Category: Maharashtra

  • Bhiwandi Drain Cleaning: 51 प्रतिशत नाला सफाई के दावे पर उठे सवाल, महापौर समेत पार्षदों ने जताई नाराजगी

    Bhiwandi Drain Cleaning: 51 प्रतिशत नाला सफाई के दावे पर उठे सवाल, महापौर समेत पार्षदों ने जताई नाराजगी

    Bhiwandi Drain Cleaning: मानसून पूर्व तैयारियों के तहत भिवंडी महानगरपालिका द्वारा शहर में नाला सफाई का कार्य युद्धस्तर पर किए जाने का दावा किया जा रहा है। निगम प्रशासन के अनुसार अब तक 51 प्रतिशत नालों की सफाई पूरी कर ली गई है, जबकि इस कार्य पर करीब 2 करोड़ 40 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। हालांकि, महापौर नारायण चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधियों ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कार्य की गुणवत्ता और प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया है।

    महापौर नारायण चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नाला सफाई का कार्य कागजों पर अधिक और जमीनी स्तर पर कम दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह उन्होंने स्वयं विभिन्न क्षेत्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया था, जिसमें कई स्थानों पर कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया। इस दौरान संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों को फटकार भी लगाई गई थी, लेकिन उसके बावजूद अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है।

    महापौर ने कहा कि निगम अधिकारियों को ठेकेदारों से गुणवत्तापूर्ण तरीके से नाला सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि मानसून के दौरान शहर में जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसके लिए लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि शहर की स्वच्छता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नागरिकों का सहयोग भी आवश्यक है।

    कागजों पर आंकड़ेबाजी का आरोप
    स्थायी समिति के सदस्य एडवोकेट मयूरेश विलास पाटिल ने निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों द्वारा केवल कागजों पर प्रतिशत दिखाकर ठेकेदारों के हितों की रक्षा की जा रही है। उनका दावा है कि वास्तविकता में 20 प्रतिशत नाला सफाई भी पूरी नहीं हुई है।

    उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मात्र बीस दिनों में इतने बड़े पैमाने पर नाला सफाई का कार्य पूरा किया जा सकता है? उनके अनुसार स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विभाग के कुछ कर्मचारी केवल आंकड़े प्रस्तुत कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य की स्थिति अलग है। पाटिल ने मांग की कि प्रशासन को वास्तविक निरीक्षण और सत्यापन के बिना ठेकेदारों के बिलों का भुगतान नहीं करना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान यदि नागरिकों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ा, तो लोग ठेकेदारों को नहीं बल्कि अपने जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराएंगे। इसलिए आयुक्त और महापौर की जिम्मेदारी है कि वे ठेकेदारों से गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध कार्य सुनिश्चित कराएं।

  • Sanjay Nirupam: अहंकार ही उबाठा को ले डूबेगा, ममता बनर्जी जैसी होगी हालत: संजय निरुपम

    Sanjay Nirupam: अहंकार ही उबाठा को ले डूबेगा, ममता बनर्जी जैसी होगी हालत: संजय निरुपम

    Sanjay Nirupam: शिवसेना के उपनेता एवं प्रवक्ता संजय निरुपम ने रविवार को आयोजित पत्रकार परिषद में उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनका बढ़ता अहंकार ही उन्हें राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने दावा किया कि जिस प्रकार ममता बनर्जी के बढ़ते अहंकार का असर उनकी पार्टी पर पड़ा, उसी तरह की स्थिति उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट (उबाठा) में भी दिखाई दे रही है।

    निरुपम ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की मजबूती उसके नेतृत्व, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच निरंतर संवाद पर निर्भर करती है। जब नेतृत्व अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं से दूरी बना लेता है तो संगठन कमजोर होने लगता है। उनका आरोप था कि उबाठा में भी यही स्थिति बनती जा रही है, जिसके कारण पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और भविष्य में इसके राजनीतिक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

    उबाठा की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करते हुए निरुपम ने कहा कि यह दल लंबे समय से “ऑनलाइन राजनीति” करता आया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब दोनों ठाकरे नेता भी “वर्क फ्रॉम होम” की राजनीति कर रहे हैं और पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद के बजाय ऑनलाइन माध्यमों पर अधिक निर्भर हैं।

    उन्होंने उबाठा नेता संजय राउत द्वारा कथित तौर पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन भेड़िया” अभियान का भी उल्लेख किया। निरुपम ने सवाल उठाया कि क्या संजय राउत अपनी ही पार्टी के नेताओं को “भेड़िया” कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बयान पार्टी के भीतर चल रही स्थिति को उजागर करते हैं।

    इस दौरान निरुपम ने मीडिया में चर्चा में रहे “ऑपरेशन टाइगर” को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि इस तरह की खबरों और चर्चाओं से शिवसेना का कोई संबंध नहीं है। पार्टी की न तो इसमें कोई भूमिका है और न ही ऐसी किसी गतिविधि में उसकी कोई रुचि है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को मजबूत बनाए रखने के लिए नेतृत्व का जमीनी स्तर पर सक्रिय रहना और कार्यकर्ताओं के साथ सतत संवाद बनाए रखना आवश्यक है, अन्यथा संगठन को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

  • Ramakant Gupta’s Birthday: बेस्ट कमिटी सदस्य रमाकांत गुप्ता का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया

    Ramakant Gupta’s Birthday: बेस्ट कमिटी सदस्य रमाकांत गुप्ता का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया

    Ramakant Gupta’s Birthday: बेस्ट कमिटी के नव निर्वाचित सदस्य रमाकांत गुप्ता का जन्मदिन रविवार को भाजपा के महाराष्ट्र मुख्यालय में उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समाजसेवकों, पत्रकारों, उद्यमियों तथा उनके शुभचिंतकों ने उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके सामाजिक एवं जनसेवा कार्यों की सराहना की।

    रमाकांत गुप्ता को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक समर्पित एवं जुझारू कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है। वे न केवल संगठन के प्रति समर्पित हैं, बल्कि विभिन्न समाजों और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए भी हमेशा आगे रहते हैं। उनकी सहयोगी एवं सेवाभावी कार्यशैली के कारण राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी भी उनकी प्रशंसा करने से स्वयं को नहीं रोक पाते।

    जन्मदिन समारोह में भाजपा महाराष्ट्र मुख्यालय के कार्यालय प्रभारी मुकुंद कुलकर्णी और महाराष्ट्र के मीडिया प्रभारी ओम प्रकाश चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह (नवभारत टाइम्स), जितेंद्र मिश्रा (हमारा महानगर), रामदिनेश यादव (दोपहर का सामना), राष्ट्रीय स्वाभिमान के संपादक अश्विन कुमार दुबे, साप्ताहिक मुंबई रिपोर्टर्स के संपादक अरविंद बनसोडे सहित भाजपा एवं आरएसएस के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

    इस अवसर पर केक काटकर रमाकांत गुप्ता का जन्मदिन मनाया गया तथा उपस्थित लोगों ने उनके स्वस्थ, सुखद एवं सफल जीवन की कामना की। वक्ताओं ने कहा कि समाज और संगठन के प्रति उनकी निष्ठा तथा जनसेवा की भावना उन्हें एक लोकप्रिय जनप्रतिनिधि बनाती है। उनके सामाजिक कार्यों से अनेक लोगों को प्रेरणा मिलती है और यही कारण है कि वे विभिन्न वर्गों के लोगों के बीच सम्मानित स्थान रखते हैं।

  • Thane theft: रिक्शा से घर जाते समय 1 लाख रुपये का मोबाईल फोन बाईक सवार चोर ने किया छिनैती!

    Thane theft: रिक्शा से घर जाते समय 1 लाख रुपये का मोबाईल फोन बाईक सवार चोर ने किया छिनैती!

    Thane theft: शिकायतकर्ता सुधीर भास्कर शिर्के (38), जो ठाणे में एक कंस्ट्रक्शन साइट पर मैनेजर के तौर पर काम करते हैं, रविवार रात 11 बजे घर के लिए निकल रहे थे, तभी साकेत ब्रिज लैंडिंग पर एक बाइक सवार आदमी आया और शिकायतकर्ता का 1 लाख रुपये कीमत का सैमसंग गैलेक्सी Z-7 फोन छीन लिया। कपूरबावड़ी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है।

    शिकायतकर्ता सुधीर भास्कर शिर्के (38) A Wig 705 अशर एज वसंत विहार, अनइनकॉरपोरेटेड लोकपुरम, ठाणे में रहते हैं, और अपनी पत्नी रवीना (30) के साथ मैनेजर के तौर पर काम कर रहे थे। रविवार को, शिर्के दंपति साइट पर गए और उसका मुआयना किया और रात 11 बजे घर के लिए निकल रहे थे।

    जब साकेत ब्रिज लैंडिंग पर एक टू-व्हीलर सवार आदमी रिक्शा के पास आया, तो उसने शिकायतकर्ता से मोबाइल फोन छीन लिया और धूम-धाम से उसकी पिटाई की। कपूरबावड़ी पुलिस ने दो अज्ञात दोपहिया वाहन सवारों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

  • Eknath Shinde Recalls Memories: ‘स्ट्रेस मत लो, बिना किसी डिस्ट्रैक्शन के पढ़ाई करो!’; एकनाथ शिंदे ने म्युनिसिपल स्कूल की यादें ताज़ा कीं!

    Eknath Shinde Recalls Memories: ‘स्ट्रेस मत लो, बिना किसी डिस्ट्रैक्शन के पढ़ाई करो!’; एकनाथ शिंदे ने म्युनिसिपल स्कूल की यादें ताज़ा कीं!

    Eknath Shinde Recalls Memories: “जब आप नई क्लास में जाएं, तो पढ़ाई या माहौल का कोई डर न रखें। इसे ‘टेंशन गया, पेंशन मिली’ समझें और बिना किसी डिस्ट्रैक्शन के पढ़ाई करें। आपका पक्का इरादा, लगन और कड़ी मेहनत आपको ज़िंदगी में बड़ी सफलता दिलाएगी,” यह कीमती और भरोसा दिलाने वाली सलाह राज्य के डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ने स्टूडेंट्स को दी।

    गर्मियों की लंबी छुट्टियों के बाद, आज ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के सभी स्कूलों में ‘स्कूल एंट्रेंस सेरेमनी’ बड़े जोश के साथ मनाई गई। किसननगर में म्युनिसिपल स्कूल नंबर 23 में डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में, बच्चों को उनके स्कूल के सफ़र के पहले दिन एक अनोखी पहचान दी गई, उन्हें नई खाली यूनिफॉर्म, किताबें और गुलाब दिए गए।

    इस भव्य समारोह में ठाणे की महापौर शर्मिला पिंपोलकर, शिवसेना के गुटनेता पवन कदम, नगरसेवक राम रेपाले, नगरसेविका संध्या मोरे, सुखदा मोरे, एकता भोईर, डॉ. दर्शना भोईर, मनपा आयुक्त सौरभ राव, अतिरिक्त आयुक्त संदीप मालवी, शिक्षा अधिकारी शेषराव बाधे और प्राचार्य दीपक मोरनकर सहित ठाणे के कई जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और बच्चे मौजूद थे।

    उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में सरकारी स्कूलों के छात्रों को अपने मन में किसी भी तरह की हीन भावना नहीं रखनी चाहिए। देश के प्रधानमंत्री, महान वैज्ञानिक डॉ. अनिल काकोडकर, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जैसे महान व्यक्तित्व सरकारी और जिला परिषद स्कूलों से पढ़कर आगे आए हैं।

    उन्होंने कहा कि वहां दी जाने वाली शिक्षा और शिक्षकों की प्रतिबद्धता स्कूल की इमारत के एयर कंडीशन होने या फीस अधिक होने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बच्चों के बौद्धिक, सामाजिक, मानसिक और शारीरिक विकास पर सिर्फ़ किताबी ज्ञान पर ज़ोर नहीं दिया जाना चाहिए, बल्कि टीचरों को आउटडोर गेम्स और अलग-अलग कॉम्पिटिशन के ज़रिए स्टूडेंट्स में अनुशासन और संस्कार डालने चाहिए।

    उन्होंने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि मातृभाषा में पढ़ाई करने से स्टूडेंट्स की समझने की क्षमता बढ़ती है। इस समारोह के दौरान, डिप्टी चीफ मिनिस्टर ने अपने स्कूल जीवन को याद किया। उन्होंने कहा कि वह भी किसननगर के स्कूल नंबर 23 के पुराने स्टूडेंट हैं और उन्हें इस स्कूल पर गर्व है। पहले यह स्कूल एक चॉल जैसा था, जिसमें दरवाज़े भी नहीं थे।

    हम खुद क्लासरूम साफ़ करते थे और वहाँ बैठकर पढ़ाई करते थे, लेकिन उस समय का मज़ा कुछ और ही था, उन्होंने याद किया। अपने पुराने टीचरों का शुक्रिया अदा करते हुए, उन्होंने रघुनाथ परमगुरुजी, निकम सर, पाठक सर, राणे गुरुजी और राउत बाई जैसे सभी टीचरों के नाम आदर से लिए।

    जैसे ही उन्होंने कहा कि नगर निगम स्कूल में पढ़े बच्चे आज राज्य के सबसे ऊंचे पदों पर काम कर रहे हैं, इसका एक अच्छा उदाहरण आपके ‘बापूसो’ हैं जो खुद मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के पद तक पहुंचे हैं, यानी मैं आपके सामने खड़ा हूं, छात्रों ने उनकी तारीफ की।

    देश का भविष्य बनाने की बड़ी जिम्मेदारी शिक्षकों के कंधों पर होने की बात को सामने लाने के लिए उपमुख्यमंत्री ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के मशहूर कथन का हवाला दिया। एक वकील, इंजीनियर या डॉक्टर की गलती कुछ हद तक छिपी रह सकती है, लेकिन एक शिक्षक की गलती पीढ़ियों तक पूरे समाज और देश में दिखाई देती है, इसलिए शिक्षकों की जिम्मेदारी बहुत संवेदनशील है।

    यह कहते हुए कि राज्य सरकार ने छात्रों पर स्कूल बैग का बोझ कम किया है और स्कूल के पोषण में भी बड़े सुधार किए हैं, उन्होंने शिक्षकों को पहली बेंच से लेकर आखिरी बेंच तक हर बच्चे पर व्यक्तिगत ध्यान देने का निर्देश दिया।

    नासिक के एक ज़िला परिषद स्कूल का उदाहरण देते हुए, जहाँ बच्चे दोनों हाथों से इंग्लिश और मराठी में लिख रहे थे और 300 श्लोक तक याद कर सकते थे, उन्होंने टीचरों से अपील की कि वे खुद ‘टेक्नो-सैवी’ बनें और बदलते समय के हिसाब से अपने स्टूडेंट्स को वर्ल्ड-क्लास नॉलेज दें। स्कूल का माहौल अच्छा और हेल्दी रखने पर ज़ोर देते हुए, डिप्टी चीफ मिनिस्टर ने म्युनिसिपल कमिश्नर को सख्त निर्देश दिए।

    उन्होंने सुझाव दिया कि शहर के सभी म्युनिसिपल स्कूलों में एक ‘विजिलेंस स्क्वाड’ भेजा जाए जो वहाँ की साफ़-सफ़ाई, पीने के साफ़ पानी और टॉयलेट का इंस्पेक्शन करे और अगर कोई कमी मिले तो उसे तुरंत ठीक किया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्टूडेंट्स की सुविधा और शहर के डेवलपमेंट के लिए फंड की कोई कमी नहीं होगी।

    अपनी स्पीच खत्म करते हुए उन्होंने ये इंस्पायरिंग लाइनें कहीं, “उड़ना है तो अपने पंख मज़बूत कर लो, सपने देखने से पहले अपनी आँखें खोल लो, अगर रास्ते में कांटे हैं तो डरना क्या, अगर फूलों के लिए मेहनत करनी है तो…” और स्टूडेंट्स को उनकी पढ़ाई के लिए और टीचर्स को आने वाली पीढ़ी को बनाने के लिए शुभकामनाएं दीं।

  • Transport Minister issues directive: जब तक इंफ्रास्ट्रक्चर पूरा न हो जाए, ज़मीन के मालिक को नही दे टीडीआर; परिवहन मंत्री ने दिए निर्देश!

    Transport Minister issues directive: जब तक इंफ्रास्ट्रक्चर पूरा न हो जाए, ज़मीन के मालिक को नही दे टीडीआर; परिवहन मंत्री ने दिए निर्देश!

    Transport Minister issues directive: शहर के भविष्य के विकास पर विचार करते हुए नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं पर कोई ज़्यादा ज़ोर न पड़े, यह पक्का करने के लिए कड़ा रुख अपनाते हुए,परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने ज़रूरी निर्देश दिए हैं। टिकुजिनी वाडी इलाके में मोजे चितलसर-मानपाड़ा में रिज़र्व प्राइवेट ज़मीन का मुआयना करने के बाद, उन्होंने संबंधित अधिकारियों से साफ़ कहा कि इस बात की गारंटी दी जानी चाहिए कि भविष्य में इस ज़मीन पर किसी भी तरह का कोई कंस्ट्रक्शन नहीं किया जाएगा।

    मंत्री सरनाईक ने अपना कड़ा रुख ज़ाहिर करते हुए कहा कि ठाणे मनपा ने इस ज़मीन पर एक पार्क रिज़र्व किया है और उस ज़मीन को शहर के लिए ग्रीन एरिया के तौर पर बनाए रखा जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि इस इलाके को बचाना ज़रूरी है ताकि नागरिकों को साफ़ हवा, इको-फ्रेंडली माहौल और खुली जगहें मिल सकें। इस मौके पर बोलते हुए, मंत्री सरनाईक ने कहा कि रिज़र्व ज़मीन के बदले संबंधित ज़मीन के मालिक को 80 लाख स्क्वेयर फ़ीट से ज़्यादा टीडीआर देने का मामला बहुत सेंसिटिव है।

    अगर इतनी बड़ी रकम का टीडीआर मंज़ूर किया जाता है, तो शहर पर और आबादी और डेवलपमेंट का दबाव आ सकता है। साथ ही यूडीआरसीपी के नए निर्देशों के मुताबिक, डेवलपर्स को एक्स्ट्रा एफएसआई मिलता है। वहां रहने वाले नागरिकों को कम से कम सही इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं तो मिलनी चाहिए! साथ ही, आने वाले नागरिकों को ध्यान में रखते हुए, पानी की सप्लाई, बिजली सिस्टम, सड़कें, हेल्थ सुविधाएं, सीवेज मैनेजमेंट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट जैसी सभी बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं की कैपेसिटी बढ़ाए बिना और उन्हें पूरी तरह से चालू किए बिना किसी भी हालत में टीडीआर मंज़ूर नहीं किया जाना चाहिए।

    ठाणे शहर का डेवलपमेंट सिर्फ़ कंस्ट्रक्शन के बारे में नहीं होना चाहिए, बल्कि लोगों के जीवन स्तर के डेवलपमेंट के बारे में भी होना चाहिए। एनवायरनमेंट की सुरक्षा और लोगों के लिए सुविधाओं का बैलेंस बनाए रखना एडमिनिस्ट्रेशन की ज़िम्मेदारी है। इसलिए, ऐसा कोई भी फ़ैसला नहीं लिया जाएगा जिससे शहर के फ़ायदे को नुकसान हो, यह भी उन्होंने साफ़ तौर पर कहा।

    इस फ़ैसले से भविष्य में बिना कंट्रोल के कंस्ट्रक्शन को रोकने में मदद मिलेगी और ठाणे के लोगों के लिए एक बड़ा ग्रीन एरिया बचेगा।मंत्री प्रताप सरनाईक ने राय दी कि एनवायरनमेंट कंज़र्वेशन, लोगों के फ़ायदों की सुरक्षा और सस्टेनेबल डेवलपमेंट, तीनों पहलुओं को कोऑर्डिनेट करने वाली यह भूमिका ठाणे के लोगों के लिए बहुत ज़रूरी होगी।

  • Thane Municipal Schools: मनपा स्कूलों में घटती संख्या चिंता की बात है क्वालिटी एजुकेशन पर फोकस करें; परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दी सलाह!

    Thane Municipal Schools: मनपा स्कूलों में घटती संख्या चिंता की बात है क्वालिटी एजुकेशन पर फोकस करें; परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दी सलाह!

    Thane Municipal Schools: पूरे राज्य में बड़े जोश के साथ मनाए जा रहे ‘स्कूल एंट्रेंस फेस्टिवल’ के मौके पर,परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आज ठाणे मनपा के लोकमान्य नगर में स्कूल नंबर 46 का दौरा किया और नए स्टूडेंट्स का स्वागत किया। इस मौके पर उन्होंने स्टूडेंट्स को शुभकामनाएं दीं और टीचर्स, पेरेंट्स और एजुकेशन डिपार्टमेंट के अधिकारियों से बातचीत की। इस मौके पर बोलते हुए,परिवहन मंत्री ने कहा कि मनपा स्कूलों में घट रही संख्या चिंता की बात है और इस स्थिति को गंभीरता से देखने की ज़रूरत है।

    सरकार स्टूडेंट्स को फ्री एजुकेशन, टेक्स्टबुक्स, यूनिफॉर्म, अलग-अलग एजुकेशनल फैसिलिटीज़ और इनोवेटिव एक्टिविटीज़ दे रही है। हालांकि, सिर्फ फैसिलिटीज़ ही काफी नहीं हैं, क्वालिटी एजुकेशन ही पेरेंट्स का भरोसा जीतने का सबसे असरदार तरीका है।उन्होंने अपील की, “टीचर्स को मनपा स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स का एकेडमिक स्टैंडर्ड बेहतर करने के लिए और ज़्यादा लगन से काम करना चाहिए। स्टूडेंट्स के ऑल-राउंड डेवलपमेंट के लिए मॉडर्न टीचिंग मेथड, टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल और पर्सनल गाइडेंस पर ज़ोर दिया जाना चाहिए।

    साथ ही, पेरेंट्स को भी अपने बच्चों की पढ़ाई में एक्टिवली हिस्सा लेना चाहिए और स्कूल से लगातार कॉन्टैक्ट बनाए रखना चाहिए।सरनाईक ने आगे कहा कि स्कूल एंट्रेंस सेरेमनी सिर्फ़ एक फॉर्मल इवेंट नहीं है, बल्कि स्टूडेंट्स की ज़िंदगी में एक नए सफ़र की खुशी भरी शुरुआत है। स्कूल के पहले दिन को त्योहार की तरह मनाने से स्टूडेंट्स में पढ़ाई के प्रति दिलचस्पी पैदा होती है और स्कूल के साथ उनका रिश्ता मज़बूत होता है।इस मौके पर नए स्टूडेंट्स का फूलों से स्वागत किया गया।

    स्टूडेंट्स को एजुकेशनल मटीरियल भी बांटा गया। टीचर्स, पेरेंट्स, एजुकेशन डिपार्टमेंट के अधिकारी और लोकल लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे।राज्य सरकार के ‘एजुकेशन-रिच महाराष्ट्र’ के कॉन्सेप्ट को पूरा करने के लिए हर बच्चे को एजुकेशन की मेनस्ट्रीम में आना चाहिए।परिवहन मंत्री ने यह भी कहा कि इसके लिए टीचर्स, पेरेंट्स, एडमिनिस्ट्रेशन और समाज को मिलकर कोशिश करने की ज़रूरत है।

  • Marathi Language Training Class: मराठी भाषा प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ, 100 से अधिक रिक्शा चालकों ने लिया प्रशिक्षण का लाभ!

    Marathi Language Training Class: मराठी भाषा प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ, 100 से अधिक रिक्शा चालकों ने लिया प्रशिक्षण का लाभ!

    Marathi Language Training Class: नालासोपारा पूर्व स्थित दुबे इस्टेट में सोमवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में “मराठी भाषा प्रशिक्षण वर्ग” का उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ। भारतीय जनता पार्टी वसई-विरार, महाराष्ट्र शासन परिवहन विभाग, राज्य मराठी विकास संस्था, कोकण मराठी साहित्य परिषद एवं मुंबई मराठी साहित्य संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य रिक्शा चालकों को मराठी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना है।

    प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन भाजपा नेता अमित ओमप्रकाश दुबे, केंद्र संचालिका डॉ. सुरेखा धनावडे एवं प्रशिक्षण शिक्षिका रोहिणी राजेश जाधव के करकमलों द्वारा किया गया। यह प्रशिक्षण सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन दोपहर 2 से 3 बजे एवं 3 से 4 बजे के बीच संचालित किया जाएगा।

    आयोजकों ने बताया कि भविष्य में आरटीओ की ओर से रिक्शा परमिट एवं बैज के लिए मौखिक परीक्षा आयोजित की जाएगी। ऐसे में यह मराठी भाषा प्रशिक्षण तथा इसके उपरांत प्रदान किए जाने वाले प्रमाणपत्र रिक्शा चालकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।

    प्रशिक्षण में प्रवेश के लिए वाहन परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस एवं दो पासपोर्ट आकार के फोटोग्राफ आवश्यक हैं। उद्घाटन समारोह में 100 से अधिक रिक्शा चालकों ने भाग लिया और इस पहल के लिए प्रशिक्षकों एवं आयोजक अमित ओमप्रकाश दुबे के प्रति आभार व्यक्त किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनसंपर्क कार्यालय, दुबे इस्टेट, नालासोपारा (पूर्व) में आयोजित किया जा रहा है।

    प्रवेश एवं अधिक जानकारी के लिए ऋषभ तिवारी (9370666432) एवं दीपक माने (9604655457) से संपर्क किया जा सकता है। भाजपा नेता अमित ओमप्रकाश दुबे के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल रिक्शा चालकों के कौशल विकास एवं मराठी भाषा के प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • Siddhivinayak Temple Redevelopment: सिद्धिविनायक मंदिर के पुनर्विकास में देऊबाई पाटील की स्मृतियों को संरक्षित रखा जाए : शीतल म्हात्रे

    Siddhivinayak Temple Redevelopment: सिद्धिविनायक मंदिर के पुनर्विकास में देऊबाई पाटील की स्मृतियों को संरक्षित रखा जाए : शीतल म्हात्रे

    Siddhivinayak Temple Redevelopment: शिवसेना की उपनेता एवं प्रवक्ता शीतल म्हात्रे ने मांग की है कि मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक मंदिर के प्रस्तावित पुनर्विकास कार्य के दौरान मंदिर की संस्थापक देऊबाई पाटील की स्मृतियों को सम्मानपूर्वक संरक्षित रखा जाए। इस संबंध में उन्होंने सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष तथा ट्रस्ट सदस्य को पत्र लिखकर अपनी मांग रखी है।

    शीतल म्हात्रे ने कहा कि श्री सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां महाराष्ट्र सहित देशभर से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। राज्य सरकार द्वारा मंदिर के पुनर्विकास के लिए लगभग 500 से 600 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है और यह कार्य शीघ्र प्रारंभ होने वाला है।

    उन्होंने बताया कि कई सौ वर्ष पूर्व आगरी समाज की एक स्थानीय महिला देऊबाई पाटील ने अपने निजी खर्च से इस मंदिर की स्थापना की थी। मंदिर के इतिहास में उनके योगदान का विशेष महत्व है। इसलिए पुनर्विकास के दौरान उनकी स्मृतियों को सुरक्षित रखना और उन्हें उचित सम्मान देना आवश्यक है।

    शीतल म्हात्रे ने मांग की कि मंदिर परिसर में देऊबाई पाटील और उनके परिवार के योगदान को स्मरणीय बनाए रखने के लिए स्थायी नामपट्टिका, स्मृति-शिला अथवा शिलालेख स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि मंदिर की स्थापना में जिनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है, उनकी स्मृतियों को पुनर्विकास के बाद भी सम्मानपूर्वक संरक्षित रखा जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को मंदिर के इतिहास और उसके संस्थापकों के योगदान की जानकारी मिल सके।

    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट इस मांग पर सकारात्मक विचार करेगा और मंदिर के गौरवशाली इतिहास को संजोने का कार्य करेगा।

  • Protest Against Drug Abuse: पूर्व उपमहापौर बाबूभाई भवानजी के नेतृत्व में दादर में नशाखोरी के खिलाफ प्रदर्शन

    Protest Against Drug Abuse: पूर्व उपमहापौर बाबूभाई भवानजी के नेतृत्व में दादर में नशाखोरी के खिलाफ प्रदर्शन

    Protest Against Drug Abuse: मुंबई के पूर्व उप महापौर बाबू भाई भवानजी के नेतृत्व में गत दिवस दादर स्टेशन के पास नशाखोरी के खिलाफ एक प्रदर्शन का आयोजन किया गया जिसमें सरकार से अनुरोध किया गया कि सरकार सभी प्रकार के नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाए और नशे की कारोबार में लगे लोगों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई करे।

    बता दें कि हाल ही में मुंबई के एनएससीआई वर्ली डोम में एक लाइव म्यूजिक इवेंट के दौरान एक शख्स की मौत हो गई. मृतक युवक की पहचान 28 साल के वृषभ महेंद्र गंगुर्डे के तौर पर हुई है, जो माहिम इलाके में रहता था और अपने दोस्तों के साथ इवेंट में आया था. जानकारी के मुताबिक वृषभ ने अपने दोस्तों के साथ बहुत ज्यादा शराब पी थी. इवेंट के दौरान भीड़ में वृषभ और उसकी एक दोस्त की तबीयत खराब हो गई.

    इसके बाद, दोनों को पास के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. पुलिस ने बताया कि वृषभ की मौत हो गई, जबकि वृषभ के साथ मौजूद उसकी दोस्त की हालत स्थिर है. घटना रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है, जब युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी. सूत्रों के मुताबिक लड़का डांस करते-करते अचानक गिर गया और उसे तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया था।

    प्रारंभिक जांच में सूत्रों ने बताया कि युवक ने बड़ी मात्रा में शराब का सेवन किया था और वह नशे की हालत में था. युवक के साथ एक युवती भी मौजूद थी, जिसने भी कथित तौर पर शराब का सेवन किया था. दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई, जबकि युवती की हालत स्थिर बताई जा रही है.

    प्रदर्शन के दौरान भवानजी ने कहा कि नशे की लत से युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। हर कालेज के पास आज नशे के पदार्थ बिक रहे हैं और ऐसे संगीत कार्यक्रमों में लोग खुलेआम नशीले पदार्थो का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे कार्यक्रमों की इजाजत नहीं देनी चाहिए। अभी कुछ दिनों में रेसकोर्स के पास संगीत फेस्टिवल होने जा रहा है सरकार को उस पर रोक लगानी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि जल्द ही मुंबई में एक विशाल नशा विरोधी रैली का आयोजन किया जाएगा जिसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पौत्र श्री चंद्र कुमार बोस जी भी भाग लेंगे। भवानजी ने मुंबई के सभी नागरिकों का आवाहन किया है कि वे नशा विरोधी कार्यक्रम का हिस्सा बनें और युवा पीढ़ी को बर्बाद होने से बचाएं।