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  • Bhiwandikar Nyay Manch: भिवंडीकर न्याय मंच ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से वर्ष 2027 में महावितरण की फ्रैंचाइज़ी व्यवस्था समाप्त करने की मांग की!

    Bhiwandikar Nyay Manch: भिवंडीकर न्याय मंच ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से वर्ष 2027 में महावितरण की फ्रैंचाइज़ी व्यवस्था समाप्त करने की मांग की!

    Bhiwandikar Nyay Manch: भिवंडीकर न्याय मंच के एक शिष्टमंडल ने आज माननीय उप-विभागीय अधिकारी से मुलाकात कर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से वर्ष 2027 में भिवंडी शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र में महावितरण की फ्रैंचाइज़ी व्यवस्था समाप्त कर किसी अन्य निजी विद्युत वितरण कंपनी, जैसे टाटा पावर लिमिटेड अथवा अडानी पावर लिमिटेड, को विद्युत वितरण की जिम्मेदारी सौंपने की मांग की गई।

    ज्ञापन में कहा गया है कि महाराष्ट्र शासन द्वारा वर्ष 2007 में टोरेंट पावर लिमिटेड को महावितरण की फ्रैंचाइज़ी के रूप में भिवंडी शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कंपनी का दूसरा कार्यकाल जनवरी 2027 में समाप्त होने वाला है। पिछले लगभग 20 वर्षों के दौरान महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर, जळगांव एवं औरंगाबाद जैसे शहरों में भी महावितरण की फ्रैंचाइज़ी विभिन्न निजी कंपनियों को प्रदान की थी, किंतु स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के विरोध के बाद इन शहरों में फ्रैंचाइज़ी व्यवस्था समाप्त कर दी गई।

    इसके विपरीत, भिवंडी तालुका में अनेक आंदोलनों एवं विरोध प्रदर्शनों के बावजूद आज तक टोरेंट पावर लिमिटेड महावितरण की फ्रैंचाइज़ी के रूप में कार्यरत है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि भिवंडी तालुका देशभर में पावरलूम उद्योग के लिए प्रसिद्ध रहा है, जिसने लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है।

    किंतु अत्यधिक बिजली दरों, कथित फास्ट मीटर तथा कंपनी के मनमाने रवैये के कारण पावरलूम उद्योग गंभीर संकट का सामना कर रहा है और हजारों उद्यमी अपना कारोबार बंद कर अन्य शहरों एवं राज्यों की ओर पलायन करने को विवश हुए हैं।

    इसके अतिरिक्त, मध्यमवर्गीय एवं गरीब उपभोक्ता भी अत्यधिक बिजली बिल, कथित फास्ट मीटर, झूठे विजिलेंस मामलों तथा कंपनी के कथित दमनात्मक व्यवहार से परेशान हैं। वर्ष 2007 में फ्रैंचाइज़ी व्यवस्था लागू करने का उद्देश्य नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं सस्ती दरों पर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना था, किंतु वर्तमान परिस्थितियों में भिवंडी का आम नागरिक अनेक समस्याओं का सामना कर रहा है।

    इसलिए भिवंडीकर न्याय मंच ने महाराष्ट्र सरकार से मांग की है कि जनवरी 2027 में टोरेंट पावर लिमिटेड की महावितरण फ्रैंचाइज़ी व्यवस्था समाप्त कर भिवंडी शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र में किसी अन्य निजी विद्युत वितरण कंपनी, जैसे टाटा पावर लिमिटेड अथवा अडानी पावर लिमिटेड, को विद्युत वितरण की जिम्मेदारी प्रदान कर भिवंडीकरों के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाए।

    इस अवसर पर भिवंडीकर न्याय मंच के अध्यक्ष शादाब उस्मानी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि महावितरण की फ्रैंचाइज़ी व्यवस्था को समाप्त करने हेतु आज 17 जून से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जनता की भावना को संवैधानिक माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

    उन्होंने कहा कि यह केवल संघर्ष की शुरुआत है और आने वाले समय में भिवंडी तालुका के वर्तमान एवं पूर्व विधायक, सांसद, महापौर, उपमहापौर, नगरसेवक तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं समाजसेवकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर जनआंदोलन भी किया जाएगा, ताकि वर्ष 2027 में राज्य सरकार महावितरण की फ्रैंचाइज़ी का पुनः टेंडर जारी करने के बजाय सभी इच्छुक विद्युत वितरण कंपनियों को भिवंडी तालुका में बिजली वितरण हेतु प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर आमंत्रित करे, जिससे टाटा पावर और अडानी पावर जैसी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा के माध्यम से भिवंडी के नागरिकों को बेहतर एवं सस्ती विद्युत सेवा उपलब्ध हो सके।
    इस अवसर पर शादाब उस्मानी के साथ एड. अनिल राठौड़, राम लहारे, एड. राकेश पाल, हमज़ा सिद्दीकी, सुरेश तौटी, अब्दुल्लाह संजरी, सुधाकर आँचन, शादाब खान, फरीद खान एवं हमीद शेख उपस्थित थे।

  • Sureshchandra Rajhans: ईरान-इज़राइल युद्ध के बहाने बढ़ी ईंधन कीमतें वापस लेने की मांग!

    Sureshchandra Rajhans: ईरान-इज़राइल युद्ध के बहाने बढ़ी ईंधन कीमतें वापस लेने की मांग!

    Sureshchandra Rajhans: पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों के विरोध में मुंबई कांग्रेस द्वारा शहरभर में आंदोलन किए जा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ईरान-इज़राइल युद्ध की आड़ लेकर केंद्र की मोदी सरकार आम जनता की जेब पर डाका डाल रही है और पेट्रोलियम कंपनियों के मुनाफे के लिए लगातार ईंधन के दाम बढ़ाए जा रहे हैं।

    सुरेशचंद्र राजहंस का कहना है कि पिछले 10-12 दिनों से पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दामों में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है, जिससे आम नागरिकों, वाहन चालकों, व्यापारियों और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। पार्टी ने मांग की है कि बढ़ाए गए ईंधन दरों को तत्काल वापस लिया जाए।

    इसी मांग को लेकर मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद के नेतृत्व में मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों में आंदोलन आयोजित किए जा रहे हैं।

    चारकोप विधानसभा क्षेत्र में भी “जनता की लूट बंद करो, पेट्रोल-डीजल-सीएनजी की दरवृद्धि वापस लो” की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह आंदोलन पूर्व मंत्री एवं विधायक के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।

    इस अवसर पर जिला अध्यक्ष राजपती यादव, मुंबई कांग्रेस के प्रवक्ता एवं मीडिया समन्वयक सुरेशचंद्र राजहंस, स्लम सेल के अध्यक्ष नीलेश नानचे, नगरसेविका डॉ. अजंता यादव, पूर्व नगरसेविका शीतल म्हात्रे, स्लम सेल के जिला अध्यक्ष फारुख शेख सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि महंगाई से पहले ही परेशान जनता पर ईंधन मूल्य वृद्धि का अतिरिक्त बोझ डालना अन्यायपूर्ण है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बढ़ी हुई कीमतें वापस नहीं लीं तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

  • Vivek Tiwari Demand: शास्त्री विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, समाजसेवी विवेक तिवारी ने की कार्रवाई की मांग!

    Vivek Tiwari Demand: शास्त्री विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, समाजसेवी विवेक तिवारी ने की कार्रवाई की मांग!

    Vivek Tiwari Demand: विरार पूर्व स्थित शास्त्री विद्यालय की सुरक्षा एवं भवन संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर समाजसेवी विवेक तिवारी ने जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक/माध्यमिक), जिला परिषद पालघर को लिखित शिकायत सौंपकर तत्काल जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पत्र के अनुसार शास्त्री विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों की सुरक्षा गंभीर खतरे में बताई गई है।

    पत्र में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय के पास विरार-वसई महानगरपालिका (VVMC) द्वारा जारी आवश्यक फायर एनओसी (Fire NOC) नहीं है। साथ ही अग्निशमन विभाग द्वारा पूर्व में जारी नोटिस एवं चेतावनी के बावजूद विद्यालय प्रशासन द्वारा आवश्यक सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए हैं।

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    विवेक तिवारी ने अपने पत्र में कहा है कि विद्यालय की संरचनात्मक स्थिति भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं दिखाई देती। आपातकालीन परिस्थितियों में विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकालने के पर्याप्त मार्ग उपलब्ध नहीं हैं, जिससे किसी भी दुर्घटना की स्थिति में बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है।

    उन्होंने महाराष्ट्र शासन के स्कूल रेगुलेशन कानूनों एवं विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए विद्यालय की तत्काल जांच कराने की मांग की है। साथ ही विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक होने पर विद्यालय को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने अथवा विद्यालय संचालन पर उचित निर्णय लेने का आग्रह किया है। समाजसेवी विवेक तिवारी ने जिला शिक्षा विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है।