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  • Mumbra Heart-wrenching Incident: मुंब्रा में गर्भवती महिला की मौत, आरोपी पति पर सख्त कार्रवाई की मांग

    Mumbra Heart-wrenching Incident: मुंब्रा में गर्भवती महिला की मौत, आरोपी पति पर सख्त कार्रवाई की मांग

    Mumbra Heart-wrenching Incident: मुंब्रा में एक बेहद दर्दनाक और इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि 5 महीने की गर्भवती महिला महजबीन शेख के साथ उसके पति सैफ पटेल द्वारा बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे गर्भ में पल रहे 5 माह के मासूम बच्चे की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि महिला की हालत लगातार बिगड़ती रही और गर्भ में बच्चे की मौत के दो दिन बाद उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया।

    पीड़िता की मां फरजाना शेख ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शादी के बाद से ही घरेलू विवाद, प्रताड़ना और खाना सही नहीं बनाने को लेकर ताने दिए जाते थे। महजबीन का एक 4 वर्षीय बेटा भी है। परिवार के अनुसार, बीते कई महीनों से घरेलू कलह, आर्थिक तनाव और कथित मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना के चलते हालात बदतर होते गए। पड़ोसियों का भी दावा है कि अक्सर रात में झगड़े की आवाजें सुनाई देती थीं और गर्भवती होने के बावजूद महिला से घर का काम करवाया जाता था।

    परिजनों के अनुसार, जब महजबीन की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई तो उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे कलवा स्थित शिवाजी अस्पताल रेफर करने की सलाह दी। लेकिन अफसोस, अस्पताल पहुंचने के करीब एक घंटे के भीतर ही पीड़ित महिला महजबीन की भी मौत हो गई, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि महजबीन की हालत गंभीर होने के बाद उसके पति सैफ पटेल और उसके माता-पिता मौके से फरार हो गए।

    परिवार का कहना है कि महिला की बिगड़ती हालत को देखकर भी किसी तरह की जिम्मेदारी नहीं निभाई गई और सभी घर छोड़कर चले गए। घटना के बाद इलाके में गुस्से का माहौल है। स्थानीय नागरिकों और परिवार की मांग है कि आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि किसी और बेटी की जिंदगी इस तरह बर्बाद न हो।

    यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल घरेलू हिंसा नहीं बल्कि एक मां और उसके अजन्मे बच्चे की जिंदगी छीनने का गंभीर अपराध है। मुंब्रा पुलिस प्रशासन से मांग की जा रही है कि मामले की निष्पक्ष और तेज़ जांच कर आरोपी को फौरन ढूंढकर कानून के कठघरे में लाया जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

  • Dowry Harassment Case: दहेज में कार न मिलने पर विवाहिता को किया प्रताड़ित, पति समेत चार पर केस

    Dowry Harassment Case: दहेज में कार न मिलने पर विवाहिता को किया प्रताड़ित, पति समेत चार पर केस

    Dowry Harassment Case: भिवंडी के कोनगांव क्षेत्र में दहेज में चार पहिया वाहन न दिए जाने से नाराज ससुराल वालों द्वारा विवाहिता को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देने का मामला सामने आया है।महिला की शिकायत पर शांतीनगर पुलिस ने पति, सास और दो ननदों सहित चार लोगों दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार रामनगर स्थित चाविंद्रा रोड क्षेत्र की रहने वाली 23 वर्षीय विवाहिता ने शिकायत दर्ज कराई है कि विवाह के बाद से उसके ससुराल पक्ष के लोग लगातार उसे मायके से चार पहिया वाहन खरीदने के लिए पैसे लाने का दबाव बना रहे थे।

    कोनगांव स्थित सिद्धि विनायक अपार्टमेंट में रहते वाले उसके पति राजकुमार लालताप्रसाद गुप्ता, सास कलावती गुप्ता, ननद प्रियंका और शीतल ने आपस में मिलकर 15 जुलाई 2021 से लेकर अब तक उसे बार-बार ताने दिए, गाली-गलौज की और मारपीट कर मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।

    पीड़िता का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर उसे ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया जिसके बाद वह शांतीनगर पुलिस स्टेशन पहुंची और चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 85, 115(2), 352, 351(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।

    मामले की जांच महिला पुलिस अधिकारी मनाली फर्डे कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • Bihar Women’s Helpline: महिला सुरक्षा की मजबूत कड़ी बनी 181 हेल्पलाइन, 69 हजार से अधिक मामलों में पहुंचाई मदद!

    Bihar Women’s Helpline: महिला सुरक्षा की मजबूत कड़ी बनी 181 हेल्पलाइन, 69 हजार से अधिक मामलों में पहुंचाई मदद!

    Bihar Women’s Helpline: राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करने के लिए संचालित 181 महिला हेल्पलाइन संकटग्रस्त महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर उभरी है। यह टोल-फ्री सेवा 24 घंटे उपलब्ध है, जिसके माध्यम से महिलाएं घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, मानव तस्करी और अन्य शिकायतों की जानकारी देकर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकती हैं।

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    समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा संचालित इस हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों को संबंधित अधिकारियों तक तुरंत पहुंचाया जाता है। अब तक हेल्पलाइन पर 69,101 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से 58,596 मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है।

    हेल्पलाइन के जरिए पीड़ित महिलाओं को जरूरत के अनुसार पुलिस, वन स्टॉप सेंटर, अस्पताल, एम्बुलेंस, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा अन्य सहायता एजेंसियों से जोड़ा जाता है। साथ ही उन्हें कानूनी सहायता, काउंसलिंग, सुरक्षा और आश्रय जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। राज्य सरकार का कहना है कि 181 महिला हेल्पलाइन महिलाओं को त्वरित सहायता और न्याय दिलाने के साथ-साथ उन्हें आत्मविश्वास और सुरक्षा का एहसास कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

  • Commission Seeks Report: देवघर सुधार गृह में युवती की मौत से हड़कंप, आयोग ने तलब की विस्तृत रिपोर्ट!

    Commission Seeks Report: देवघर सुधार गृह में युवती की मौत से हड़कंप, आयोग ने तलब की विस्तृत रिपोर्ट!

    Commission Seeks Report: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग(एनएचआरसी) ने झारखंड के देवघर जिले स्थित एक सुधार गृह में 19 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव और देवघर के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है।

    मानवाधिकार आयोग ने दोनों अधिकारियों से दो सप्ताह में मामले की विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है। आयोग ने कहा है कि यदि मीडिया में प्रकाशित तथ्य सही हैं तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। रिपोर्टों के अनुसार, देवघर जिले के चरखी पहाड़ी क्षेत्र स्थित सुधार गृह में गत दो मई को एक युवती की अचानक तबीयत बिगड़ गई और उसे देवघर सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गयी।

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    मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। आयोग ने इस बात पर भी चिंता जतायी कि इस साल पहली जनवरी से अब तक इस सुधार गृह में पांच कैदियों की मौत हो चुकी है। आयोग ने कहा कि लगातार हो रही इन घटनाओं से सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

  • Palghar Atrocity Case: पीड़िता को न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष, डॉ. नीलम गोरे ने की आरोपी की नॉन-बेलब्ल डिमांड!

    Palghar Atrocity Case: पीड़िता को न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष, डॉ. नीलम गोरे ने की आरोपी की नॉन-बेलब्ल डिमांड!

    Palghar Atrocity Case: पालघर जिले के कासा पुलिस थाना क्षेत्र में एक नाबालिग आदिवासी लड़की के साथ कथित “भोंदू बाबा” द्वारा किए गए दुष्कर्म के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। इस घटना पर महाराष्ट्र विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोरे ने सख्त रुख अपनाते हुए पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात की तथा न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

    डॉ. गोरे ने स्पष्ट कहा कि पीड़ित परिवार की एकमात्र मांग न्याय है और किसी भी स्थिति में आरोपी को जमानत नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर मामले की त्वरित जांच और न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने की बात कही।

    पीड़िता के भविष्य पर विशेष ध्यान
    डॉ. गोरे ने बताया कि पीड़िता आगे पढ़ाई कर पुलिस अधिकारी बनना चाहती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार की सभी योजनाओं के माध्यम से उसकी शिक्षा और करियर को पूरा समर्थन दिया जाएगा।

    दबाव बनाने वालों पर भी होगी कार्रवाई
    उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति आरोपी की मदद करता है, गवाहों को प्रभावित करता है या किसी भी प्रकार का दबाव बनाता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    डीएनए जांच और गवाह सुरक्षा पर जोर
    मामले को मजबूत बनाने के लिए डीएनए जांच सहित सभी वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जाएंगे। साथ ही गवाह संरक्षण कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी बल दिया गया है।

    उपमुख्यमंत्री ने जताया भरोसा
    इस दौरान डॉ. गोरे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से फोन पर बात कर पूरी जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री ने पीड़िता और उसके परिवार से बातचीत कर उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी तरह उनके साथ है और आरोपी को कड़ी सजा दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने पीड़िता की शिक्षा की जिम्मेदारी भी लेने की बात कही।

    ‘मनोधैर्य’ योजना के तहत मदद
    प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि पीड़िता को ‘मनोधैर्य’ योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता, पुलिस सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा और मानसिक परामर्श तुरंत उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा।

    अंधविश्वास के खिलाफ सख्ती
    डॉ. गोरे ने अंधविश्वास और भोंदूगिरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

    फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग
    राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को देखते हुए उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट की संख्या बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अपेक्षित अदालतों की तुलना में कम अदालतें कार्यरत हैं, जिससे मामलों में देरी हो रही है।

    प्रशासनिक समीक्षा बैठक
    इस मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक भी की गई, जिसमें जांच की प्रगति, साक्ष्य संग्रह और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।

    अंत में डॉ. गोरे ने दोहराया कि पीड़िता को न्याय मिलने तक यह लड़ाई जारी रहेगी और किसी भी कीमत पर आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

  • Congress demands Fadnavis’ resignation: डॉ. संपदा मुंडे की मौत संस्थागत हत्या, फडणवीस इस्तीफा दें : वर्षा गायकवाड़

    Congress demands Fadnavis’ resignation: डॉ. संपदा मुंडे की मौत संस्थागत हत्या, फडणवीस इस्तीफा दें : वर्षा गायकवाड़

    नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने महाराष्ट्र की चिकित्सक डॉ. संपदा मुंडे की मौत को “संस्थागत हत्या” करार देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की मांग की है।
    पार्टी ने इस मामले में विशेष जांच दल (SIT) या न्यायिक जांच गठित करने की भी मांग की है ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों को सज़ा मिल सके।

    दिल्ली स्थित एआईसीसी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड़ और महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटील ने कहा कि सतारा जिले के एक अस्पताल में कार्यरत डॉ. संपदा मुंडे को राजनीतिक दबाव, ब्लैकमेलिंग और यौन उत्पीड़न के कारण आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया।

    कांग्रेस नेताओं ने बताया कि डॉ. संपदा पर एक चीनी मिल, जो पूर्व भाजपा सांसद रणजीत सिंह नाईक निम्बालकर की है, के अधिकारियों द्वारा फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेरफेर करने का दबाव डाला जा रहा था।
    जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन्हें लगातार परेशान और ब्लैकमेल किया गया। शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।

    वर्षा गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने बिना किसी जांच के नाईक को क्लीन चिट दी, जो स्पष्ट रूप से सत्ता के दुरुपयोग का मामला है।
    उन्होंने राज्य महिला आयोग के रवैये पर भी नाराज़गी जताई, कहा कि आयोग ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात तक नहीं की और उल्टे चरित्र हनन में शामिल हो गया।

    अतुल लोंढे पाटील ने कहा कि यह घटना आरएसएस की मानसिकता को दर्शाती है, जो दलितों और आदिवासियों के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया रखती है और अपराधियों को संरक्षण देती है।
    उन्होंने मांग की कि फडणवीस को मुख्यमंत्री और गृह मंत्री दोनों पदों से तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।

    लोंढे ने यह भी बताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने डॉ. संपदा मुंडे के परिवार से बात कर न्याय की इस लड़ाई में कांग्रेस का पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया है।