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  • Stock Market Update: सेंसेक्स 579 अंक चढ़ा, आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी से लगातार दूसरे दिन बाजार में तेजी!

    Stock Market Update: सेंसेक्स 579 अंक चढ़ा, आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी से लगातार दूसरे दिन बाजार में तेजी!

    Stock Market Update: घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। आईटी सेक्टर में जोरदार लिवाली के दम पर बीएसई सेंसेक्स 579.48 अंक (0.75 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 77,502.12 अंक पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक 169.85 अंक (0.71 प्रतिशत) चढ़कर 24,175.70 अंक पर पहुंच गया।

    हालांकि, दोनों प्रमुख सूचकांक मई के शुरुआती सप्ताह के बाद अपने निचले स्तरों के करीब बंद हुए। सेंसेक्स 7 मई के बाद और निफ्टी 8 मई के बाद के निचले स्तर पर बंद हुआ। बाजार में व्यापक खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.51 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए, जिससे व्यापक बाजार में सकारात्मक रुख बना रहा।

    सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSU Banks) को छोड़कर लगभग सभी सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। सबसे अधिक उछाल आईटी सेक्टर में रहा, जहां निफ्टी आईटी इंडेक्स 4.64 प्रतिशत चढ़ गया। इसके अलावा ऑटो, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद (Consumer Durables), रसायन (Chemicals) और रियल्टी सेक्टर के सूचकांकों में भी एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।

    एनएसई पर कारोबार करने वाली 3,452 कंपनियों में से 2,225 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,145 शेयरों में गिरावट रही। 82 कंपनियों के शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। सेंसेक्स की कंपनियों में सबसे अधिक तेजी आईटी शेयरों में रही। इंफोसिस का शेयर 5.64 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 4.32 प्रतिशत, टीसीएस 4.28 प्रतिशत और एचसीएल टेक्नोलॉजीज 4.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।

    इसके अलावा बजाज फिनसर्व 3.25 प्रतिशत, टाइटन 1.94 प्रतिशत, अडानी पोर्ट्स 1.85 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक 1.51 प्रतिशत, महिंद्रा एंड महिंद्रा 1.39 प्रतिशत, हिंदुस्तान यूनिलीवर 1.27 प्रतिशत, टाटा स्टील 1.08 प्रतिशत और एशियन पेंट्स में करीब एक प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इंडिगो, ट्रेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारतीय स्टेट बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयर भी हरे निशान में बंद हुए।

    वहीं, एलएंडटी, मारुति सुजुकी, एक्सिस बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 2.47 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 2.03 प्रतिशत गिरा। जबकि हांगकांग का हैंगसेंग 0.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता रहा। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान जर्मनी का डैक्स 1.66 प्रतिशत और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.92 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे।

  • Stock Market Update: आईटी, बैंकिंग कंपनियों में बिकवाली से सेंसेक्स एक सप्ताह के निचले स्तर पर!

    Stock Market Update: आईटी, बैंकिंग कंपनियों में बिकवाली से सेंसेक्स एक सप्ताह के निचले स्तर पर!

    Stock Market Update: आईटी, बैंकिंग और एफएमसीजी कंपनियों में बिकवाली के दबाव में घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को प्रमुख सूचकांकों गिरावट में रहे और सेंसेक्स एक सप्ताह के निचले स्तर पर बंद हुआ।

    प्रमुख सूचकांकों में पूरे दिन उतार-चढ़ाव रहा। बीएसई का सेंसेक्स नीचे 76,329 अंक और ऊपर 77,037 अंक तक गया। इस प्रकार इसमें 708 अंक का उतार-चढ़ाव देखा गया। अंत में सेंसेक्स 249.70 अंक (0.33 प्रतिशत) टूटकर 76,478.67 अंक पर रहा।

    नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक भी 80.50 अंक यानी 0.34 प्रतिशत नीचे 23,865.75 अंक पर बंद हुआ। यह दोनों सूचकांकों का 23 मई के बाद का निचला स्तर है।

    प्रमुख सूचकांकों के विपरीत वृहत बाजारों में तेजी देखी गयी। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.42 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.02 प्रतिशत ऊपर रहा।

    आईटी समूह में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। निफ्टी आईटी सूचकांक 2.73 प्रतिशत गिर गया। एफएमसीजी, बैंकिंग और मीडिया समूहों में भी गिरावट रही। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, रसायन, रियल्टी, फार्मा और ऑटो सेक्टरों में तेजी रही।

    एनएसई में जिन 3,411 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें 1,919 के शेयर ऊपर रहे जबकि 1,383 में गिरावट देखी गयी। अन्य 109 कंपनियों के शेयर अंततः अपरिवर्तित बंद हुए।

    सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 20 के शेयर लाल निशान में रहे। सबसे ज्यादा नुकसान आईटी कंपनियों ने उठाया। इंफोसिस में 3.49 प्रतिशत, टीसीएस में तीन प्रतिशत, एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 2.82 प्रतिशत और टेक महिंद्रा में 2.08 प्रतिशत की गिरावट रही।

    एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनीलिवर का शेयर 1.50 फीसदी और आईटीसी का 1.31 फीसदी टूट गया। भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा और एलएंडटी के शेयर भी नीचे बंद हुए।

    मारुति सुजुकी का शेयर 5.14 प्रतिशत की बढ़त में रहा। टाइटन में 2.93 फीसदी, बजाज फाइनेंस में 2.22 फीसदी तथा इटरनल में 2.06 फीसदी की तेजी रही। अडानी पोर्ट्स का शेयर 1.89 प्रतिशत और बजाज फिनसर्व का 1.31 प्रतिशत से अधिक चढ़ा। इंडिगो, ट्रेंट और भारती एयरटेल भी बढ़त में रहे।

    वैश्विक स्तर पर एशिया में जापान का निक्केई 0.86 फीसदी और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.50 फीसदी ऊपर बंद हुआ। हांगकांग का हैंग सेंग 0.63 फीसदी गिर गया। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 1.15 प्रतिशत और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.76 प्रतिशत ऊपर रहा।

  • Stock Market Crash: वैश्विक दबाव में शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 893 अंक और निफ्टी 278 अंक लुढ़का

    Stock Market Crash: वैश्विक दबाव में शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 893 अंक और निफ्टी 278 अंक लुढ़का

    Stock Market Crash: वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच मंगलवार को घरेलू शेयर बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांक एक प्रतिशत से अधिक टूटकर बंद हुए।

    कारोबार की शुरुआत में मामूली कमजोरी के बाद बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स कुछ समय के लिए हरे निशान में पहुंचा, लेकिन दोपहर बाद निवेशकों की बिकवाली तेज हो गई। दिन के अंत में सेंसेक्स 893.39 अंक यानी 1.16 प्रतिशत गिरकर 76,200.68 अंक पर बंद हुआ।

    इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक भी 278.80 अंक या 1.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,824.10 अंक पर बंद हुआ। यह दोनों सूचकांकों का 12 जून के बाद का सबसे निचला स्तर है।

    विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा महंगाई पर नियंत्रण के लिए सख्त नीतिगत कदम उठाए जाने की आशंकाओं ने वैश्विक निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। इसका असर एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला। खासकर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के शेयरों में पूरे दिन दबाव बना रहा।

    व्यापक बाजार में भी कमजोरी का माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.90 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.48 प्रतिशत नीचे बंद हुए। फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर को छोड़कर अधिकांश सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। आईटी, धातु, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, रियल्टी, मीडिया, उपभोक्ता टिकाऊ उत्पाद तथा तेल एवं गैस क्षेत्र के शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली रही।

    एनएसई में कारोबार करने वाली 3,399 कंपनियों में से 2,280 के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि 1,020 कंपनियों के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। 99 कंपनियों के शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

    सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में इंफोसिस के शेयर 3.36 प्रतिशत और टीसीएस के शेयर 3.16 प्रतिशत टूट गए। इसके अलावा बीईएल, टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एसबीआई, टाइटन, एचडीएफसी बैंक, टेक महिंद्रा और रिलायंस इंडस्ट्रीज सहित कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं पावरग्रिड का शेयर बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा।

    वैश्विक बाजारों की बात करें तो जापान का निक्केई सूचकांक 3.55 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग 1.82 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 1.37 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान कमजोरी का रुख बना रहा।

  • Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में 27 करोड़ शेयर होंगे जारी, बीएसई और एनएसई पर होगी लिस्टिंग

    Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में 27 करोड़ शेयर होंगे जारी, बीएसई और एनएसई पर होगी लिस्टिंग

    Jio Platforms IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स के बहुप्रतीक्षित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) में 27 करोड़ इक्विटी शेयर निवेशकों के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। कंपनी के निदेशक मंडल ने शुक्रवार को आईपीओ के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस को मंजूरी देने के बाद इसे भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास जमा करा दिया।

    प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर 10 रुपये के अंकित मूल्य के होंगे और कंपनी के शेयरों को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में सूचीबद्ध किया जाएगा।

    आईपीओ में कम से कम 35 प्रतिशत हिस्सेदारी खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगी, जबकि 15 प्रतिशत शेयर गैर-संस्थागत निवेशकों को आवंटित किए जाएंगे। पात्र संस्थागत खरीदारों के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सेदारी निर्धारित की गई है।

    रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कंपनी की वार्षिक आम बैठक में कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की प्रक्रिया का नेतृत्व ईशा अंबानी, आकाश अंबानी और अनंत अंबानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जियो ने भारत में दूरसंचार क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है और देश को तकनीक के आयातक से नवाचार करने वाले राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    कंपनी के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक रिलायंस जियो के कुल ग्राहकों की संख्या 52.44 करोड़ थी, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में उसका परिचालन राजस्व 1,46,885 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

    आईपीओ से जुटाई जाने वाली राशि में से 27,500 करोड़ रुपये का उपयोग रिलायंस जियो इंफोकॉम की देनदारियों को पूरी तरह या आंशिक रूप से चुकाने के लिए किया जाएगा।

  • Sensex Six Week High: लगातार पांचवें दिन तेजी, सेंसेक्स छह सप्ताह के उच्चतम स्तर पर बंद

    Sensex Six Week High: लगातार पांचवें दिन तेजी, सेंसेक्स छह सप्ताह के उच्चतम स्तर पर बंद

    Sensex Six Week High: घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते से जुड़ी सकारात्मक खबरों के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिससे बाजार मजबूत होकर बंद हुए। इस दौरान बीएसई का सेंसेक्स छह सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

    कारोबार के अंत में सेंसेक्स 254.36 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,409.98 अंक पर बंद हुआ, जो 7 मई के बाद इसका सर्वोच्च स्तर है। वहीं, एनएसई का निफ्टी-50 सूचकांक 82.30 अंक या 0.34 प्रतिशत मजबूत होकर 24,168 अंक पर पहुंच गया, जो 8 मई के बाद का उच्चतम स्तर है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी का रुख बना रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.32 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.44 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।

    बाजार में स्वास्थ्य, फार्मा, वित्तीय सेवाओं, बैंकिंग, रियल्टी, मीडिया और रसायन क्षेत्र के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखी गई, जबकि आईटी सेक्टर दबाव में रहा। निफ्टी आईटी सूचकांक 1.19 प्रतिशत गिर गया। एनएसई पर कारोबार करने वाली 3,384 कंपनियों में से 1,897 शेयर बढ़त में और 1,382 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि 105 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

    सेंसेक्स की कंपनियों में इंडिगो, ट्रेंट, बीईएल, एनटीपीसी, भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। दूसरी ओर, इंफोसिस, मारुति सुजुकी, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में कमजोरी देखी गई।

    वैश्विक बाजारों की बात करें तो जापान का निक्केई सूचकांक 1.65 प्रतिशत चढ़ा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान कमजोरी का रुख देखने को मिला।

  • NSE Social Stock Exchange को बड़ा बढ़ावा, CSR फंडिंग का रास्ता हुआ आसान!

    NSE Social Stock Exchange को बड़ा बढ़ावा, CSR फंडिंग का रास्ता हुआ आसान!

    NSE Social Stock Exchange: भारत के Social Stock Exchange (SSE) इकोसिस्टम को बड़ा बढ़ावा मिला है। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) ने कंपनियों को अपने Corporate Social Responsibility (CSR) खर्च का एक हिस्सा Social Stock Exchange के माध्यम से लगाने की अनुमति दे दी है। इस फैसले से गैर-लाभकारी संगठनों (NPOs) और सामाजिक संस्थाओं के लिए फंड जुटाने के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।

    नई व्यवस्था के तहत कंपनियां अपने वार्षिक CSR बजट का एक निर्धारित हिस्सा Social Stock Exchange पर सूचीबद्ध पात्र गैर-लाभकारी संगठनों को Zero Coupon Zero Principal (ZCZP) इंस्ट्रूमेंट्स के माध्यम से उपलब्ध करा सकेंगी। MCA ने इसके लिए Companies Act, 2013 के तहत CSR नियमों में संशोधन किया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत में सामाजिक वित्तपोषण (Social Financing) को मजबूत करेगा। इससे सामाजिक प्रभाव वाले प्रोजेक्ट्स को अधिक पारदर्शी और विनियमित तरीके से वित्तीय सहायता मिल सकेगी। साथ ही कॉर्पोरेट कंपनियों को भी अपने CSR खर्च के प्रभाव को बेहतर तरीके से मापने और ट्रैक करने का अवसर मिलेगा।

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    Social Stock Exchange एक ऐसा विशेष प्लेटफॉर्म है जो सामाजिक संस्थाओं, गैर-लाभकारी संगठनों और निवेशकों को एक साथ जोड़ता है। पारंपरिक शेयर बाजार की तरह यहां वित्तीय लाभ कमाने के उद्देश्य से निवेश नहीं किया जाता, बल्कि सामाजिक प्रभाव और जनकल्याण को प्राथमिकता दी जाती है।

    NSE के अधिकारियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सामाजिक क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वसनीयता बढ़ेगी। उनका मानना है कि कंपनियों को अब एक संरचित और विनियमित प्लेटफॉर्म मिलेगा, जिसके जरिए वे अपने CSR फंड को प्रभावी सामाजिक परियोजनाओं तक पहुंचा सकेंगी।

    विशेषज्ञों के अनुसार, इस बदलाव से सामाजिक संगठनों के लिए पूंजी जुटाने की प्रक्रिया आसान होगी और सामाजिक परियोजनाओं के लिए दीर्घकालिक फंडिंग का रास्ता खुलेगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले संगठनों को भी लाभ मिलने की संभावना है।

    गौरतलब है कि Social Stock Exchange की अवधारणा पहली बार केंद्रीय बजट 2019 में पेश की गई थी। इसका उद्देश्य पूंजी बाजार को सामाजिक विकास और समावेशी वृद्धि से जोड़ना था। नए नियमों के लागू होने के बाद इस पहल को और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।