मुंबई: भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने देश को एक पवित्र संविधान दिया, जिसमें सभी जाति-धर्म के नागरिकों को समान अधिकार और हक दिए गए। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में संविधान पर हमले होने के आरोप लगते रहे हैं। अब संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष का समय आ गया है। इसी उद्देश्य से 29 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक नागपुर की दीक्षाभूमि से सेवाग्राम आश्रम तक ‘संविधान सत्याग्रह पदयात्रा’ आयोजित की जा रही है।
विशेष बात यह है कि 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती, दशहरा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष एक साथ पड़ रहा है। इसी दिन युवा कांग्रेस नागपुर स्थित रेशीमबाग कार्यालय जाकर देश का संविधान भेंट करेगी।
पदयात्रा की शुरुआत
यह पदयात्रा सोमवार, 29 सितंबर 2025 को सुबह 7 बजे नागपुर की दीक्षाभूमि से शुरू होगी। इसमें महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ और महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे। इस पदयात्रा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, सभी ब्लॉक अध्यक्ष, पूर्व नगरसेवक, फ्रंटल संगठनों के अध्यक्ष, सेवा दल, महिला कांग्रेस और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में भाग लेंगे।
मशाल यात्रा और जनसभा
महान क्रांतिकारी और देशभक्त भगत सिंह की जयंती के अवसर पर रविवार, 28 सितंबर 2025 को शाम 5 बजे नागपुर के व्हेरायटी चौक से संविधान चौक तक भव्य मशाल यात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा का समापन संविधान चौक पर एक जनसभा के साथ होगा। यह जानकारी महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस द्वारा दी गई है।
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Samvidhan Satyagrah Yatra: संविधान की रक्षा के लिए दीक्षाभूमि से सेवाग्राम तक ‘संविधान सत्याग्रह पदयात्रा’, कल कांग्रेस की मशाल यात्रा और जनसभा
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Colaba Police File Case Against Artist T. Venkanna and Curator Abhay Maskara for Alleged Obscene Artworks: कोलाबा स्थित गैलरी मास्कारा में हिंदू देवी-देवताओं की कथित आपत्तिजनक और अश्लील चित्रकारी को लेकर विवाद खड़ा
मुंबई। कोलाबा स्थित गैलरी मास्कारा में हिंदू देवी-देवताओं की कथित आपत्तिजनक और अश्लील चित्रकारी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वकील विशाल लालचंद नाखवा की शिकायत पर कोलाबा पुलिस ने कलाकार टी. वेन्कन्ना और क्यूरेटर अभय मास्कारा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।





शिकायतकर्ता नाखवा ने बताया कि उन्हें शुक्रवार को एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से गैलरी में प्रदर्शित विवादास्पद चित्रों की जानकारी मिली। गैलरी पहुंचने पर उन्होंने एक फ्रेम में देवी महाकाली और भगवान शिव को अर्धनग्न अवस्था में चित्रित देखा, जिस पर “Union for Peace” लिखा था। इसके अलावा, गैलरी में कई नग्न पुरुषों और महिलाओं की यौन विषयक चित्रकारी भी प्रदर्शित थी।
नाखवा ने आरोप लगाया कि गैलरी में नाबालिगों के प्रवेश को रोकने के लिए कोई चेतावनी बोर्ड नहीं था। जब उन्होंने स्टाफ से इस विषय में सवाल किया, तो उन्हें बताया गया कि यह कलाकार की दृष्टिकोण को दर्शाता है और कला के उद्देश्य से प्रदर्शित किया गया है। विरोध जताने पर गैलरी स्टाफ ने नाखवा को बाहर जाने को कहा और खुद लंच ब्रेक के लिए कमरे में बंद हो गए।
पुलिस को सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। सोशल मीडिया पर गैलरी की तस्वीरें वायरल होने के बाद गैलरी के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। कोलाबा से हिंदू जागरण के कार्यकर्ताओं के साथ राष्ट्रीय सेविका समिती की कार्यकर्ता मिताली भरत पटेल के साथ मनूर राठौड, पंकज व अन्य कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया।
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Flood Relief Education: बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए महामानव प्रतिष्ठान ने चलाया “एक बही, एक पेन” अभियान, बढ़ाया मदद का हाथ
मुंबई। हाल ही में महाराष्ट्र के कई हिस्सों, विशेष रूप से मराठवाड़ा में हुई भारी बारिश और बाढ़ के कारण प्रभावित विद्यार्थियों को सहायता देने का निर्णय “एक बही, एक पेन” अभियान द्वारा लिया गया है। इस अभियान के तहत इन विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री प्रदान की जाएगी।
🎒 दस वर्षों से चल रहा सेवा कार्य
“एक वही, एक पेन” अभियान पिछले दस वर्षों से मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में आर्थिक रूप से कमजोर, आदिवासी और जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य कर रहा है।
🌧️ बाढ़ से हुआ व्यापक नुकसान
पिछले सप्ताह मराठवाड़ा क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि के कारण:
- किसानों की फसलें, घर और पशुधन को भारी नुकसान
- विद्यार्थियों की किताबें, कॉपियां और अन्य शैक्षणिक सामग्री भी नष्ट हो गई
- जिससे ग्रामीण नागरिकों और विद्यार्थियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा
🏫 महामानव प्रतिष्ठान की पहल
इस संकट में विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए महामानव प्रतिष्ठान द्वारा संचालित “एक वही, एक पेन” अभियान के तहत शैक्षणिक सामग्री वितरित की जाएगी।
🙌 समाजसेवियों से सहयोग की अपील
प्रतिष्ठान के पास उपलब्ध सामग्री और प्रभावित विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुए, दानवीर समाजसेवियों और नागरिकों से इस अभियान में योगदान देने की अपील की गई है।
योगदान देने के इच्छुक लोग मोबाइल नंबर 9372343108 पर संपर्क कर सकते हैं। अभियान के अध्यक्ष पत्रकार राजू झनके ने बताया कि एकत्रित की गई शैक्षणिक सामग्री जल्द ही मराठवाड़ा के विद्यार्थियों तक पहुंचाई जाएगी।
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Surat Bullet Train: सूरत बुलेट ट्रेन स्टेशन देगा यात्री सुविधा और कनेक्टिविटी को नया आयाम
ठाणे। निर्माणाधीन सूरत बुलेट ट्रेन स्टेशन के साथ शहर अब विकास और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक नई ऊंचाई छूने को तैयार है। यह स्टेशन यात्रियों की सुविधा और आराम को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक डिज़ाइन के साथ तैयार किया जा रहा है।
🏢 आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित स्टेशन
स्टेशन में यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी:
- आरामदायक प्रतीक्षालय
- नर्सरी और स्वच्छ शौचालय
- खुदरा दुकानें और फूड कोर्ट
- हवादार प्लेटफार्म और प्राकृतिक रोशनी के लिए रोशनदान
यह सब मिलकर यात्रियों को एक शांत, सुरक्षित और आनंददायक यात्रा अनुभव प्रदान करेगा।
🚉 मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी की योजना
मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना (SMART) के तहत, सूरत नगर निगम (SMC) और सूरत शहरी विकास प्राधिकरण (SUDA) के सहयोग से एक मल्टी-मॉडल एकीकरण योजना तैयार की गई है। इसके अंतर्गत:
- मेट्रो ट्रेन, बस, टैक्सी, ऑटो और अन्य स्थानीय परिवहन के बीच आसान स्विचिंग
- स्टेशन के आसपास यातायात का सुचारू प्रवाह
- ट्रांज़िशन टाइम में उल्लेखनीय कमी
यह स्टेशन न केवल सूरत की पहचान को नई दिशा देगा, बल्कि यात्रियों को तेज़, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव भी प्रदान करेगा। स्मार्ट इंटीग्रेशन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ यह परियोजना भारत के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क में एक मील का पत्थर साबित होगी।
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Mumbai Police Corruption News: वडाला ट्रक टर्मिनल पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार, मुंबई पुलिस बल में मचा हड़कंप
मुंबई। भ्रष्टाचार निरोधक विभाग (ACB) ने वडाला ट्रक टर्मिनल पुलिस स्टेशन के दो वरिष्ठ अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से मुंबई पुलिस बल में हड़कंप मच गया है।
गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चंद्रकांत सुधाकर सरोदे (Senior Inspector Arrested) और पुलिस उपनिरीक्षक राहुल रमेश वाघमोड़े (Sub Inspector Arrested) शामिल हैं। इन दोनों पर एक दर्ज अपराध के मामले में शिकायतकर्ता से मदद के बदले ₹4.5 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप है।
💰 रिश्वत की रकम और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
- सरोदे के लिए ₹4 लाख और वाघमोड़े के लिए ₹50 हजार की रिश्वत तय हुई थी।
- शिकायतकर्ता ने ACB से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
- कार्रवाई के दौरान सरोदे को ₹2 लाख की पहली किस्त लेते हुए और वाघमोड़े को ₹30 हजार लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
👮♂️ कार्रवाई में शामिल अधिकारी
इस ऑपरेशन को पुलिस निरीक्षक कृष्णा मेखले की देखरेख में और जांच अधिकारी नितिन थोरात के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। साथ ही अपर पुलिस आयुक्त संदीप दीवान, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अनिल घेरड़ीकर और राजेंद्र सांगले के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई पूरी की गई। मुंबई पुलिस के भीतर भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कार्रवाई एक सख्त संदेश है कि कानून के रक्षक भी कानून के दायरे में हैं। ACB की तत्परता और शिकायतकर्ता की जागरूकता ने इस मामले को उजागर किया।
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Vasai-Virar News: वसई में टूटी सड़कों से त्रस्त नागरिकों का अनोखा विरोध :भीख मांगकर जुटाए पैसे, मनपा को सौंपे
राष्ट्रीय स्वाभिमान। प्रेम चौबे
वसई–विरार:वसई–विरार में जर्जर सड़कों और गड्ढों से परेशान नागरिकों ने रविवार को अपनी नाराज़गी जताने का अनोखा तरीका अपनाया। समाजसेवक आतिश सावंत के नेतृत्व में गाला नगर, लोधा स्कूल के सामने “भीख मांगो आंदोलन” किया गया। इस दौरान नागरिकों ने प्रतीकात्मक रूप से भीख मांगकर ₹685 की राशि जुटाई।
सोमवार को यह पूरी राशि पालिका प्रभाग (डी) के सहायक आयुक्त जितेन्द्र नाइक को सौंप दी गई। नागरिकों का संदेश साफ था – “यदि वसई–विरार महानगर पालिका के पास सड़क मरम्मत का बजट नहीं है, तो जनता खुद पैसे इकट्ठा कर देगी।”
इस मौके पर समाजसेवक शिवकुमार पांडे, प्रदीप मिश्रा और हेमंत मटवणकर समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सहायक आयुक्त ने कहा –
“जनता से इस तरह पैसे लेने का कोई विभाग नहीं है, लेकिन आपकी भावनाओं को देखते हुए बारिश थमते ही सड़क मरम्मत का कार्य शुरू कराया जाएगा।”मनपा से लौटने के बाद आंदोलन के सूत्रधार आतिश सावंत ने चेतावनी दी –
“यदि जल्द ही सड़क सुधार कार्य शुरू नहीं किया गया, तो आंदोलन और भी तीव्र रूप लेगा।”
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BJP News: नमो युवा रन में गूंजा “नशा मुक्त मुंबई” का संकल्प, मुख्यमंत्री समेत हजारों युवाओं ने लिया हिस्सा
मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो), मुंबई द्वारा रविवार, 21 सितंबर 2025 को “नमो युवा रन” का आयोजन किया गया। यह दौड़ सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत “नशा मुक्त भारत” अभियान को समर्पित थी और मुंबई के प्रतिष्ठित कोस्टल रोड प्रोमेनेड, वर्ली पर आयोजित की गई। यह अपनी तरह का पहला सार्वजनिक आयोजन था, जिसमें 7,000 से अधिक मुंबईकरों ने भाग लिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो), मुंबई द्वारा रविवार, 21 सितंबर 2025 को “नमो युवा रन” का आयोजन
सुबह 7 बजे शुरू हुई इस 5 किलोमीटर लंबी दौड़ में युवाओं, छात्रों, नागरिकों और फिटनेस प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए “नशा मुक्त मुंबई” का संकल्प लिया। दौड़ का शुभारंभ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ध्वज लहराकर किया। उनके साथ मंच पर कई प्रतिष्ठित हस्तियाँ उपस्थित थीं, जिनमें भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद तेजस्वी सूर्या, कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, भाजपा मुंबई अध्यक्ष एवं विधायक अमित साटम, भाजपा मुंबई उपाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी, पद्मश्री अभिनेता अशोक सराफ, फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन और अभिनेत्री नायरा बनर्जी शामिल थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो), मुंबई द्वारा रविवार, 21 सितंबर 2025 को “नमो युवा रन” का आयोजन
इस आयोजन के माध्यम से भाजयुमो मुंबई ने समाज को एक सशक्त संदेश देने हेतु मुख्यमंत्री सहायता कोष में ₹10 लाख का योगदान भी दिया, जो संगठन की सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दौड़ का आयोजन पुरुष और महिला दोनों श्रेणियों में किया गया, जिसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह, प्रमाण पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
भाजयुमो मुंबई अध्यक्ष तेजिंदर सिंह तिवाना ने कहा, “जैसे हम अपने प्रियजनों को उनके जन्मदिन पर उनकी पसंद की भेंट देते हैं, वैसे ही नमो युवा रन के माध्यम से हम प्रधानमंत्री को एक फिट, प्रेरित और संगठित युवा शक्ति समर्पित कर रहे हैं, जो ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि यह दौड़ केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि नशे के विरुद्ध मुंबई के युवाओं का प्रचंड उद्घोष है।
मुंबई का कोस्टल रोड प्रोमेनेड इस अवसर पर ऊर्जा, उत्साह और राष्ट्रभक्ति की भावना से सराबोर हो गया। -

Navratra News: डॉ. अनील काशी मुरारका ने किया श्री शतचंडी महायज्ञ के पंडाल का लोकार्पण, मलाड में 10 दिवसीय आयोजन शुरू
मुंबई। श्री रानी सती प्रचार समिति, मलाड (पूर्व) द्वारा अपनी स्थापना के 50वें स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में यज्ञ वाटिका, मलाड पूर्व में 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक 10 दिवसीय श्री शतचंडी महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया है। इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक उत्सव का शुभारंभ 20 सितंबर को रात 9:30 बजे उद्योगपति एवं समाजसेवी डॉ. अनील काशी मुरारका द्वारा पंडाल के लोकार्पण के साथ हुआ।
लोकार्पण समारोह में डॉ. मुरारका ने कहा, “यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी आध्यात्मिक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और समाज सेवा के संकल्प का उत्सव है।”
इस अवसर पर मुख्य यजमान विजय पोद्दार एवं उनकी धर्मपत्नी रितु पोद्दार भी उपस्थित रहे। समिति की अध्यक्ष कुसुम माहेश्वरी ने जानकारी दी कि इस महायज्ञ में पूरे मुंबई से श्रद्धालु भाग लेंगे। प्रतिदिन सुबह से शाम तक वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, दुर्गा सप्तशती पाठ, प्रवचन और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करेगा, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संदेश भी देगा। मलाड की यज्ञ वाटिका इन दस दिनों तक आध्यात्मिक चेतना, भक्तिभाव और सांस्कृतिक समरसता का केंद्र बनी रहेगी।

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Bombay High Court: पवित्र पोर्टल की खामियों पर हाईकोर्ट सख्त, शिक्षा विभाग को लगाई फटकार
मुंबई: राज्य सरकार के पवित्र पोर्टल के सही ढंग से संचालन न होने और इसके चलते शिक्षकों की नियुक्तियों को रद्द किए जाने पर शनिवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को कड़ी फटकार लगाई। न्यायालय ने यह भी नाराजगी जताई कि सीधे नियुक्त किए गए शिक्षकों की नियुक्तियों को नियमित करने के लिए 100 से अधिक आदेश दिए गए, लेकिन उनका कोई ठोस असर नहीं हुआ।
न्यायमूर्ति रविंद्र घुगे और न्यायमूर्ति अश्विन भोबे की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि राज्य के महाधिवक्ता ने स्वयं विभिन्न परिसंवादों में पवित्र पोर्टल के उपयोग की जानकारी दी थी, फिर भी शिक्षा अधिकारी इस प्रणाली को समझने में असफल रहे हैं। इस संदर्भ में एक शिक्षिका और दो संस्थाओं ने अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं, जिनमें उन आदेशों को रद्द करने की मांग की गई थी, जिनमें शिक्षकों की नियुक्तियों को मान्यता देने से इनकार किया गया था।
पवित्र पोर्टल राज्य के शालेय शिक्षण व क्रीड़ा विभाग का एक ऑनलाइन मंच है, जिसे जिला परिषद और महानगरपालिका की शालाओं में शिक्षक भर्ती के लिए शुरू किया गया था। लेकिन याचिकाओं में आरोप लगाया गया कि यह पोर्टल ठीक से काम नहीं कर रहा है और इसी आधार पर शिक्षकों की नियुक्तियों को खारिज किया जा रहा है।
न्यायालय ने सवाल उठाया कि हर शिक्षक को अपनी नियुक्ति की मंजूरी के लिए कोर्ट क्यों आना पड़ता है। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि अब तक कितने शिक्षकों की नियुक्तियां पवित्र पोर्टल के माध्यम से की गई हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी दी जाए। न्यायालय ने यह भी संकेत दिया कि इस मामले को पूर्णपीठ के समक्ष भेजा जा सकता है।
खंडपीठ ने याचिकाकर्ता शिक्षकों के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि शिक्षा अधिकारियों को आदेश देकर और कार्रवाई करके हम थक चुके हैं। इसलिए अब पवित्र पोर्टल के उपयोग को लेकर स्पष्ट मार्गदर्शक सिद्धांत जारी करने की आवश्यकता है।
इस बीच, अतिरिक्त सरकारी वकील मनीष पाबळे ने न्यायालय से राज्य का पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने अगली सुनवाई अगले सप्ताह निर्धारित की है। -

Nagpur News:ब्राह्मण समाज को आरक्षण न मिलना परमेश्वर का उपकार- नितीन गडकरी का आरक्षण पर बयान
नागपुर। राज्य में मराठा, ओबीसी और बंजारा आरक्षण को लेकर चल रहे तीव्र सामाजिक और राजनीतिक विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नितीन गडकरी ने नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान आरक्षण पर एक महत्वपूर्ण और विचारोत्तेजक बयान दिया। उन्होंने कहा, “ब्राह्मण समाज को आरक्षण नहीं मिला, यह परमेश्वर का सबसे बड़ा उपकार है।” उनका यह वक्तव्य ऐसे समय आया है जब आरक्षण को लेकर राज्य में भावनाएं उफान पर हैं।
गडकरी के इस बयान ने आरक्षण की बहस को एक नई दिशा दी है। आइए अब विस्तार से समझते हैं कि उन्होंने किन सामाजिक मुद्दों पर क्या दृष्टिकोण रखा और इसका वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर क्या प्रभाव पड़ सकता है…
गडकरी नागपुर में आयोजित हलबा महासंघ के कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसके गुणों और कर्तृत्व से होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार में ब्राह्मण समाज को सामाजिक महत्त्व प्राप्त है, जबकि महाराष्ट्र में ऐसा नहीं है। “मैं जात-पात में विश्वास नहीं करता,” उन्होंने स्पष्ट किया।
उन्होंने आगे कहा कि बेरोजगारी आज की सबसे बड़ी समस्या है और केवल शैक्षणिक या आर्थिक प्रगति ही नहीं, बल्कि सामाजिक प्रगति भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने समाज के वरिष्ठों से अपील की कि वे समाज सुधार के लिए आगे आएं और युवाओं को सही दिशा दें। उन्होंने कहा कि एक समय था जब समाज में हाथमाग बंद हो गया और हाथभट्टी व शराब का चलन बढ़ा, लेकिन अब वह स्थिति बदल चुकी है।
आरक्षण के मुद्दे पर गडकरी ने कहा कि यह एक संवेदनशील विषय है और उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन के 50 वर्षों में सबसे अधिक प्रयास युवाओं को नौकरियाँ दिलाने के लिए किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम किसी एक क्षेत्र में सफल होते हैं, तो हम कई लोगों की नौकरियाँ बचा सकते हैं। उन्होंने समाज के डॉक्टरों, वकीलों और शिक्षित वर्ग से अपील की कि वे समाज के सर्वांगीण विकास के लिए योजनाबद्ध कार्यक्रम बनाएं।
गडकरी ने यह भी कहा कि “पैसा नहीं होगा तो कुछ नहीं हो सकता,” और कला व कौशल के माध्यम से ही प्रगति संभव है। उन्होंने युवाओं को अपने पैरों पर खड़े होकर मेहनत करने की प्रेरणा दी।
उनके इस बयान ने आरक्षण पर एक अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है, जो सामाजिक समरसता और व्यक्तिगत गुणों को प्राथमिकता देता है। ऐसे समय में जब आरक्षण को लेकर समाज में तनाव है, गडकरी का यह वक्तव्य नई बहस को जन्म दे सकता है।
अगर आप चाहें तो मैं इस विषय पर विश्लेषणात्मक लेख या सोशल मीडिया पोस्ट भी तैयार कर सकता हूँ।