Category: Maharashtra

  • पश्चिम एशिया तनाव का असर: महंगे सिलेंडर के बाद अब कमर्शियल LPG की कमी से होटल-रेस्टोरेंट उद्योग परेशान

    पश्चिम एशिया तनाव का असर: महंगे सिलेंडर के बाद अब कमर्शियल LPG की कमी से होटल-रेस्टोरेंट उद्योग परेशान

    मुंबई: पश्चिम एशिया में बढ़ते ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता का असर अब भारत के जमीनी हालात पर भी साफ दिखाई देने लगा है। हाल ही में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद जहां घरेलू उपभोक्ता पहले ही परेशान हैं, वहीं अब कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी ने होटल और रेस्टोरेंट उद्योग की चिंता बढ़ा दी है।

    देश के कई बड़े शहरों — मुंबई, चेन्नई और बंगलूरू — से यह खबरें सामने आ रही हैं कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की नियमित सप्लाई बाधित हो रही है। इससे होटल और रेस्टोरेंट की रसोई चलाना मुश्किल हो गया है और कारोबार पर सीधा असर पड़ने लगा है। उद्योग से जुड़े संगठनों का कहना है कि अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो कई छोटे होटल और ढाबों का काम ठप होने की नौबत आ सकती है।

    सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी

    7 मार्च 2026 से देशभर में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है।

    सिलेंडर प्रकारपुराना रेट (मुंबई)नया रेट (मुंबई)बढ़ोतरी
    घरेलू LPG (14.2 किलो)₹852.50₹912.50₹60
    कमर्शियल LPG (19 किलो)लगभग ₹1,692लगभग ₹1,836₹115–₹144

    कीमत बढ़ने के बाद कई इलाकों में सिलेंडर की सप्लाई को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

    होटल उद्योग ने सरकार से किया हस्तक्षेप का आग्रह

    होटल और रेस्टोरेंट उद्योग की प्रमुख संस्था फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FHRAI) ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

    संस्था का कहना है कि जमीनी स्तर पर गैस सिलेंडर की सप्लाई में भारी रुकावट आ रही है। कई गैस डिस्ट्रीब्यूटर 5 मार्च के कथित सरकारी आदेश का हवाला देकर कमर्शियल सिलेंडर देने से मना कर रहे हैं, जिससे होटल और रेस्टोरेंट चलाना मुश्किल हो रहा है।

    FHRAI के महासचिव जैसन चाको ने कहा कि सरकार को इस मामले में तुरंत स्पष्ट निर्देश जारी करने चाहिए ताकि यह साफ हो सके कि होटल और फूड सर्विस सेक्टर के लिए गैस सप्लाई पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

    रेस्टोरेंट संगठनों ने भी जताई चिंता

    रेस्टोरेंट उद्योग की दूसरी प्रमुख संस्था भारतीय राष्ट्रीय रेस्तरां संघ (NRAI) ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि कई गैस सप्लायर रेस्टोरेंट उद्योग की मांग पूरी करने में असमर्थता जता रहे हैं, जिससे कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

    NRAI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि खबरों के अनुसार सरकार ने स्पष्ट किया है कि रेस्टोरेंट उद्योग के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पर कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई सप्लायर गैस देने से मना कर रहे हैं।

    मुंबई में भी बढ़ी परेशानी

    मुंबई में होटल व्यवसाईयों का कहना है कि सिलेंडर की सप्लाई समय पर नहीं मिल रही है। कुछ जगहों पर सिलेंडर मिलने में 2 से 5 दिन की देरी के साथ तय कीमत से 300-500रुपए ज्यादा में मिल रही है, जिससे रसोई संचालन प्रभावित हो रहा है। छोटे रेस्टोरेंट और ढाबों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर बनती जा रही है। होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर लोगों को भोजन उपलब्ध कराने जैसी जरूरी सेवा से जुड़ा है। यदि गैस सप्लाई में रुकावट जारी रहती है तो इसका असर सीधे आम नागरिकों तक पहुंचेगा और खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं।

    निगरानी बढ़ाने की मांग

    सामाजिक संगठनों और उद्योग प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं ताकि कमर्शियल और घरेलू दोनों तरह के सिलेंडरों की सप्लाई बिना बाधा जारी रहे।

    विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार को सप्लाई चेन की निगरानी, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई और शिकायत तंत्र को मजबूत करने की जरूरत है, ताकि महंगाई और गैस संकट का बोझ आम लोगों और कारोबारियों पर कम किया जा सके।

    समाजसेवी व पत्रकार जगदीश पुरोहित

  • ICANN85 कम्युनिटी फोरम मुंबई ग्लोबल इंटरनेट कोलेबोरेशन को मजबूत करेगा

    ICANN85 कम्युनिटी फोरम मुंबई ग्लोबल इंटरनेट कोलेबोरेशन को मजबूत करेगा

    जगदीश पुरोहित

    मुंबई: इंटरनेट कॉर्पोरेशन फॉर असाइन्ड नेम्स एंड नंबर्स (ICANN) द्वारा नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NIXI) के सहयोग से MeitY के तहत ICANN85 कम्युनिटी फोरम 7-12 मार्च 2026 तक मुंबई के जियो कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया।

    इस फोरम का उद्देश्य ग्लोबल इंटरनेट गवर्नेंस को मजबूत करना, एक ओपन और सिक्योर इंटरनेट बनाए रखना और मल्टीस्टेकहोल्डर सहयोग को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में 200 से अधिक सेशन्स हुए, जिनमें डोमेन नेम सिस्टम (DNS) डेवलपमेंट, साइबर सिक्योरिटी और gTLDs के भविष्य पर चर्चा की गई।

    वेलकम सेरेमनी में MeitY सेक्रेटरी एस. कृष्णन, महाराष्ट्र के चीफ सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल, NIXI के CEO डॉ. देवेश त्यागी, ICANN बोर्ड चेयर तृप्ति सिन्हा और ICANN प्रेसिडेंट कर्टिस लिंडक्विस्ट प्रमुख अतिथि थे।

    कार्यक्रम में इंडस्ट्री लीडर्स और विशेषज्ञ जैसे संजीव गोयल, जगदीश पुरोहित, सुमित मदान, दीपक दफ्तरी, दीपक परमार, पैट्रिक डोनाल्डसन, कृपा शाह, देवेन जग्गी और NIXI के पदाधिकारी भी शामिल हुए।

    स्पीकर्स ने इंटरनेट को इकोनॉमिक ग्रोथ, इनोवेशन और गवर्नेंस के लिए आवश्यक आधार के रूप में महत्व देते हुए ग्लोबल कोऑपरेशन की जरूरत पर जोर दिया।

  • International Women’s Day:सिंधु यूथ सर्कल ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित किया भव्य कार्यक्रम

    International Women’s Day:सिंधु यूथ सर्कल ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित किया भव्य कार्यक्रम

    महिला आज के दौर मे एक शक्ति है: महेश सुखरामानी

    उल्हासनगर: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस(International Women’s Day) के अवसर पर रविवार को सिंधु यूथ सर्कल, सेक्शन-22 में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही महिलाओं को सम्मानित किया गया और उनकी उपलब्धियों को सराहा गया।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्म भूषण डॉ. सुरेश आडवाणी, एशिया के प्रसिद्ध ऑन्कोलॉजिस्ट, और लदाराम नागवानी, सदस्य बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी एवं अध्यक्ष भारतीय सिंधु सभा, को समाज सेवा के क्षेत्र में लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    इस अवसर पर डॉ. पायल कुकरानी (विधायक, अहमदाबाद), लेफ्टिनेंट कशिश मेथवानी (भारतीय सेना) और श्रीमती संध्या दुदानी (डायरेक्टर, झूलेलाल ट्रस्ट स्कूल एवं जूनियर कॉलेज) को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम में महाराष्ट्र राज्य सिंधी साहित्य अकादमी के पूर्व कार्याध्यक्ष महेश सुखरामानी विशेष रूप से उपस्थित थे। उन्होंने कहा, “महिला आज के दौर में एक शक्ति है और वह हर क्षेत्र में प्रगति कर रही है। जहाँ शक्ति है वहाँ विजय निश्चित है।”

    कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं की शक्ति और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाया गया। समारोह में महिलाएं, युवा और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के अंत में सिंधु यूथ सर्कल के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों, सम्मानित महिलाओं और उपस्थित लोगों का धन्यवाद किया। लदाराम नागवानी ने कहा कि यह कार्यक्रम एक यादगार पल था, जिसे हमेशा याद किया जाएगा।

  • Babu Bhai Bhawanji:आठवले के राज्यसभा जाने से वंचित वर्गों को ताकत मिलेगी: बाबूभाई भवानजी

    Babu Bhai Bhawanji:आठवले के राज्यसभा जाने से वंचित वर्गों को ताकत मिलेगी: बाबूभाई भवानजी

    मुंबई: वरिष्ठ भाजपा नेता और मुंबई के पूर्व उपमहापौर बाबूभाई भवानजी ने केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के नेता रामदास आठवले को तीसरी बार राज्यसभा के लिए नामित किए जाने पर खुशी जताई और उन्हें बधाई दी।

    सोमवार को जारी एक बयान में भवानजी ने कहा कि रामदास आठवले एक कर्मठ और जनसरोकारों से जुड़े नेता हैं। उनके राज्यसभा में जाने से समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि आठवले सभी वर्गों में लोकप्रिय हैं और हर तबके के लोगों के लिए समर्पित भाव से काम करते हैं।

    भवानजी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार भी व्यक्त किया।

    गौरतलब है कि राज्यसभा की 37 सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान प्रस्तावित है। नाम वापस लेने की अंतिम तिथि सोमवार (9 मार्च) है। कुल 10 राज्यों में चुनाव हो रहे हैं, जिनमें से 7 राज्यों की 26 सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या सीटों के बराबर होने के कारण निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है।

    इन राज्यों में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, असम, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना शामिल हैं। वहीं हरियाणा, ओडिशा और बिहार में सीटों से अधिक उम्मीदवार मैदान में होने के कारण मुकाबला होने की संभावना है।

  • BMC जूनियर इंजीनियर भर्ती का परिणाम लंबित, मेयर रितू तावड़े ने जल्द जारी करने को कहा

    मुंबई: मुंबई महानगरपालिका(BMC) के नगर अभियंता विभाग में कनिष्ठ अभियंता (सिविल/मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल) पदों की भर्ती परीक्षा होने के बावजूद अब तक परिणाम घोषित नहीं होने पर मुंबई की मेयर रितू तावड़े ने प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला अदालत में लंबित है, इसलिए अंतिम सुनवाई जल्द कराने के लिए न्यायालय से अनुरोध किया जाए और प्रशासन अपनी बात मजबूती से रखे।

    मेयर रितू तावड़े ने भर्ती से संबंधित लंबित मुद्दों पर हाल ही में महानगरपालिका अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि दुय्यम अभियंता भर्ती प्रक्रिया में छानबीन के दौरान अपात्र या अनुपस्थित उम्मीदवारों के कारण जो पद खाली हैं, उन्हें प्रतीक्षा सूची में शामिल उम्मीदवारों से भरने के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया तेज की जाए।

    नगर अभियंता विभाग में कनिष्ठ अभियंता (सिविल) के 250 पद और कनिष्ठ अभियंता (मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल) के 130 पद भरने के लिए 15 अक्टूबर 2024 को विज्ञापन जारी किया गया था। इस भर्ती परीक्षा में लगभग 50 हजार उम्मीदवारों ने भाग लिया था। हालांकि एक साल बीतने के बाद भी परिणाम घोषित नहीं होने से उम्मीदवारों में असंतोष बढ़ रहा है।

    बैठक में म्युनिसिपल इंजीनियर्स एसोसिएशन के कार्याध्यक्ष रमेश भुतेकर सहित अन्य उम्मीदवारों ने कहा कि मामला अदालत में होने के बावजूद परिणाम घोषित करने पर कोई रोक नहीं है। साथ ही उन्होंने मांग की कि दुय्यम अभियंता भर्ती में अपात्र या अनुपस्थित उम्मीदवारों की जगह प्रतीक्षा सूची के उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन का अवसर दिया जाए।

    इस पर महानगरपालिका की ओर से अतिरिक्त आयुक्त (पूर्व उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकणे ने बताया कि भर्ती विज्ञापन में केवल डिप्लोमा धारकों को पात्र बताया गया था। इसके खिलाफ डिग्रीधारी उम्मीदवारों ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी।

    उच्च न्यायालय ने 11 दिसंबर 2024 को अंतरिम आदेश देते हुए डिग्रीधारकों को भी मौका देने की बात कही, जिसके बाद परीक्षा आयोजित की गई। बाद में इस फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई, जहां उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी गई।

    डॉ. ढाकणे ने बताया कि अब प्रशासन की ओर से वरिष्ठ विधि विशेषज्ञों को नियुक्त कर अदालत में मजबूती से पक्ष रखा जा रहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च 2026 को होनी है।

    मेयर रितू तावड़े ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया उम्मीदवारों के भविष्य से जुड़ा विषय है। इसमें अनावश्यक देरी से युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है। इसलिए प्रशासन को न्यायालय में मजबूत पक्ष रखते हुए अंतिम सुनवाई जल्द कराने का प्रयास करना चाहिए, ताकि भर्ती प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।

  • अंबरनाथ MIDC की केमिकल कंपनी में भीषण आग, दूर-दूर तक दिखे धुएं के गुबार

    अंबरनाथ MIDC की केमिकल कंपनी में भीषण आग, दूर-दूर तक दिखे धुएं के गुबार

    अंबरनाथ: महाराष्ट्र के अंबरनाथ स्थित आनंद नगर MIDC इलाके की एक केमिकल कंपनी में सोमवार शाम भीषण आग लग गई। कुछ ही समय में आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। कंपनी में बड़ी मात्रा में रासायनिक पदार्थ होने के कारण आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही हैं और मौके पर कई धमाकों की आवाज भी सुनाई दी।

    आनंद नगर क्षेत्र अंबरनाथ का प्रमुख औद्योगिक इलाका माना जाता है। यहां महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC) की बड़ी औद्योगिक वसाहत है, जहां करीब एक हजार से अधिक छोटी-बड़ी कंपनियां संचालित होती हैं। इनमें केमिकल, इंजीनियरिंग, फार्मास्युटिकल और अन्य उत्पादन इकाइयां शामिल हैं। ऐसे में केमिकल कंपनी में लगी आग को गंभीर माना जा रहा है।

    घटना की सूचना मिलते ही अंबरनाथ, बदलापुर और आसपास के इलाकों से दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकलकर्मी आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कंपनी में मौजूद केमिकल के कारण आग बुझाने में काफी कठिनाई हो रही है।

    बताया जा रहा है कि कंपनी के अंदर मौजूद रसायन बाहर सड़क तक फैल गए, जिसके कारण कुछ जगहों पर सड़क पर भी आग की लपटें फैलती दिखाई दीं। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास की कुछ सड़कों को बंद कर दिया गया है।

    भीषण आग के कारण आसमान में घना काला धुआं फैल गया है, जो अंबरनाथ के साथ-साथ बदलापुर शहर तक दिखाई दे रहा है। कई किलोमीटर दूर से भी धुएं के बड़े गुबार देखे जा सकते हैं, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है।

    फिलहाल प्रशासन और दमकल विभाग स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रहे हैं। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है, हालांकि आग की तीव्रता को देखते हुए बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

  • Maternity Leave: मातृत्व अवकाश एक साल करने और भीड़भाड़ वाली जगहों पर फेस रिकग्निशन सिस्टम लगाने की मांग

    Maternity Leave: मातृत्व अवकाश एक साल करने और भीड़भाड़ वाली जगहों पर फेस रिकग्निशन सिस्टम लगाने की मांग

    मुंबई: कामकाजी महिलाओं की मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) अवधि बढ़ाकर एक वर्ष करने और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर फेस रिकग्निशन सिस्टम लगाने की मांग शिवसेना विधायक डॉ. मनीषा कायंदे ने महाराष्ट्र विधान परिषद में उठाई। उन्होंने यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सदन में हुई चर्चा के दौरान रखा।

    डॉ. मनीषा कायंदे ने कहा कि आज की जीवनशैली में महिलाओं पर काम का दबाव काफी बढ़ गया है। कॉर्पोरेट क्षेत्र में कई महिलाएं लगातार 12 घंटे तक लैपटॉप पर काम करती हैं, जिसका उनके स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। वर्तमान में कामकाजी महिलाओं को छह महीने की मातृत्व अवकाश मिलती है, लेकिन इतने कम समय में कई माताओं को अपने छोटे बच्चों को डे-केयर या पाळनाघर में छोड़कर फिर से काम पर लौटना पड़ता है, जो मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है।

    उन्होंने सरकार से मांग की कि मातृत्व अवकाश की अवधि बढ़ाकर एक वर्ष की जाए, ताकि मां अपने बच्चे की बेहतर देखभाल कर सके और बच्चे को उचित पोषण और स्तनपान मिल सके। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जर्मनी में नौकरी करने वाली महिलाओं को एक साल की मातृत्व अवकाश दी जाती है।

    डॉ. कायंदे ने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े अन्य मुद्दे भी उठाए। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार ने गर्भाशय की सर्जरी (हिस्टेरेक्टॉमी) कराने वाली महिलाओं को सवेतन छुट्टी देने का फैसला किया है। महाराष्ट्र सरकार को भी इस तरह का निर्णय लेना चाहिए, ताकि महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समय पर्याप्त आराम मिल सके।

    उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हाल के वर्षों में लड़कियों और महिलाओं के लापता होने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसे रोकने के लिए रेलवे स्टेशन, एसटी डिपो और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर फेस रिकग्निशन सिस्टम लगाया जाना चाहिए।

    डॉ. कायंदे ने पंढरपुर वारी का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां पुलिस अधिकारी अतुल कुलकर्णी के नेतृत्व में करीब 20 लाख वारकरियों का फेस रिकग्निशन किया गया था। इस तकनीक के माध्यम से बायोमेट्रिक पहचान जैसे रेटिना स्कैन भी किया जा सकता है, जिससे अपराधों पर नियंत्रण पाने में मदद मिल सकती है।

    इसके अलावा उन्होंने घरेलू हिंसा रोकथाम कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रोटेक्शन अधिकारियों की संख्या बढ़ाने, महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग में खाली पदों को भरने तथा महिलाओं की मदद के लिए काउंसलर और वकीलों की संख्या बढ़ाने की भी मांग की।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं और लाड़ली बहन योजना जैसी पहल महिलाओं के लिए मददगार साबित हुई है। साथ ही राज्य के बजट में 13 जिलों में “उमेद मॉल” शुरू करने की योजना का भी स्वागत किया, जिससे महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए बड़ा बाजार मिलेगा और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी।

  • LPG सिलेंडर महंगा होने के बाद कालाबाजारी की आशंका, ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव के बहाने गैस एजेंसियों पर ग्राहकों को ठगने की साजिश!

    LPG सिलेंडर महंगा होने के बाद कालाबाजारी की आशंका, ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव के बहाने गैस एजेंसियों पर ग्राहकों को ठगने की साजिश!

    अश्विनी कुमार

    मुंबई: ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा संकट गहराने का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद कुछ गैस एजेंसियों पर ग्राहकों को सिलेंडर की कमी का बहाना बनाकर अधिक पैसे वसूलने का आरोप लग रहा है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद कई जगहों पर गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कुछ एजेंसियां सिलेंडर की कमी का बहाना बनाकर अधिक पैसे वसूलने और देरी से डिलीवरी करने की कोशिश कर रही हैं।

    बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बाद भारत में भी एलपीजी की कीमतों में वृद्धि हुई है। इसके बाद से कई इलाकों में उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा है, जिससे परेशानी बढ़ गई है।

    बताया जा रहा है कि BPCL, HPCL और इंडियन ऑयल से जुड़े कुछ वितरकों ने ग्राहकों को यह कहकर परेशान करना शुरू कर दिया है कि सिलेंडर की सप्लाई कम है या देर से आएगी। इसके चलते कई जगहों पर ब्लैक मार्केटिंग और अतिरिक्त पैसे लेने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

    पहले और अब सिलेंडर के दाम

    सिलेंडर प्रकारपुराना रेट (मुंबई)नया रेट (मुंबई)बढ़ोतरी
    घरेलू LPG (14.2 किलो)₹852.50₹912.50₹60
    कमर्शियल LPG (19 किलो)लगभग ₹1,692लगभग ₹1,836₹115–₹144

    7 मार्च 2026 से देशभर में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत ₹60 और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत लगभग ₹115 से अधिक बढ़ा दी गई है।

    सप्लाई में देरी और इंतजार

    मुंबई में कई उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक करने के बाद 2 से 8 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

    सरकार पर उठ रहे सवाल

    विपक्षी दल और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि एजेंसियां ग्राहकों से अधिक पैसे वसूलती हैं या सिलेंडर की कृत्रिम कमी पैदा करती हैं तो केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

    लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निगरानी नहीं बढ़ाई गई तो महंगे सिलेंडर और सप्लाई की कमी का फायदा उठाकर ग्राहकों से अवैध वसूली का नेटवर्क तैयार हो सकता है।

    सरकार से कार्रवाई की मांग

    स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि यदि कोई एजेंसी तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलती है या जानबूझकर सप्लाई रोकती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

    लोगों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच रसोई गैस पहले ही आम लोगों के बजट पर बोझ बन चुकी है। ऐसे में अगर एजेंसियों की मनमानी बढ़ती है तो इसका सीधा असर आम परिवारों पर पड़ेगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को निगरानी बढ़ाने, शिकायत तंत्र मजबूत करने और कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

  • Shiv Sena:घाटकोपर श्मशान घाट में गुजराती रसीदों को लेकर शिवसेना (यूबीटी) का बीजेपी पर हमला

    Shiv Sena:घाटकोपर श्मशान घाट में गुजराती रसीदों को लेकर शिवसेना (यूबीटी) का बीजेपी पर हमला

    मुंबई: महाराष्ट्र में भाषाई मुद्दे को लेकर राजनीति फिर गरमा गई है। Shiv Sena (Uddhav Balasaheb Thackeray) ने महानगरपालिका चुनाव में जीतने वाली महायुति सरकार पर निशाना साधते हुए अपने मुखपत्र सामना में प्रकाशित संपादकीय के जरिए बीजेपी की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।

    घाटकोपर श्मशान घाट का मामला

    संपादकीय के अनुसार Brihanmumbai Municipal Corporation के तहत आने वाले घाटकोपर स्थित हिंदू श्मशान घाट में मृत्यु पंजीकरण की रसीदें गुजराती भाषा में जारी किए जाने का आरोप लगाया गया है। जबकि महानगरपालिका के पुराने नियमों के मुताबिक ऐसे प्रमाणपत्र मराठी और अंग्रेजी में जारी किए जाने चाहिए।

    लेख में दावा किया गया है कि कई दिनों से आधिकारिक चिह्नों वाली ये रसीदें वितरित की जा रही हैं, जिससे भाषाई विवाद खड़ा हो गया है। संपादकीय में यह भी कहा गया कि इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व वर्तमान मेयर Ritu Tawde कर रही हैं, इसलिए इस मामले में जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

    बीजेपी पर मराठी विरोध का आरोप

    सामना के संपादकीय में Bharatiya Janata Party पर आरोप लगाया गया कि चुनाव के समय मराठी प्रेम का प्रदर्शन किया जाता है, लेकिन बाद में उसे भुला दिया जाता है।

    लेख में यह भी कहा गया कि अगर महाराष्ट्र में मराठी अनिवार्य है, जैसा कि मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने विधानसभा में कहा था, तो श्मशान घाट में गुजराती भाषा में रसीदें जारी होना सवाल खड़ा करता है।

    मराठी अस्मिता का मुद्दा

    संपादकीय में कहा गया कि महाराष्ट्र में रेलवे प्लेटफॉर्म, सड़कों के नाम और अन्य सरकारी कामों में गुजराती भाषा को बढ़ावा देने की कोशिश मराठी के लिए खतरे के रूप में देखी जा रही है। हालांकि इसमें यह भी स्वीकार किया गया कि गुजराती भाषा और संस्कृति का देश के साहित्य, संगीत और राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

    लेख में यह भी कहा गया कि मराठी भाषा और अस्मिता की रक्षा के लिए शिवसेना ने दशकों तक संघर्ष किया है। इसमें Chhatrapati Shivaji Maharaj, B. R. Ambedkar और Bal Thackeray की भाषा के रूप में मराठी का उल्लेख करते हुए कहा गया कि महाराष्ट्र की राजधानी में मराठी का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • Ola, Uber & Rapido:महाराष्ट्र में ओला, उबर और रैपिडो की बाइक टैक्सी सेवाओं पर रोक

    Ola, Uber & Rapido:महाराष्ट्र में ओला, उबर और रैपिडो की बाइक टैक्सी सेवाओं पर रोक

    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य में Ola, Uber और Rapido की बाइक टैक्सी सेवाओं पर फिलहाल रोक लगा दी है। सरकार ने तीनों कंपनियों के अस्थायी लाइसेंस (Temporary Licenses) तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं।

    सरकार के अनुसार इन कंपनियों को महाराष्ट्र में केवल इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी चलाने की शर्त पर अनुमति दी गई थी, लेकिन आरोप है कि कंपनियों ने इलेक्ट्रिक बाइक के बजाय पेट्रोल से चलने वाली बाइक टैक्सी संचालित कीं। इसे नियमों का उल्लंघन और सरकार के साथ धोखाधड़ी माना गया है।

    परिवहन विभाग के मुताबिक नियमों का पालन न करने के कारण तीनों कंपनियों के अस्थायी लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं, जिसके चलते फिलहाल राज्य में उनकी बाइक टैक्सी सेवाएं बंद रहेंगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में केवल इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी को ही अनुमति दी जाएगी, ताकि सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों को बढ़ावा मिल सके।

    बताया गया है कि सरकार ने कंपनियों को जरूरी दस्तावेज जमा करने के लिए पहले एक महीने का समय दिया था, लेकिन तय समय में दस्तावेज जमा नहीं किए गए। इस पर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा कि कंपनियों को एक और एक महीने की अंतिम मोहलत दी गई है। यदि इस अवधि में भी दस्तावेज जमा नहीं किए गए तो उनके लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए जाएंगे।

    सरकार ने शुरुआत में ईको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने और युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से ई-बाइक टैक्सी को अनुमति दी थी। लेकिन कंपनियों द्वारा पेट्रोल बाइक का इस्तेमाल जारी रखने के कारण यह कार्रवाई की गई है।

    नए फैसले के मुताबिक यदि कहीं भी पेट्रोल बाइक टैक्सी चलती हुई पाई गई, तो ड्राइवर और बाइक मालिक दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा और बाइक को भी जप्त किया जाएगा। सरकार के इस फैसले से मुंबई सहित महाराष्ट्र में गैरकानूनी बाइक टैक्सी सेवाओं पर रोक लगने की संभावना है, हालांकि इससे हजारों ड्राइवरों की आजीविका पर असर पड़ सकता है।