हाउसिंग सोसायटी के सदस्यों को रजिस्ट्रार के समक्ष शिकायत दर्ज कराने का मिलेगा अधिकार, छोटे विवादों का स्थानीय स्तर पर होगा समाधान
वसई। हाउसिंग सोसायटी के सदस्यों को अनुचित मेंटेनेंस और मरम्मत बिलों के खिलाफ रजिस्ट्रार के समक्ष शिकायत दर्ज कराने का अधिकार देने की मांग को लेकर विधायक राजन बालकृष्ण नाईक ने महाराष्ट्र विधानसभा में महाराष्ट्र सहकारी संस्था (संशोधन) विधेयक-2026 के तहत एक निजी विधेयक पेश किया है।
प्रस्तावित विधेयक में महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम, 1960 की धारा 154-बी-29 में संशोधन कर नया उपबंध (1-ए) जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है। वर्तमान व्यवस्था में हाउसिंग सोसायटी को बकाया मेंटेनेंस की वसूली के लिए रजिस्ट्रार के समक्ष जाने का अधिकार है, लेकिन यदि किसी सदस्य से नियमों के विपरीत या अनुचित तरीके से मेंटेनेंस बिल वसूला जाता है, तो उसके पास रजिस्ट्रार के समक्ष शिकायत दर्ज कराने का स्पष्ट कानूनी अधिकार नहीं है।
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, नया प्रावधान लागू होने पर कोई भी सदस्य रजिस्ट्रार के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा। रजिस्ट्रार दोनों पक्षों को सुनने और मामले की जांच करने के बाद आवश्यक होने पर संबंधित मेंटेनेंस बिल में संशोधन करने या उसे निरस्त करने का आदेश दे सकेंगे।
विधायक राजन नाईक ने कहा कि इस संशोधन से 10 हजार से 50 हजार रुपये तक के छोटे-छोटे मेंटेनेंस विवादों के लिए लोगों को सहकारी न्यायालय का रुख नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर कम समय और कम खर्च में न्याय मिलने से आम नागरिकों को राहत मिलेगी और सहकारी न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम होगा।
उन्होंने कहा कि यह विधेयक कोई नया अधिकार देने के लिए नहीं, बल्कि कानून में मौजूद व्यावहारिक विसंगतियों को दूर कर सहकारी क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सदस्य हितैषी बनाने के उद्देश्य से लाया गया है। फिलहाल यह निजी विधेयक विधानसभा की आगे की प्रक्रिया के लिए प्रस्तुत किया गया है।

