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  • Lawyer’s House Attacked in Nehiyan Village, Loot Sparks Fear: नेहियां ग्रामसभा में वकील के घर पर हमला, मारपीट और लूटपाट से दहशत, योगी के न्याय की धज्जियां उड़ा रहे हैं गोसाईपुर चौकी इंचार्ज विपिन पांडे!​

    Lawyer’s House Attacked in Nehiyan Village, Loot Sparks Fear: नेहियां ग्रामसभा में वकील के घर पर हमला, मारपीट और लूटपाट से दहशत, योगी के न्याय की धज्जियां उड़ा रहे हैं गोसाईपुर चौकी इंचार्ज विपिन पांडे!​

    चोलापुर में ‘वर्दी’ के साये में अन्याय का तांडव, क्या योगी के न्याय की धज्जियां उड़ा रहे हैं गोसाईपुर चौकी इंचार्ज विपिन पांडे!​

    वाराणसी (Varanasi)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) जहाँ एक ओर प्रदेश में ‘रामराज्य’ और सुशासन का डंका पीट रहे हैं, वहीं वाराणसी के चोलापुर थाना (Cholapur Police Station) क्षेत्र से खाकी को शर्मसार करने वाला मामला सामने आ रहा है। आरोप है कि चोलापुर के गोसाईपुर चौकी इंचार्ज विपिन पांडे ने न्याय की कुर्सी को ‘वसूली का अड्डा’ बना दिया है। जनता का आरोप है कि रक्षक की भूमिका निभाने के बजाय यह अधिकारी दोमुंहे सांप की तरह काम कर रहा है, जो अपराधियों से सांठगांठ कर आम जनता का खून चूस रहा है।

    ज्ञात हों कि वाराणसी के थाना चोलापुर क्षेत्र अंतर्गत नेहियां ग्रामसभा(Nehiyan Village) में 5 मई 2026 की रात उस समय सनसनी फैल गई, जब दबंगों ने एक वकील के घर पर धावा बोलते हुए जमकर तांडव मचाया। आरोप है कि करीब रात 9 बजे 12 नामजद और कई अज्ञात लोग लाठी-डंडों से लैस होकर वकील (Advocate) राहुल कुमार दुबे के घर में घुस आए और मारपीट, तोड़फोड़ तथा लूटपाट की घटना को अंजाम दिया।

    वाराणसी के थानान्तर्गत गोसाईपुर के चौकी इंचार्ज विपिन पांडे

    पीड़ित वकील(Advocate) राहुल कुमार दुबे के अनुसार वह अपने चेंबर में बैठकर काम कर रहे थे, तभी अचानक गाली-गलौज और शोर सुनाई दिया। दरवाजा खोलते ही कमलेश दुबे उर्फ बबलू दुबे, अशोक दुबे समेत कई लोग घर में घुस आए और हमला शुरू कर दिया। हमलावरों ने घर में जमकर उत्पात मचाया और परिवार के सदस्यों को निशाना बनाया।घटना के दौरान महिलाओं के साथ भी अभद्रता किए जाने का आरोप है। राहुल दुबे का कहना है कि उनकी मां सुनीता दुबे के साथ मारपीट की गई और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। भयभीत परिवार किसी तरह खुद को कमरे में बंद कर जान बचाने को मजबूर हो गया।पीड़ित परिवार का दावा है कि पूरी घटना घर में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। इसके बावजूद क्षेत्र में चर्चा इस बात को लेकर तेज है कि क्या पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करेगी या मामला दबाने की कोशिश होगी।

    घटना के बाद स्थानीय लोगों में गोसाईपुर चौकी इंचार्ज विपीन पाण्डेय की पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी नाराजगी देखने को मिल रही है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय कथित रूप से अवैध वसूली और दबाव की राजनीति हावी है। लोगों का कहना है कि प्रदेश सरकार जहां कानून व्यवस्था को मजबूत करने का दावा कर रही है, वहीं कुछ अधिकारियों की कार्यप्रणाली से आम जनता का भरोसा कमजोर पड़ रहा है।​

    वसूली का ‘धंधा’ और अपराधियों से ‘यारी’​

    स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है कि चौकी इंचार्ज विपिन पांडे विपक्षी पार्टियों और दो पक्षों के बीच होने वाली लड़ाई का समाधान करने के बजाय, उसे ‘अवसर’ में बदल देते हैं। आरोप है कि दोनों पक्षों से जबरदस्त धन उगाही की जाती है। इतना ही नहीं, इलाके में अवैध शराब, भांग की दुकानों और जुए के फड़ों को संरक्षण देने के बदले मोटी रकम (हफ्ताखोरी) वसूलने के गंभीर आरोप भी लग रहे हैं।

    ​पुलिसिया कार्रवाई: कागजों पर FIR, जमीन पर क्या?​चोलापुर पुलिस ने राहुल दुबे की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 115(2), 333, 352, 351(3), 324(4), 309(4) और 131 के तहत मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, लेकिन जनता को संदेह है कि क्या इन धाराओं में जान फूंकी जाएगी या फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

    विपीन पाण्डेय के कार्यप्रणाली पर लगा प्रश्नचिन्ह ​

    क्या वाराणसी के आला अधिकारी इस ‘दोमुंहे’ आचरण वाले चौकी इंचार्ज पर नकेल कसेंगे? क्या योगी राज में एक पीड़ित परिवार को वाकई न्याय मिलेगा, या फिर खाकी और अपराधियों का यह ‘अपवित्र गठबंधन’ यूं ही फलता-फूलता रहेगा?

  • Summer Skin Care: Parlor जाने की जरूरत नहीं! ये घरेलू नुस्खा देगा चेहरे को Natural Glow

    Summer Skin Care: Parlor जाने की जरूरत नहीं! ये घरेलू नुस्खा देगा चेहरे को Natural Glow

    Summer Skin Care: गर्मियों में तेज धूप, पसीना और प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर हमारी त्वचा पर पड़ता है। इससे स्किन टैन, रूखी और बेजान नजर आने लगती है। ऐसे में पार्लर ट्रीटमेंट हर बार जरूरी नहीं—आप घर पर ही एक आसान नेचुरल ब्लीच बनाकर त्वचा की चमक वापस पा सकते हैं। (Summer Skin Care)

    किन चीजों से बनाएं नेचुरल ब्लीच?
    -दही
    -बेसन
    -टमाटर का रस
    -शहद

    इन सभी चीजों से आप आसानी से नेचुरल ब्लीच बना सकते हैं।

    कैसे बनाएं ये नेचुरल ब्लीच?

    • 2 चम्मच दही लें
    • अब उसमें 1 चम्मच बेसन मिला लें
    • इसके बाद 1 चम्मच ताजे टमाटर का रस डाल दें
    • अब 1 चम्मच शहद मिलाकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें
    • इसका एक स्मूद पेस्ट तैयार हो जाएगा

    जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका
    सबसे पहले आप अपना चेहरा को धो लें। इसके बाद इस पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर बराबर तरीके से लगा लें। इस बात का ध्यान रखें कि आंखों के आसपास वाले हिस्से पर बिल्कुल न लगाएं। इसको कम से कम 10 से 15 मिनट तक चेहरे पर लगा रहने दें और हल्के हाथ से रगड़ते हुए सादे पानी से चेहरा धो लें।

    जानिए इसके फायदे

    • दही का इस्तेमाल करने से स्किन सॉफ्ट बन जाती है।
    • बेसन से डेड स्किन हटाने में मदद मिलती है।
    • टमाटर का रस टैनिंग को कम करता है।
    • शहद के इस्तेमाल से हमारी स्किन मॉइश्चराइज होती है।

    इन बातों का रखें ध्यान

    • इसका इस्तेमाल हफ्ते में 1 से 2 बार ही करें।
    • अगर आप पहली बार यूज कर रहे हैं, तो पैच टेस्ट जरुर करें।
    • यदि जलन या खुजली हो, तो इस्तेमाल न करें।
    • धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन जरुर लगाएं।
  • New Maharashtra Preparation: नए महाराष्ट्र का रोडमैप तैयार; विकास, विश्वास और गति पर ज़ोर!

    New Maharashtra Preparation: नए महाराष्ट्र का रोडमैप तैयार; विकास, विश्वास और गति पर ज़ोर!

    ठाणे: 1 मई महाराष्ट्र के 67वें स्थापना दिवस के अवसर पर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने राज्य के चौतरफा विकास के लिए एक विस्तृत रोडमैप, विकास, डिजिटल बदलाव, चौतरफा विकास और लोगों के विश्वास पर आधारित एक नया महाराष्ट्र बनाने का अपना विचार व्यक्त किया। भाषण की शुरुआत में, उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज, राजश्री शाहू महाराज, ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले का अभिवादन दी। यूनाइटेड महाराष्ट्र आंदोलन के शहीदों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र दिवस आत्म-सम्मान, त्याग और पक्के इरादे का प्रतीक है। (New Maharashtra Preparation)

    महाराष्ट्र को देश की पहली एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने का भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य पहले से ही देश का लीडिंग मैन्युफैक्चरिंग हब है और सबसे ज़्यादा फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट अट्रैक्ट करता है। समृद्धि हाईवे, मेट्रो, कोस्टल रोड जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स राज्य के डेवलपमेंट को बढ़ावा दे रहे हैं और महाराष्ट्र अगले दो से तीन सालों में ग्लोबल लेवल पर मुकाबला कर पाएगा यह डिप्टी सीएम शिंदे ने भरोसा जताया।

    ठाणे जिले का खास जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 337 km मेट्रो नेटवर्क, घाटकोपर-ठाणे-मीरा भयंदर-भिवंडी-कल्याण कनेक्टिविटी, साथ ही पॉड टैक्सी और कोस्टल रोड जैसी पहलों की वजह से ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम और आसान होता जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि शहर के बाहर के रूट्स की वजह से ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए असरदार कदम उठाए जा रहे हैं।डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ऑफिस एडमिनिस्ट्रेशन में डिजिटल क्रांति लाकर राज्य में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है और 100 परसेंट डिजिटल ऑपरेशन लागू किए जा रहे हैं।

    160 ग्राम पंचायत सर्विस सेंटर को जोड़ा गया है और 1000 से ज़्यादा सर्विस नागरिकों को दी गई हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 5500 से ज़्यादा होम डिलीवरी सर्विस दी जा चुकी हैं और सरकार नागरिकों के दरवाज़े पर” के कॉन्सेप्ट को असरदार तरीके से लागू किया जा रहा है। एग्रीकल्चर सेक्टर में, मॉडर्न खेती के तरीकों के साथ-साथ पारंपरिक बीजों को बढ़ावा दिया जा रहा है और प्रोडक्शन और इनकम बढ़ाने के लिए अलग-अलग एक्सपेरिमेंट किए जा रहे हैं। वाटरशेड एरिया को बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं और जलयुक्त शिवार स्कीम को तेज़ किया गया है।

    स्वास्थ्य के क्षेत्र में, HPV वैक्सीनेशन कैंपेन के ज़रिए लड़कियों को सुरक्षित किया जा रहा है, जो एक बड़ी छलांग है। लगभग 1500 मरीज़ों को होम डिलीवरी सर्विस दी गई है और लाखों नागरिकों को हेल्थ सुविधाएं दी गई हैं। 12 डायलिसिस सेंटर शुरू करने का फ़ैसला किया गया है और “हेल्दी विलेज” कैंपेन को असरदार तरीके से लागू किया जा रहा है। एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट सेक्टर में, स्टूडेंट्स को ISRO तक पहुंचने का मौका मिल रहा है। पिंक रूम पहल लड़कियों को सुरक्षित एजुकेशनल माहौल दे रही है और स्किल डेवलपमेंट स्कीमें रोज़गार के मौके दे रही हैं युवाओं के लिए।

    शिंदे ने साफ किया कि मिशन लक्ष्मी के तहत स्पोर्ट्स क्षेत्र में करीब 900 खिलाड़ियों को सुविधाएं दी गई हैं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए लड़की बहन स्कीम से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे छोटे उद्योगों के ज़रिए अपने परिवारों की आर्थिक तरक्की में योगदान दे रही हैं।इंटरनेशनल वर्कर्स डे के मौके पर मज़दूरों के योगदान की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा कि “मज़दूरों की कड़ी मेहनत से महाराष्ट्र का नाम रोशन हुआ है।पर्यावरण बचाने के लिए 2047 तक 300 करोड़ पेड़ लगाने का संकल्प लिया गया है और हर साल 1 लाख पेड़ लगाने का टारगेट रखा गया है।

    सिंचाई के लिए 400 करोड़ का फंड दिया गया है और एल नीनो के चलते पानी बचाने की अपील भी की गई।शिंदे ने नागरिकों से देश की पहली डिजिटल जनगणना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और ऑनलाइन जानकारी भरकर प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। राज्य के लोगों ने महागठबंधन सरकार पर भरोसा दिखाया है और यह साफ करते हुए कि विकास हमारा एजेंडा है, राजनीति नहीं उन्होंने विकास की रफ़्तार बनाए रखने का पक्का इरादा जताया।

    महाराष्ट्र दिवस के मौके पर, उन्होंने सभी से मिलकर काम करने और राज्य को और ज़्यादा बेहतर, काबिल और खुशहाल बनाने का वादा करने की अपील की। इस अवसर पर ठाणे डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर श्रीकृष्ण पांचाल, ठाणे मनपा कमिश्नर सौरभ राव, ठाणे डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के चीफ ऑफिसर रंजीत यादव, ठाणे पुलिस कमिश्नर आशुतोष डुंबरे,विधायक संजय केलकर और सभी बड़े पुलिस ऑफिसर, एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर और कर्मचारी मौजूद थे।

  • Story Time: न तुम खाली न हम खाली-सीमा मिश्र

    Story Time: न तुम खाली न हम खाली-सीमा मिश्र

    Story Time: शायद ही ऐसा कोई हो, जिसे प्रकृति के बीच बैठना और उसे एकटक निहारना अच्छा न लगता हो, पर इसे देखने के लिए आँखें ही नहीं सरस हृदय भी होना चाहिए। हर किसी की अपनी फितरत होती है। कोई बंद कमरे में बैठकर खुश हो लेता है तो कोई सिनेमा हॉल, मॉल जैसी जगहों पर जाकर या धार्मिक स्थलों पर जाकर और कोई दोस्तों के साथ पिकनिक आदि करके। यानी हर व्यक्ति को अपने ढंग से अपने व्यस्त कार्यक्रम में एक चेंज चाहिए और लोग अपनी सामर्थ्य के हिसाब से लाते भी हैं। जिसके पास पैसा है वो समझता है कि हम पैसे के बल पर ही सब कुछ कर सकते हैं और शायद इसीलिए धीरे-धीरे प्रकृति से कटते चले जा रहे हैं।

    प्रकृति से कटने से भी कुछ काम चल जाता पर हम तो प्रकृति से छेड़छाड़ करने लगे हैं, यूँ कहिए कि प्रकृति को काटने पर तुले हुए हैं। आए दिन पेड़ों का कटना, पहाड़ों का कटना- यह प्रकृति के साथ छेड़-छाड़ ही तो है। हम प्रकृति को छेड़ते है और प्रकृति हमें नहीं छोड़ती। पहले हम पेड़ लगाने के लिए सोचते थे और लगाते भी थे। लेकिन अब सिर्फ काटने के लिए सोचते हैं, लगाने के लिए तो बिल्कुल नहीं। इसके पीछे हमारा अगुआ हमारा ‘आधुनिकीकरण’ है। आधुनिकीकरण का रंग कुछ इस कदर हमारे ऊपर चढ़ा है कि अब बेरंग होना आसान नहीं रह गया है।

    इतना ही नहीं, अब हम इतने स्वार्थी हो गए हैं कि अपने पूर्वजों के द्वारा लगाए गए पेड़ों को कटवा कर अपना बैंक बैलेंस बढ़ाने लगे हैं- छोड़ो, अब कौन गाँव जाए और उसकी देख-रेख करे। हमारी अपनी जरूरतें पूरी हो गईं, बस। अब पेड़ लगे या कटे, क्या फर्क पड़ता है इससे हमें क्या? हम तो अपने घर में बड़े आराम से एसी लागाके बैठे हैं। जिसके पास एसी नहीं है तो एयरकूलर लगा लिया। लेकिन पेड़ लगाने के लिए कोई नही सोचता। ये बात दीगर है कि इन सारी भौतिक सुविधाओं के बावजूद हम अपने मन की शांति के लिए पहाड़ों पर ही घूमना ज्यादा पसंद करते हैं।

    प्रकृति की गोद में बैठना और उसे एकटक निहारना आज भी हमारे मन को शांति प्रदान करता है। ये सच है कि प्रकृति के बिना हमारा कोई अस्तित्व नहीं हैं। फिर भी हम उसके महत्त्व को समझ नहीं पाते और नजरअंदाज कर देते हैं। प्रकृति के साथ खिलवाड़ करने पर कभी माफी भी मिलेगी- क्या हम इसकी उम्मीद लगाए बैठे हैं? जिन्हें हम प्राकृतिक आपदा कहते हैं, वह क्या है? प्रकृति का असंतुलन ही तो? चलिए, ओजोन की परत, कार्बन और तापमान आदि के संबंध और प्रसंग को छोड़ते हैं, पर बादल फटने से लेकर बाढ़ तक की तबाही का कारण क्या है? सूखा से बाढ़ तक की विभीषिका के पीछे कौन हैं?

    बड़े स्तर पर बनों की कटाई, गाँवों तक पाँव पसार रहा शहरीकरण और परिणामस्वरूप प्रदूषित वातावरण- इन सभी के पीछे हमारी ही तो भूमिका है। हम यह कहकर बच निकलने की कोशिश करते हैं कि अकेले मेरे करने से क्या होगा। पर ऐसे में हम अपने आप को पढ़ा-लिखा और सामाजिक कैसे कह सकते हैं? अगर हम पेड़ों की कटाई रोकने की बात करते, प्रदूषण बढ़ाने के बजाय उसे रोकने का प्रयास करते, तात्कालिक उपायों की जगह स्थायी तरीका ढूँढ़ते तो शायद हर साल रिलीफ-रिलीफ की चीख-पुकार और हो-हल्ला से बचकर देश कुछ पल सुख की साँस लेता।

    अब तो पेड़-पौधे लगाने का काम सिर्फ सरकारी निर्देशों तक ही सीमित हो गया है। अलग से विटामिन की गोलियों की तरह सरकारी खर्चे पर वन विभाग वृक्षारोपण कराता है। दृष्टिभेद के कारण वहाँ हमारे पारंपरिक पेड़ नहीं होते, हमसे घुले-मिले आम, बरगद, पीपल, नीम, जामुन, महुआ, अशोक आदि जैसे घरेलू वातावरण वाले पेड़ नहीं होते। उन पेड़ों की गोद में हम दुपहरी नही बिता सकते। न बच्चों को आनंद और न ही पशु-पक्षियों को सुख।

    हम खुद तो लापरवाह हैं ही, प्रकृति के सामीप्य के आनंद के प्रति पर तथाकथित जागरूक व्यवस्था भी तो हमें प्रकृति से जुड़ने नहीं देती। फिर भी हम चाहते हैं कि प्रकृति हमें समय पर गर्मी, बरसात और जाड़ा देती रहे। हम प्रकृति की दुखती रग पर अनवरत उँगली दबाए रखें और वह हमें समय पर छहो ऋतुओं का सुख प्रदान करती रहे। शायद हम यह भी सोचते हैं कि अपनी ताकत पर सब कुछ कर सकते हैं, नदी की धारा को भी मोड़ सकते हैं पर हम क्या प्रकृति को अपने हिसाब से चला सकते हैं ? नहीं।

    मुझे तो लगता है कि प्रकृति भी मजा ले रही है (मतलब मजा चखा रही है)। चलो बेटा, अब हम भी तुम्हारी ही राह पर चलते हैं-

    तुम्हें गैरों से कब फुरसत, हम अपने गम से कब खाली
    चलो अब हो गया मिलना, न तुम खाली न हम खाली।

    पिछले वर्ष सोशल साइटों पर प्रकृति के प्रति नई पीढ़ी की जागरूकता और प्रधान मंत्री जी के इस आग्रह पर कि “हर व्यक्ति अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ अवश्य लगाए” उसकी कमाल की आज्ञाकारिता जैसे ट्रेंड कर रही है। इस बार यदि देश के युवकों ने प्रकृति की ताकत के पक्ष में अपनी पक्षधरता कायम रखी तो निश्चय ही आनेवाले दिन आश्वस्त करेंगे और मौसम का चक्र पुन: अपने खुशनुमा दिनों की ओर लौट सकता है।

    सीमा मिश्र

  • Legislative Council Elections: विधान परिषद चुनाव में महाविकास आघाड़ी एकजुट; अंबादास दानवे को कांग्रेस का समर्थन!

    Legislative Council Elections: विधान परिषद चुनाव में महाविकास आघाड़ी एकजुट; अंबादास दानवे को कांग्रेस का समर्थन!

    मुंबई: आगामी राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों को लेकर महा विकास अघाड़ी (मविआ) के घटक दलों ने एकजुट होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। विधान परिषद चुनाव में अम्बादास दानवे को महाविकास आघाड़ी का उम्मीदवार घोषित किया गया है, जिन्हें कांग्रेस का स्पष्ट समर्थन मिलेगा। यह जानकारी महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दी।(Legislative Council Elections)

    गांधी भवन में हुई अहम बैठक
    मुंबई के गाँधी भवन में शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट), राष्ट्रवादी कांग्रेस और कांग्रेस नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें Vijay Wadettiwar, Satej Patil, Supriya Sule, Anil Parab, Anil Desai और Milind Narvekar समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक के दौरान Uddhav Thackeray और Ramesh Chennithala से भी चर्चा की गई।

    साझा रणनीति पर सहमति
    बैठक में विधान परिषद और राज्यसभा चुनावों के साथ-साथ भाजपा के खिलाफ रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि 2019 में बनी महाविकास आघाड़ी ने संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होकर काम किया है और आगे भी करती रहेगी।

    कांग्रेस को मिलेगा प्राथमिक प्रतिनिधित्व
    नेताओं ने बताया कि राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस को मौका दिया गया था, जबकि इस बार विधान परिषद में शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) को प्रतिनिधित्व मिल रहा है। आने वाले चुनावों में कांग्रेस को प्राथमिकता देने पर भी सकारात्मक चर्चा हुई है।

    उद्धव ठाकरे के फैसले की सराहना
    Uddhav Thackeray द्वारा स्वयं चुनाव न लड़कर Ambadas Danve को उम्मीदवार बनाने के निर्णय को उनकी राजनीतिक ईमानदारी का उदाहरण बताया गया। कांग्रेस ने इसे महाविकास आघाड़ी का सामूहिक निर्णय मानते हुए पूरा समर्थन देने की बात कही।

    भाजपा के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा
    मविआ नेताओं ने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग और सत्ता के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ राजनीतिक संघर्ष जारी रहेगा। साथ ही, राज्य में सत्तारूढ़ महायुति के अन्य घटकों के खिलाफ भी लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।

  • Mumbai:मुंबई में हाई अलर्ट: महाराष्ट्र विधान भवन को बम से उड़ाने की धमकी

    बजट सत्र के बीच खाली कराया गया पूरा परिसर

    मुंबई । गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब महाराष्ट्र विधान भवन को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल मिलने की खबर सामने आई। यह धमकी ऐसे समय आई जब महाराष्ट्र विधानसभा बजट सत्र की कार्यवाही जारी थी और बड़ी संख्या में मंत्री, विधायक और अधिकारी भवन परिसर में मौजूद थे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे विधान भवन को तुरंत खाली करा लिया गया और इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया।प्राथमिक जानकारी के अनुसार कुछ विधायकों और विधान भवन की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक धमकी भरा मेल भेजा गया था, जिसमें इमारत को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। जैसे ही इस मेल की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को मिली, तुरंत आपातकालीन सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया गया और परिसर में मौजूद सभी कर्मचारियों, अधिकारियों और विधायकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।मुंबई पुलिस और बम निरोधक दस्ते की जांच तेजधमकी की सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस और Bomb Detection and Disposal Squad (BDDS) की टीमें तुरंत विधान भवन पहुंच गईं। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर को घेर लिया और चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी शुरू कर दी।विशेष उपकरणों और डॉग स्क्वॉड की मदद से भवन के हर हिस्से की जांच की जा रही है। सुरक्षा अधिकारी यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि परिसर में कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री मौजूद न हो। एहतियात के तौर पर पूरे परिसर को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है।बजट सत्र के बीच मचा हड़कंपधमकी भरा ईमेल ऐसे समय आया जब विधान भवन में बजट सत्र की महत्वपूर्ण कार्यवाही चल रही थी। इस दौरान कई अहम विधेयकों और वित्तीय प्रस्तावों पर चर्चा होनी थी। अचानक सुरक्षा अलर्ट जारी होने के बाद सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई और पूरे परिसर में हड़कंप मच गया।सूत्रों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत ‘फ्लैश अलर्ट’ जारी किया, जिसके बाद सभी विधायकों और कर्मचारियों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया।तकनीकी टीम ईमेल के स्रोत की जांच में जुटीधमकी देने वाले ईमेल की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की साइबर और तकनीकी टीम भी सक्रिय हो गई है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह ईमेल किस आईपी एड्रेस से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं।फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए डिजिटल ट्रेसिंग की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जब तक पूरी जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक विधान भवन परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर कड़ी पाबंदी रहेगी।सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, तलाशी अभियान जारीअधिकारियों के मुताबिक अभी भी पूरे भवन परिसर को सैनिटाइज किया जा रहा है और हर मंजिल की बारीकी से जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए पूरी सतर्कता बरत रही हैं।हालांकि अभी तक किसी विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस इसे गंभीर धमकी मानते हुए हर एंगल से जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही विधान भवन की सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू की जाएंगी।

  • पैदल परिक्रमा कर रहे जैन मुनि की सड़क हादसे में मौत

    पैदल परिक्रमा कर रहे जैन मुनि की सड़क हादसे में मौत

    मुंबई |मुंबई – अहमदाबाद हाइवे पर पैदल परिक्रमा कर रहे एक जैन मुनि की भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई। इस दुखद घटना से इलाके में शोक का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार यह हादसा Virar के पास भालिवली इलाके में, Mandvi Police Station की सीमा में गुरुवार तड़के करीब 5:15 बजे हुआ।हादसे में जान गंवाने वाले जैन मुनि का नाम नम्ररत्न विजय महाराज (उम्र 21 वर्ष) बताया जा रहा है। वे मूल रूप से Gujarat के रहने वाले थे। वह पालघर जिले के सातीवली प्रतापधाम से विरार के शिरसाड फाटा की ओर पैदल परिक्रमा करते हुए जा रहे थे।

    कैसे हुआ हादसा

    • भालिवली इलाके में हाईवे पर एक ट्रक खराब होकर खड़ा था।
    • उसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रही कार का नियंत्रण चालक से छूट गया।
    • कार ने पहले खड़े ट्रक को जोरदार टक्कर मारी।
    • इसके बाद सड़क पर पैदल चल रहे जैन मुनि को भी टक्कर लग गई।

    इस भीषण दुर्घटना में नम्ररत्न विजय महाराज की मौके पर ही मौत हो गई।पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज कर लिया है और कार चालक तथा ट्रक चालक दोनों को हिरासत में ले लिया गया है। आगे की जांच Mandvi Police Station की पुलिस कर रही है।

  • मीरा रोड में ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर हमला, आरोपी फरार 🚨

    मीरा रोड में ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर हमला, आरोपी फरार 🚨

    मीरा रोड |काशीमीरा इलाके में ड्यूटी के दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर हमला किए जाने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है।

    मिली जानकारी के अनुसार, ट्रैफिक पुलिसकर्मी किरण सहाणे अमर पैलेस इलाके में ट्रैफिक नियंत्रण की ड्यूटी कर रहे थे। उसी दौरान दो बाइक सवारों के बीच एक-दूसरे को कट मारने को लेकर विवाद शुरू हो गया।झगड़ा बढ़ता देख पुलिसकर्मी किरण सहाणे ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने की कोशिश की। लेकिन इसी दौरान एक बाइक सवार ने गुस्से में आकर पुलिसकर्मी पर ही हमला कर दिया और उनके साथ मारपीट की। अचानक हुई इस घटना से इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।हमला करने के बाद आरोपी इस मामले में Kashimira Police Station में केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है।

    ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हुए इस हमले से स्थानीय लोगों में नाराज़गी और चिंता का माहौल है। 🚓

  • Navi Mumbai: पुलिस का कॉम्बिंग ऑपरेशन: देसी कट्टा, कारतूस और ब्राउन शुगर बरामद, एक गिरफ्तार

    Navi Mumbai: पुलिस का कॉम्बिंग ऑपरेशन: देसी कट्टा, कारतूस और ब्राउन शुगर बरामद, एक गिरफ्तार

    नवी मुंबई।नवी मुंबई में अपराध और अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए रबाळे पुलिस ने बड़े स्तर पर कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया। इस अभियान के दौरान पुलिस ने नशे के कारोबार, अवैध शराब, गुटखा बिक्री और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 14 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए हैं। वहीं एक आरोपी को देसी कट्टा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया है।

    यह विशेष कॉम्बिंग ऑपरेशन पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे और पुलिस उपायुक्त (परिमंडल-1) पंकज डहाणे के मार्गदर्शन में चलाया गया। अभियान में परिमंडल-1 के अंतर्गत आने वाले सात पुलिस थानों के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इसमें 4 पुलिस निरीक्षक, 16 सहायक पुलिस निरीक्षक (API) और करीब 184 पुलिसकर्मियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।

    वाहनों की जांच करती पुलिस

    पुलिस ने यह अभियान नोसिल नाका, अर्जुनवाड़ी, घनसोली साईनाथवाड़ी और रबाळे क्षेत्र में चलाया। इस दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए कई स्थानों पर एक साथ मास रेड की गई। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध धंधों में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया।

    पुलिस आयुक्तालय की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत नशे के कारोबारियों, नशा करने वालों, अवैध शराब बेचने वालों, गुटखा तस्करों और जुआ क्लब संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। इसके साथ ही अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशी और नाइजीरियन नागरिकों की जांच भी की गई। पुलिस ने होटल और लॉज में ठहरे संदिग्ध व्यक्तियों की जांच करते हुए उनके दस्तावेजों की भी पड़ताल की।

    अभियान के दौरान पुलिस ने कई जगह नाकाबंदी कर वाहनों की भी सघन जांच की। कुल 229 वाहनों की जांच की गई, जिनमें से नियमों का उल्लंघन करने वाले 92 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अलावा 22 संदिग्ध अपराधियों की पहचान कर उनकी जांच की गई। वहीं 12 वांछित आरोपियों की भी जांच की गई, जिनमें से एक आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली।

    कार्रवाई के दौरान विभिन्न कानूनों के तहत कई मामले दर्ज किए गए। शराबबंदी कानून की धारा 65(E) के तहत 1 मामला दर्ज किया गया, जबकि एनडीपीएस एक्ट के तहत नशा सेवन के 5 मामले और नशा रखने का 1 मामला सामने आया। इसके अलावा अवैध गुटखा बिक्री के 2 मामले दर्ज किए गए, वहीं भारतीय दंड संहिता की धारा 285 के तहत 4 मामले दर्ज किए गए।

    सबसे बड़ी कार्रवाई उस समय सामने आई जब पुलिस ने एक आरोपी को पकड़कर उसके पास से एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और ब्राउन शुगर की करीब 100 पुड़िया बरामद की। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

  • NCP:एनसीपी (अजित गुट) में बड़ा फैसला: पार्थ पवार राज्यसभा के लिए नामित, सुनेत्रा पवार बनीं पार्टी अध्यक्ष

    NCP:एनसीपी (अजित गुट) में बड़ा फैसला: पार्थ पवार राज्यसभा के लिए नामित, सुनेत्रा पवार बनीं पार्टी अध्यक्ष

    मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की ओर से राज्यसभा सीट को लेकर लगभग अंतिम फैसला हो चुका है। जानकारी के अनुसार दिवंगत अजित पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार को राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया गया है।

    गुरुवार (26 फरवरी) को हुई पार्टी की कोर कमेटी बैठक में सर्वसम्मति से पार्थ पवार के नाम पर मुहर लगाई गई। इसके बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस फैसले की औपचारिक घोषणा की गई।

    सुनेत्रा पवार ने ली उपमुख्यमंत्री पद की शपथ

    इसी के साथ पार्टी संगठन में बड़ा बदलाव भी हुआ है। सुनेत्रा पवार ने राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। इससे पहले उन्होंने राज्यसभा सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद राज्यसभा में एनसीपी की सीट रिक्त हो गई थी।

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    अजित पवार के असामयिक निधन के बाद पार्टी अध्यक्ष का पद खाली था। अब सुनेत्रा पवार को निर्विरोध पार्टी अध्यक्ष चुना गया है। इस फैसले को संगठनात्मक एकजुटता और परिवार के भीतर नेतृत्व बनाए रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

    पार्थ पवार का राजनीतिक सफर

    पार्थ पवार ने वर्ष 2019 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने मावल लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

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    https://th-i.thgim.com/public/elections/lok-sabha-2019/jaydw9/article27219316.ece/alternates/FREE_385/23BMPARTHPAWAR

    चुनाव हारने के बाद वे कुछ समय के लिए सक्रिय राजनीति से दूर हो गए थे और पार्टी में कोई औपचारिक पद नहीं लिया था। नामांकन पत्र में उन्होंने लगभग 20 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी। वे बीकॉम स्नातक हैं और आगे की पढ़ाई के लिए लंदन भी गए थे।

    राजनीतिक मायने

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय एनसीपी (अजित गुट) में नेतृत्व की निरंतरता और पारिवारिक विरासत को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एक ओर जहां सुनेत्रा पवार को संगठन की कमान सौंपी गई है, वहीं पार्थ पवार को संसद के उच्च सदन में भेजकर पार्टी भविष्य की रणनीति को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

    आने वाले दिनों में पार्थ पवार के नामांकन की औपचारिक घोषणा और चुनाव प्रक्रिया पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।