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  • MSME Pride Walkathon 2026: उद्यमियों, नवाचारकों और युवाओं ने विकसित भारत 2047 के संकल्प को दी नई ऊर्जा!

    MSME Pride Walkathon 2026: उद्यमियों, नवाचारकों और युवाओं ने विकसित भारत 2047 के संकल्प को दी नई ऊर्जा!

    MSME Pride Walkathon 2026: अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2026 के अवसर पर इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) दिल्ली ने करनैल सिंह स्टेडियम में “एमएसएमई प्राइड वॉकाथॉन 2026” का आयोजन किया। “गुणवत्ता, नवाचार, उद्यमिता और रोजगार के लिए साथ-साथ चलें” विषय पर आधारित इस कार्यक्रम का उद्देश्य उद्यमिता को बढ़ावा देना और विकसित भारत 2047 के विजन को जन-आंदोलन का रूप देना रहा।

    भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के सहयोग से आयोजित इस वॉकाथॉन में अटल इन्क्यूबेशन सेंटर-जेएनयू, बनारसीदास चांदीवाला इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, जम्मू-कश्मीर बैंक, रन एंड रैली क्लब तथा अचीवर्स स्क्वॉड सहित कई संस्थाओं ने सहभागिता निभाई।

    आईआईए दिल्ली की स्टेट चेयरपर्सन डॉ. ममतामयी प्रियदर्शिनी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि, स्टार्टअप संस्थापक, नवाचारक, शिक्षाविद, छात्र, गुणवत्ता विशेषज्ञ और नीति निर्माता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाकर नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन के माध्यम से विकसित भारत 2047 के संकल्प को गति देना था।

    राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। स्वागत संबोधन में डॉ. ममतामयी प्रियदर्शिनी ने कहा कि एमएसएमई केवल व्यावसायिक इकाइयां नहीं, बल्कि देश के आर्थिक और सामाजिक विकास की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने युवाओं से नौकरी खोजने के बजाय रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्यमी बनने की अपील की।

    मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं बिहार विधान परिषद सदस्य डॉ. संजय मयूख ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और यह रोजगार सृजन, नवाचार तथा राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान दे रहा है। उन्होंने युवाओं और उद्यमियों से भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान उद्योग, सामाजिक सेवा, स्वास्थ्य, स्टार्टअप मार्गदर्शन और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित भी किया गया।

  • MEDIN EXPO Chennai 2026: मेडिन एक्सपो चेन्नई 2026 में लेबोलिट को मिला सम्मान, उमा साइंटिफ़िक ने बढ़ाया भारतीय लैब उपकरण उद्योग का गौरव

    MEDIN EXPO Chennai 2026: मेडिन एक्सपो चेन्नई 2026 में लेबोलिट को मिला सम्मान, उमा साइंटिफ़िक ने बढ़ाया भारतीय लैब उपकरण उद्योग का गौरव

    MEDIN EXPO Chennai 2026: देश की अग्रणी पैथालॉजी प्रयोगशाला उपकरण निर्माता कंपनी लेबोलिट, जो उमा साईंटिकफिक द्वारा संचालित है, को मेडिन एक्सपो चेन्नई 2026में उत्कृष्ट प्रदर्शन और नवाचारपूर्ण प्रयोगशाला समाधानों के लिए सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि कंपनी के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय वैज्ञानिक एवं पैथालॉजी प्रयोगशाला उपकरण उद्योग के लिए भी गर्व का विषय है।

    प्रदर्शनी के दौरान लेबोलिट के स्टॉल पर बड़ी संख्या में देश ही नहीं अपितु विदेश के पैथालॉजी प्रयोगशाला विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं व्यवसायिक आगंतुकों ने पहुंचकर कंपनी के उत्पादों और तकनीकी नवाचारों की सराहना की। कंपनी ने अपने उन्नत माईक्रोपाईपेट्टस,मल्टीचैनल, टाप्स, डिसपेंसर सहित विभिन्न प्रयोगशाला उपकरणों का प्रदर्शन किया, जिन्हें आगंतुकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई।

    कंपनी प्रबंधन ने इस सम्मान को अपने ग्राहकों, व्यापारिक सहयोगियों और शुभचिंतकों के विश्वास एवं सहयोग का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि LABOLIT का उद्देश्य भारतीय पैथालॉजी प्रयोगशालाओं को विश्वस्तरीय गुणवत्ता के उपकरण उपलब्ध कराना है, जिससे वैज्ञानिक अनुसंधान और परीक्षण कार्यों को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

    LABOLIT – Pulse of World Sciences के संकल्प के साथ कंपनी लगातार नवाचार, गुणवत्ता और ग्राहक संतुष्टि के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रही है। MEDIN EXPO Chennai 2026 में प्राप्त यह सम्मान कंपनी की बढ़ती प्रतिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण है। कंपनी के संस्थापक एवं निदेशक शुभम पांडेय ने इस अवसर पर कहा, “यह सम्मान केवल LABOLIT का नहीं, बल्कि भारतीय मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, नवाचार और गुणवत्ता के प्रति हमारे संकल्प का सम्मान है।

    आगे उन्होंने कहा हमारा लक्ष्य ‘Made in India’ उत्पादों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना है। हम ऐसे वैज्ञानिक उपकरण विकसित कर रहे हैं जो गुणवत्ता, सटीकता और विश्वसनीयता के अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरें। आने वाले वर्षों में LABOLIT को वैश्विक प्रयोगशाला उपकरण उद्योग के अग्रणी ब्रांडों में शामिल करना हमारा संकल्प है।” इस अवसर पर LABOLIT एवं UMA SCIENTIFIC की पूरी टीम को उद्योग जगत एवं शुभचिंतकों द्वारा बधाइयाँ दी गईं ।

  • Jitin Prasada: सेमीकंडक्टर और एआई मिशन भारत में नवाचार आधारित विकास को दे रहे नई गति

    Jitin Prasada: सेमीकंडक्टर और एआई मिशन भारत में नवाचार आधारित विकास को दे रहे नई गति

    Jitin Prasada: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री Jitin Prasada ने कहा है कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन और इंडिया एआई मिशन जैसी पहलें देश में अनुसंधान, विनिर्माण और नवाचार आधारित आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने, कारोबार में सुगमता बढ़ाने और उन्नत तकनीकों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

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    सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के 35वें स्थापना दिवस पर आयोजित ‘एसटीपीआई टेक समिट 2026: इंडियाज़ नेक्स्ट लीप’ को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि पिछले 35 वर्षों में एसटीपीआई ने भारत को वैश्विक डिजिटल शक्ति बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश नवाचार, उद्यमिता और तकनीकी आत्मनिर्भरता पर आधारित डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा एसटीपीआई जैसे संस्थान स्टार्टअप्स और उभरती तकनीकों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

    कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन और एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार ने भी तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और आईटी निर्यात में एसटीपीआई की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर एसटीपीआई की 35 वर्ष की यात्रा पर आधारित स्मारक संकलन जारी किया गया, अग्रणी आईटी निर्यातकों को सम्मानित किया गया तथा नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए वाधवानी फाउंडेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान भी किया गया।

  • Women in Tech Accelerator Program: महिला टेक उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए बीएमयू की नई पहल!

    Women in Tech Accelerator Program: महिला टेक उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए बीएमयू की नई पहल!

    Women in Tech Accelerator Program: प्रौद्योगिकी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को मजबूत बनाने के उद्देश्य से BML Munjal University ने ‘वूमेन इन टेक एक्सेलेरेटर प्रोग्राम’ की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य महिला उद्यमियों को मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और निवेशकों तक पहुंच उपलब्ध कराकर उनके स्टार्टअप्स को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।

    राजधानी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर दविंदर सिंह ने कहा कि महिलाएं आज विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार आधारित समाधान विकसित कर रही हैं। यह 12 सप्ताह का कार्यक्रम उन्हें व्यवसाय विस्तार, निवेश जुटाने और बाजार में मजबूत पहचान बनाने में मदद करेगा।

    यह कार्यक्रम स्टार्टअप प्लेटफॉर्म IdeaBaaz के सहयोग से शुरू किया गया है। चयनित स्टार्टअप्स को लोकप्रिय शो ‘आइडियाबाज़ सीज़न 2’ में अपने बिजनेस आइडिया देश के प्रमुख निवेशकों और व्यापक दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

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    कार्यक्रम में NITI Aayog की मुख्य आर्थिक सलाहकार और वूमेन एंटरप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म की मिशन निदेशक Anna Roy भी शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि महिला उद्यमिता को केवल चर्चा का विषय नहीं, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार बनना चाहिए।

    पहले बैच में पांच महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को शामिल किया गया है, जो पर्यावरण, हेल्थकेयर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में तकनीकी नवाचारों पर काम कर रहे हैं।

    विश्वविद्यालय के अनुसार, ‘आइडियाबाज़’ के पहले सीजन में 86 स्टार्टअप्स ने भाग लिया था और उन्हें कुल 41 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ था। वहीं, बीएमयू का प्रोपेल इन्क्यूबेटर पिछले पांच वर्षों में 110 से अधिक स्टार्टअप्स का समर्थन कर चुका है, जिन्होंने 110 करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग जुटाई है।

    इस पहल को महिला उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है, जो उन्हें तकनीक आधारित व्यवसायों में आगे बढ़ने और निवेशकों से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।

  • 2026 Vision AI TV Series: सैमसंग ने लॉन्च की 2026 विज़न एआई टीवी सीरीज!

    2026 Vision AI TV Series: सैमसंग ने लॉन्च की 2026 विज़न एआई टीवी सीरीज!

    2026 Vision AI TV Series: सैमसंग ने अपना नया 2026 विज़न एआई टीवी लाइनअप लॉन्च किया है, जिसमें माइक्रो आरजीबी, ओएलईडी, नियो क्यूएलईडी, द फ्रेम, मिनी एलईडी और यूएचडी टीवी शामिल हैं। कंपनी ने सभी मॉडलों में एआई फीचर्स को और बेहतर बनाया है, जिससे यूजर्स को शानदार पिक्चर, बेहतर साउंड और पर्सनलाइज्ड व्यूइंग एक्सपीरियंस मिलेगा।

    विप्लेश डांग ने कहा कि नए विज़न एआई टीवी भारतीय ग्राहकों के लिए मल्टीलिंगुअल सपोर्ट, लोकल कंटेंट प्लेटफॉर्म्स और ऊर्जा-कुशल तकनीक के साथ बेहतर अनुभव देंगे।

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    नई सीरीज में एआई अपस्केलिंग प्रो, कलर बूस्टर प्रो, एआई सॉकर मोड और एआई साउंड कंट्रोलर प्रो जैसे स्मार्ट फीचर्स दिए गए हैं, जो फिल्मों, स्पोर्ट्स और गेमिंग के अनुभव को और बेहतर बनाते हैं।

    कंपनी ने भारत में पहली बार माइक्रो आरजीबी टीवी भी पेश किए हैं, जो 55 इंच से 115 इंच तक के साइज में उपलब्ध होंगे। इसके अलावा नई ओएलईडी सीरीज में S95H, S90H और S85H मॉडल शामिल हैं।

    यह नई टीवी रेंज रिटेल स्टोर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। लॉन्च ऑफर में ग्राहकों को फ्री साउंडबार, कैशबैक और आसान ईएमआई की सुविधा भी दी जा रही है।

  • IIT Roorkee Agreements: आईआईटी रुड़की ने किये उन्नत लिथियम-आयन बैटरी इलेक्ट्रोड टेक्नोलॉजी के दो समझौतों पर किये हस्ताक्षर!

    IIT Roorkee Agreements: आईआईटी रुड़की ने किये उन्नत लिथियम-आयन बैटरी इलेक्ट्रोड टेक्नोलॉजी के दो समझौतों पर किये हस्ताक्षर!

    IIT Roorkee Agreements: उत्तराखंड के रुड़की स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) ने देश के उन्नत ऊर्जा भंडारण एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में शुक्रवार को प्रोफेसर अंजन सिल द्वारा विकसित अभिनव लिथियम-आयन बैटरी इलेक्ट्रोड प्रौद्योगिकियों के लिए दो प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

    दोनों प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते देश के उन्नत ऊर्जा भंडारण पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दोनों प्रौद्योगिकियों का आगे के विकास एवं व्यावसायीकरण के लिए कैथियन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को हस्तांतरण किया गया है। रिचार्जेबल लिथियम-आयन बैटरी में उच्च शक्ति एवं उच्च ऊर्जा अनुप्रयोग के लिए एक नवीन इलेक्ट्रोड कॉम्पोजिट और लिथियम-आयन बैटरी हेतु एक उच्च-प्रदर्शन कॉम्पोजिट इलेक्ट्रोड नामक ये दो टेक्नोलॉजी इस समझौतों में शामिल हैं।

    इस अवसर पर दोनों टेक्नोलॉजी के आविष्कारक प्रोफेसर सिल ने कहा कि इन टेक्नोलॉजी का हस्तांतरण प्रयोगशाला-स्तरीय अनुसंधान को प्रभावशाली औद्योगिक अनुप्रयोगों में परिवर्तित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य उन्नत इलेक्ट्रोड सामग्रियों का विकास करना रहा है, जो उच्च-प्रदर्शन एवं विश्वसनीय ऊर्जा भंडारण प्रणालियों की बढ़ती मांग को पूरा कर सकें।

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    कैथियन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. हरि राज ने इस सहयोग पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हमें इन उन्नत लिथियम-आयन बैटरी प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण के लिए आईआईटी रुड़की के साथ सहयोग करके प्रसन्नता हो रही है। इन नवाचारों में बैटरी प्रदर्शन को बेहतर बनाने तथा तीव्र गति से विकसित हो रहे ऊर्जा भंडारण एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्षेत्रों को समर्थन देने की मजबूत क्षमता है।

    इस संदर्भ में आईआईटी के प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श (एसआरआईसी) के अधिष्ठाता प्रोफेसर विवेक के. मलिक ने बताया कि प्रौद्योगिकी हस्तांतरण आईआईटी रुड़की के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण घटक है। ऐसे सहयोग अत्याधुनिक अनुसंधान को वास्तविक समाधान में परिवर्तित करने में सहायक होते हैं तथा औद्योगिक प्रगति एवं राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

    निदेशक आईआईटी प्रोफेसर कमल के. पंत ने कहा कि आईआईटी रुड़की प्रभावशाली अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा उद्योग–शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन बैटरी प्रौद्योगिकियों का हस्तांतरण रणनीतिक एवं उभरते क्षेत्रों में नवाचार को समर्थन देने के प्रति संस्थान के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।

    उल्लेखनीय है कि ये प्रौद्योगिकियां रिचार्जेबल लिथियम-आयन बैटरियों के विद्युत-रासायनिक प्रदर्शन, ऊर्जा घनत्व, चार्जिंग क्षमता तथा समग्र दक्षता को बढ़ाने पर केंद्रित हैं। इन नवाचारों से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक्स तथा नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुशल एवं सतत ऊर्जा भंडारण समाधानों की बढ़ती मांग को पूरा करने में सहायता मिलने की अपेक्षा है।

  • YouthCon 2026: ‘यूकॉन 2026’ में क्लीरनेट को मिला विशेष सम्मान, नवाचार और नेतृत्व के लिए हुई सराहना!

    YouthCon 2026: ‘यूकॉन 2026’ में क्लीरनेट को मिला विशेष सम्मान, नवाचार और नेतृत्व के लिए हुई सराहना!

    YouthCon 2026: क्लीरनेट को कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में आयोजित यूथकॉन 2026 में “डिजिटल सीएमई के माध्यम से चिकित्सा शिक्षण में क्रांतिकारी बदलाव” लाने के लिए सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम का आयोजन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जूनियर डॉक्टर्स नेटवर्क द्वारा किया गया, जिसमें 300 से अधिक प्रतिनिधि ऑफलाइन और 700 डॉक्टर ऑनलाइन क्लीरनेट प्लेटफॉर्म के माध्यम से जुड़े।

    क्लीरनेट ने बताया कि उसका नेटवर्क अब वैश्विक स्तर पर 6.5 लाख से अधिक हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स तक पहुंच चुका है। साथ ही, इसके सीएमई कार्यक्रमों और क्लिनिकल लर्निंग पहलों में डॉक्टरों की भागीदारी में 25 से 35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

    क्लीरनेट के सह-संस्थापक सौरव कासेरा ने कहा कि यह सम्मान डिजिटल और सुलभ चिकित्सा शिक्षण के बढ़ते महत्व को दर्शाता है तथा कंपनी डॉक्टरों के लिए विश्वसनीय और तकनीक-आधारित लर्निंग इकोसिस्टम विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।