बालकुम अमेज़न डेटा सेंटर पर विवाद, सांसद नरेश म्हस्के ने परियोजना रोकने और पेड़ों की कटाई की जांच की मांग की
ठाणे | दिनेश चंद्र रावल
Naresh Mhaske ने ठाणे के बालकुम क्षेत्र में प्रस्तावित अमेज़न डेटा सेंटर परियोजना को लेकर गंभीर आपत्तियां जताई हैं। उन्होंने Thane नगर निगम आयुक्त और ठाणे जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जनहित में परियोजना को तत्काल रोकने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
सांसद का कहना है कि प्रस्तावित डेटा सेंटर से क्षेत्र में ट्रैफिक जाम, ध्वनि एवं वायु प्रदूषण बढ़ सकता है, जबकि पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परियोजना स्थल पर बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की गई है, जिसकी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
स्थानीय नागरिकों और पर्यावरणविदों का विरोध
ज्ञापन के अनुसार, परियोजना क्षेत्र के आसपास कई आवासीय सोसायटियां, स्कूल, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं मौजूद हैं। स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि इतने बड़े डेटा सेंटर के निर्माण से क्षेत्र की जीवन गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
सांसद ने कहा कि ठाणे शहर पहले से ही ट्रैफिक, जल संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में इस परियोजना से शहर पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है।
रोजगार और लाभ पर मांगी स्पष्टता
नरेश म्हस्के ने कहा कि अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस परियोजना से स्थानीय लोगों को कितने रोजगार मिलेंगे, शहर को क्या प्रत्यक्ष लाभ होगा और क्षेत्र के विकास में इसका वास्तविक योगदान क्या रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना से जुड़े वैधानिक अनुमोदन, पर्यावरणीय मंजूरियां और उनसे जुड़ी शर्तों के पालन को लेकर नागरिकों के मन में कई सवाल हैं। इन सभी जानकारियों को सार्वजनिक और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
स्वतंत्र जांच और सार्वजनिक सुनवाई की मांग
सांसद ने प्रशासन से मांग की है कि—
- परियोजना से जुड़े सभी निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोके जाएं।
- सभी अनुमतियों और पर्यावरणीय मंजूरियों की स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति से समीक्षा कराई जाए।
- स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी में विस्तृत सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की जाए।
- पर्यावरण, यातायात, जल खपत और ध्वनि प्रदूषण से जुड़ी सभी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएं।
- नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, संबंधित विभागों और विशेषज्ञों की संयुक्त बैठक बुलाकर आपत्तियों पर निर्णय लिया जाए।
सांसद ने कहा कि स्थानीय लोगों के व्यापक विरोध और जनहित को देखते हुए परियोजना को फिलहाल स्थगित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

