Pune Municipal Corporation: भारतीय जनता पार्टी में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। पूणे महानगरपालिका (Pune Municipal Corporation) के प्रभाग 22 की दो महिला पार्षदों के बीच विवाद अब पुलिस स्टेशन से होते हुए सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है, जिससे पार्टी की अनुशासित छवि पर सवाल उठने लगे हैं। (Internal Strife within the BJP)
जानकारी के अनुसार, भाजपा पार्षद अर्चना पाटील और मृणाल कांबळे के बीच लंबे समय से चल रहा मतभेद अब खुले टकराव में बदल गया है। अर्चना पाटील ने आरोप लगाया है कि मृणाल कांबळे ने उनका मॉर्फ किया हुआ वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की। साथ ही पुलिस आयुक्त की मौजूदगी में हुई बैठक के बयानों को भी तोड़-मरोड़कर उनके नाम से प्रसारित किए जाने का आरोप लगाया गया है।
अर्चना पाटील ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और देवेन्द्र फडणवीस को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि पार्टी के भीतर कई बार मुद्दा उठाने के बावजूद समाधान नहीं निकला। दूसरी ओर, मृणाल कांबळे ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इसे “पब्लिसिटी स्टंट” करार दिया है। उनका कहना है कि विकास कार्यों में बाधा डालने के लिए जानबूझकर विवाद खड़ा किया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अनुशासन और कैडर आधारित राजनीति का दावा करने वाली भाजपा के भीतर इस तरह का खुला विवाद नेतृत्व के लिए चुनौती बन सकता है, खासकर जब मामला सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच चुका हो। फिलहाल, पार्टी नेतृत्व की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

