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  • Ramakant Gupta’s Birthday: बेस्ट कमिटी सदस्य रमाकांत गुप्ता का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया

    Ramakant Gupta’s Birthday: बेस्ट कमिटी सदस्य रमाकांत गुप्ता का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया

    Ramakant Gupta’s Birthday: बेस्ट कमिटी के नव निर्वाचित सदस्य रमाकांत गुप्ता का जन्मदिन रविवार को भाजपा के महाराष्ट्र मुख्यालय में उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समाजसेवकों, पत्रकारों, उद्यमियों तथा उनके शुभचिंतकों ने उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके सामाजिक एवं जनसेवा कार्यों की सराहना की।

    रमाकांत गुप्ता को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक समर्पित एवं जुझारू कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है। वे न केवल संगठन के प्रति समर्पित हैं, बल्कि विभिन्न समाजों और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए भी हमेशा आगे रहते हैं। उनकी सहयोगी एवं सेवाभावी कार्यशैली के कारण राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी भी उनकी प्रशंसा करने से स्वयं को नहीं रोक पाते।

    जन्मदिन समारोह में भाजपा महाराष्ट्र मुख्यालय के कार्यालय प्रभारी मुकुंद कुलकर्णी और महाराष्ट्र के मीडिया प्रभारी ओम प्रकाश चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह (नवभारत टाइम्स), जितेंद्र मिश्रा (हमारा महानगर), रामदिनेश यादव (दोपहर का सामना), राष्ट्रीय स्वाभिमान के संपादक अश्विन कुमार दुबे, साप्ताहिक मुंबई रिपोर्टर्स के संपादक अरविंद बनसोडे सहित भाजपा एवं आरएसएस के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

    इस अवसर पर केक काटकर रमाकांत गुप्ता का जन्मदिन मनाया गया तथा उपस्थित लोगों ने उनके स्वस्थ, सुखद एवं सफल जीवन की कामना की। वक्ताओं ने कहा कि समाज और संगठन के प्रति उनकी निष्ठा तथा जनसेवा की भावना उन्हें एक लोकप्रिय जनप्रतिनिधि बनाती है। उनके सामाजिक कार्यों से अनेक लोगों को प्रेरणा मिलती है और यही कारण है कि वे विभिन्न वर्गों के लोगों के बीच सम्मानित स्थान रखते हैं।

  • Eknath Shinde Recalls Memories: ‘स्ट्रेस मत लो, बिना किसी डिस्ट्रैक्शन के पढ़ाई करो!’; एकनाथ शिंदे ने म्युनिसिपल स्कूल की यादें ताज़ा कीं!

    Eknath Shinde Recalls Memories: ‘स्ट्रेस मत लो, बिना किसी डिस्ट्रैक्शन के पढ़ाई करो!’; एकनाथ शिंदे ने म्युनिसिपल स्कूल की यादें ताज़ा कीं!

    Eknath Shinde Recalls Memories: “जब आप नई क्लास में जाएं, तो पढ़ाई या माहौल का कोई डर न रखें। इसे ‘टेंशन गया, पेंशन मिली’ समझें और बिना किसी डिस्ट्रैक्शन के पढ़ाई करें। आपका पक्का इरादा, लगन और कड़ी मेहनत आपको ज़िंदगी में बड़ी सफलता दिलाएगी,” यह कीमती और भरोसा दिलाने वाली सलाह राज्य के डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ने स्टूडेंट्स को दी।

    गर्मियों की लंबी छुट्टियों के बाद, आज ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के सभी स्कूलों में ‘स्कूल एंट्रेंस सेरेमनी’ बड़े जोश के साथ मनाई गई। किसननगर में म्युनिसिपल स्कूल नंबर 23 में डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में, बच्चों को उनके स्कूल के सफ़र के पहले दिन एक अनोखी पहचान दी गई, उन्हें नई खाली यूनिफॉर्म, किताबें और गुलाब दिए गए।

    इस भव्य समारोह में ठाणे की महापौर शर्मिला पिंपोलकर, शिवसेना के गुटनेता पवन कदम, नगरसेवक राम रेपाले, नगरसेविका संध्या मोरे, सुखदा मोरे, एकता भोईर, डॉ. दर्शना भोईर, मनपा आयुक्त सौरभ राव, अतिरिक्त आयुक्त संदीप मालवी, शिक्षा अधिकारी शेषराव बाधे और प्राचार्य दीपक मोरनकर सहित ठाणे के कई जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और बच्चे मौजूद थे।

    उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में सरकारी स्कूलों के छात्रों को अपने मन में किसी भी तरह की हीन भावना नहीं रखनी चाहिए। देश के प्रधानमंत्री, महान वैज्ञानिक डॉ. अनिल काकोडकर, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जैसे महान व्यक्तित्व सरकारी और जिला परिषद स्कूलों से पढ़कर आगे आए हैं।

    उन्होंने कहा कि वहां दी जाने वाली शिक्षा और शिक्षकों की प्रतिबद्धता स्कूल की इमारत के एयर कंडीशन होने या फीस अधिक होने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बच्चों के बौद्धिक, सामाजिक, मानसिक और शारीरिक विकास पर सिर्फ़ किताबी ज्ञान पर ज़ोर नहीं दिया जाना चाहिए, बल्कि टीचरों को आउटडोर गेम्स और अलग-अलग कॉम्पिटिशन के ज़रिए स्टूडेंट्स में अनुशासन और संस्कार डालने चाहिए।

    उन्होंने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि मातृभाषा में पढ़ाई करने से स्टूडेंट्स की समझने की क्षमता बढ़ती है। इस समारोह के दौरान, डिप्टी चीफ मिनिस्टर ने अपने स्कूल जीवन को याद किया। उन्होंने कहा कि वह भी किसननगर के स्कूल नंबर 23 के पुराने स्टूडेंट हैं और उन्हें इस स्कूल पर गर्व है। पहले यह स्कूल एक चॉल जैसा था, जिसमें दरवाज़े भी नहीं थे।

    हम खुद क्लासरूम साफ़ करते थे और वहाँ बैठकर पढ़ाई करते थे, लेकिन उस समय का मज़ा कुछ और ही था, उन्होंने याद किया। अपने पुराने टीचरों का शुक्रिया अदा करते हुए, उन्होंने रघुनाथ परमगुरुजी, निकम सर, पाठक सर, राणे गुरुजी और राउत बाई जैसे सभी टीचरों के नाम आदर से लिए।

    जैसे ही उन्होंने कहा कि नगर निगम स्कूल में पढ़े बच्चे आज राज्य के सबसे ऊंचे पदों पर काम कर रहे हैं, इसका एक अच्छा उदाहरण आपके ‘बापूसो’ हैं जो खुद मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के पद तक पहुंचे हैं, यानी मैं आपके सामने खड़ा हूं, छात्रों ने उनकी तारीफ की।

    देश का भविष्य बनाने की बड़ी जिम्मेदारी शिक्षकों के कंधों पर होने की बात को सामने लाने के लिए उपमुख्यमंत्री ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के मशहूर कथन का हवाला दिया। एक वकील, इंजीनियर या डॉक्टर की गलती कुछ हद तक छिपी रह सकती है, लेकिन एक शिक्षक की गलती पीढ़ियों तक पूरे समाज और देश में दिखाई देती है, इसलिए शिक्षकों की जिम्मेदारी बहुत संवेदनशील है।

    यह कहते हुए कि राज्य सरकार ने छात्रों पर स्कूल बैग का बोझ कम किया है और स्कूल के पोषण में भी बड़े सुधार किए हैं, उन्होंने शिक्षकों को पहली बेंच से लेकर आखिरी बेंच तक हर बच्चे पर व्यक्तिगत ध्यान देने का निर्देश दिया।

    नासिक के एक ज़िला परिषद स्कूल का उदाहरण देते हुए, जहाँ बच्चे दोनों हाथों से इंग्लिश और मराठी में लिख रहे थे और 300 श्लोक तक याद कर सकते थे, उन्होंने टीचरों से अपील की कि वे खुद ‘टेक्नो-सैवी’ बनें और बदलते समय के हिसाब से अपने स्टूडेंट्स को वर्ल्ड-क्लास नॉलेज दें। स्कूल का माहौल अच्छा और हेल्दी रखने पर ज़ोर देते हुए, डिप्टी चीफ मिनिस्टर ने म्युनिसिपल कमिश्नर को सख्त निर्देश दिए।

    उन्होंने सुझाव दिया कि शहर के सभी म्युनिसिपल स्कूलों में एक ‘विजिलेंस स्क्वाड’ भेजा जाए जो वहाँ की साफ़-सफ़ाई, पीने के साफ़ पानी और टॉयलेट का इंस्पेक्शन करे और अगर कोई कमी मिले तो उसे तुरंत ठीक किया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्टूडेंट्स की सुविधा और शहर के डेवलपमेंट के लिए फंड की कोई कमी नहीं होगी।

    अपनी स्पीच खत्म करते हुए उन्होंने ये इंस्पायरिंग लाइनें कहीं, “उड़ना है तो अपने पंख मज़बूत कर लो, सपने देखने से पहले अपनी आँखें खोल लो, अगर रास्ते में कांटे हैं तो डरना क्या, अगर फूलों के लिए मेहनत करनी है तो…” और स्टूडेंट्स को उनकी पढ़ाई के लिए और टीचर्स को आने वाली पीढ़ी को बनाने के लिए शुभकामनाएं दीं।

  • Marathi Language Training Class: मराठी भाषा प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ, 100 से अधिक रिक्शा चालकों ने लिया प्रशिक्षण का लाभ!

    Marathi Language Training Class: मराठी भाषा प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ, 100 से अधिक रिक्शा चालकों ने लिया प्रशिक्षण का लाभ!

    Marathi Language Training Class: नालासोपारा पूर्व स्थित दुबे इस्टेट में सोमवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में “मराठी भाषा प्रशिक्षण वर्ग” का उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ। भारतीय जनता पार्टी वसई-विरार, महाराष्ट्र शासन परिवहन विभाग, राज्य मराठी विकास संस्था, कोकण मराठी साहित्य परिषद एवं मुंबई मराठी साहित्य संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य रिक्शा चालकों को मराठी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना है।

    प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन भाजपा नेता अमित ओमप्रकाश दुबे, केंद्र संचालिका डॉ. सुरेखा धनावडे एवं प्रशिक्षण शिक्षिका रोहिणी राजेश जाधव के करकमलों द्वारा किया गया। यह प्रशिक्षण सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन दोपहर 2 से 3 बजे एवं 3 से 4 बजे के बीच संचालित किया जाएगा।

    आयोजकों ने बताया कि भविष्य में आरटीओ की ओर से रिक्शा परमिट एवं बैज के लिए मौखिक परीक्षा आयोजित की जाएगी। ऐसे में यह मराठी भाषा प्रशिक्षण तथा इसके उपरांत प्रदान किए जाने वाले प्रमाणपत्र रिक्शा चालकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।

    प्रशिक्षण में प्रवेश के लिए वाहन परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस एवं दो पासपोर्ट आकार के फोटोग्राफ आवश्यक हैं। उद्घाटन समारोह में 100 से अधिक रिक्शा चालकों ने भाग लिया और इस पहल के लिए प्रशिक्षकों एवं आयोजक अमित ओमप्रकाश दुबे के प्रति आभार व्यक्त किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनसंपर्क कार्यालय, दुबे इस्टेट, नालासोपारा (पूर्व) में आयोजित किया जा रहा है।

    प्रवेश एवं अधिक जानकारी के लिए ऋषभ तिवारी (9370666432) एवं दीपक माने (9604655457) से संपर्क किया जा सकता है। भाजपा नेता अमित ओमप्रकाश दुबे के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल रिक्शा चालकों के कौशल विकास एवं मराठी भाषा के प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • Regional Psychiatric Hospital: हंसी से स्ट्रेस दूर होता है; लाफ्टर थेरेपी प्रोग्राम से ठाणे का साइकेट्रिक हॉस्पिटल खुशियों से भर गया!

    Regional Psychiatric Hospital: हंसी से स्ट्रेस दूर होता है; लाफ्टर थेरेपी प्रोग्राम से ठाणे का साइकेट्रिक हॉस्पिटल खुशियों से भर गया!

    Regional Psychiatric Hospital: जब हम किसी हॉस्पिटल के बारे में सोचते हैं, तो आमतौर पर हमारे दिमाग में गंभीर चेहरे, दवा और चिंता का माहौल आता है। लेकिन, हाल ही में ठाणे के रीजनल साइकेट्रिक हॉस्पिटल में थोड़ी अलग तस्वीर देखने को मिली। हंसी की आवाज़, तालियों और चेहरों पर खुशी भरी मुस्कान ने पूरे इलाके को खुश कर दिया। मौका था लाफ्टर थेरेपी प्रोग्राम का।मेंटल हेल्थ ट्रीटमेंट में दवा के साथ-साथ खुशी, पॉज़िटिविटी और इमोशनल सपोर्ट की अहमियत को समझते हुए, रीजनल साइकेट्रिक हॉस्पिटल ने यह इनोवेटिव प्रोग्राम ऑर्गनाइज़ किया।

    जाने-माने कॉमेडियन एन. अशोक ने अपने सिंपल स्टाइल में मरीज़ों, डॉक्टरों, नर्सों और स्टाफ़ को ज़ोर-ज़ोर से हंसाया।आमतौर पर, मेंटल बीमारियों से जूझ रहे मरीज़ अपनी ज़िंदगी में स्ट्रेस, एंग्ज़ायटी और डिप्रेशन का सामना करते हैं। ऐसे में, दिल खोलकर हंसी के कुछ पल उनके लिए नई उम्मीद का ज़रिया बन सकते हैं। प्रोग्राम के दौरान कई मरीज़ों ने अपने आप हिस्सा लिया। कुछ लोगों के चेहरों पर कई दिनों बाद आई मुस्कान ने वहां मौजूद लोगों के दिल को भी छू लिया।

    डिप्टी डायरेक्टर ऑफ़ हेल्थ डॉ. अशोक नंदापुरकर की अध्यक्षता और मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. नेताजी मुलिक के गाइडेंस में ‘वर्कप्लेस पर स्ट्रेस मैनेजमेंट’ के मकसद से एक लाफ्टर थेरेपी प्रोग्राम ऑर्गनाइज़ किया गया। इस प्रोग्राम ने डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों को कुछ समय के लिए रोज़ के स्ट्रेस से छुटकारा पाने और पॉजिटिव एनर्जी और मेंटल फ्रेशनेस महसूस करने का मौका दिया।

    साइकेट्री के फील्ड के एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हंसने से शरीर में पॉजिटिव केमिकल्स बनते हैं। स्ट्रेस कम होता है, कॉन्फिडेंस बढ़ता है और इलाज के प्रोसेस के लिए अच्छा माहौल बनता है। इसलिए, आज पूरी दुनिया में लाफ्टर थेरेपी को एक कॉम्प्लिमेंट्री इलाज के तरीके के तौर पर अपनाया जा रहा है। हंसी मेंटल हेल्थ के लिए एक असरदार दवा है। दिल से निकली हंसी स्ट्रेस कम करती है, पॉजिटिविटी बढ़ाती है और मरीजों की मेंटल हेल्थ को मजबूत करती है।

  • महाराष्ट्र में स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां घोषित, 2 मई से 14 जून तक अवकाश

    महाराष्ट्र में स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां घोषित, 2 मई से 14 जून तक अवकाश

    मुंबई | राज्य के प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा कर दी गई है। राज्य बोर्ड के सभी स्कूल 2 मई से 14 जून तक बंद रहेंगे। नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 पूरे राज्य में 15 जून से शुरू होगा।

    जून में सुबह की पाली में लगेंगी कक्षाएं
    विदर्भ क्षेत्र में जून की गर्मी को देखते हुए 15 जून से 29 जून तक स्कूल सुबह की पाली में संचालित किए जाएंगे। इस दौरान कक्षाएं सुबह 7:00 बजे से 11:45 बजे तक चलेंगी। 30 जून से सभी स्कूल अपने नियमित समय पर शुरू हो जाएंगे।

    अन्य बोर्डों को निर्णय की छूट
    राज्य के अन्य शिक्षा बोर्ड से जुड़े स्कूलों को अपनी शैक्षणिक गतिविधियों और समय-सारणी के अनुसार छुट्टियां तय करने की स्वतंत्रता दी गई है।

    सुट्टियों का वार्षिक निर्धारण
    शिक्षण संचालनालय हर वर्ष शैक्षणिक कैलेंडर के तहत छुट्टियों का निर्धारण करता है, ताकि सभी स्कूलों में एकरूपता बनी रहे। यह निर्देश राज्य के सभी सरकारी व मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को जारी किए गए हैं।

    नियमों के मुताबिक, पूरे शैक्षणिक वर्ष में कुल छुट्टियां 76 दिनों से अधिक नहीं होनी चाहिए और कम से कम 220 दिनों का शिक्षण कार्य अनिवार्य है। इसी आधार पर अवकाश का कैलेंडर तय किया गया है।

  • Mumbai में गैस संकट गहराया, सिलेंडर की कमी से कई होटल बंद

    Mumbai में गैस संकट गहराया, सिलेंडर की कमी से कई होटल बंद

    मुंबई | एलपीजी गैस की भारी कमी के कारण शहर के कई इलाकों में होटल और खानावली बंद होने की स्थिति पैदा हो गई है। गैस सिलेंडर की कमी के चलते गुरुवार को शहर के प्रमुख क्षेत्रों में कई होटल बंद रहे, जिससे खाने के लिए आने वाले लोगों को बंद शटर देखकर वापस लौटना पड़ा।

    ऑफिस इलाकों में सबसे ज्यादा असर

    Lower Parel और Currey Road जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में कार्यालय हैं। यहां काम करने वाले कर्मचारी आमतौर पर दोपहर के भोजन के लिए आसपास के होटल और खानावलों पर निर्भर रहते हैं। लेकिन गैस खत्म होने के कारण कई होटल गुरुवार को बंद रहे।

    करी रोड स्थित एक होटल के मैनेजर सचिन शेटे ने बताया कि उनके पास केवल दो दिन का गैस स्टॉक बचा है। इसके बाद ओवन में सिर्फ पिज्जा जैसे सीमित व्यंजन ही बनाए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि इंडक्शन स्टोव खरीदने की कोशिश की, लेकिन बाजार में वहां भी भारी भीड़ है और कई व्यंजन इंडक्शन पर बनाना संभव नहीं है।

    खानावलों की भी मुश्किलें बढ़ीं

    घर जैसा खाना देने वाली एक खानावली चलाने वाले रामचंद्र पाटील ने बताया कि उनके पास भी गैस लगभग खत्म हो गई है। इंडक्शन पर खाना बनाने में सामान्य से दोगुना समय लगता है, इसलिए सभी व्यंजन बनाना संभव नहीं है। ऐसे में केवल सीमित भोजन ही तैयार कर खानावली चलाने की कोशिश की जाएगी।

    कई होटल बंद होने की कगार पर

    Hotel and Restaurant Association of Western India के उपाध्यक्ष प्रदीप शेट्टी के अनुसार, राज्य के कई होटलों ने गैस की कमी के कारण मेन्यू कम कर दिया है, जबकि कई होटल पूरी तरह बंद हो चुके हैं या अपने संचालन रोक चुके हैं।गैस संकट अगर जल्द खत्म नहीं हुआ तो शहर के होटल उद्योग और ग्राहकों दोनों के लिए स्थिति और गंभीर हो सकती है।

  • Maharashtra Politics: अजित पवार के निधन के बाद बदले सियासी संकेत, शरद पवार ने फैसलों से बनाई दूरी

    Maharashtra Politics: अजित पवार के निधन के बाद बदले सियासी संकेत, शरद पवार ने फैसलों से बनाई दूरी

    मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के निधन के बाद बनी परिस्थितियों पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार के ताजा बयानों ने नए सियासी समीकरणों के संकेत दे दिए हैं। जहां एक ओर शरद पवार ने अजित पवार की कार्यशैली और जनसेवा की खुलकर सराहना की, वहीं दूसरी ओर प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे द्वारा लिए जा रहे राजनीतिक फैसलों से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है।

    अजित पवार के निधन (Ajit Pawar Death) के बाद तेजी से हो रहे राजनीतिक घटनाक्रम पर पूछे गए सवालों के जवाब में शरद पवार ने कहा, “ये सारी चर्चाएं यहां नहीं हो रही हैं, बल्कि मुंबई में हो रही हैं। प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और अन्य वरिष्ठ नेता इन विषयों पर चर्चा कर रहे हैं। जो कुछ भी सामने आ रहा है, वह उनके द्वारा लिए गए फैसले लगते हैं। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।”

    अजित पवार की जमकर सराहना

    शरद पवार ने अजित पवार को एक सक्षम और समर्पित नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा जनता के हित में काम किया।
    “अजित पवार लोगों के मुद्दों को अच्छी तरह समझते थे और यह सुनिश्चित करते थे कि आम जनता को न्याय मिले। बारामती की जनता ने हमेशा उनका साथ दिया और उन्होंने भी अपनी जिम्मेदारियों में कभी कोई कमी नहीं छोड़ी। उनके निधन से हम सभी को गहरा आघात पहुंचा है,” शरद पवार ने कहा।

    उन्होंने आगे कहा कि अजित पवार के निधन के बाद बनी स्थिति पार्टी और परिवार को और मजबूती से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।
    शरद पवार ने कहा, “हमें लोगों के दुख को कम करने के लिए काम करना चाहिए और जिस सोच व मूल्यों के साथ उन्होंने सेवा की, उसे आगे बढ़ाना चाहिए। मुझे पूरा भरोसा है कि उनके परिवार की नई पीढ़ी उनकी विरासत को आगे ले जाएगी।”

    सुनेत्रा पवार को लेकर अनभिज्ञता

    सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने की चर्चाओं पर शरद पवार ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
    “मैंने आज यह खबर अखबार में देखी। प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे कुछ नाम सामने आ रहे हैं, जिन्होंने कुछ फैसलों की पहल की है। मेरी इस संबंध में कोई चर्चा नहीं हुई है और मुझे नहीं पता कि ऐसा कुछ हो भी रहा है या नहीं,” उन्होंने स्पष्ट किया।

    परिवार को भरोसे में लेने के सवाल पर शरद पवार ने कहा,
    “अगर परिवार में कोई मुद्दा होता है तो परिवार एकजुट रहता है। फिलहाल परिवार में कोई मुद्दा नहीं है।”

    NDA को लेकर टालमटोल

    प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे द्वारा ‘जल्दबाजी में फैसले लेने’ के सवाल पर शरद पवार ने कहा कि NCP (शरद पवार गुट) और अजित पवार की NCP के साथ मिलकर काम करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी और इस पर जल्द फैसला होना था, लेकिन इसी बीच यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो गई।

    जब उनसे पूछा गया कि यदि NCP के दोनों गुट एकजुट होते हैं तो क्या वह NDA में शामिल होने पर विचार करेंगे, तो शरद पवार ने साफ कहा, “यह सब मीडिया में चल रहा है, यहां ऐसा कुछ नहीं है।”