मुंबई: बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर, मुंबई की आंदोलन भूमि आज़ाद मैदान में नमो नमः संस्था के अध्यक्ष, जीवप्रेमी एवं समाजसेवक विक्रम मकोजी कांबले, मुंबई पुलिस निरीक्षक बालकृष्ण आव्हाण, पुलिसकर्मी जनार्दन जाधव, सुनील साठे, अनिल सकपाल, म्हालसा सूर्यवंशी, सुप्रिया झलके तथा अन्य आंदोलनकारियों ने बाबासाहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
मुंबई: धारावी पुनर्विकास परियोजना में पात्रता और पुनर्वास को लेकर एक नया मोड़ सामने आया है। धारावी पुनर्वास प्राधिकरण (DRA) ने उन किरायेदारों और निवासियों से शपथपत्र (अफिडेविट) मांगना शुरू किया है, जो झुग्गियों की ऊपरी मंजिलों पर रहते हैं — क्योंकि उनके पास अक्सर कोई आधिकारिक दस्तावेज़ नहीं होते।
कहता है सरकारी आदेश? 4 अक्टूबर 2024 को जारी एक सरकारी आदेश (GR) के अनुसार:
15 नवंबर 2022 तक धारावी की ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले फ्लैटधारक, पुनर्वास के लिए पात्र माने जाएंगे।
लेकिन चूंकि इन मकानों को अवैध माना जाता रहा है, इसलिए उनके निवासी पुनर्वास प्रक्रिया से अब तक बाहर रहे हैं। GR के अनुसार अब ऐसे निवासी शपथपत्र और सहायक दस्तावेज़ों के जरिए पात्रता साबित कर सकते हैं।
रिहाइश और भुगतान की शर्तें: पात्र निवासियों को धारावी के बाहर, मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में 300 वर्ग फीट का फ्लैट मिलेगा। इसके लिए उन्हें 1000 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से भुगतान करना होगा। यह भुगतान 12 वर्षों की किस्तों में किया जा सकता है। भुगतान पूरा होने के बाद मकान का स्वामित्व निवासियों को स्थानांतरित कर दिया जाएगा। चाहें तो निवासी किसी भी समय एकमुश्त राशि का भुगतान कर घर को जल्दी अपने नाम कर सकते हैं।
पात्रता साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज: उम्मीदवारों को निम्न में से कोई एक दस्तावेज़ देना अनिवार्य होगा:
>बिजली बिल
>बिक्री या किराया समझौता
>आधार कार्ड
>राशन कार्ड
>पासपोर्ट जिसमें मंजिल संख्या अंकित हो
>या भूतल के किसी पात्र निवासी द्वारा सत्यापित शपथपत्र
अब तक की स्थिति: धारावी के लगभग 1 लाख घरों का नक्शा (मैपिंग) तैयार किया गया है।
इनमें से 94,500 घरों को विशिष्ट पहचान संख्या (Unique ID) दी जा चुकी है।
लगभग 70,000 घरों का फिजिकल सर्वेक्षण भी पूरा हो चुका है।
फिर भी भ्रम क्यों है? हालांकि सरकार ने GR जारी कर स्पष्टता लाने की कोशिश की है, लेकिन जमीनी स्तर पर रहवासियों में अब भी असमंजस है।
कई लोग समझ नहीं पा रहे कि वे पात्र हैं या नहीं।
अफसरों द्वारा मांगे जा रहे दस्तावेज़ों की जानकारी स्पष्ट नहीं है।
पुनर्वास स्थलों, भुगतान की प्रक्रिया, और समयसीमा पर स्पष्टता की कमी है।
निष्कर्ष: धारावी जैसे संवेदनशील और घनी आबादी वाले क्षेत्र में पुनर्विकास की प्रक्रिया आसान नहीं है। लेकिन यह साफ है कि ऊपरी मंजिल के किरायेदारों को अब एक मौका मिला है – और अगर वे सही दस्तावेज़ देकर पात्रता साबित करते हैं, तो उन्हें भी सम्मानजनक पुनर्वास मिल सकता है।
कल्याण: कल्याण पूर्व में 13 वर्षीय नाबालिका के अपहरण और हत्या के आरोपी विशाल गवली ने शनिवार को तलोजा जेल में फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जेल प्रशासन ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी ने बैरक के अंदर ही खुद को फाँसी पर लटकाया। 23 दिसंबर 2024 को कल्याण पूर्व से 13 वर्षीय मासूम का अपहरण कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस घिनौनी वारदात के बाद आरोपी विशाल गवली अपनी पत्नी साक्षी के साथ फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया था।
पिछले तीन महीनों से दोनों तलोजा जेल में बंद थे और हाल ही में विशाल गवली के खिलाफ ट्रायल शुरू होने वाला था। मामले को लेकर जनता और मृतक के परिजन लगातार आरोपी को फाँसी की सजा देने की मांग कर रहे थे। विशाल की आत्महत्या की खबर सामने आते ही समाज में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। मृतक नाबालिका के पिता ने कहा, “विशाल को उसके पापों की सजा आखिरकार मिल ही गई।” वहीं शिवसेना नेता महेश गायकवाड़ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यदि उसे न्यायालय से फाँसी मिलती तो यह न्यायिक दृष्टिकोण से अधिक उचित होता।” घटना की खबर फैलते ही आम जनता ने भी राहत की सांस ली। कई लोगों का कहना है कि अब इस मासूम की आत्मा को शांति मिल पाएगी।
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विचारधारा और कार्यशैली पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा की तुलना मुगलकालीन आक्रमणकारियों से करते हुए कहा कि उनकी मानसिकता आज भी वैसी ही है। साथ ही उन्होंने महायुति गठबंधन में चल रही अंदरूनी कलह को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
“भाजपा की सोच प्राचीन आक्रमणकारियों जैसी” रविवार को मीडिया से बात करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा:
“मैंने पहले भी कहा है और अब भी कहता हूं, भाजपा की मानसिकता वैसी ही है जैसी प्राचीन आक्रमणकारियों की थी। महिलाओं, किसानों, पुणे और छत्रपति संभाजीनगर की हालत देख लीजिए। लगता है जैसे फिर से मुगल शासन लौट आया है। ये लोग यहां आकर छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान करते हैं—चाहे वो राहुल सोलापुरकर हों या प्रशांत कोरटकर।”
गौरतलब है कि हाल ही में छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर की गई टिप्पणियों के चलते इन दोनों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है, लेकिन अब तक सजा नहीं हुई है। इसी पृष्ठभूमि में आदित्य ठाकरे का यह बयान आया है।
महायुति में दरार और फंड को लेकर सवाल महायुति सरकार पर सवाल उठाते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया:
“शुरुआत से ही इस सरकार में अंदरूनी झगड़े चल रहे हैं। पहले दस दिन तक किसी को नहीं पता था कि मुख्यमंत्री कौन होगा। सरकारी बंगले और पालकमंत्री पदों को लेकर विवाद थे। और आज तक एक भी मंत्री का ऐसा बयान नहीं आया जो किसानों, महिलाओं या छात्रों के पक्ष में हो।”
उन्होंने दावा किया कि शिंदे गुट और भाजपा केवल आरोप-प्रत्यारोप में लगे हैं और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रहे।
रायगढ़ दौरे को बताया ‘गैर-राजनीतिक’, लेकिन सस्पेंस बरकरार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हालिया रायगढ़ दौरे को लेकर भी राजनीति गर्म है। कई जानकारों का मानना था कि यह दौरा पालक मंत्री पद को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए था। हालांकि, एनसीपी नेता सुनील तटकरे ने इसे “पूरी तरह गैर-राजनीतिक यात्रा” बताया। इस वजह से रायगढ़ के पालक मंत्री को लेकर अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।
भिवंडी। भिवंडी निजामपूर महानगरपालिका क्षेत्र में खतरनाक और अति खतरनाक इमारतों की संख्या बढ़ती जा रही है। नगर प्रशासन के अनुसार, फिलहाल शहर में 1444 इमारतें खतरनाक घोषित की गई हैं, जिनमें से 287 इमारतें अति खतरनाक (C-1 श्रेणी) की हैं। इसके अलावा, 738 इमारतें C-2A श्रेणी में हैं जिन्हें खाली कर मरम्मत की जानी चाहिए, जबकि 372 इमारतें C-2B में हैं जिनमें रहते हुए मरम्मत संभव है। 45 इमारतें C-3 श्रेणी में मामूली मरम्मत योग्य हैं। यह जानकारी शहर विकास अधिकारी अरविंद घुगरे ने दी।पिछले वर्ष ऐसी 49 इमारतों को हटाया गया था, लेकिन हाल के महीनों में यह कार्रवाई धीमी पड़ गई है। स्थिति गंभीर है, क्योंकि इन खतरनाक इमारतों में आज भी सैकड़ों परिवार रह रहे हैं, जिससे उनकी जान खतरे में है।पिछले कुछ वर्षों में खतरनाक इमारतों से जुड़ी दुर्घटनाओं में 90 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, इसके बावजूद पालिका प्रशासन की कार्रवाई अपेक्षा के अनुरूप नहीं है।कार्रवाई में सबसे बड़ी बाधा स्थानीय नेताओं का हस्तक्षेप, अवैध निर्माण, और पगड़ी प्रणाली के कारण चल रहे विवाद बन रहे हैं। नागरिकों और प्रशासन से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे मिलकर समय रहते ठोस कदम उठाएं, जिससे भविष्य में कोई बड़ा हादसा रोका जा सके।
मुंबई: बीजेपी नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया को गोवंडी-शिवाजीनगर में अनधिकृत मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर के खिलाफ शिकायत करने पर धमकी मिली है। शनिवार को उन्होंने शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में इस मुद्दे पर बयान दर्ज कर कार्रवाई की मांग की थी। सोमैया पिछले कुछ महीनों से इस मुद्दे को उठा रहे हैं। सोमवार को ख्वाजा गरीब नवाज संस्था के महाराष्ट्र अध्यक्ष यूसुफ उमर अंसारी ने वीडियो कॉल के जरिए सोमैया को धमकी दी, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में अंसारी ने कहा कि मस्जिदों के स्पीकर नहीं हटने चाहिए और बीजेपी पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए सोमैया से 12 बजे उनके घर पर सवाल करने की बात कही। इसके जवाब में बीजेपी मानखुर्द-शिवाजीनगर विधानसभा इकाई ने शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक बापुरा देशमुख को बयान सौंपकर धमकी देने वाले के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। बयान में चेतावनी दी गई कि ऐसा न होने पर बीजेपी उग्र आंदोलन करेगी। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष लाल बहादुर यादव, मंडल अध्यक्ष डॉ. सतीश तिडके, हेमंत भास्कर सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे। गोवंडी-शिवाजीनगर में मस्जिदों पर स्पीकर का मुद्दा फिर गरमाया है। कुछ साल पहले मनसे नेता राज ठाकरे ने भी इस पर आवाज उठाई थी, जिसके बाद सरकार ने अस्थायी प्रतिबंध लगाया था। अब हिंदुत्ववादी संगठन सरकार की कार्रवाई पर नजर रखे हैं।
कल्याण। कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका ( Kalyan-Dombivali Municipal Corporation) के शिक्षण विभाग के तहत बाल रक्षा अभियान को लेकर एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई । शिक्षकों ने बाल सुरक्षा (Child security) से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सावधानियों से शिक्षकों को अवगत कराना था। इसमें स्कूल बस परिवहन की सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, स्कूल बस चालकों से संबंधित अनुचित घटनाओं पर कार्रवाई और अन्य सुरक्षा उपायों पर गहन चर्चा की गई।
महापालिका शिक्षण विभाग के उपायुक्त संजय जाधव, प्रशासन अधिकारी रमेश चव्हाण और शिक्षणाधिकारी विजय सरकटे के मार्गदर्शन में तथा सहायक कार्यक्रम अधिकारी अर्चना जाधव के समन्वय से यह कार्यशाला सुभेदार वाडा माध्यमिक विद्यालय, कल्याण (पश्चिम) में आयोजित की गई।
इस कार्यशाला में समतोल फाउंडेशन, ठाणे के विजय जाधव, ठाणे जिला परिषद के अनिल कुऱ्हाडे, सुभेदार वाडा हायस्कूल की उपमुख्याध्यापिका रंजना पाटिल और प्राथमिक विभाग की पोतदार मैडम ने मार्गदर्शन किया।
कार्यशाला में शिक्षणाधिकारी विजय सरकटे ने विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी अतिरिक्त जानकारियाँ साझा कीं। तांत्रिक सहायता चंदन माने ने प्रदान की, जबकि समन्वयक की भूमिका गुरुनाथ इसामे और प्रदीप भोईर ने निभाई।
इस सफल कार्यशाला ने शिक्षकों को बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए, जिससे वे अपने विद्यालयों में इन उपायों को प्रभावी रूप से लागू कर सकें।
पुणे: मनसे अध्यक्ष द्वारा आज मनसे की 19वीं वर्षगांठ के अवसर पर पुणे में आयोजित वार्षिकोत्सव में पवित्र स्नान का मजाक उड़ाने से कई लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रयागराज में कुंभ मेले को राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन और आगामी उत्तर प्रदेश चुनावों के लिए एक प्रयोग के रूप में देखना विपक्षी दलों के मुद्दे को खुद राज ठाकरे ने बढ़ावा दे दिया है तो सवाल उठने लगा है कि क्या राज ठाकरे फिर से हिंदुत्व से यू-टर्न लेंगे।
राज ठाकरे ने कुंभ मेले के पवित्र स्नान की तुलना अंधविश्वास से की।
इस वर्ष राज ठाकरे ने भी 31 जनवरी 2025 को एक पार्टी कार्यक्रम में भाजपा और ईवीएम के बीच मिलीभगत पर टिप्पणी की थी और महाराष्ट्र तथा देश में ईवीएम प्रणाली के परिणामों पर सार्वजनिक रूप से संदेह व्यक्त किया था। उन्होंने उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की राष्ट्रवादी पार्टी के निर्वाचित विधायकों पर भी सवाल उठाए और अपनी पार्टी और कांग्रेस के कुछ नेताओं के हार का उदाहरण भी दिया था। पिछले साल महाराष्ट्र में ईवीएम विरोधी राजनीति ने काफी जोर पकड़ लिया था और जहां कांग्रेस और महाविकास आघाड़ी के नेताओं ने राज ठाकरे के रुख का स्वागत किया था, वहीं भाजपा ने राज ठाकरे की आलोचना शुरू कर दी, जिससे भाजपा और राज ठाकरे के बीच दरार के संकेत मिलने लगे थे।
राज ठाकरे ने अपनाया था कट्टर हिंदुत्ववाद
राज ठाकरे (Raj Thakare) ने 9 मार्च 2006 को अपनी पार्टी की स्थापना करते समय पार्टी का चार रंगों वाला झंडा अपनाया था, जिसमें नीला और हरा रंग भी शामिल था। उस समय यह दावा किया गया था कि पार्टी सर्व जाति की समावेशी है। हालाँकि, 23 जनवरी, 2020 को अचानक परिवर्तन हुआ और शाही प्रतीक के साथ भगवा ध्वज का अनावरण किया गया। उन्होंने भगवा वस्त्र पहनकर सार्वजनिक रूप से महाराष्ट्र (Maharashtra) में कट्टर हिंदुत्व को अपनाते हुए उद्धव ठाकरे के पार्टी के हिंदुत्व पर भी गंभीर आरोप लगाए। इस बीच राज ठाकरे हिंदुत्व (Hindutva) के पैरोकार और शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के बाद दूसरे हिंदुत्ववादी चेहरे के रूप में अपनी छवि बनाने में जुटे रहे। मनसे पार्टी प्रमुख राज ठाकरे की भगवा वस्त्र वाली फोटो पार्टी के हर प्रचार साहित्य पर दिखने लगी।
राज ठाकरे हुए महायुति गठबंधन से दर किनार
राज ठाकरे अपनी कई शैलियों के लिए प्रसिद्ध हैं, जिनमें से प्रमुख उनकी भाषण शैली है। 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने गुजरात मॉडल और नरेंद्र मोदी के विकास के विजन का खुलकर समर्थन किया था। 2024 की लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के कुछ लोकसभा उम्मीदवारों के लिए जनसभाएं भी की थीं। राजनीतिक विश्लेषकों ने भविष्यवाणी की थी कि भाजपा और मनसे के समान विचार उनकी अच्छी सफलता के कारण एक महागठबंधन में बदल जाएंगे। महायुति नेताओंने न केवल राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे के लिए माहिम विधानसभा क्षेत्र की सीट छोड़ने का शिष्टाचार भी नहीं दिखाया, बल्कि इसके बजाय अमित ठाकरे को पहले ही चुनाव में पराजित होना पड़ा।
राज ठाकरे की मदद को भुला गया
पिछले 5 सालों में महाराष्ट्र की राजनीति में कई राजनीतिक घटनाक्रम हुए हैं, जिसमें कभी एक दूसरे के कट्टर विरोधी रहे दलों को ढाई साल के लिए सरकार बनानी पड़ी और शिवसेना तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के बीच फूट भी पड़ गई। पिछला लोकसभा चुनाव कांग्रेस, राष्ट्रवादी शरद पवार और शिवसेना ने महाविकास आघाड़ी गठबंधन के तहत लड़ा था, जबकि भाजपा ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव शिवसेना शिंदे गुट और राष्ट्रवादी अजित पवार के महागठबंधन के जरिए लड़ा था। लेकिन राज ठाकरे को किसी ने गठबंधन का हिस्सा नहीं बनाया।
राज ठाकरे पर पार्टी की मान्यता बचाने की मुसीबत
2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में राज ठाकरे की पार्टी ने सबसे ज़्यादा 125 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन राज ठाकरे को भारी झटका लगा और वोट शेयर में गिरावट आई। पार्टी को सिर्फ़ 1.6% वोट मिले। एक भी विधायक नहीं चुने जाने और राजनीतिक मान्यता के लिए ज़रूरी वोटों की कमी की वजह से चुनाव आयोग से इसकी मान्यता भी ख़तरे में है। इस विधानसभा चुनाव में मुंबई में शिवसेना-उद्धव ठाकरे गुट का विकल्प बनी मनसे को करारी हार का सामना करना पड़ा। लेकिन मनसे की वजह से शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट को जहां दस सीटें मिलीं, वहीं भाजपा-महायुति को मनसे से बड़ा झटका लगा।
महायुति गठबंधन में साथ ना मिलने से मनसे की हालत हुई खराब
मूल रूप से, उद्धव ठाकरे को मुंबई में मराठी भाषियों से बहुत सहानुभूति मिली थी, क्योंकि सत्तासे महाविकास अघाड़ी को हटना पड़ा था। मुस्लिम समुदाय के उलेमा बोर्ड ने भी महाविकास अघाड़ी के साथ सहयोग करने की अपील की थी। इससे पूरे राज्य में महाविकास आघाड़ी को लाभ मिला। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में आघाड़ी और गठबंधन के बीच सीट बंटवारे को लेकर काफी विवाद था और मनसे को किसी भी तरफ से सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली थी। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि 2007 के चुनावों में मुंबई जैसे शहरों में अपनी पहचान बनाने वाली मनसे इस बार अकेले मुंबई में तीन से चार सीटें जीतेगी। हालाँकि, मुंबई में मनसे उम्मीदवारोंकी कई जगह पर जमानत जब्त हो गई।
हिंदू मतदाता ने भी नहीं दिया राज ठाकरे को साथ
मनसे के संगठनात्मक ढांचे की परीक्षा तब हुई जब कई वर्षों के बाद उसने प्रत्यक्ष चुनावों की घोषणा की और उनका सामना किया। यह एक तथ्य है कि जहां मनसे ने भाजपा जैसी पार्टी का हमेशा अपने मतदाताओंमें प्रचार किया है, वहीं मनसे के मतदाता कुछ हद तक अन्य दलों की ओर चले गए हैं। इसी तरह, राज ठाकरे के कट्टर हिंदुत्व का प्रभाव मनसे के 125 उम्मीदवारों पर कहीं भी नहीं दिखा। इस चुनाव में मानखुर्द शिवाजीनगर विधानसभा ने सभी राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान आकर्षित किया था। मौजूदा विधायक अबू आज़मी, पूर्व मंत्री नवाब मलिक और ओवैसी की एआईएमआईएम जैसे दिग्गज उम्मीदवारोंमें साथ ही मुस्लिम बहुल निर्वाचन क्षेत्रों में मुस्लिम वोटों का बंटवारा के आसार थे, जिससे एक हिंदुत्व पार्टी की जीत के संकेत मिल रहे थे। लेकिन राज ठाकरे की मनसे को छठे स्थान पर सिमटना पड़ा यहां उनकी जमानत भी जब्त होने कारण राज ठाकरे के हिंदुत्व का रसायन प्रयोगशाला में ही फेल होने की राजनीतिक चर्चा शुरू हुई।
राज ठाकरे दोहराना नहीं चाहते दोबारा गलती
हालही, में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के बाद अब सभी राजनीतिक दलों की नजर अघोषित नगरनिगम और स्थानीय निकाय चुनावों पर है। बताया जा रहा है कि मनसे ने भी इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। अब, कुंभ मेले के बाद, राजनीतिक विश्लेषक इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि राज ठाकरे महाराष्ट्र में कौन सा नया मुद्दा सामने लाएंगे और क्या वे नए जोश के साथ गांव स्तर की राजनीति में लौटते हुए संगठनात्मक बदलाव करेंगे ?
महाराष्ट्र कांग्रेस चीफ हर्षवर्धन सपकाल ने संभाला कार्यभार
मुंबई। महाराष्ट्र कांग्रेस के नए अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मंगलवार (18 फरवरी) को अपना कार्यभार संभाल लिया. उन्होंने कहा कि हम राज्य में पार्टी को मजबूत करेंगे और सत्ता में कांग्रेस की वापसी के लिए काम करेंगे. उन्होंने साफ किया वो किसी दूसरे पद के लिए दावेदारी नहीं करूंगा. उन्होंने कहा कि वो मुख्यमंत्री, सांसद या विधायक नहीं बनना चाहते हैं. हर्षवर्धन सपकाल पार्टी की राज्य इकाई के पूर्व प्रमुख नाना पटोले से पदभार संभालने के बाद एक बैठक को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने महाराष्ट्र में कांग्रेस को पुनर्जीवित करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ नेताओं से भी सहयोग मांगा. उन्होंने कहा, “अगर हम प्रयास नहीं करेंगे, तो हम सफल नहीं होंगे. सपकाल ने महाराष्ट्र में एक करोड़ सदस्य बनाने के अभियान और सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राज्य में बीजेपी वास्तव में कमजोर है. सपकाल ने कहा, “अगर वह (बीजेपी) सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, तो उसे शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को तोड़कर और कांग्रेस नेताओं को अपने पाले में लाने की क्या जरूरत थी.” उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में कांग्रेस के पुनर्निर्माण के लिए ईमानदार और प्रतिबद्ध कार्यकर्ता चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस प्रभारी रमेश चेन्निथला से कहना चाहता हूं कि मैं मुख्यमंत्री समेत किसी अन्य पद के लिए दावेदारी नहीं करूंगा. मैं मुख्यमंत्री, सांसद या विधायक नहीं बनना चाहता. मैं यह सुनिश्चित करने के लिए काम करूंगा कि कांग्रेस सत्ता में लौटे और कांग्रेस का कोई नेता मुख्यमंत्री बने.” उन्होंने कहा कि वह भविष्य की रूपरेखा तैयार करने के लिए जिला इकाई प्रमुखों, पदाधिकारियों और अन्य नेताओं के साथ चर्चा करेंगे. वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि सपकाल में पार्टी को मुश्किल समय में भी आगे ले जाने का दृढ़ संकल्प है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “स्थानीय निकाय चुनावों में हमारे पास पासा पलटने का अच्छा अवसर है. सपकाल, राज्य इकाई का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त हैं.
भिवंडी। भिवंडी शहर में नाबालिग लड़की और उसके माता-पिता के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों की तलाश करने गई पुलिस टीम पर स्थानीय भीड़ द्वारा पथराव किए जाने से एक पुलिसकर्मी घायल हो गया और एक पुलिस वाहन में तोड़फोड़ की गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार भिवंडी शहर के वराल देवी नगर कामतघर झोपड़पट्टी क्षेत्र में पड़ोसियों के बीच अपने बच्चों के बीच प्रेम संबंध के संदेह को लेकर झगड़ा हो गया। इस दौरान नाबालिग लड़की ने डर के मारे फिनाइल पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की। इसके बाद नाबालिग लड़की को इलाज के लिए आईजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना की जानकारी जैसे ही स्थानीय नारपोली पुलिस स्टेशन को मिली, पुलिस आईजीएम अस्पताल पहुंची और नाबालिग लड़की का बयान लेने के दौरान पता चला कि इस अपराध का आरोपी वराल देवी नगर झोपड़पट्टी में है, तो पुलिस उपनिरीक्षक आकाश पवार, सुनील शिंदे और तड़वी की टीम आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस जीप में सवार होकर घटनास्थल पर गई। इस दौरान वहां गुंडा प्रवृत्ति वाले कुछ युवकों ने पुलिस टीम के साथ दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। पुलिस ने जब उन्हें रोकने और आरोपी को गिरफ्तार करने की कोशिश की, तो 30 से 40 लोगों की भीड़ ने पुलिस और पुलिस वाहन पर पथराव कर हमला कर दिया। इसमें पुलिस कांस्टेबल तड़वी पथराव के कारण घायल हो गए। इस दौरान भीड़ ने पुलिस जीप पर भी हमला किया, जिससे जीप क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस कांस्टेबल तड़वी को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नाबालिग लड़की की मां ने नारपोली पुलिस स्टेशन में मारपीट की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस उपनिरीक्षक आकाश पवार ने सरकारी काम बाधा डालने एवं पुलिस पर हमला करने के आरोप मे उमेश गायकवाड़, सचिन साठे, कृष्णा मंडल, नवीन उर्फ चिन्ट्या, शुभम परुलेकर, उमा वाघमारे, पंकज कांबले और 30 से 40 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है और पुलिस आरोपियों की तलाश मे जुट गई है।