मुंबई: Malad के मीट चौकी इलाके में बुधवार दोपहर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। ट्रैफिक पुलिस की गैरमौजूदगी के चलते भीषण जाम लग गया, जिसमें हजारों लोग घंटों फंसे रहे। (Traffic in Malad) तेज धूप और उमस भरी गर्मी के बीच यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हैरानी की बात यह रही कि जाम की वजह किसी विशेष चेकिंग अभियान नहीं, बल्कि चौराहे पर ट्रैफिक नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति रही।
इसी दौरान एक समुदाय के पर्व के चलते मंदिर के पास अचानक भीड़ बढ़ गई, लेकिन उसे संभालने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया। नतीजतन सड़क पर अव्यवस्था फैल गई और वाहन चालक अपनी-अपनी दिशा में निकलने की कोशिश में जाम और बढ़ता गया।इस स्थिति का सबसे ज्यादा असर दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और डिलीवरी कर्मियों पर पड़ा, जबकि गर्मी के कारण बच्चों और बुजुर्गों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय पर ट्रैफिक पुलिस तैनात होती और भीड़ प्रबंधन किया जाता, तो हालात इतने बिगड़ते नहीं। यह घटना एक बार फिर मुंबई की ट्रैफिक व्यवस्था की कमजोर तैयारियों को उजागर करती है, जहां संभावित भीड़ के बावजूद प्रभावी योजना का अभाव नजर आया।

