Supreme Court Reprimands MP Govt: उच्चतम न्यायालय ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में मध्य प्रदेश सरकार को फटकार लगाते हुए मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने में देरी पर नाराजगी जताई और कहा कि अब ‘बहुत हो गया’ और दो सप्ताह के भीतर फैसला लें।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने शुक्रवार को गौर किया कि मुकदमा चलाने की मंजूरी के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का अनुरोध 19 अगस्त, 2025 से राज्य सरकार के पास लंबित था और अदालत ने 19 जनवरी, 2026 को जो निर्देश दिया था उसके अनुसार इस मंजूरी पर फैसला दो सप्ताह के भीतर लिया जाना था।
उच्चतम न्यायालय ने जनवरी, 2026 की सुनवाई के दौरान शाह पर मुकदमा चलाने की मंजूरी देने पर फैसला न लेने के लिए मध्य प्रदेश सरकार से सवाल करते हुए अदालत द्वारा निर्देशित एसआईटी के अनुरोध पर राज्य सरकार की निष्क्रियता पर असंतोष व्यक्त किया था।
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मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मध्य प्रदेश सरकार को दो सप्ताह के भीतर फैसला लेने का निर्देश देते हुए कहा था, “आप 19 अगस्त, 2025 से एसआईटी की रिपोर्ट पर बैठे हुए हैं। कानून आप पर एक दायित्व डालता है और आपको एक फैसला लेना ही होगा। अब 19 जनवरी हो चुकी है।” अदालत ने इस बात पर जोर दिया था कि राज्य सरकार कानून द्वारा अनिवार्य किसी फैसले में अनिश्चितकाल तक देरी नहीं कर सकती।
एसआईटी ने शाह पर मुकदमा दायर करने की मंजूरी मांगी थी और उन पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 196(1)(ए) और 196(1)(बी) के तहत अपराधों का आरोप लगाया था। गौरतलब है कि अदालत की आज की टिप्पणियां तब आईं जब राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को सूचित किया कि शाह पर मुकदमा चलाने की मंजूरी के लिए एसआईटी का अनुरोध अभी भी मध्य प्रदेश सरकार के पास लंबित है।
सॉलिसिटर जनरल ने मंत्री के बयान को समझाने की कोशिश करते हुए कहा कि ये टिप्पणियां दुर्भाग्यपूर्ण थीं और शायद इन्हें गलत समझा गया हो। उन्होंने सुझाव दिया कि शाह का इरादा शायद सेना अधिकारी की प्रशंसा करना था लेकिन वे खुद को ठीक से व्यक्त नहीं कर पाए।

