Category: Maharashtra

  • Varsha Gaikwad Demands Answers on TET Paper Leak: राजनीतिक बयानबाजी छोड़ सरकार बताए पेपर लीक कैसे हुआ, लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़:वर्षा गायकवाड

    मुंबई | महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद वर्षा गायकवाड ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सवाल किया कि सरकार पहले यह बताए कि परीक्षा का पेपर लीक कैसे हुआ, उसके बाद राजनीतिक बयानबाजी करे।

    वर्षा गायकवाड ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने TET पेपर लीक को लेकर छात्रों के हित में गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना था कि यदि सरकार की व्यवस्था इतनी मजबूत थी तो लाखों अभ्यर्थियों की परीक्षा रद्द करने की नौबत क्यों आई। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक होना सरकार और परीक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता है।

    Varsha Gaikwad Demands Answers on TET Paper Leak

    उन्होंने कहा कि केवल आरोपियों की गिरफ्तारी से सरकार अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकती। परीक्षा प्रणाली में हुई चूक की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, इसलिए सरकार को ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था करनी चाहिए।

    मुख्यमंत्री के इस बयान पर कि पेपर लीक से पहले ही आरोपियों को पकड़ लिया गया था, वर्षा गायकवाड ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सब कुछ नियंत्रण में था तो परीक्षा रद्द क्यों करनी पड़ी। उन्होंने पूछा कि लाखों विद्यार्थियों के समय, मेहनत और मानसिक तनाव की जिम्मेदारी कौन लेगा।

  • MHADA to Decide Aditya Society Redevelopment Dispute:आदित्य सहकारी गृहनिर्माण संस्था के पुनर्विकास विवाद पर म्हाडा के फैसले का इंतजार, डिप्टी रजिस्ट्रार अभिजीत देशपांडे पर टिकीं रहिवासियों की निगाहें

    MHADA to Decide Aditya Society Redevelopment Dispute:आदित्य सहकारी गृहनिर्माण संस्था के पुनर्विकास विवाद पर म्हाडा के फैसले का इंतजार, डिप्टी रजिस्ट्रार अभिजीत देशपांडे पर टिकीं रहिवासियों की निगाहें

    15 जुलाई 2026 को होने वाली सुनवाई सच बनाम भष्टाचार की लड़ाई की है

    मुंबई | प्रतिनिधि

    घाटकोपर स्थित आदित्य को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी लिमिटेड के पुनर्विकास विवाद में अब सभी की निगाहें म्हाडा के डिप्टी रजिस्ट्रार अभिजीत देशपांडे के निर्णय पर टिकी हैं। सोसायटी के कुछ सदस्यों का कहना है कि उन्होंने सुनवाई के दौरान पुनर्विकास प्रक्रिया से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत कर दिए हैं, ताकि वैध डेवलपर का चयन हो सके और प्रत्येक सदस्य को उसका कानूनी अधिकार प्राप्त हो।

    15 जुलाई 2026 को प्रस्तावित सुनवाई को लेकर रहिवासियों में बड़ी उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि यह सुनवाई उनके लिए सच्चाई और कथित भ्रष्टाचार के बीच की लड़ाई है। रहिवासियों का दावा है कि यदि निर्णय प्रस्तुत तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर निष्पक्ष रूप से लिया गया, तो उन्हें न्याय मिलेगा। वहीं उनका आरोप है कि यदि अनियमितताओं या भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला, तो उनके हित प्रभावित हो सकते हैं।

    MHADA to Decide Aditya Society Redevelopment Dispute

    सोसायटी के कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया है कि निर्वाणा डेवलपर्स के मालिक वर्धमान संघवी कथित रूप से कुछ विवादित एवं अवैध सदस्यों के माध्यम से पुनर्विकास प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, जिससे पूरी प्रक्रिया की वैधता पर सवाल खड़े हो गए हैं। उनका दावा है कि यदि पुनर्विकास नियमानुसार नहीं हुआ तो कई परिवारों के हित प्रभावित हो सकते हैं।

    सदस्यों के प्रतिनिधियों का कहना है कि डिप्टी रजिस्ट्रार के समक्ष हुई दो सुनवाई के दौरान बिल्डर पक्ष अपनी वैधता और संबंधित दस्तावेजों को संतोषजनक ढंग से प्रस्तुत नहीं कर सका। ऐसे में अब अंतिम निर्णय को लेकर सदस्यों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

    सदस्यों ने लगाए ये प्रमुख आरोप

    सोसायटी के कुछ सदस्यों के अनुसार वर्ष 2021 से सदस्यता, मतदाता सूची, प्रबंध समिति की वैधता और पुनर्विकास प्रक्रिया को लेकर लगातार शिकायतें की जाती रही हैं। उनका आरोप है कि—

    • सदस्य रजिस्टर, ‘आई’ रजिस्टर, ‘जे’ रजिस्टर और शेयर प्रमाणपत्रों की समय पर जांच नहीं हुई।
    • वैध सोसाइटी मतदाता सूची को लेकर विवाद लंबे समय तक बना रहा।
    • समिति की वैधता का मुद्दा वर्षों तक लंबित रहा।
    • पुनर्विकास प्रक्रिया की वैधानिकता पर समय रहते निर्णय नहीं लिया गया।
    • शिकायतों और आपत्तियों का समयबद्ध निस्तारण नहीं हुआ।
    • न्यायालय के निर्देशों और म्हाडा के नियमों के पालन में विलंब हुआ।
    • आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने के लिए सदस्यों को लगातार पत्राचार करना पड़ा।

    आपराधिक मामले के बाद भी उठे सवाल

    सदस्यों का कहना है कि पंतनगर पुलिस थाने में आपराधिक मामला दर्ज होने और न्यायालयीन प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद कई प्रशासनिक मुद्दों पर समय पर निर्णय नहीं लिया गया। उनका सवाल है कि यदि जांच और कार्रवाई समय पर होती तो क्या यह विवाद इतना गंभीर रूप लेता।

    निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग

    सोसायटी के कुछ सदस्यों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए सहकारी गृहनिर्माण संस्थाओं में पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

  • Rahul Gandhi On Maharashtra TET Paper Leak New Exam Date Demand: महाराष्ट्र TET पेपर लीक पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला, परीक्षा की नई तारीख़ घोषित करने की मांग

    Rahul Gandhi On Maharashtra TET Paper Leak New Exam Date Demand: महाराष्ट्र TET पेपर लीक पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला, परीक्षा की नई तारीख़ घोषित करने की मांग

    नई दिल्ली/मुंबई | प्रतिनिधि

    लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षा रद्द किए जाने के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए अभ्यर्थियों के हित में तत्काल कदम उठाने की मांग की है। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने संदेश में राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक के कारण करीब 6 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है और परीक्षा रद्द हुए दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी नई परीक्षा तिथि घोषित नहीं की गई है।

    राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक करने वाले खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि ईमानदारी से मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को इसकी सज़ा भुगतनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि ये वही युवा हैं जो देश के भविष्य के शिक्षक बनेंगे और वर्षों की तैयारी, परीक्षा शुल्क तथा परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की कठिनाइयों के बाद अब अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।

    Rahul Gandhi On Maharashtra TET Paper Leak New Exam Date Demand

    उन्होंने मुख्यमंत्री से तीन प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि पहली, महाराष्ट्र TET की नई परीक्षा तिथि तत्काल घोषित की जाए। दूसरी, पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और अभ्यर्थियों को इसका खामियाजा न भुगतना पड़े। तीसरी, जिन अभ्यर्थियों का एक वर्ष इस घटना के कारण प्रभावित हुआ है, उन्हें आयु सीमा में छूट दी जाए।

    राहुल गांधी ने कहा कि संस्था की गलती की सज़ा अभ्यर्थियों को देना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह 17 जुलाई को देहरादून में पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे। उनके अनुसार अब समय ऐसी “शिक्षा क्रांति” का है, जिसमें युवाओं को व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि अपनी मेहनत का उचित परिणाम मिले।

    राहुल गांधी का यह बयान महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले को लेकर बढ़ते राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया है।

  • Samsung Galaxy Unpacked 2026: 22 जुलाई को लंदन में होगा सैमसंग का बहुप्रतीक्षित Galaxy Unpacked इवेंट

    Samsung Galaxy Unpacked 2026: 22 जुलाई को लंदन में होगा सैमसंग का बहुप्रतीक्षित Galaxy Unpacked इवेंट

    मुंबई | प्रतिनिधि

    सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स 22 जुलाई 2026 को ब्रिटेन की राजधानी लंदन में अपने बहुप्रतीक्षित Galaxy Unpacked इवेंट का आयोजन करेगा। दुनिया के प्रमुख ट्रेंडसेटर शहरों में शामिल लंदन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान कंपनी अपनी गैलेक्सी सीरीज के नए डिवाइस पेश करेगी।

    कंपनी के अनुसार, नए गैलेक्सी डिवाइस उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षमताओं और नए डिजाइन के साथ आएंगे। इन डिवाइसों का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को पहले से अधिक व्यक्तिगत, स्मार्ट और सहज अनुभव प्रदान करना है। सैमसंग का कहना है कि उसकी फोल्डेबल स्मार्टफोन श्रृंखला ने इस श्रेणी को नई पहचान दी है और आगामी लॉन्च इसी दिशा में अगला कदम होगा।

    Galaxy Unpacked 2026 का सीधा प्रसारण 22 जुलाई को शाम 6:30 बजे (भारतीय समयानुसार) किया जाएगा। दर्शक इसे Samsung.com, Samsung Newsroom India और सैमसंग के आधिकारिक YouTube चैनल पर लाइव देख सकेंगे।

    कंपनी ने इच्छुक ग्राहकों के लिए samsung.com/unpacked पर प्री-रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी शुरू की है। रजिस्ट्रेशन करने वाले ग्राहकों को Galaxy Unpacked 2026 से पहले विशेष ऑफर, टीजर, ट्रेलर और अन्य महत्वपूर्ण अपडेट प्राप्त होंगे।

  • Marriage Hall Dispute on Reserved Land: वॉटर होल्डिंग एरिया पर बने कथित अवैध मैरिज हॉल पर उठे सवाल, जांच व कार्रवाई की मांग

    Marriage Hall Dispute on Reserved Land: वॉटर होल्डिंग एरिया पर बने कथित अवैध मैरिज हॉल पर उठे सवाल, जांच व कार्रवाई की मांग

    सामाजिक कामगार संघटना ने महानगरपालिका आयुक्त को सौंपा निवेदन, आरक्षित भूमि पर निर्माण की निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

    आर.एस. नेटवर्क | प्रेम चौबे

     विरार | विरार पूर्व में रेलवे मार्ग से सटे बारिश के पानी के संचयन के लिए आरक्षित ‘वॉटर होल्डिंग एरिया’ पर कथित रूप से बनाए गए एक मैरिज हॉल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सामाजिक कामगार संघटना के अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह ने वसई-विरार शहर महानगरपालिका आयुक्त को लिखित निवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

    निवेदन में शिवप्रताप सिंह ने आरोप लगाया है कि सिडको के विकास आराखड़े में जिस भूमि को वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक जल निकासी के लिए ‘वॉटर होल्डिंग एरिया’ के रूप में आरक्षित किया गया है, उसी स्थान पर कथित रूप से मिट्टी भराव कर मैरिज हॉल और अन्य व्यावसायिक निर्माण किए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भूमि वास्तव में आरक्षित श्रेणी की है, तो वहां निर्माण की अनुमति किस आधार पर दी गई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

    Marriage Hall Dispute on Reserved Land

    शिकायत के अनुसार, कथित निर्माण और मिट्टी भराव के कारण वर्षा जल के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न हो रही है। इसका प्रभाव आसपास के रिहायशी क्षेत्रों पर पड़ रहा है, जहां प्रत्येक मानसून में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। स्थानीय नागरिकों को घरों में पानी घुसने, संपत्ति के नुकसान और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

    शिवप्रताप सिंह ने महानगरपालिका के संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

    सामाजिक कामगार संघटना ने महानगरपालिका आयुक्त से संबंधित स्थल का संयुक्त निरीक्षण कराने, निर्माण से जुड़े सभी अनुमति दस्तावेजों की जांच करने तथा निर्माण अवैध पाए जाने पर महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर नियोजन (एमआरटीपी) अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के तहत तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।

    शिवप्रताप सिंह ने कहा कि नागरिकों को हर वर्ष जलभराव की समस्या झेलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि वर्षा जल के प्राकृतिक निकासी मार्ग को पूर्ववत बहाल किया जाए और आरक्षित ‘वॉटर होल्डिंग एरिया’ को उसके मूल स्वरूप में संरक्षित किया जाए।

    हालांकि, इस संबंध में महानगरपालिका अथवा संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी है।

  • Naresh Mhaske attacks Uddhav Thackeray in Thane press conference: उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब के हिंदुत्व से किया समझौता, अब ‘उलेमा बचाओ टोली’ बन गई शिवसेना (उबाठा): सांसद नरेश म्हस्के

    Naresh Mhaske attacks Uddhav Thackeray in Thane press conference: उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब के हिंदुत्व से किया समझौता, अब ‘उलेमा बचाओ टोली’ बन गई शिवसेना (उबाठा): सांसद नरेश म्हस्के

    शिवसेना सांसद का तीखा हमला, वक्फ संशोधन, CAA-NRC, ट्रिपल तलाक और राष्ट्रीय मुद्दों पर उद्धव ठाकरे से पूछे कई सवाल

    आर.एस. नेटवर्क | दिनेश चंद्र रावल

    ठाणे | शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने रविवार को आयोजित पत्रकार परिषद में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे ने सत्ता की राजनीति के लिए हिंदुत्व की मूल विचारधारा से समझौता कर लिया है। उन्होंने कहा कि आज की UBT पहले वाली शिवसेना नहीं रही, बल्कि वह “उलेमा बचाओ टोली” बनकर रह गई है और लगातार मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है।

    म्हस्के ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे हमेशा हिंदुत्व और राष्ट्रहित के मुद्दों पर स्पष्ट, निडर और अडिग रहे, लेकिन उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर उनके विचारों से दूरी बना ली। उनका आरोप था कि 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को जनादेश मिलने के बावजूद मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ सरकार बनाकर हिंदुत्व की विचारधारा से समझौता किया गया।

    उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर उद्धव ठाकरे का रुख बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से पूरी तरह अलग रहा। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC), ट्रिपल तलाक और वक्फ संशोधन विधेयक जैसे विषयों पर उद्धव ठाकरे ने ऐसा रुख अपनाया, जो उनके अनुसार हिंदुत्व और राष्ट्रहित के विपरीत था।

    सांसद म्हस्के ने आरोप लगाया कि वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध कर उद्धव ठाकरे ने मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में वक्फ संपत्तियों के कथित दुरुपयोग और अनियमितताओं पर कभी सवाल नहीं उठाए गए, जबकि राम मंदिरों और हिंदू धार्मिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर लगातार बयानबाजी की जाती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान UBT के सांसदों ने प्रभावी भूमिका नहीं निभाई।

    उन्होंने ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर भी उद्धव ठाकरे की आलोचना करते हुए कहा कि यह मुस्लिम महिलाओं के सम्मान और न्याय का विषय था, लेकिन इस पर उन्होंने कोई स्पष्ट समर्थन नहीं दिया। वहीं CAA और NRC के मुद्दे पर उन्होंने सवाल उठाया कि उद्धव ठाकरे इन कानूनों का लगातार विरोध क्यों करते रहे और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर उनका रुख क्या था।

    म्हस्के ने कहा कि आज राम मंदिरों में दान पेटियों में कथित चोरी और अन्य मामलों पर सवाल उठाने वाले उद्धव ठाकरे ने वक्फ बोर्ड में कथित भ्रष्टाचार, अतिक्रमण और कुप्रबंधन के मुद्दों पर कभी आवाज नहीं उठाई। उन्होंने पूछा कि यदि हिंदू ट्रस्टों में गैर-हिंदुओं को स्थान नहीं दिया जाता, तो वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों के शामिल किए जाने का विरोध क्यों किया गया।

    उन्होंने महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET), म्हाडा भर्ती और स्वास्थ्य विभाग भर्ती सहित कई भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय राज्य सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही। उन्होंने कहा कि आज NEET पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शनों का समर्थन कर UBT राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है, जबकि अपने कार्यकाल के मामलों पर वह जवाब देने से बच रही है।

    पत्रकार परिषद के दौरान सांसद नरेश म्हस्के ने कहा कि उद्धव ठाकरे को हिंदुत्व, राष्ट्रीय सुरक्षा, वक्फ बोर्ड, CAA-NRC, ट्रिपल तलाक और अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान हुए पेपर लीक जैसे मुद्दों पर जनता के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।

  • Thane Rising MinimumTemperature Urban Heat Island Warning

    Thane Rising MinimumTemperature Urban Heat Island Warning

    डॉ प्रशांत सिनकर बोले- बढ़ता न्यूनतम तापमान ‘अर्बन हीट आइलैंड’ प्रभाव और बिगड़ते पारिस्थितिक संतुलन का संकेत

    ठाणे | संवाददाता

    ठाणे शहर में अब केवल दिन का अधिकतम तापमान ही नहीं, बल्कि लगातार बढ़ता न्यूनतम तापमान भी चिंता का विषय बन गया है। शहर में इन दिनों रात का न्यूनतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है। मानसून का मौसम होने के बावजूद रात के समय अपेक्षित ठंडक महसूस नहीं हो रही है, जिसे पर्यावरण विशेषज्ञ शहर के बिगड़ते पारिस्थितिक संतुलन का गंभीर संकेत मान रहे हैं।

    पर्यावरणविद् डॉ. प्रशांत सिनकर के अनुसार, न्यूनतम तापमान में लगातार हो रही वृद्धि सामान्य मौसमी परिवर्तन नहीं, बल्कि शहरीकरण और पर्यावरणीय असंतुलन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष गर्मियों में ठाणे का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। मानसून के देर से आगमन के कारण लंबे समय तक हीटवेव जैसी स्थिति बनी रही। जुलाई के पहले सप्ताह में हुई भारी बारिश के बाद कुछ समय के लिए मौसम में राहत मिली, लेकिन बारिश का दौर थमते ही रात का तापमान फिर तेजी से बढ़ने लगा।

    डॉ. सिनकर का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में शहर में तेजी से बढ़े कंक्रीटीकरण, सीमेंट-कंक्रीट सड़कों के विस्तार, ऊंची इमारतों की संख्या में वृद्धि, वाहनों से निकलने वाली गर्मी और बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई के कारण दिन में अवशोषित हुई गर्मी रात के समय भी वातावरण में बनी रहती है। इसी वजह से शहर में ‘अर्बन हीट आइलैंड’ प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और रात के तापमान में गिरावट नहीं हो पा रही है।

    उन्होंने बताया कि वर्तमान में शहर का अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। रात में पर्याप्त ठंडक नहीं मिलने से वातावरण की प्राकृतिक शीतलन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसका असर केवल मौसम तक सीमित नहीं है, बल्कि पेड़-पौधों की वृद्धि, मिट्टी की नमी, पक्षियों एवं अन्य जीव-जंतुओं के प्राकृतिक आवास पर भी पड़ रहा है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार गर्म रहने वाली रातें मानव स्वास्थ्य के लिए भी चिंता का विषय हैं। इससे नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है, शरीर पर गर्मी का दबाव बढ़ता है और हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप तथा श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए जोखिम बढ़ सकता है।

    डॉ. सिनकर ने कहा कि ठाणे में बढ़ता न्यूनतम तापमान केवल एक मौसम संबंधी आंकड़ा नहीं, बल्कि शहर में घटते हरित क्षेत्र और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने शहर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, खुले स्थानों के संरक्षण, जलस्रोतों के पुनर्जीवन तथा पर्यावरण अनुकूल शहरी नियोजन को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका कहना है कि टिकाऊ विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर ही भविष्य में शहर को बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से बचाया जा सकता है।

  • Mumbra Fire Station:मुंब्रा अग्निशमन केंद्र में कथित जुए का वीडियो वायरल, विभाग में मचा हड़कंप

    Mumbra Fire Station:मुंब्रा अग्निशमन केंद्र में कथित जुए का वीडियो वायरल, विभाग में मचा हड़कंप

    ड्यूटी पर तैनात और सेवानिवृत्त अधिकारियों के शामिल होने का दावा, जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट

    ठाणे | संवाददाता

    ठाणे के मुंब्रा स्थित अग्निशमन केंद्र से एक कथित वीडियो सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में अग्निशमन केंद्र के एक कमरे में कुछ लोगों को ताश के पत्तों के साथ कथित रूप से जुआ खेलते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में ड्यूटी पर तैनात कुछ अधिकारी तथा कुछ सेवानिवृत्त अधिकारी भी मौजूद हैं। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

    Mumbra Fire Station Alleged Gambling Video Viral

    जानकारी के अनुसार, यह वीडियो एक पत्रकार के पास पहुंचा, जिसके बाद इसकी चर्चा शुरू हो गई। वीडियो में अग्निशमन केंद्र के परिसर के भीतर एक कमरे में कुछ लोग ताश खेलते दिखाई दे रहे हैं। दावा है कि यह गतिविधि सरकारी परिसर के भीतर हो रही थी।

    यदि जांच में वीडियो की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सरकारी परिसर के दुरुपयोग, ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता तथा सेवा नियमों के उल्लंघन का गंभीर मामला माना जा सकता है। इस घटना ने अग्निशमन विभाग की कार्यप्रणाली और अनुशासन को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    समाचार लिखे जाने तक अग्निशमन विभाग अथवा संबंधित अधिकारियों की ओर से इस वीडियो को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। साथ ही, वीडियो की जांच या किसी विभागीय कार्रवाई की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    अब सभी की नजर इस बात पर है कि संबंधित विभाग वायरल वीडियो की जांच किस प्रकार करता है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • Hit & Run Accident:ठाणे में हिट एंड रन की दो घटनाएं, तेज रफ्तार दोपहिया वाहनों की टक्कर से तीन लोग घायल

    Hit & Run Accident:ठाणे में हिट एंड रन की दो घटनाएं, तेज रफ्तार दोपहिया वाहनों की टक्कर से तीन लोग घायल

    विवियाना मॉल और खोपट रोड पर हुए हादसे, घायलों को छोड़कर फरार हुए बाइक चालक

    ठाणे। ठाणे में अलग-अलग स्थानों पर हुई दो सड़क दुर्घटनाओं में तीन लोग घायल हो गए। दोनों मामलों में तेज रफ्तार दोपहिया वाहनों ने पैदल चल रहे लोगों को टक्कर(Hit & Run Accident) मार दी। हादसे के बाद दोनों बाइक चालक घायलों को उपचार दिलाए बिना मौके से फरार हो गए। पुलिस ने अज्ञात चालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पहली घटना में मुलुंड निवासी गिरीश चव्हाण और उनकी पत्नी ममता चव्हाण विवियाना मॉल के सामने से गुजर रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए एक अज्ञात दोपहिया वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

    दूसरी घटना खोपट रोड स्थित फीनिक्स अस्पताल के सामने हुई। यहां टहल रही समीक्षा गुप्ता को एक तेज रफ्तार दोपहिया वाहन ने टक्कर मार दी। दुर्घटना में उनके बाएं पैर में फ्रैक्चर हो गया। हादसे के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया।

    दोनों घटनाओं में संबंधित पुलिस थानों में अज्ञात वाहन चालकों के खिलाफ हिट एंड रन का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

  • Thane Police Control Room: 40 दिनों में ठाणे पुलिस कंट्रोल रूम को 22,507 इमरजेंसी कॉल, हर दिन औसतन 560 से अधिक लोगों को मिली मदद

    Thane Police Control Room: 40 दिनों में ठाणे पुलिस कंट्रोल रूम को 22,507 इमरजेंसी कॉल, हर दिन औसतन 560 से अधिक लोगों को मिली मदद

    मुंब्रा से सबसे ज्यादा और कोपरी से सबसे कम कॉल; औसतन 9 मिनट के भीतर पुलिस ने दी आपात सहायता

    ठाणे। ठाणे पुलिस ने एक बार फिर आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता साबित की है। 1 जून से 10 जुलाई 2026 के बीच महज 40 दिनों में ठाणे पुलिस कंट्रोल रूम को 22,507 इमरजेंसी कॉल प्राप्त हुए। पुलिस ने प्रत्येक कॉल पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कम से कम समय में मौके पर पहुंचकर नागरिकों की सहायता करने का प्रयास किया।

    पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे के मार्गदर्शन में ठाणे पुलिस आयुक्तालय का कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे कार्यरत है। कंट्रोल रूम में प्राप्त प्रत्येक आपातकालीन कॉल को तुरंत संबंधित पुलिस स्टेशन तक पहुंचाया जाता है, जिससे समय पर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

    आंकड़ों के अनुसार, 1 से 30 जून के बीच कंट्रोल रूम(Thane Police Control Room) में 17,598 कॉल दर्ज हुए, जबकि 1 से 10 जुलाई के दौरान 4,909 कॉल प्राप्त हुए। इस तरह प्रतिदिन औसतन 560 से अधिक नागरिकों ने आपात सहायता के लिए पुलिस से संपर्क किया।

    इन कॉलों में महिला उत्पीड़न, वरिष्ठ नागरिकों की सहायता, चोरी, सेंधमारी, मारपीट, गुमशुदगी, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, प्राकृतिक आपदाओं तथा संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं।

    पुलिस स्टेशनवार आंकड़ों में मुंब्रा पुलिस स्टेशन क्षेत्र से सबसे अधिक 1,746 कॉल प्राप्त हुए। इसके बाद कलवा और मानपाड़ा तथा नौपाड़ा क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में कॉल दर्ज किए गए। वहीं, कोपरी पुलिस स्टेशन क्षेत्र से सबसे कम 177 कॉल प्राप्त हुए।

    पुलिस ने न केवल कॉल रिसीव किए, बल्कि त्वरित प्रतिक्रिया भी दी। जून में औसत 8 मिनट 36 सेकंड और जुलाई के पहले दस दिनों में 9 मिनट 2 सेकंड के भीतर पुलिस घटनास्थल तक पहुंची। जून में ठाणे नगर पुलिस स्टेशन का औसत प्रतिक्रिया समय 5 मिनट 15 सेकंड रहा, जबकि जुलाई के पहले दस दिनों में कोनगांव पुलिस स्टेशन ने औसतन 6 मिनट 10 सेकंड में प्रतिक्रिया देकर सबसे तेज कार्रवाई दर्ज की।

    सहायक पुलिस आयुक्त निशिकांत विश्वकर ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत 112 हेल्पलाइन पर संपर्क करें और घटना स्थल की सटीक जानकारी दें, ताकि पुलिस बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर सहायता प्रदान कर सके।