Ganga Expressway: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) आज सुबह 11 बजे देश के सबसे बड़े और महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) का लोकार्पण किया । मेरठ से प्रयागराज के बीच करीब 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी हरदोई के मल्लावां कस्बे (town of Mallawan in Hardoi) में करेंगे।(Modi’s Gift to UP)
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अलावा केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद,उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत तमाम गणमान्य मौजूद थे। प्रधानमंत्री इस मौके पर एक जनसभा को भी संबोधित किया।
सुरक्षा व्यवस्था से लेकर गर्मी में आने वाले लोगो के लिए पेयजल, चिकित्सा से लेकर तमाम जरुरी प्रबंध किये गए। माना जा रहा है कि यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ने वाली लाइफलाइन साबित होगा। इसके साथ ही यह औद्योगिक विकास, स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर पैदा कर कई जिलों के आर्थिक विकास में मील का पत्थर बनेगा।
इस परियोजना की आधारशिला वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री द्वारा शाहजहांपुर में रखी गई थी, जो अब 2026 में बनकर तैयार हो चुकी है। लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री करीब एक घंटा 40 मिनट तक हरदोई में रहे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री वाराणसी से सुबह 10:30 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से एम-17 हेलीकॉप्टर के जरिए 11:15 बजे मल्लावां स्थित समारोह स्थल के पास बने हेलीपैड पर उतरे।
लोकार्पण कार्यक्रम के बाद मोदी यहां से 12:55 पर लखनऊ एयरपोर्ट के लिये प्रस्थान किए। गंगा एक्सप्रेस वे पर बने हेलीपैड पर आगमन के बाद प्रधानमंत्री गंगा एक्सप्रेसवे वाटिका में हरिशंकरी का पौधरोपण किया। इसके बाद वह एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करेंगे और जनसभा स्थल पर लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। साथ ही निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को सम्मानित भी करेंगे। इसके पश्चात प्रधानमंत्री मुख्य पंडाल में पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके लिए 144 हेक्टेयर क्षेत्र में व्यापक व्यवस्थाएं की गई थी।
भीड़ प्रबंधन के लिए पार्किंग, आवागमन और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए । सभा स्थल पर बने पंडाल में 13 कॉलम और 78 ब्लॉक तैयार किए गए। गर्मी को देखते हुए पंडाल में कूलर और पंखों की व्यवस्था के साथ मंच पर एसी लगाए गए । पेयजल के लिए 500 पानी के टैंकर और 200 मोबाइल शौचालय की व्यवस्था की गई। निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए पावर हाउस से विशेष प्रबंध किए गए। स्वास्थ्य सेवाओं के तहत मेडिकल कॉलेज के आईसीयू को सेफ हाउस के रूप में तैयार किया गया, वहीं मौके पर भी मेडिकल टीम तैनात रही। जनसभा में आने वाले लोगों के लिए नाश्ता, भोजन और पानी की व्यवस्था की गई।
परिवहन के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की 2600 बसें लगाई गई, जिनमें प्रति बस 45 यात्रियों को लाने-ले जाने की व्यवस्था थी। यात्रियों को यात्रा के दौरान नाश्ता और सभा स्थल पर भोजन के लिए लंच पैकेट भी उपलब्ध कराए गए। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा हाईस्पीड कॉरिडोर है। यह परियोजना न केवल प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगी, बल्कि औद्योगिक निवेश, कृषि विपणन, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से भी गेमचेंजर साबित होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल से सीधे जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को भी मजबूती प्रदान करेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ता है। इस हाई-स्पीड मार्ग के चालू होने से इन क्षेत्रों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। जहां पहले लंबी दूरी तय करने में कई घंटे लगते थे, अब यह सफर तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा। इसके साथ ही, माल परिवहन की लागत में कमी आने से उद्योगों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।
गंगा एक्सप्रेसवे को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया गया है, जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसे फिलहाल छह लेन में तैयार किया गया है, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे 8 लेन तक विस्तार योग्य बनाया गया है। 120 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के साथ यह एक्सप्रेसवे तेज और सुगम यातायात सुनिश्चित करेगा। उच्च गुणवत्ता के निर्माण, चौड़े राइट ऑफ वे और मजबूत सेफ्टी फीचर्स इसे देश के सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे में शामिल करते हैं।
इस एक्सप्रेसवे की एक खास विशेषता शाहजहांपुर के पास बनाई गई लगभग 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप है, जहां आपात स्थिति में वायुसेना के विमान उतर सकते हैं। इसके अलावा, पूरे मार्ग पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस), सीसीटीवी निगरानी, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है। वाहनों की गति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।

