Category: Palghar

  • Farmer:वसई के फूल किसानों को दादर फूल बाजार में मिलेगा स्थान!: भाजपा विधायक राजन नाईक के आग्रह पर महापौर रितु तावड़े ने दिया आश्वासन

    Farmer:वसई के फूल किसानों को दादर फूल बाजार में मिलेगा स्थान!: भाजपा विधायक राजन नाईक के आग्रह पर महापौर रितु तावड़े ने दिया आश्वासन

    वसई | प्रेम चौबे

    वसई तालुका के स्थानीय फूल उत्पादक किसानों को मुंबई के दादर स्थित फूल बाजार में तड़के के समय फूलों की बिक्री के लिए अब मुंबई महानगरपालिका की ओर से हर संभव सहयोग मिलेगा। यह आश्वासन मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने भाजपा विधायक राजन नाईक और किसानों के प्रतिनिधिमंडल को दिया।

    बताया जाता है कि पिछले लगभग 50 वर्षों से वसई तालुका के फूल उत्पादक किसान(Farmer) दादर की फूल मंडी में अपने फूलों की बिक्री करते आ रहे हैं। वसई के बागानों में उगने वाले सोनचाफा, जास्वंद, तगर, मोगरा और सायली जैसे फूलों की मुंबई के लोगों में अच्छी मांग रहती है।

    स्थानीय थोक बाजारों की तुलना में दादर फूल मंडी में बेहतर कीमत मिलने के कारण छोटे किसान भी सुबह तड़के अपने फूल लेकर वहां पहुंचते हैं।

    मनपा अभियान से बढ़ी थी किसानों की परेशानी

    हालांकि, पिछले कुछ दिनों से मुंबई महानगरपालिका द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के कारण फूल विक्रेताओं को वहां बैठने से रोका जा रहा था, जिससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

    इसके अलावा बाजार में कृत्रिम फूलों की बढ़ती मांग के कारण भी प्राकृतिक फूलों की बिक्री प्रभावित हो रही है। बावजूद इसके वसई के सैकड़ों किसानों की आजीविका आज भी फूलों की खेती पर ही निर्भर है।

    विधायक राजन नाईक ने उठाया किसानों का मुद्दा

    विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी दादर के फूल विक्रेताओं के व्यवसाय के प्रति सहानुभूति व्यक्त की थी। इसके बाद वसई के किसानों ने भाजपा विधायक राजन नाईक को ज्ञापन देकर महानगरपालिका की कार्रवाई की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया।

    किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए विधायक नाईक ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुंबई की महापौर रितु तावड़े से मुलाकात कर सहयोग देने का अनुरोध किया।

    किसानों ने महापौर को बताया कि सुबह लगभग साढ़े चार बजे से साढ़े सात बजे तक ही फूलों की बिक्री होती है, जिससे यातायात या पैदल चलने वालों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होती।

    महापौर ने अधिकारियों को दिए सहयोग के निर्देश

    इस पर महापौर रितु तावड़े ने महानगरपालिका अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वसई के फूल उत्पादक किसानों को दादर बाजार में बिक्री के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाए, ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो।

  • Maternity Leave: मातृत्व अवकाश एक साल करने और भीड़भाड़ वाली जगहों पर फेस रिकग्निशन सिस्टम लगाने की मांग

    Maternity Leave: मातृत्व अवकाश एक साल करने और भीड़भाड़ वाली जगहों पर फेस रिकग्निशन सिस्टम लगाने की मांग

    मुंबई: कामकाजी महिलाओं की मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) अवधि बढ़ाकर एक वर्ष करने और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर फेस रिकग्निशन सिस्टम लगाने की मांग शिवसेना विधायक डॉ. मनीषा कायंदे ने महाराष्ट्र विधान परिषद में उठाई। उन्होंने यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सदन में हुई चर्चा के दौरान रखा।

    डॉ. मनीषा कायंदे ने कहा कि आज की जीवनशैली में महिलाओं पर काम का दबाव काफी बढ़ गया है। कॉर्पोरेट क्षेत्र में कई महिलाएं लगातार 12 घंटे तक लैपटॉप पर काम करती हैं, जिसका उनके स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। वर्तमान में कामकाजी महिलाओं को छह महीने की मातृत्व अवकाश मिलती है, लेकिन इतने कम समय में कई माताओं को अपने छोटे बच्चों को डे-केयर या पाळनाघर में छोड़कर फिर से काम पर लौटना पड़ता है, जो मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है।

    उन्होंने सरकार से मांग की कि मातृत्व अवकाश की अवधि बढ़ाकर एक वर्ष की जाए, ताकि मां अपने बच्चे की बेहतर देखभाल कर सके और बच्चे को उचित पोषण और स्तनपान मिल सके। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जर्मनी में नौकरी करने वाली महिलाओं को एक साल की मातृत्व अवकाश दी जाती है।

    डॉ. कायंदे ने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े अन्य मुद्दे भी उठाए। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार ने गर्भाशय की सर्जरी (हिस्टेरेक्टॉमी) कराने वाली महिलाओं को सवेतन छुट्टी देने का फैसला किया है। महाराष्ट्र सरकार को भी इस तरह का निर्णय लेना चाहिए, ताकि महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समय पर्याप्त आराम मिल सके।

    उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हाल के वर्षों में लड़कियों और महिलाओं के लापता होने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसे रोकने के लिए रेलवे स्टेशन, एसटी डिपो और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर फेस रिकग्निशन सिस्टम लगाया जाना चाहिए।

    डॉ. कायंदे ने पंढरपुर वारी का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां पुलिस अधिकारी अतुल कुलकर्णी के नेतृत्व में करीब 20 लाख वारकरियों का फेस रिकग्निशन किया गया था। इस तकनीक के माध्यम से बायोमेट्रिक पहचान जैसे रेटिना स्कैन भी किया जा सकता है, जिससे अपराधों पर नियंत्रण पाने में मदद मिल सकती है।

    इसके अलावा उन्होंने घरेलू हिंसा रोकथाम कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रोटेक्शन अधिकारियों की संख्या बढ़ाने, महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग में खाली पदों को भरने तथा महिलाओं की मदद के लिए काउंसलर और वकीलों की संख्या बढ़ाने की भी मांग की।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं और लाड़ली बहन योजना जैसी पहल महिलाओं के लिए मददगार साबित हुई है। साथ ही राज्य के बजट में 13 जिलों में “उमेद मॉल” शुरू करने की योजना का भी स्वागत किया, जिससे महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए बड़ा बाजार मिलेगा और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी।

  • LPG सिलेंडर महंगा होने के बाद कालाबाजारी की आशंका, ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव के बहाने गैस एजेंसियों पर ग्राहकों को ठगने की साजिश!

    LPG सिलेंडर महंगा होने के बाद कालाबाजारी की आशंका, ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव के बहाने गैस एजेंसियों पर ग्राहकों को ठगने की साजिश!

    अश्विनी कुमार

    मुंबई: ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा संकट गहराने का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद कुछ गैस एजेंसियों पर ग्राहकों को सिलेंडर की कमी का बहाना बनाकर अधिक पैसे वसूलने का आरोप लग रहा है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद कई जगहों पर गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कुछ एजेंसियां सिलेंडर की कमी का बहाना बनाकर अधिक पैसे वसूलने और देरी से डिलीवरी करने की कोशिश कर रही हैं।

    बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बाद भारत में भी एलपीजी की कीमतों में वृद्धि हुई है। इसके बाद से कई इलाकों में उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा है, जिससे परेशानी बढ़ गई है।

    बताया जा रहा है कि BPCL, HPCL और इंडियन ऑयल से जुड़े कुछ वितरकों ने ग्राहकों को यह कहकर परेशान करना शुरू कर दिया है कि सिलेंडर की सप्लाई कम है या देर से आएगी। इसके चलते कई जगहों पर ब्लैक मार्केटिंग और अतिरिक्त पैसे लेने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

    पहले और अब सिलेंडर के दाम

    सिलेंडर प्रकारपुराना रेट (मुंबई)नया रेट (मुंबई)बढ़ोतरी
    घरेलू LPG (14.2 किलो)₹852.50₹912.50₹60
    कमर्शियल LPG (19 किलो)लगभग ₹1,692लगभग ₹1,836₹115–₹144

    7 मार्च 2026 से देशभर में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत ₹60 और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत लगभग ₹115 से अधिक बढ़ा दी गई है।

    सप्लाई में देरी और इंतजार

    मुंबई में कई उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक करने के बाद 2 से 8 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

    सरकार पर उठ रहे सवाल

    विपक्षी दल और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि एजेंसियां ग्राहकों से अधिक पैसे वसूलती हैं या सिलेंडर की कृत्रिम कमी पैदा करती हैं तो केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

    लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निगरानी नहीं बढ़ाई गई तो महंगे सिलेंडर और सप्लाई की कमी का फायदा उठाकर ग्राहकों से अवैध वसूली का नेटवर्क तैयार हो सकता है।

    सरकार से कार्रवाई की मांग

    स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि यदि कोई एजेंसी तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलती है या जानबूझकर सप्लाई रोकती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

    लोगों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच रसोई गैस पहले ही आम लोगों के बजट पर बोझ बन चुकी है। ऐसे में अगर एजेंसियों की मनमानी बढ़ती है तो इसका सीधा असर आम परिवारों पर पड़ेगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को निगरानी बढ़ाने, शिकायत तंत्र मजबूत करने और कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

  • Bhoodan:उमादेवी ओमप्रकाश शर्मा की स्मृति में मधुवन गोशाला के लिए भूमि दान

    ठाणे | संवाददाता: वरिष्ठ समाजसेवी और भाजपा राष्ट्रीय परिषद के पूर्व सदस्य ओमप्रकाश शर्मा की धर्मपत्नी उमादेवी शर्मा के निधन के बाद उनकी स्मृति में एक सराहनीय पहल की गई है। शर्मा परिवार ने उनकी मालिकी की जमीन गोशाला के लिए दान (Bhoodan) करने का निर्णय लिया है।

    बताया गया कि उमादेवी शर्मा अपने जीवनकाल में सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में काफी सक्रिय रहती थीं। उनके निधन के बाद उनके सामाजिक उद्देश्यों को आगे बढ़ाने और समाज सेवा की भावना को जीवित रखने के लिए उनकी जमीन गोशाला के लिए दान करने का फैसला लिया गया है।

    यह जमीन पालघर जिले के वाडा तालुका में स्थित है, जहां ‘उमादेवी ओमप्रकाश शर्मा स्मृति मधुवन गोशाला’ की स्थापना की जाएगी। इस गोशाला का उद्देश्य बेसहारा, बीमार और कमजोर गोमाताओं की देखभाल और उपचार की सेवा करना होगा।

    उमादेवी शर्मा ने ठाणे में महिलाओं का एक समूह बनाकर गणगौर पूजा जैसे सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत भी की थी। उनके साथ कार्य करने वाली महिला सहयोगियों ने भी इस पहल का समर्थन करते हुए खुशी व्यक्त की है।

    इस अवसर पर उनकी सहयोगी रही महिला दल की सदस्य सुमन अत्री, डॉ. सविता इंदौरिया, रमा गौड़, सुलोचना शर्मा, संतोष सैनी, सुलोचना डोकवाल, सुमन शर्मा, बिंदु भोमिया, प्रेम शर्मा, बबली शर्मा, मनीषा शर्मा, रंजना गुप्ता, रीना शर्मा, मंजू भिंडा, सविता भिंडा, देवी ओझा और विमला मिश्रा सहित अन्य महिलाओं ने इस निर्णय की सराहना की।

    परिजनों ने बताया कि आज के समय में जहां जमीन के लिए लोग आपसी रिश्तों को भी भूल जाते हैं, वहीं विनोबा भावे की भूदान परंपरा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

    शर्मा परिवार लंबे समय से सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्रों में निःस्वार्थ भाव से कार्य करता रहा है। उमादेवी शर्मा की स्मृति में शुरू की जा रही यह पहल समाज सेवा और गौसेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक कदम मानी जा रही है।

  • Illegal extortion: महंगाई और बेरोजगारी के दौर में स्व-रोजगार करने वालों पर मनपा की ‘मार’!

    Illegal extortion: महंगाई और बेरोजगारी के दौर में स्व-रोजगार करने वालों पर मनपा की ‘मार’!

    प्रभाग 10 में फेरीवालों से 90 रुपये की कथित अवैध वसूली, ठेकेदार पर FIR की मांग

    आर. एस. नेटवर्क। प्रेम चौबे

    नालासोपारा: वसई-विरार शहर महानगरपालिका(VVMC) के प्रभाग क्रमांक 10 क्षेत्र में फेरीवालों से प्रति व्यक्ति 90 रुपये की कथित जबरन वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि यह वसूली ठेकेदार कैलाश यादव के माध्यम से की जा रही है। स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को अवैध, अन्यायपूर्ण और गरीबों के हक पर डाका बताया जा रहा है।

    सूत्रों के अनुसार, पहले से ही महंगाई और बेरोजगारी (Unemployed) की मार झेल रहे छोटे फेरीवाले अपनी रोजी-रोटी के लिए सड़कों पर छोटे-मोटे सामान बेचकर परिवार चला रहे हैं। ऐसे समय में प्रति व्यक्ति 90 रुपये की वसूली उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, तब जो लोग स्व-रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की कोशिश कर रहे हैं, उनके रास्ते में ही बाधाएं खड़ी की जा रही हैं।

    प्रभाग 10 के नगरसेवक किशोर पाटिल ने इस मामले में कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि गरीब फेरीवालों से इस प्रकार की वसूली सीधे तौर पर उनकी आजीविका पर हमला है। “जब देश और प्रदेश में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या बनी हुई है, तब महानगरपालिका को रोजगार सृजन पर ध्यान देना चाहिए, न कि स्व-रोजगार कर रहे लोगों से वसूली कर उन्हें परेशान करना चाहिए,” उन्होंने कहा।

    इस संबंध में तुलिंज पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत(Complain) दर्ज कराई गई है। शिकायत में ठेकेदार कैलाश यादव के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही यह भी मांग उठाई गई है कि जब तक वसई-विरार शहर महानगरपालिका की महासभा में इस विषय पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक उक्त वसूली पूरी तरह बंद रखी जाए।

    नगरसेवक किशोर पाटिल ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध वसूली (Illegal extortion) पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो क्षेत्र में जनआक्रोश फैल सकता है और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फेरीवालों के साथ हो रहे अन्याय को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन भी किया जाएगा।

    स्थानीय फेरीवालों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में पहले ही कमाई सीमित है। ऊपर से इस प्रकार की कथित वसूली उनके लिए दोहरी मार साबित हो रही है। सवाल यह उठ रहा है कि जब महानगरपालिका रोजगार उपलब्ध कराने में असफल साबित हो रही है, तो क्या स्व-रोजगार कर रहे गरीबों को भी चैन से काम करने का अधिकार नहीं है?

    मामले ने अब राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है और देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कार्रवाई करता है।