मुंबई: Mumbai Metropolitan Region Development Authority (एमएमआरडीए) ने विक्रोली में प्रस्तावित 90 करोड़ रुपये के फुटओवर ब्रिज की निविदा प्रक्रिया रद्द कर दी है। यह फैसला Anil Parab द्वारा लगाए गए धांधली, कार्टेलाइजेशन और रिगिंग के आरोपों के बाद लिया गया। (MMRDA)
एमएमआरडीए ने न सिर्फ टेंडर रद्द किया, बल्कि प्रक्रिया से पीछे हटने वाले बोलीदाताओं की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) जब्त करने का भी निर्णय लिया है। इस कदम से परियोजना में अनियमितताओं की पुष्टि होने के संकेत मिले हैं।परब की शिकायत के बाद प्राधिकरण ने एक सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया। एमएमआरडीए के प्रकल्प संचालक बसवराज एम. बी. ने पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी दी।
क्या थे आरोप?
अनिल परब ने 10 अप्रैल 2026 को एमएमआरडीए आयुक्त संजय मुखर्जी को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि विक्रोली फुटओवर ब्रिज, बीकेसी-चुनाभट्टी कनेक्टर और अटल सेतु से जुड़ी परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी हुई है। उन्होंने कहा था कि 90 करोड़ रुपये के इस टेंडर को दो महीने तक खोला ही नहीं गया और 8 में से 6 बोलीदाताओं ने दबाव में अपने नाम वापस ले लिए, जिससे केवल 2 कंपनियां बचीं।
‘सिर्फ रद्द करना काफी नहीं’
टेंडर रद्द होने के बाद अनिल परब ने फैसले का स्वागत किया, लेकिन इसे अधूरा कदम बताया। उन्होंने मांग की कि संबंधित कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जाए और भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।

