मुंबई: Maharashtra में महायुति सरकार (Mahayuti’ government) के नए फैसले ने विकास और पर्यावरण के बीच बहस को तेज कर दिया है। सरकार ने परियोजनाओं को गति देने के नाम पर पेड़ कटाई की अनुमति प्रक्रिया को आसान बना दिया है। नए नियमों के तहत पेड़ कटाई की मंजूरी की समयसीमा 30 दिनों से घटाकर 15 दिन कर दी गई है। साथ ही जरूरी दस्तावेजों की संख्या 11 से घटाकर 5 कर दी गई है, जिससे सरकारी और निजी परियोजनाओं के रास्ते में आने वाले पेड़ों को हटाना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।
इस फैसले को Devendra Fadnavis की ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पहल का हिस्सा बताया जा रहा है। हालांकि, इस कदम को लेकर पर्यावरणविदों और विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहले ही राज्य में सड़क, मेट्रो और रियल एस्टेट परियोजनाओं के कारण बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई हो रही है। ऐसे में नियमों को और आसान करना हरियाली पर गंभीर असर डाल सकता है। इससे गर्मी, प्रदूषण, जल संकट और जैव विविधता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
वहीं सरकार का दावा है कि सभी प्रस्तावों की जांच के बाद ही मंजूरी दी जाएगी। दूसरी ओर, आलोचकों का कहना है कि समय और दस्तावेज कम करने से प्रक्रिया की सख्ती कम हो सकती है। इसी बीच मुख्यमंत्री ने राज्य में 300 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य भी रखा है, लेकिन विपक्ष इसे केवल कागजी घोषणा बता रहा है।

