडी ने शुक्रवार को देश के विभिन्न राज्यों के लिए खराब मौसम का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान 16 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। इसके चलते लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

    आईएमडी के मुताबिक उत्तर भारत, मध्य भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिलेगा। बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में 2 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

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    मौसम विभाग ने बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने को कहा है। खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। इसका असर आने वाले दिनों में भी देखने को मिल सकता है।

    प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। वहीं किसानों को भी मौसम को देखते हुए फसल और कृषि कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

  • UP Weather Update: उत्तर भारत में आंधी-बारिश का नया दौर, राजस्थान-गुजरात में हीटवेव का अलर्ट

    UP Weather Update: उत्तर भारत में आंधी-बारिश का नया दौर, राजस्थान-गुजरात में हीटवेव का अलर्ट

    नयी दिल्ली: India Meteorological Department ने शुक्रवार को देश के कई हिस्सों के लिए मौसम संबंधी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत में 11 से 14 मई के बीच आंधी-तूफान और तेज हवाओं का नया दौर शुरू हो सकता है। वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।(UP Weather Update)

    मौसम विभाग के अनुसार Jammu and Kashmir, Himachal Pradesh और Uttarakhand में 11 से 14 मई के दौरान बारिश, बिजली कड़कने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विशेष रूप से 12 और 13 मई को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है।

    Punjab, Haryana और Delhi NCR में भी 11 मई की शाम से हल्की बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां शुरू होने के आसार हैं।दक्षिण भारत में Kerala, Tamil Nadu, Puducherry और कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में मानसून पूर्व गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

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    पूर्वी भारत में West Bengal, Bihar और Jharkhand में 8 और 9 मई को 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। दूसरी ओर पश्चिम भारत में गर्मी का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले सात दिनों तक पश्चिमी राजस्थान, सौराष्ट्र और कच्छ में लू चलने की स्थिति बनी रहेगी। Gujarat के कई हिस्सों में भी 9 से 14 मई के बीच भीषण गर्मी पड़ सकती है। पिछले 24 घंटों में Jaisalmer 45.1 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया।

    दिल्ली में अगले तीन दिनों तक आसमान साफ रहने और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने का अनुमान है। 10 मई तक अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि 11 मई की शाम या रात से धूल भरी आंधी और हल्की बारिश से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि ओलावृष्टि और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और बागवानी फसलों को सहारा दें।