Bhiwandi Farmers’ Protest: भिवंडी तालुका के मौजे कुकसे में प्राकृतिक नाले को बंद कर खेती की जमीन को नुकसान पहुँचाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय किसानों ने डेवलपर और उनका साथ देने वाले राजस्व प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, कुकसे सीमा के भीतर स्थित सर्वे नंबर 15 और 5/बी/1 की बंजर जमीन किसान नरेश पाटिल और अन्य ग्रामीणों के पूर्वजों के समय से उनके कब्जे और अधिकार में है। इस जमीन से बारिश के पानी की निकासी के लिए वर्षों पुराना एक प्राकृतिक नाला बहता था।
आरोप है कि मेसर्स साई सद्गुरु रियल्टी एलएलपी के डेवलपर्स ने इस पुराने नाले को पूरी तरह से बंद कर दिया है। इसके चलते पिछले साल मानसून के दौरान पानी की निकासी न होने के कारण पूरी खेती ने तालाब का रूप ले लिया था, जिससे किसानों की फसल को भारी नुकसान पहुँचा।
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किसान नरेश पाटिल और अन्य ग्रामीणों ने तहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन में कहा है कि नाला बंद होने से उनकी खेती बर्बाद हो रही है। खेती ही उनके जीवनयापन का एकमात्र साधन है और अब उनके सामने भुखमरी की नौबत आ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व प्रशासन विकासकों का पक्ष ले रहा है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब किसान इस अवैध निर्माण का विरोध करते हैं, तो पुलिस विकासक का पक्ष लेकर किसानों को ही धमकाने का काम करती है। स्थानीय किसानों ने मांग की है कि प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप करे और पुराने प्राकृतिक नाले को पूर्ववत करे। साथ ही, विकासक द्वारा बनाए जा रहे नए अवरोधों को तत्काल बंद करने की चेतावनी दी गई है ताकि आने वाले मानसून में किसानों की जमीन को और अधिक नुकसान न हो।

