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  • Combat Ebola Infection: नड्डा ने इबोला संक्रमण से निपटने की तैयारियों और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की!

    Combat Ebola Infection: नड्डा ने इबोला संक्रमण से निपटने की तैयारियों और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की!

    Combat Ebola Infection: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने अफ्रीका के कुछ हिस्सों में हाल ही में सामने आए इबोला विषाणु संक्रमण के प्रकोप के मद्देनजर देश में इससे निपटने और एहतियाती उपायों की यहां सोमवार को समीक्षा की। भारत में इबोला संक्रमण का अभी तक मामला सामने नहीं आया है।

    समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव, आईसीएमआर के महानिदेशक, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस), अतिरिक्त सचिव (सार्वजनिक स्वास्थ्य), निदेशक, एनसीडीसी और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस बैठक में केंद्र सरकार ने अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक प्रतिक्रिया उपायों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है और सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिये गये है।

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने परामर्श में कहा है कि कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में बदलती स्थिति और विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिशों को देखते हुए, सभी भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक इन देशों की अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इस प्रकोप को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईआईसी) घोषित किया है और अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (अफ्रीका सीडीसी) ने इसे महाद्वीपीय सुरक्षा का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईसीएस) घोषित किया है।

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    गौरतलब है कि कांगो में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की निगरानी बढ़ाने के बाद इस देश में अब तक इबोला के 900 से अधिक संदिग्ध मामलों की पहचान की गयी है। इस प्रकोप का मुख्य केंद्र इटुरी प्रांत है, जहां पहले से ही करीब 50 लाख लोग लगातार जारी हिंसक संघर्ष में फंसे हुए हैं। इस वजह से शुरुआती दौर में मामले की पहचान करना मुश्किल हो गया है और संकट गहरा गया है।

    डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा करते हुए लिखा, “एक्टिव केस-खोज अभियानों के कारण कांगों में इबोला के कुल 904 संदिग्ध मामले सामने आये हैं। इनमें प्रयोगशाला की ओर से पुष्ट किये गये 101 संक्रमण के मामले भी शामिल हैं।” डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रकोप का मुख्य केंद्र इटुरी प्रांत है, जहां पहले से ही करीब 50 लाख लोग लगातार जारी हिंसक संघर्ष में फंसे हैं।

    उन्होंने कहा कि इस कारण महत्वपूर्ण स्वास्थ्य और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं सहित हजारों लोगों को पलायन करना पड़ा है। टेड्रोस के अनुसार, मौजूदा असुरक्षा और डर की वजह से प्रभावित समुदायों में गहरा अविश्वास पैदा हो गया है। इस माहौल ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रयासों को गंभीर रूप से बाधित किया है। इससे संक्रमितों के संपर्क में आये लोगों का पता लगाने और शुरुआती दौर में संक्रमण की पहचान का काम बेहद मुश्किल हो गया है।

    कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि तीन प्रभावित प्रांतों में इस घातक वायरस के कारण 204 लोगों की मौत हो चुकी है। डब्ल्यूएचओ ने 16 मई को बुंडिबुग्यो इबोला वायरस स्ट्रेन के कारण फैले इस प्रकोप को ‘अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ (पीएचईआईसी) घोषित किया था।

    इबोला एक अत्यंत घातक और संक्रामक वायरल बीमारी है, जिसके कारण गंभीर रक्तस्राव (हेमोरेजिक बुखार) और अंगों का खराब होना होता है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थों (खून, लार, पसीना आदि) के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। अभी तक इसका कोई टीका या दवा नहीं है जिसकी वजह से यह जानलेवा साबित हो रहा है।

  • Electricity Theft in Bhiwandi: भिवंडी में 6.10 लाख की बिजली चोरी पकड़ी गई, दो लोगों पर मामला दर्ज!

    Electricity Theft in Bhiwandi: भिवंडी में 6.10 लाख की बिजली चोरी पकड़ी गई, दो लोगों पर मामला दर्ज!

    Electricity Theft in Bhiwandi: शांतीनगर थाना क्षेत्र के काल्हेर इलाके में बिजली चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। टोरेन्ट पावर कंपनी की जांच में करीब 6.10 लाख रुपये की बिजली चोरी पकड़ी गई, जिसके बाद दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस के अनुसार, काल्हेर स्थित टेलीफोन एक्सचेंज के पास रहने वाले पैरीस प्रकाश पाटील और आदेश प्रकाश पाटील ने अवैध तरीके से बिजली कनेक्शन लेकर बिजली का उपयोग किया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ट्रांसफॉर्मर से सीधे तीन वायर जोड़कर बिना मीटर बिजली इस्तेमाल की।

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    बताया गया कि फरवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच आरोपियों ने करीब 24,290 यूनिट बिजली का अवैध उपयोग किया, जिससे कंपनी को 6,10,523 रुपये का नुकसान हुआ।

    शांतीनगर पुलिस ने विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक अरुण घोलप कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी फिलहाल फरार हैं।

  • ₹10 Crore Scam: सुरक्षा रक्षक पंजीकरण में ₹10 करोड़ के घोटाले का आरोप, ACB जांच की मांग से मचा हड़कंप!

    ₹10 Crore Scam: सुरक्षा रक्षक पंजीकरण में ₹10 करोड़ के घोटाले का आरोप, ACB जांच की मांग से मचा हड़कंप!

    ₹10 Crore Scam: मीरा-भाईंदर महानगरपालिका और सुरक्षा रक्षक मंडल (बृहन्मुंबई एवं ठाणे जिला) के माध्यम से सुरक्षा रक्षकों के पंजीकरण प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, आर्थिक अनियमितता और न्यायालय को गुमराह करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस मामले में सुरक्षा रक्षक मंडल के अध्यक्ष अशोक डोके सहित संबंधित अधिकारियों की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से विस्तृत जांच कराने की मांग सामाजिक कार्यकर्ता तथा फाइट फॉर राइट फाउंडेशन के अध्यक्ष विनोद पांडुरंग घोलप ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, श्रम मंत्री आकाश फुंडकर और श्रम विभाग के प्रधान सचिव को लिखित शिकायत देकर की है।

    शिकायत के अनुसार, 4 अप्रैल 2022 को मीरा-भाईंदर महानगरपालिका के तत्कालीन उपायुक्त मारुति पांडुरंग गायकवाड ने मे. सैनिक इंटेलिजेंस सिक्युरिटी प्रा. लि. नामक ठेकेदार कंपनी के माध्यम से कार्यरत सुरक्षा रक्षकों के पंजीकरण के लिए पत्र जारी किया था। हालांकि, संबंधित सुरक्षा रक्षक वास्तव में कहां, कितने समय से और किस विभाग में कार्यरत थे, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगाया गया है।

    मामले का सबसे गंभीर पहलू यह बताया गया है कि उच्च न्यायालय में केवल 161 सुरक्षा रक्षकों के पंजीकरण से संबंधित याचिका लंबित होने के बावजूद लगभग 490 अतिरिक्त सुरक्षा रक्षकों का पंजीकरण किए जाने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने इसे न्यायालय के आदेश की अवमानना और प्रशासन द्वारा न्यायालय को गुमराह करने का मामला बताया है।

    शिकायत में आगे कहा गया है कि न्यायालय में दायर शपथपत्र में तत्कालीन उपायुक्त मारुति गायकवाड ने लगभग 650 सुरक्षा रक्षकों की कोई जानकारी महानगरपालिका के पास उपलब्ध नहीं होने की बात कही थी, जबकि इससे पहले उन्हीं अधिकारियों द्वारा पंजीकरण के लिए अनुशंसा पत्र जारी किया गया था। इससे शासन और न्यायालय को विरोधाभासी जानकारी देने का आरोप और गंभीर हो गया है।

    इसके अलावा, संबंधित सुरक्षा रक्षकों से पंजीकरण खर्च के नाम पर ₹1 लाख से ₹1.50 लाख तक की राशि अग्रिम कर्ज के रूप में लेकर उनके वेतन से कटौती किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने इसे सुरक्षा रक्षकों के आर्थिक शोषण और बड़े स्तर के भ्रष्टाचार का संकेत बताया है।

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    वहीं सुरक्षा रक्षक मंडल के निरीक्षक द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में संबंधित 650 सुरक्षा रक्षकों को पिछले 15 वर्षों से कार्यरत बताते हुए उनके पंजीकरण पर कोई आपत्ति नहीं होने की बात कही गई है। हालांकि शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह जानकारी वास्तविकता से मेल नहीं खाती और शासन व न्यायालय को गुमराह करने के उद्देश्य से गलत जानकारी प्रस्तुत की गई है।

    उल्लेखनीय है कि तत्कालीन उपायुक्त मारुति गायकवाड बाद में नवी मुंबई महानगरपालिका में कार्यरत रहते हुए भ्रष्टाचार के एक मामले में ACB द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इससे पूरे प्रकरण में संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल और गहरे हो गए हैं।

    शिकायतकर्ता विनोद घोलप ने इस पूरे मामले में ₹10 करोड़ से अधिक के आर्थिक घोटाले का दावा करते हुए अवैध पंजीकरण तत्काल रद्द करने, सुरक्षा रक्षकों से वसूली गई राशि वापस करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।

    इन आरोपों के बाद मीरा-भाईंदर महानगरपालिका और सुरक्षा रक्षक मंडल का कामकाज एक बार फिर विवादों में आ गया है। अब राज्य सरकार इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएगी या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। “यदि सुरक्षा रक्षकों को न्याय नहीं मिला तो तीव्र जन आंदोलन किया जाएगा,” ऐसा इशारा शिकायतकर्ता विनोद घोलप ने दिया है।

  • NEET Exam 2026: सरकार से आर्थिक सहायता पाने के इरादे से लगाए गए झूठे आरोप: सेंगर

    NEET Exam 2026: सरकार से आर्थिक सहायता पाने के इरादे से लगाए गए झूठे आरोप: सेंगर

    NEET Exam 2026: NEET परीक्षा 2026, जो मेडिकल प्रवेश के लिए देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, इन दिनों राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रश्नपत्र लीक होने के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया और मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है।

    इसी बीच कुछ छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि परीक्षा रद्द होने के सदमे में छात्रों ने यह कदम उठाया। हालांकि महाराष्ट्र करणी सेना के प्रमुख अजय सिंह सेंगर ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि इन आत्महत्याओं का कारण NEET परीक्षा रद्द होना नहीं था।

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    सेंगर का आरोप है कि अधिकांश मामलों में आत्महत्या के पीछे व्यक्तिगत कारण, जैसे प्रेम संबंधों में तनाव या दिल टूटने जैसी परिस्थितियाँ जिम्मेदार थीं। उन्होंने दावा किया कि कुछ परिजन सरकार से आर्थिक सहायता प्राप्त करने के उद्देश्य से परीक्षा रद्द होने को कारण बताकर झूठे आरोप लगा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच करनी चाहिए तथा यदि किसी प्रकार के भ्रामक दावे सामने आते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। सेंगर ने यह भी सुझाव दिया कि पुलिस और जांच एजेंसियां मृतक छात्रों एवं उनके परिजनों के कॉल रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों की जांच कर आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगा सकती हैं।

    करणी सेना प्रमुख ने विपक्षी दलों पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतें इन घटनाओं का इस्तेमाल कर केंद्र सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं। सेंगर ने मांग की कि इन आत्महत्या के मामलों की भी सीबीआई अथवा किसी विशेष जांच दल से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

  • Canine Bailey Passes Away: ठाणे ग्रामीण पुलिस व सरकार ने प्रशिक्षित कुतिया ‘बेली’ को श्रद्धांजलि अर्पित की!

    Canine Bailey Passes Away: ठाणे ग्रामीण पुलिस बल की प्रशिक्षित कुतिया ‘बेली’, जिसने अपराधों के सुराग ढूंढकर कई जांच अभियानों में पुलिस की बहुत मदद की थी, आखिरकार चल बसी। अनुमान है कि उसकी मौत लू लगने से हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट जल्द ही सामने आएगी। सोमवार दोपहर को वागले एस्टेट इलाके में राजकीय सम्मान के साथ उसे अंतिम विदाई दी गई। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भावुक वातावरण में उसे श्रद्धांजलि अर्पित की।

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    बेली, जो ठाणे ग्रामीण डॉग स्क्वाड में कार्यरत हैं, पिछले 9 वर्षों से विभिन्न अपराधों की जांच में सक्रिय रही हैं। गंभीर अपराधों की जांच, आरोपियों का पता लगाने और अपराध स्थल से सबूत जुटाने में उनका विशेष योगदान रहा है। पुलिस के अनुसार, बेली ने 13 से 14 गंभीर अपराधों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा, उन्होंने सौ से अधिक जांच अभियानों में पुलिस का मार्गदर्शन किया है।

    नौ साल की उम्र में, बेली ने रविवार को ड्यूटी से लौटने के बाद अंतिम सांस ली। वह पुलिस बल के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सिर्फ एक कुत्ता ही नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद साथी भी थी। इस अवसर पर कहा गया कि कई कठिन अभियानों में उसने जो भूमिका निभाई, उसे पुलिस हमेशा याद रखेगी। बेली की मृत्यु के बाद पुलिस बल में शोक का माहौल है और उसकी सेवा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राजकीय अंतिम संस्कार किया गया।

  • Sikkim Visit: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कल तीन दिवसीय सिक्किम दौरे पर होंगी रवाना

    Sikkim Visit: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कल तीन दिवसीय सिक्किम दौरे पर होंगी रवाना

    Sikkim Visit: राष्ट्रपति Droupadi Murmu सोमवार को तीन दिन की आधिकारिक यात्रा पर Sikkim के लिए रवाना होंगी। इस दौरान वह राज्य के विभिन्न सरकारी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी तथा कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं और आयोजनों में शामिल होंगी।

    राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सिक्किम प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। उनके स्वागत के लिए राजधानी गंगटोक समेत विभिन्न क्षेत्रों में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

    यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु राज्य सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेंगी और शिक्षा, संस्कृति तथा विकास से जुड़े मुद्दों पर संबोधन भी कर सकती हैं। इसके अलावा वह स्थानीय प्रतिनिधियों, अधिकारियों और विभिन्न संगठनों के सदस्यों से मुलाकात करेंगी।

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    राष्ट्रपति के इस दौरे को सिक्किम के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे राज्य की पर्यटन, सांस्कृतिक और विकास गतिविधियों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

    राज्य प्रशासन के अनुसार, राष्ट्रपति की यात्रा को शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एयरपोर्ट, प्रमुख मार्गों और कार्यक्रम स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

    राष्ट्रपति मुर्मु के दौरे के दौरान कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और स्थानीय परंपराओं से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें सिक्किम की समृद्ध संस्कृति और विरासत की झलक देखने को मिलेगी।

  • Twisha Sharma case: विकास पाहवा ने ट्विशा शर्मा मामले में ‘मीडिया ट्रायल’ के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का किया स्वागत!

    Twisha Sharma case: विकास पाहवा ने ट्विशा शर्मा मामले में ‘मीडिया ट्रायल’ के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का किया स्वागत!

    Twisha Sharma case: वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा ने सोमवार को ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह आदेश सार्वजनिक दबाव और मीडिया द्वारा गढ़ी गयी कहानियों से मुक्त, निष्पक्ष और तटस्थ आपराधिक जांच के महत्व को और मज़बूत करता है।

    पाहवा ने कहा कि न्यायालय ने जांच में जनता का भरोसा बनाए रखने और कानूनी प्रक्रिया की गरिमा की रक्षा करने के बीच एक संतुलन बनाया है। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत ने इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति के दोषी होने या निर्दोष होने पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

    पाहवा ने “मीडिया ट्रायल” के खिलाफ उच्चतम न्यायालय की चेतावनी पर कहा कि आपराधिक मामले तेज़ी से सार्वजनिक तमाशे बनते जा रहे हैं, जहाँ सबूतों की ठीक से जांच किए जाने से पहले ही आरोप और निष्कर्ष बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा माहौल आरोपी के अधिकारों को नुकसान पहुँचा सकता है और गवाहों, जांचकर्ताओं तथा न्याय के समग्र प्रशासन पर बुरा असर डाल सकता है।

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    अदालत की टिप्पणियों का ज़िक्र करते हुए पाहवा ने कहा कि शीर्ष अदालत ने मीडिया, परिवार के सदस्यों, आरोपियों और आम जनता सहित सभी संबंधित पक्षों को याद दिलाया है कि बयान जांच एजेंसियों के सामने दिए जाने चाहिए, न कि टेलीविज़न बहसों या सार्वजनिक अभियानों के ज़रिए। उन्होंने कहा कि जांच को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का कदम संस्थागत भरोसे को बहाल करने और इस मामले में एक स्वतंत्र तथा निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया प्रतीत होता है।

    पाहवा ने कहा कि इस आदेश से संवेदनशील आपराधिक मामलों में ज़िम्मेदार रिपोर्टिंग पर एक व्यापक राष्ट्रीय बहस शुरू होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बोलने की आज़ादी और प्रेस की आज़ादी के साथ यह कर्तव्य भी जुड़ा है कि न्याय की प्रक्रिया में कोई दखल न दिया जाए। उन्होंने कहा, “एक युवती की दुर्भाग्यपूर्ण मौत एक निष्पक्ष, तटस्थ और पेशेवर जांच की हकदार है।” उन्होंने कहा कि यह उद्देश्य तभी हासिल किया जा सकता है जब संस्थाओं को सनसनीखेज़पन या बाहरी दबाव के बिना काम करने दिया जाए।