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  • Water Theft Case: पानी चोरी मामले में तीन गैरेज मालिकों पर मामला दर्ज, महानगरपालिका को लगाया लाखों का चूना!

    Water Theft Case: पानी चोरी मामले में तीन गैरेज मालिकों पर मामला दर्ज, महानगरपालिका को लगाया लाखों का चूना!

    Water Theft Case: भिवंडी निजामपूर शहर महानगरपालिका ने पानी चोरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। पद्मानगर इलाके में महानगरपालिका की मुख्य जलवाहिनी में अवैध रूप से छेद कर पानी चुराने के आरोप में तीन सर्विस सेंटर मालिकों के खिलाफ भिवंडी शहर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। इस चोरी के कारण महानगरपालिका को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।

    महानगरपालिका के पानी आपूर्ति विभाग द्वारा की गई जांच में सामने आया कि पद्मानगर, मोटूमल कंपाउंड के सामने, वऱ्हाळदेवी रोड पर तीन लोगों ने बिना किसी पूर्व अनुमति के मुख्य पाइपलाइन से आधे इंच व्यास का अवैध नल कनेक्शन ले रखा था। इस पानी का व्यावसायिक इस्तेमाल वाहनों की धुलाई और सर्विसिंग के लिए किया जा रहा था।

    महानगरपालिका ने पानी चोरी, खड्डा शुल्क और जुर्माने को मिलाकर प्रत्येक आरोपी पर 99400 रुपये का आर्थिक नुकसान का आकलन किया है। कुल मिलाकर तीनों आरोपियों से 297200 रुपयेकी राशि वसूल की जानी है।
    बतादे कि सुरेश गलीपेल्ली (श्री बालाजी ऑटो गैरेज) पिछले 4 वर्षों से अवैध कनेक्शन का उपयोग करने के कारण 48000 रुपये पानी का बिल, 1400 रुपये खड्डा पावती और 50000 रुपये जुर्माना लगाकर 99400 रूपये कि नोटिफिकेशन दिया है।

    भास्कर बिटला (ओम साई ऑटो पार्ट्स) पर भी 99409 का जुर्माना लगा है। प्रकाश करी (जयेश सर्विस सेंटर) पर भी इतने रूपये का दंड लगा है।
    इस मामले में तीनों आरोपियों—सुरेश गलीपेल्ली, भास्कर बिटला और प्रकाश करी—के खिलाफ भिवंडी शहर पुलिस स्टेशन में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और चोरी का मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

    यह पूरी कार्रवाई महानगरपालिका आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त के आदेशानुसार की गई। इस कार्रवाई को पानी आपूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता संदीप पटणावर के मार्गदर्शन, उप अभियंता सरफराज अंसारी के नियंत्रण और टीम प्रमुख विराज भोईर व सहायक टीम प्रमुख नफीस मोमीन की टीम द्वारा अंजाम दिया गया।

    महानगरपालिका प्रशासन ने शहरवासियों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी प्रकार का अवैध नल कनेक्शन न लें, अन्यथा उनके खिलाफ भी इसी तरह की सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

  • Bogus Attendance Case: बोगस हाजिरी मामले में स्वच्छता निरीक्षक निलंबित, पार्षदों के लगातार प्रयास को मिली सफलता

    Bogus Attendance Case: बोगस हाजिरी मामले में स्वच्छता निरीक्षक निलंबित, पार्षदों के लगातार प्रयास को मिली सफलता

    Bogus Attendance Case: भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका के स्वच्छता विभाग में कथित फर्जी हाजिरी प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर निगम प्रशासन ने एक स्वच्छता निरीक्षक को निलंबित कर दिया है। निलंबित स्वच्छता निरीक्षक का नाम संतोष जाधव बताया गया है। यह कार्रवाई नगर निगम आयुक्त के निर्देश पर उपायुक्त विक्रम दराडे द्वारा की गई।

    जानकारी के अनुसार, नगर निगम के विभिन्न स्वच्छता केबिनों में कर्मचारियों की लगातार अनुपस्थिति के कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसी मुद्दे को लेकर नव-निर्वाचित पार्षद लगातार प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रहे थे।

    प्रभाग क्रमांक 14 के पार्षद अब्दुल रहमान खान उर्फ सद्दाम भाई ने अपने क्षेत्र के स्वच्छता केबिन की जांच की। जांच के दौरान कथित रूप से यह सामने आया कि स्वच्छता कर्मचारी भारती खर्डीकर और प्रवीण जाधव लंबे समय से ड्यूटी पर अनुपस्थित थे। आरोप है कि इसके बावजूद उनकी नियमित उपस्थिति दर्ज की जा रही थी और वेतन भी जारी किया जा रहा था।

    शिकायत के अनुसार, स्वच्छता निरीक्षक संतोष जाधव ने कथित रूप से ‘मैजिक पेन’ का उपयोग कर अनुपस्थित कर्मचारियों की हाजिरी दर्ज की। मामले की शिकायत नगर निगम प्रशासन को किए जाने के बाद जांच की गई, जिसमें प्रथम दृष्टया अनियमितताओं की पुष्टि होने पर आयुक्त ने कार्रवाई के निर्देश दिए।

    आयुक्त के आदेशानुसार उपायुक्त विक्रम दराडे ने स्वच्छता निरीक्षक संतोष जाधव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई को पार्षदों के लगातार प्रयासों और शिकायतों की सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

    इस संबंध में पार्षद अब्दुल रहमान खान उर्फ सद्दाम भाई ने कहा कि शहर के कई प्रभागों में इसी प्रकार की स्थिति होने की आशंका है, जहां कर्मचारी अनुपस्थित रहते हुए भी वेतन प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे एक ओर शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम के राजस्व को भी नुकसान पहुंच रहा है।

    उन्होंने सभी पार्षदों से अपने-अपने प्रभागों के स्वच्छता केबिनों के हाजिरी रजिस्टर और कार्यप्रणाली पर नियमित निगरानी रखने की अपील की, ताकि ऐसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सके और नागरिकों को बेहतर सफाई व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके। हालांकि, मामले में अंतिम निष्कर्ष विस्तृत विभागीय जांच के बाद ही सामने आएगा।

  • BNCMC Corruption: भिवंडी मनपा के घनकचरा विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप, आपराधिक कार्रवाई की मांग

    BNCMC Corruption: भिवंडी मनपा के घनकचरा विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप, आपराधिक कार्रवाई की मांग

    BNCMC Corruption: भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका (मनपा) के घनकचरा व्यवस्थापन विभाग की ई-निविदा प्रक्रिया में कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर एक निजी कंपनी द्वारा करोड़ों रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता गौरव संतोष भोइर ने इस मामले में संबंधित कंपनी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग करते हुए भिवंडी मनपा के महापौर नारायण चौधरी, आयुक्त अनमोल सागर तथा उप महापौर एवं घनकचरा व्यवस्थापन विभाग के अधिकारियों को लिखित ज्ञापन सौंपा है।

    ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि दिसंबर 2024 में भिवंडी मनपा के घनकचरा व्यवस्थापन विभाग के माध्यम से अपशिष्ट संग्रहण (कचरा संकलन) का ठेका प्राप्त करने के लिए नवी मुंबई की एक कंपनी ने कथित रूप से फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया। कंपनी ने दावा किया था कि उसे इस प्रकार के कार्यों का पूर्व अनुभव है, जिसके आधार पर उसे निविदा प्रदान की गई।

    गौरव भोइर के अनुसार, सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत संबंधित दस्तावेजों की जांच करने पर यह सामने आया कि प्रस्तुत किया गया प्रमाणपत्र कथित रूप से फर्जी और जाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त कंपनी ने इस फर्जी दस्तावेज के आधार पर भिवंडी मनपा को गुमराह किया और करोड़ों रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

    भोइर ने यह भी आशंका व्यक्त की है कि संबंधित कंपनी ने राज्य की अन्य महानगरपालिकाओं में भी इसी प्रकार के दस्तावेजों का उपयोग कर ठेके हासिल किए हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी निविदाएं प्राप्त करना न केवल प्रशासन के साथ धोखाधड़ी है, बल्कि निविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी आघात है।

    उन्होंने दावा किया कि इस मामले के कारण शासन को करोड़ों रुपये का संभावित आर्थिक नुकसान हुआ है तथा निविदा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हुए हैं। इसके अलावा, भिवंडी मनपा के कुछ पार्षदों द्वारा भी संबंधित कंपनी के खिलाफ विभिन्न शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।

    गौरव संतोष भोइर ने मांग की है कि संबंधित कंपनी के खिलाफ तत्काल आपराधिक मामला दर्ज किया जाए, उसका अनुबंध रद्द किया जाए, कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाए तथा अनुबंध प्राप्त करने में शामिल जिम्मेदार व्यक्तियों को भी सह-आरोपी बनाया जाए। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

    भोइर ने कहा कि वह इस कथित ई-टेंडर घोटाले की शिकायत राज्य के मुख्यमंत्री , उपमुख्यमंत्री, शहरी विकास विभाग, कोंकण आयुक्त तथा ठाणे जिला कलेक्टर के समक्ष भी प्रस्तुत करेंगे।

    मनपा का पक्ष

    भिवंडी मनपा के महापौर ने कहा, “यदि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग की ई-निविदा प्रक्रिया में किसी प्रकार की धोखाधड़ी पाई जाती है, तो संबंधित कंपनी के दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जाएगी। जांच में यदि यह सिद्ध होता है कि मनपा को गुमराह कर वित्तीय अनियमितता या धोखाधड़ी की गई है, तो संबंधित कंपनी के खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।”

  • Bhiwandi: भिवंडी में सड़क पर मलबा और रैपिड मिट्टी फेंकने वालों की खैर नहीं, डंपर मालिक पर हुई कार्रवाई!

    Bhiwandi: भिवंडी में सड़क पर मलबा और रैपिड मिट्टी फेंकने वालों की खैर नहीं, डंपर मालिक पर हुई कार्रवाई!

    Bhiwandi: भिवंडी मनपा क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से रैपिड मिट्टी और निर्माण मलबा फेंकने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मनपा स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर शांतीनगर पुलिस ने वाहन मालिक और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।जिसे लेकर हड़कंप मच गया है।

    भिवंडी मनपा जनसंपर्क विभाग के अनुसार, 3 जून 2026 को दोपहर करीब 3:04 बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाबला कंपाउंड रोड, अप्सरा टॉकीज के पीछे स्थित क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान डंपर क्रमांक MH-04-LQ-9089 द्वारा बड़ी मात्रा में रैपिड मिट्टी तथा निर्माण एवं ध्वस्तीकरण (सी एंड डी) कचरा सार्वजनिक स्थान पर बिना अनुमति डाले जाने का मामला सामने आया।

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    अधिकारियों ने बताया कि इस अवैध डंपिंग के कारण इलाके में धूल प्रदूषण, गंदगी, यातायात में बाधा और नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका उत्पन्न हो गई थी। मौके पर पंचनामा कर फोटो और अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए गए। आयुक्त के निर्देश पर मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित वाहन मालिक और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ शांतीनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

    आरोपियों पर ठोस कचरा प्रबंधन नियम, निर्माण एवं ध्वस्तीकरण कचरा प्रबंधन नियम, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। मनपा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर की किसी भी सार्वजनिक जगह पर रैपिड मिट्टी, निर्माण मलबा या किसी भी प्रकार का कचरा फेंकना दंडनीय अपराध है।

    ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों, वाहन मालिकों, ठेकेदारों और संस्थाओं के खिलाफ आर्थिक दंड के साथ-साथ आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी।मनपा ने नागरिकों से शहर को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

  • Prashant Rode Review: अतिरिक्त आयुक्त 2 प्रशांत रोडे ने शहर में नाले की सफाई के काम का लिया समीक्षा!

    Prashant Rode Review: अतिरिक्त आयुक्त 2 प्रशांत रोडे ने शहर में नाले की सफाई के काम का लिया समीक्षा!

    Prashant Rode Review: आयुक्त सौरभ राव ने निर्देश दिया है कि ठाणे मनपा इलाके में चल रहे सभी नाले की सफाई का काम 5 जून तक पूरा कर लिया जाए। इसी सिलसिले में, अब तक हुए नाले की सफाई के काम का समीक्षा करते हुए अतिरिक्त आयुक्त 2 प्रशांत रोडे ने संबंधित विभागों को मुंब्रा और दिवा प्रभाग समिति के नालों पर खास ध्यान देने का निर्देश दिया। इस समय, सॉलिड वेस्ट और कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट के ज़रिए बताया गया कि शहर में नाले की सफाई का 80 परसेंट काम पूरा हो चुका है और 5 जून तक सभी काम पूरे कर लिए जाएंगे।

    इस मीटिंग में उपायुक्त जी.जी. गोदापुरे, मधुकर बोडके, दीपक जिंजाड़, डॉ. मिताली संचेती, सभी प्रभाग समिति के सहायक आयुक्त, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मौजूद थे।स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि मनपा में नाले की सफाई के काम के लिए जिन जगहों पर मैनपावर कम है, वहां एक्स्ट्रा मैनपावर के साथ युद्धस्तर पर काम चल रहा है। इसके साथ ही खाड़ीमुख और रेलवे के पास पुलिया की सफाई के बारे में जानकारी दी गई। नाले की सफाई के बाद भी कुछ नालों में पहाड़ी इलाकों से कचरा बह रहा है, उसे हटाने का काम भी चल रहा है।

    शहर के निचले इलाकों के साथ-साथ कुछ जगहों पर जहां अस्तबल और गौशालाएं हैं, उनका निरीक्षण किया जाना चाहिए। कुछ जगहों पर यह देखा गया कि गौशालाओं का चारा नाले में जाने से पानी का बहाव रुक गया है, इस संदर्भ में रोडे ने शहर में जहां अस्तबल और गौशालाएं हैं, उन जगहों का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए कि वे साफ हैं या नहीं।साथ ही, नाले की सफाई के बाद संबंधित विभागों के जनप्रतिनिधियों को नालों का निरीक्षण करने के लिए ले जाया जाना चाहिए, अगर उनके पास कोई सुझाव हैं, तो उन्हें लागू किया जाना चाहिए।

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    साथ ही, भारी बारिश के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संपर्क में रहना चाहिए। उनके निर्देशों का पालन करने का भी मीटिंग में उल्लेख किया गया।ठाणे शहर में कोस्टल रोड, बुलेट ट्रेन का काम चल रहा है और संबंधित सहायक आयुक्त और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को इस जगह का भी निरीक्षण करना चाहिए। भारी बारिश के दौरान अगर इस काम की जगह पर पानी जमा होता है, तो अगर पानी निकलने का कोई रास्ता है, तो उसकी जांच की जानी चाहिए और उस तरीके से काम किया जाना चाहिए, ऐसे निर्देश भी अतिरिक्त आयुक्त 2 प्रशांत रोडे ने दिए।

    सभी सहायक आयुक्त निरीक्षण करें
    संबंधित सहायक आयुक्त को प्रत्येक प्रभाग समिति में नालों की सफाई के काम का निरीक्षण करना चाहिए। इस संबंध में आवश्यक मशीनरी और मैनपावर की आवश्यकता होने पर सहयोग करने के निर्देश भी मीटिंग में दिए गए।

    प्रभाग समिति स्तर पर इमरजेंसी रूम चालू
    मनपा मुख्यालय में मुख्य इमरजेंसी रूम 24×7 खुला रहता है। इस तरह, मानसून अवधि के दौरान आज से प्रत्येक प्रभाग समिति में एक इमरजेंसी रूम लागू किया गया है। इस कमरे में टेलीफोन और अन्य प्रणालियों का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया जाना चाहिए।अतिरिक्त आयुक्त रोडे ने मानसून के मौसम में इस कमरे के संपर्क में रहने के निर्देश भी दिए।

  • Unauthorized Construction Action: अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई में लापरवाही, निगम की कार्रवाई के दौरान गाय घायल होने से लोगों में नाराज़गी!

    Unauthorized Construction Action: अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई में लापरवाही, निगम की कार्रवाई के दौरान गाय घायल होने से लोगों में नाराज़गी!

    Unauthorized Construction Action: शहर में अवैध निर्माण हटाने के लिए चलाए गए महापालिका के अभियान के दौरान एक बड़ी लापरवाही सामने आई। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद एक गाय गंभीर रूप से घायल हो गई, जिससे स्थानीय नागरिकों में नाराज़गी फैल गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महापालिका की टीम अनधिकृत निर्माण हटाने की कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान मशीनों और मलबे की चपेट में आने से एक गाय घायल हो गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने निगम प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया और कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाया।

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    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कार्रवाई शुरू करने से पहले सुरक्षा व्यवस्था और आसपास मौजूद जानवरों व लोगों की सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा गया। लोगों ने सवाल उठाया कि बिना पर्याप्त सावधानी बरते इस तरह की कार्रवाई करना गैरजिम्मेदाराना है।

    घटना के बाद घायल गाय को तुरंत उपचार के लिए भेजा गया। वहीं नागरिकों ने मांग की कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

    स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस घटना पर नाराज़गी जताई और कहा कि प्रशासन को कार्रवाई के दौरान मानवीय और संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए। फिलहाल इस घटना को लेकर इलाके में चर्चा और लोगों में आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

  • Menstrual Festival: राजे शिवाजी स्कूल में मनपा और शेल्टर एसोसिएट्स ने ‘मासिक महोत्सव’ मनाया!

    Menstrual Festival: राजे शिवाजी स्कूल में मनपा और शेल्टर एसोसिएट्स ने ‘मासिक महोत्सव’ मनाया!

    Menstrual Festival: वर्ल्ड मेंस्ट्रुएशन डे के मौके पर मनपा व शेल्टर एसोसिएट्स और म्यूज़ फाउंडेशन के साथ मिलकर लोकमान्य नगर के राजे शिवाजी स्कूल में “मासिक महोत्सव” मनाया गया। यह पहल समाज में मेंस्ट्रुएशन को लेकर फैले अंधविश्वास, गलतफहमियों और शर्म को दूर करके महिलाओं और पुरुषों में जागरूकता लाने के मकसद से की गई थी।इस प्रोग्राम को सभागृह नेता हनुमंत जगदाले और महात्मा फुले शिक्षा सोसाइटी के जयंत घाडगे ने गाइड किया।

    शेल्टर एसोसिएट्स पिछले कई सालों से ठाणे मनपा एरिया की झुग्गियों में “वन टॉयलेट” प्रोजेक्ट और अलग-अलग सफाई कैंपेन चला रहा है। इसी के तहत, गुरुवार (28 मई, 2026) को वर्ल्ड मेंस्ट्रुएशन डे के मौके पर एक खास प्रोग्राम रखा गया है।इस प्रोग्राम में गाने, लेक्चर, सवाल-जवाब, गेम और एक्सपर्ट गाइडेंस जैसी अलग-अलग एक्टिविटीज़ के ज़रिए मौजूद लोगों में पीरियड्स के बारे में जागरूकता पैदा की गई।

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    प्रोग्राम की शुरुआत में, सीनियर एनवायरनमेंटल एक्सपर्ट विजयकुमार कट्टी ने पीरियड्स से जुड़े अंधविश्वासों और गलतफहमियों के बारे में कम्युनिटी को गाइड किया। उन्होंने यूज़ एंड थ्रो सैनिटरी पैड्स के एनवायरनमेंट पर पड़ने वाले बुरे असर के बारे में बताया और इको-फ्रेंडली ऑप्शन इस्तेमाल करने की अपील की।साथ ही, सवाल-जवाब सेशन के ज़रिए मौजूद महिलाओं और पुरुषों के मन में चल रहे शक और गलतफहमियों को दूर किया गया।

    शेल्टर एसोसिएट्स के प्रोजेक्ट मैनेजर अमोल गाडे ने ऑर्गनाइज़ेशन के पीरियड्स हाइजीन प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ठाणे की अलग-अलग झुग्गियों की करीब 2000 महिलाओं ने मेंस्ट्रुअल कप इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। इससे सैनिटरी नैपकिन से होने वाला वेस्ट कम हुआ है और महिलाओं की हेल्थ बेहतर हुई है और पैसे भी बचे हैं।

    अमोल गाडे ने कहा, “पीरियड्स छिपाने की बात नहीं है, बच्चे पर खुलना बात करना और इसका सही ख्याल रखना है।” म्यूज़ फ़ाउंडेशन के निशांत बंगेरा ने भी प्रोग्राम की अहमियत के बारे में बताया और हिस्सा लेने वालों को बधाई दी।इस मौके पर संस्था के वैभव काले, सुनीता सकुंडे, योगिता शिंदे, मनीषा सुर्वे और पूजा भालेराव मौजूद थे। लोकमान्य नगर इलाके की महिलाओं और पुरुषों ने वर्ल्ड पीरियड्स डे के मौके पर “मासिक धर्म महोत्सव” में जोश के साथ हिस्सा लिया।

  • Thane Illegal Dumping: अवैध डंपिंग करने वाले वाहनों पर मनपा की कार्रवाई!

    Thane Illegal Dumping: अवैध डंपिंग करने वाले वाहनों पर मनपा की कार्रवाई!

    Thane Illegal Dumping: मनपा घनकचरा विभाग की ओर से कोलशेत इलाके में गैर-कानूनी तरीके से मलबा डालने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित वाहन चालकों से 60,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया।

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    मनपा को जानकारी मिली थी कि कुछ वाहन गैर-कानूनी तरीके से कोलशेत इलाके में मलबा डाल रहे हैं। घनकचरा विभाग ने संबंधित जगहों का निरीक्षण कर कार्रवाई की। गैर-कानूनी तरीके से मलबा डालने से इलाके की सफाई और पर्यावरण पर असर पड़ रहा था, इसलिए यह कार्रवाई की गई।

    इस कार्रवाई में इंजीनियर किशोर गुल, मुख्य स्वच्छता अधिकारी साईराज कांबले,उप स्वच्छता अधिकारी चारु गोटे,स्वच्छता अधिकारी सुमित जाधव ने की।इस समय जब्त किए गए मलबे को आगे की कार्रवाई के लिए अधिकृत प्रोजेक्ट में भेज दिया गया। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी कि शहर में गैर-कानूनी तरीके से मलबा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • Meenatai Thackeray Rangayatan: छत्रपति शिवाजी महाराज चौक और स्व. मीनाताई ठाकरे रंगायतन के नवीनीकरण कार्य का निरीक्षण!

    Meenatai Thackeray Rangayatan: छत्रपति शिवाजी महाराज चौक और स्व. मीनाताई ठाकरे रंगायतन के नवीनीकरण कार्य का निरीक्षण!

    Meenatai Thackeray Rangayatan: शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान माने जाने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज अश्वारूढ़ प्रतिमा स्थल तथा मीनाताई ठाकरे रंगायतन के नवीनीकरण कार्य का जनप्रतिनिधियों द्वारा निरीक्षण किया गया। वर्षों से लंबित पड़े इन कार्यों की वर्तमान स्थिति जानने के लिए प्रभाग समिति क्रमांक-5 के सभापति वैभव भोईर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने दोनों स्थलों का दौरा कर कामकाज की समीक्षा की।

    निरीक्षण के दौरान पूर्व विधायक रूपेश म्हात्रै, स्थायी समिति सदस्य मयूरेश पाटिल, वरिष्ठ नगरसेवक नीलेश चौधरी, शफ मोमिन, नगरसेविका रोमा आलशी, नेहा काठवले, पप्पू राका तथा शिव सेना (शिंदे गुट) के पूर्व विधानसभा शहर प्रमुख संजय काबूकर सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

    बताया गया कि मीनाताई ठाकरे रंगायतन वर्ष 2017 से जर्जर स्थिति के कारण बंद पड़ा था। तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा इसके मरम्मत कार्य के लिए 15 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे, लेकिन फंड की कमी और अन्य प्रशासनिक कारणों से काम लंबे समय तक ठप रहा। अब तक नगर निगम को लगभग 57 प्रतिशत निधि प्राप्त हो चुकी है, जिसमें से 20 प्रतिशत राशि ठेकेदार को दी जा चुकी है।

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    इसके बावजूद काम अभी भी अधूरा है। बीच में नगर निगम आयुक्त अनमोल सागर ने स्वयं स्थल का दौरा कर एक महीने के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब भी कई कार्य शेष हैं। जानकारी के अनुसार ठेकेदार को तीन बार समय सीमा बढ़ाकर दी जा चुकी है।

    वहीं छत्रपति शिवाजी महाराज अश्वारूढ़ प्रतिमा स्थल पर भी नवीनीकरण कार्य प्रगति पर है। जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि काम में थोड़ा समय और लगे तो भी चलेगा, लेकिन गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

    पूर्व विधायक रूपेश म्हात्रे ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नगर निगम इमारतें तो बना देता है, लेकिन उनके रखरखाव और मरम्मत की लगातार अनदेखी की जाती है, जिसके कारण शहर के महत्वपूर्ण स्मारक और सांस्कृतिक स्थल जर्जर हो रहे हैं। उन्होंने ठेकेदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि यह उनके लिए आखिरी मौका है। यदि तय समय सीमा में काम पूरा नहीं हुआ तो शिवसेना शहरवासियों के साथ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी और प्रशासन से जवाब मांगेगी।

    इस अवसर पर Vaibhav Bhoir ने कहा, “फंड की कमी और अन्य कारणों से दोनों परियोजनाओं का काम लंबे समय तक अटका हुआ था। आज निरीक्षण के दौरान दोनों स्थानों पर बड़े पैमाने पर काम प्रगति पर दिखाई दिया। छत्रपति शिवाजी महाराज अश्वारूढ़ प्रतिमा स्थल का कार्य काफी हद तक पूरा हो चुका है, जबकि रंगायतन के काम में तेजी लाने के लिए ठेकेदार को और अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है।”

  • Death During Drain Cleaning: भिवंडी में नाला सफाई के दौरान जहरीली गैस से मजदूर की मौत, मनपा और ठेकेदार पर उठे सवाल!

    Death During Drain Cleaning: भिवंडी में नाला सफाई के दौरान जहरीली गैस से मजदूर की मौत, मनपा और ठेकेदार पर उठे सवाल!

    Death During Drain Cleaning: भिवंडी मनपा क्षेत्र में बरसात पूर्व नाला सफाई अभियान के दौरान एक दर्दनाक हादसे में दिहाड़ी मजदूर की मौत हो गई। प्रभाग समिति क्रमांक-2 अंतर्गत वार्ड क्रमांक 14 के पिरानी पाडा इलाके में बंद नाले की सफाई करते समय जहरीली गैस से दम घुटने पर मजदूर सुभाष नवसा दिघे (45) की जान चली गई। घटना के बाद मनपा प्रशासन और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार, पिरानी पाडा स्थित सत्तार मेडिकल के पास गुरुवार को नाला सफाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान सुभाष दिघे बंद नाले में उतरे, जहां जहरीली गैस के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई और दम घुटने से उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई कर्मियों को किसी प्रकार के सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे।

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    मजदूरों के पास न ऑक्सीजन मास्क था, न सुरक्षा बेल्ट और न ही गैस जांचने की कोई व्यवस्था की गई थी। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी और बंद नालों से निकलने वाली जहरीली गैस के बावजूद मजदूरों की सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। घटना के बाद मनपा प्रशासन के सुरक्षा दावों की पोल खुल गई है।

    बताया गया है कि प्रभाग समिति क्रमांक-2 में नाला सफाई का ठेका चंद्रिक् कंस्ट्रक्शन को लगभग 39.99 लाख रुपये में दिया गया है, जबकि प्रभाग समिति क्रमांक-5 का ठेका भी इसी कंपनी को करीब 39.78 लाख रुपये में मिला है। करोड़ों रुपये के ठेकों के बावजूद मजदूरों की सुरक्षा में लापरवाही सामने आने से लोगों में आक्रोश है।

    स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मृतक मजदूर के परिवार को आर्थिक सहायता देने तथा संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद इलाके में मनपा प्रशासन के खिलाफ नाराजगी का माहौल बना हुआ है।