NCP:एनसीपी (अजित गुट) में बड़ा फैसला: पार्थ पवार राज्यसभा के लिए नामित, सुनेत्रा पवार बनीं पार्टी अध्यक्ष

एनसीपी (अजित गुट) ने पार्थ पवार को राज्यसभा भेजने का फैसला किया, जबकि सुनेत्रा पवार को निर्विरोध पार्टी अध्यक्ष चुना गया।

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की ओर से राज्यसभा सीट को लेकर लगभग अंतिम फैसला हो चुका है। जानकारी के अनुसार दिवंगत अजित पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार को राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया गया है।

गुरुवार (26 फरवरी) को हुई पार्टी की कोर कमेटी बैठक में सर्वसम्मति से पार्थ पवार के नाम पर मुहर लगाई गई। इसके बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस फैसले की औपचारिक घोषणा की गई।

सुनेत्रा पवार ने ली उपमुख्यमंत्री पद की शपथ

इसी के साथ पार्टी संगठन में बड़ा बदलाव भी हुआ है। सुनेत्रा पवार ने राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। इससे पहले उन्होंने राज्यसभा सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद राज्यसभा में एनसीपी की सीट रिक्त हो गई थी।

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अजित पवार के असामयिक निधन के बाद पार्टी अध्यक्ष का पद खाली था। अब सुनेत्रा पवार को निर्विरोध पार्टी अध्यक्ष चुना गया है। इस फैसले को संगठनात्मक एकजुटता और परिवार के भीतर नेतृत्व बनाए रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

पार्थ पवार का राजनीतिक सफर

पार्थ पवार ने वर्ष 2019 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने मावल लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

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चुनाव हारने के बाद वे कुछ समय के लिए सक्रिय राजनीति से दूर हो गए थे और पार्टी में कोई औपचारिक पद नहीं लिया था। नामांकन पत्र में उन्होंने लगभग 20 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी। वे बीकॉम स्नातक हैं और आगे की पढ़ाई के लिए लंदन भी गए थे।

राजनीतिक मायने

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय एनसीपी (अजित गुट) में नेतृत्व की निरंतरता और पारिवारिक विरासत को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एक ओर जहां सुनेत्रा पवार को संगठन की कमान सौंपी गई है, वहीं पार्थ पवार को संसद के उच्च सदन में भेजकर पार्टी भविष्य की रणनीति को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

आने वाले दिनों में पार्थ पवार के नामांकन की औपचारिक घोषणा और चुनाव प्रक्रिया पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।

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