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टिळक नगर में कैंटीन संचालक से रंगदारी, गैंग बनाकर करता रहा वसूली फिलहाल दो पर मामला दर्ज
“प्रोटेक्शन मनी” के नाम पर 2 लाख की मांग, महीनों तक वसूले 30-30 हजार रुपये शिकायत के बाद कई कंप्लेनर आए सामने
मुंबई | प्रतिनिधि
मुंबई के टिळक नगर इलाके में रेल नीर(Rail Neer) ठेकेदारी से जुड़े एक व्यक्ति पर कैंटीन संचालक से रंगदारी मांगने और मारपीट करने का गंभीर मामला सामने आया है। टिळक नगर पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता शिवप्रकाश रामलखन यादव (37) टिळक नगर रेलवे स्टेशन के पास एक कैंटीन चलाते हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि सितंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच दो स्थानीय लोगों ने उनसे “प्रोटेक्शन मनी” के नाम पर लगातार पैसों की मांग की और डराकर उनसे रकम वसूली।
2 लाख रुपये की मांग, हर महीने हफ्ता
शिकायत के मुताबिक आरोपी सेतुरामानंद पिल्लई उर्फ सेतुभाई और सुभाष कांदर उर्फ सुभाषभाई ने कैंटीन चलाने के बदले पहले 2 लाख रुपये प्रोटेक्शन मनी और हर महीने 40 हजार रुपये देने का दबाव बनाया।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि डर के कारण उसने पहले 1 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए और इसके बाद कई महीनों तक हर महीने करीब 30 हजार रुपये आरोपियों को देता रहा।
पैसे देने से मना करने पर मारपीट
पीड़ित के अनुसार फरवरी 2026 में जब उसने और पैसे देने से इनकार किया तो आरोपियों ने उसे टिळक नगर इलाके में बुलाकर कथित रूप से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद उसने टिळक नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के बाद सामने आ रहे अन्य मामले
सूत्रों के अनुसार शिकायत सामने आने के बाद इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भी शिकायतें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि रेल नीर व्यवसाय में पार्टनर रहे मुकेश मिश्रा के साथ भी आरोपियों द्वारा मारपीट और धोखाधड़ी की घटना हुई थी।
आरोप है कि प्रोटेक्शन मनी नहीं देने पर दबाव बनाकर उनका धंधा हथिया लिया गया, जिसके बाद मुकेश मिश्रा अपने गांव लौट गए। डर के कारण उन्होंने उस समय पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई।
इन धाराओं में मामला दर्ज
टिळक नगर पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 352, 351(3), 308(5), 3(5) और 115(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक मयूर सुलेपाटिल को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
खानदेश में उबाठा को लगा बड़ा झटका, सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने थामा शिवसेना का भगवा
मुंबई: शिवसेना आम लोगों के साथ खड़े रहने वाली, अन्याय के खिलाफ लड़ने वाली और भगवा विचारों को आगे बढ़ाने वाली पार्टी है। इसलिए हर दिन बड़ी संख्या में लोग शिवसेना में शामिल हो रहे हैं। संपत्ति कितनी कमाई यह महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि आपने कितने लोगों का दिल जीता और लोगों का कितना प्यार हासिल किया, यही सबसे ज्यादा मायने रखता है। यह बात शिवसेना के मुख्य नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उबाठा पर तंज कसते हुए कही। उद्धव ठाकरे गुट के नेता और पूर्व सांसद उन्मेष पाटील ने आज सैकड़ों समर्थकों के साथ उपमुख्यमंत्री शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में प्रवेश किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री शिंदे कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस प्रवेश कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव, मंत्री गुलाबराव पाटील, सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे, सांसद मिलिंद देवरा, विधायक किशोर पाटील के साथ कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
उन्मेष पाटील(Unmesh Patil joins Shiv Sena) के साथ आज कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी शिवसेना में प्रवेश किया। इनमें पंचायत समिति के पूर्व सभापति दिनेश बोरसे पूर्व अध्यक्ष, बीजेपी युवा मोर्चा , पंचायत समिति के उपसभापति भाऊसाहेब पाटील, बीजेपी के पूर्व सभापति लीलाभाई पाटील, राष्ट्रवादी कांग्रेस के रवि चौधरी, बीजेपी के पूर्व नगरसेवक चंदू तायडे, पूर्व नगरसेवक चिरागउद्दीन शेख, पूर्व नगरसेवक गणेश महाले, दिपक देशमुख, सुबोध वाघमारे, गवली समाज के प्रमुख विजू गवली, ओबीसी समाज के संजय चौधरी, बाळासाहेब पाटील, अनिल चव्हाण, रोहित खैरनार, मंगेश साबळे, सोमनाथ पाटील, चंद्रकांत पाटील, रमेश पाटील, योगेश मोरे, राजेंद्र सोनावणे, महादेव गायकवाड, विलास गवली, सुनीता पवार, रत्ना पाटील सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने आज शिवसेना का भगवा थाम लिया।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि आज तिथि के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती है। महाराज कहा करते थे कि प्रजा की सब्जी के डंठल को भी हाथ नहीं लगाना चाहिए। आज राज्य सरकार ने राज्य के किसानों का दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने का फैसला लिया है। जब हम मुख्यमंत्री थे, तब राज्य में लाड़ली बहन योजना शुरू की गई थी। विधानसभा चुनाव में इन लाड़ली बहनों ने विपक्ष को करारा जवाब दिया। चुनाव के समय कर्ज माफी का जो वादा किया गया था, उसे आज महायुति सरकार ने पूरा कर दिखाया है। शिवसेना वह पार्टी है जो जो कहती है, वह करके भी दिखाती है। पिछले ढाई साल में किए गए कामों की वजह से इतिहास में पहली बार महायुति के २३२ विधायक चुनकर आए हैं।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह पार्टी बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे के विचारों पर आगे बढ़ रही है। इसी वजह से सोलापुर के एक गरीब परिवार की लाड़ली बहन को पार्टी ने राज्यसभा की उम्मीदवारी दी है। शिवसेना कार्यकर्ताओं की पार्टी है और कार्यकर्ताओं का सम्मान बढ़ाने वाली पार्टी है। यहां कोई मालिक या नौकर नहीं है, हम सभी साथी हैं। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के समय महाराष्ट्र के लोगों को सुरक्षित वापस लाया गया था। इसी तरह ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण दुबई में फंसे सैकड़ों भारतीयों को भी दो विशेष विमानों के जरिए सुरक्षित भारत लाया गया।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि आज नारपार योजना के लिए ७००० करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। चालीसगांव में किसानों को सबसे ज्यादा पशु शेड उपलब्ध कराने, सरकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और किसानों के मुद्दों को उठाने का काम उन्मेष पाटील कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने गिरणा परिक्रमा भी की है। उन्होंने उन्मेष पाटील और उनके कार्यकर्ताओं से अपील की कि खानदेश में शिवसेना को घर-घर तक पहुंचाएं।
इस मौके पर पूर्व सांसद उन्मेष पाटील ने कहा कि जब उपमुख्यमंत्री शिंदे दरे गांव में खेतों में काम करते नजर आते हैं, तो राज्य के किसानों को विश्वास होता है कि एक ऐसा नेता है जो खेती और मिट्टी से जुड़ा है और किसानों के दुख-दर्द को समझता है। उन्होंने कहा कि वे सरदार बनने के लिए नहीं, बल्कि एक सैनिक के रूप में काम करने के लिए शिवसेना में आए हैं।
वाराणसी। छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर काशी के Shankaracharya Ghat पर विशेष कार्यक्रम आयोजित कर ‘गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा’ का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम Shankaracharya Avimukteshwaranand Saraswati के सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गौभक्त शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत गंगा पूजन से हुई। इसके बाद Chhatrapati Shivaji Maharaj के चित्र पर तिलक लगाकर पुष्प अर्पित किए गए और उपस्थित लोगों को गौरक्षा का संकल्प दिलाया गया। अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि शिवाजी महाराज हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक थे और उन्होंने गौ, ब्राह्मण तथा धर्म की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के ग्रंथों में राजा का कर्तव्य गौ, ब्राह्मण और देवालयों की रक्षा करना बताया गया है। भगवान राम से लेकर भगवान कृष्ण, आदि शंकराचार्य, महाराणा प्रताप और शिवाजी महाराज तक सभी ने इसी परंपरा का पालन किया। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि गौ, ब्राह्मण और मंदिरों की रक्षा के लिए समाज को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान कलाकारों द्वारा शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित लघु नाटिका भी प्रस्तुत की गई, जिसमें गौरक्षा से जुड़े प्रसंगों को दर्शाया गया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय सारस्वत परिषद की ओर से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को गौरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के लिए ‘करपात्र गौभक्त सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान संस्था की ओर से गिरीश चंद्र तिवारी और प्रो. विवेकानंद तिवारी ने प्रदान किया।
मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शनिवार सुबह काशी स्थित श्रीविद्यामठ से लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां 11 मार्च को ‘गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रस्थान से पहले वे चिंतामणि गणेश मंदिर में पूजन-अर्चन करेंगे और इसके बाद संकट मोचन मंदिर में सामूहिक हनुमान चालीसा, हनुमानाष्टक और बजरंगबाण का पाठ किया जाएगा।
भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना चुकीं Mandana Karimi ने हाल ही में अपने जन्मस्थान ईरान की मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक स्थिति पर खुलकर चिंता जताई है। एक्ट्रेस ने ईरान में महिलाओं और आम नागरिकों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वहां के हालात उनके लिए सिर्फ खबर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत अनुभव से जुड़ा दर्द हैं।
मंदाना करीमी ने बताया कि उनका जन्म ईरान में हुआ और वह करीब 18 साल की उम्र तक वहीं रहीं। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले तक उनके पास ईरान का पासपोर्ट भी था, इसलिए वहां की परिस्थितियों से उनका गहरा रिश्ता रहा है। एक्ट्रेस के मुताबिक जब वह ईरान से बाहर आईं और दुनिया को करीब से देखा, तब उन्हें अपने देश की वास्तविक स्थिति का और स्पष्ट एहसास हुआ।
एक्ट्रेस ने बताया कि ईरान में उनके कई दोस्तों को गिरफ्तार किया गया और कुछ लोगों को सख्त सजा तक दी गई। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक टकराव नहीं है, बल्कि आम लोगों के जीवन से जुड़ा गंभीर मानवीय संकट है।
मंदाना करीमी ने 8 जनवरी को हुई हिंसक घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वह दिन बेहद दर्दनाक था। उनके अनुसार उस दिन सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे कई लोगों को मार दिया गया। उन्होंने कहा कि ईरान के लोग पिछले कई दशकों से आजादी और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन हर बार उनकी आवाज को दबा दिया जाता है।
महिलाओं की स्थिति पर बात करते हुए मंदाना ने कहा कि ईरान में महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ता है। कई बार उन्हें अपनी जान तक जोखिम में डालनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि जब वह अपने परिवार और दोस्तों से वहां की तस्वीरें और खबरें देखती हैं तो खुद को खुशकिस्मत मानती हैं कि समय रहते ईरान छोड़कर बाहर आ गईं।
एक्ट्रेस ने कहा कि कई बार उन्हें यह सोचकर डर लगता है कि अगर वह ईरान में ही होतीं तो शायद उनका भी वही हाल होता जो Mahsa Amini का हुआ। महसा अमीनी 22 वर्षीय कुर्द मूल की महिला थीं, जिनकी 2022 में पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी और जिसके बाद पूरे ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे।
मंदाना करीमी ने दुनिया भर के लोगों से अपील की कि वे ईरान के हालात को केवल राजनीतिक मुद्दा समझकर नजरअंदाज न करें। उन्होंने कहा कि वहां के लोग लंबे समय से अपने अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उनकी आवाज सुननी चाहिए।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री Devendra Fadnavis द्वारा पेश किया गया बजट 2026-27 (Maharashtra Budget 2026-27) राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। लगभग 51 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था (GSDP) के लक्ष्य के साथ सरकार ने इसे “विकसित महाराष्ट्र 2047” की आधारशिला बताया है। इस बजट में एक ओर किसानों, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए राहत भरी घोषणाएं की गई हैं, वहीं दूसरी ओर औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर भी बड़ा जोर दिया गया है।
मुंबई। सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए 30 सितंबर 2025 तक के बकाया कृषि ऋणों में से 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी की घोषणा की है। इस फैसले से राज्य के लाखों छोटे और सीमांत किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही समय पर अपनी कर्ज की किस्तें चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये का नकद प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया गया है, जिसे ईमानदार किसानों को प्रोत्साहित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
महिलाओं के लिए भी बजट में महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। राज्य सरकार की ‘लाडकी बहिन योजना’ को जारी रखते हुए 25 लाख नई “लखपति दीदी” तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मदद मिलेगी। वहीं दिव्यांग नागरिकों के मानधन में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी करते हुए इसे 2,500 रुपये कर दिया गया है, जिससे उन्हें सामाजिक सुरक्षा का बेहतर सहारा मिलने की उम्मीद है।
औद्योगिक और शहरी विकास के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़े विजन का संकेत दिया है। मुंबई के वडाला इलाके में 130 एकड़ में विशाल स्टार्टअप हब बनाने की योजना घोषित की गई है। इसके साथ ही राज्य में लगभग 50 लाख नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। मुंबई और पुणे जैसे प्रमुख शहरों में कोस्टल रोड, मेट्रो नेटवर्क और भूमिगत सुरंगों के लिए बड़े पैमाने पर बजट आवंटित किया गया है, जिसे इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए नई ऊर्जा माना जा रहा है। सरकार ने महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को 566 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके जरिए वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने और राज्य में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि बजट को लेकर कुछ चिंताएं भी सामने आई हैं। मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के लिए प्रत्यक्ष कर या महंगाई से राहत की कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई है। मुंबई जैसे महंगे शहर में रहने वाले आम करदाताओं को भविष्य में टोल और बुनियादी ढांचे के निर्माण से होने वाली असुविधाओं की आशंका भी जताई जा रही है। विपक्ष ने राज्य के लगभग 9.32 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का हवाला देते हुए इतनी बड़ी योजनाओं की वित्तीय व्यवहार्यता पर सवाल उठाए हैं। आलोचकों का कहना है कि कर्जमाफी और नकद लाभ योजनाओं का बोझ राज्य के खजाने पर दबाव बढ़ा सकता है।
कुल मिलाकर यह बजट एक तरफ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कर्जमाफी और किसान हितैषी योजनाओं के जरिए मजबूती देने की कोशिश करता है, तो दूसरी ओर शहरी विकास, स्टार्टअप और इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से महाराष्ट्र को वैश्विक आर्थिक प्रतिस्पर्धा में आगे ले जाने का रोडमैप भी प्रस्तुत करता है। अब इस बजट की असली सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि घोषित योजनाएं कितनी पारदर्शिता और तेजी से जमीन पर उतरती हैं।
इज़राइल-ईरान तनाव की खबरों के बीच पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह, लोग ड्रम-कैन लेकर तेल भरवाने पहुंचे; प्रशासन ने कहा—सप्लाई पूरी तरह सामान्य
लखनऊ / उत्तर प्रदेश: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और युद्ध की खबरों का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई देने लगा है। इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव को लेकर फैल रही चर्चाओं और अफवाहों ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अचानक हलचल पैदा कर दी है। कहीं पेट्रोल पंपों पर भीड़ उमड़ पड़ी है तो कहीं लोग अपनी गाड़ियों के साथ ड्रम, कैन और गैलन लेकर डीजल-पेट्रोल भरवाने पहुंच रहे हैं।
हालात ऐसे बन गए हैं कि सामान्य दिनों में शांत रहने वाले पेट्रोल पंपों पर अचानक लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं। कई जगहों पर लोगों के बीच जल्द से जल्द तेल भरवाने की होड़ दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर भी इसके कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें पेट्रोल पंपों के बाहर वाहनों की लाइन सड़क तक पहुंचती नजर आ रही है और लोग घंटों इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं।
कई जिलों में दिखा अफवाह का असर
दरअसल पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इन खबरों के सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद आम लोगों के बीच यह चर्चा फैल गई कि अगर युद्ध लंबा खिंच गया तो पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
इसी आशंका ने धीरे-धीरे अफवाह का रूप ले लिया। कई इलाकों में यह बात फैलने लगी कि जल्द ही पेट्रोल और डीजल की कमी हो सकती है या इनके दाम अचानक बढ़ सकते हैं। यही वजह है कि लोग पहले से ही पेट्रोल और डीजल जमा करने की कोशिश में लग गए हैं।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में इस अफवाह का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। जिले के निघासन और भीरा थाना क्षेत्र के कई पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ जमा हो गई। लोग मोटरसाइकिल, कार और ट्रैक्टर लेकर पेट्रोल पंपों पर पहुंचने लगे। कई लोग प्लास्टिक के कैन, ड्रम और गैलन लेकर भी पहुंचे ताकि ज्यादा से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाकर घर में स्टॉक कर सकें।
इसी तरह वाराणसी, जौनपुर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, आगरा, मथुरा और बाराबंकी जैसे जिलों में भी पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ने की खबरें सामने आई हैं। कई जगहों पर पेट्रोल पंपों के बाहर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कुछ स्थानों पर सड़क पर जाम जैसी स्थिति बन गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो
इन घटनाओं के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि पेट्रोल पंपों पर भीड़ को नियंत्रित करना कर्मचारियों के लिए मुश्किल हो रहा है। कुछ जगहों पर लोग एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश करते दिखाई दिए, जबकि कई लोग अपनी बारी के इंतजार में घंटों लाइन में खड़े रहे।
एक चश्मदीद ने बताया कि भीड़ का मुख्य कारण लोगों में फैला डर है। उनके मुताबिक पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात की खबरों के बाद लोगों को लगने लगा है कि कहीं पेट्रोल और डीजल की कमी न हो जाए, इसलिए लोग जरूरत से ज्यादा तेल भरवा रहे हैं।
किसानों की भी बढ़ी चिंता
बाराबंकी जिले में भी पेट्रोल-डीजल की संभावित कमी की चर्चा ने लोगों को परेशान कर दिया। यहां श्री विष्णु नारायण फिलिंग सेंटर आजगना, सद्दीपुर थाना जहांगीराबाद और तहसील फतेहपुर स्थित नेशनल ट्रेडिंग कंपनी पेट्रोल पंप पर भारी भीड़ देखी गई।
जानकारी के मुताबिक करीब डेढ़ सौ से अधिक किसान ड्रम और कैन लेकर लाइन में खड़े दिखाई दिए। कई किसान ट्रैक्टर लेकर भी पहुंचे ताकि एक बार में ज्यादा मात्रा में डीजल भरवा सकें। किसानों का कहना है कि इस समय खेती का मौसम चल रहा है और खेतों में काम के लिए डीजल बेहद जरूरी है। अगर अचानक डीजल की कमी हो गई या दाम बढ़ गए तो खेती पर सीधा असर पड़ सकता है।
पेट्रोल पंपों पर बढ़ी परेशानी
पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी लाइनों की वजह से आम लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग केवल अपनी गाड़ी में थोड़ा सा पेट्रोल भरवाने आए थे, लेकिन उन्हें भी घंटों इंतजार करना पड़ा।
पेट्रोल पंप कर्मचारियों के लिए भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बन गई है। बाराबंकी के फतेहपुर स्थित नेशनल ट्रेडिंग कंपनी इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के मालिक मोहम्मद आरिफ ने बताया कि पेट्रोल पंप पर तेल की कोई कमी नहीं है, लेकिन अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए पहुंच रहे हैं।
मशीन खराब होने से बढ़ी लाइन
कुछ पेट्रोल पंपों पर तकनीकी दिक्कतों ने भी स्थिति को और कठिन बना दिया। पंपकर्मियों के अनुसार एक मशीन खराब होने की वजह से डीजल वितरण की गति धीमी हो गई, जिससे लाइन और लंबी होती चली गई और लोगों को ज्यादा देर तक इंतजार करना पड़ा।
प्रशासन ने किया स्पष्ट
पूरे मामले को लेकर प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। जिला प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और किसी तरह की कमी नहीं है। जिलाधिकारी ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि कुछ लोग अफवाह (Rumors of a petrol and diesel shortage) फैलाकर अनावश्यक घबराहट पैदा कर रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल और डीजल खरीदें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर अफवाह फैलाता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन लगातार लोगों से संयम बरतने और अफवाहों से दूर रहने की अपील कर रहा है। पेट्रोलियम कंपनियों की आपूर्ति सामान्य है, लेकिन कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें यह जरूर दिखा रही हैं कि अफवाहें कभी-कभी जमीनी हालात को असामान्य बना देती हैं।
मुंबई (Mumbai): मुंबई भाजपा अध्यक्ष एडवोकेट अमित साटम द्वारा पार्टी की नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। जारी सूची के अनुसार श्री सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी को मुंबई भाजपा का महासचिव नियुक्त किया गया है, जबकि उदयप्रताप सिंह को एक बार फिर पार्टी का प्रवक्ता बनाया गया है।
पार्टी की नीतियों और उपलब्धियों को मीडिया तथा जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए उदयप्रताप सिंह को दोबारा यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। पत्रकार विकास संघ द्वारा ‘पत्रकार मित्र पुरस्कार’ से सम्मानित उदयप्रताप सिंह ने अपनी नियुक्ति पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम सहित पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ पार्टी की विचारधारा और नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य जारी रखेंगे।
इसी के साथ संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से भाजपा ने कई अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियों की भी घोषणा की है। पार्टी ने प्रमोद मिश्र को मुंबई भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा का अध्यक्ष बनाया है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के निवासी प्रमोद मिश्र ने वर्ष 2009 में वार्ड स्तर से भाजपा में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी। संगठन में सक्रिय भूमिका के चलते उन्हें पहले युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष, उत्तर भारतीय मोर्चा के महासचिव तथा वर्ष 2023 में मुंबई भाजपा का सचिव बनाया गया था। नई जिम्मेदारी मिलने पर प्रमोद मिश्र ने मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम तथा महासचिव आचार्य पवन त्रिपाठी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे उत्तर भारतीय समाज को संगठित कर पार्टी संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास करेंगे।
नई कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष पद पर अभिजीत सामंत, अमरजीत मिश्रा, महेश पारकर, राजश्री पालांडे, रश्मि मिरचंदानी, रवि राजा, पंकज यादव और किरण शेलार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं महासचिव पद पर राजेश शिरवडकर, आचार्य पवन त्रिपाठी, श्वेता पारुलकर और विनोद शेलार को नियुक्त किया गया है।
सचिव पद पर संतोष मेढेकर, रविमणि खरटमल, प्रतीक कर्पे, जयश्री खरात, बिंदु त्रिवेदी, जितेंद्र राउत, अखिलेश चौबे और जिगर कराणी को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं प्रवक्ता के रूप में अनिकेत निकम, निरंजन शेट्टी, सुमिता सुमन सिंह, राहुल दीनानाथ तिवारी, अजय सिंह, उदय प्रताप सिंह और किशोर जोशी को नियुक्त किया गया है।
कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी किरीट भंसाली को दी गई है, जबकि कार्यालय प्रमुख के रूप में दिनेश जगताप को नियुक्त किया गया है। मोर्चा स्तर पर भी कई नियुक्तियां की गई हैं। युवा मोर्चा अध्यक्ष के रूप में दीपक सिंह, महिला मोर्चा अध्यक्ष के रूप में योजना टोकले, ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष के रूप में सनी सानप तथा अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष के रूप में शरद कांबले को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अलावा उत्तर भारतीय मोर्चा अध्यक्ष के रूप में प्रमोद मिश्र, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष के रूप में कासिम खान तथा झोपड़पट्टी मोर्चा अध्यक्ष के रूप में धनंजय कोल्हेकर को नियुक्त किया गया है।
पार्टी ने विभिन्न प्रकोष्ठों और सेल के संयोजकों की भी घोषणा की है। लीगल सेल के संयोजक एडवोकेट अमित मेहता तथा सह-संयोजक एडवोकेट मदन गुप्ता बनाए गए हैं। आईटी एवं सोशल मीडिया सेल के संयोजक नचिकेत सहस्रबुद्धे और सह-संयोजक पल्लवी ताम्हाणकर होंगे, जबकि गुजराती सेल के संयोजक बिमल भूता और सह-संयोजक सी.वी. शाह को जिम्मेदारी दी गई है।
इसी प्रकार इंडस्ट्रीज सेल के संयोजक भरत अडवानी, शिक्षा सेल के संयोजक डॉ. राजू बंडगर, सांस्कृतिक सेल के संयोजक जेसल कोठारी, उत्तराखंड सेल के संयोजक महेंद्रसिंह गोसाई, पारसी सेल के संयोजक खुर्शेद खेकवाड, सिंधी सेल के संयोजक रोहित भगनानी तथा मच्छीमार सेल के संयोजक निकेश वेती को नियुक्त किया गया है।
इसके अतिरिक्त परराज्य व्यवहार प्रकोष्ठ के संयोजक जतिन देसाई, बिहार प्रकोष्ठ के संयोजक मनोज झा, कोकण आघाड़ी की अध्यक्ष सुहास आडिवरेकर, कामगार आघाड़ी के अध्यक्ष अभिजीत राणे, पश्चिम महाराष्ट्र आघाड़ी के अध्यक्ष पांडुरंग थोरात, वरिष्ठ कार्यकर्ता आघाड़ी के संयोजक दिलीप गोडांबे तथा सहकार आघाड़ी के संयोजक सुनील बागुलकर को जिम्मेदारी दी गई है।
साथ ही भटक विमुक्त आघाड़ी के अध्यक्ष चंद्रकांत शिंदे, माजी सैनिक आघाड़ी के अध्यक्ष सुभाष देवरकर और रिक्शा व टैक्सी चालक आघाड़ी के अध्यक्ष के.के. तिवारी को भी संगठन में महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि नई कार्यकारिणी के गठन से मुंबई में संगठनात्मक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और विभिन्न समाजों तथा वर्गों के बीच पार्टी का आधार और मजबूत होगा।
मुंबई: मध्य रेल(Central Railway) के मुंबई मंडल ने बिना टिकट और अनियमित यात्रा के खिलाफ अभियान तेज करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल 2025 से फरवरी 2026) के दौरान 16.16 लाख मामलों का पता लगाया और यात्रियों से कुल 71.31 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला। यह आंकड़ा पिछले वर्ष के 15.90 लाख मामलों और 68.56 करोड़ रुपये की वसूली की तुलना में क्रमशः 2 प्रतिशत और 4 प्रतिशत अधिक है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस अवधि में एसी लोकल ट्रेनों में 1.10 लाख मामलों से 3.51 करोड़ रुपये, प्रथम श्रेणी डिब्बों में 1.46 लाख मामलों से 4.66 करोड़ रुपये और द्वितीय श्रेणी डिब्बों में 11.68 लाख मामलों से 58.60 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों में किराए के अंतर के 50,809 मामलों से 2.98 करोड़ रुपये तथा बिना बुक किए गए सामान के 1.40 लाख मामलों से 1.56 करोड़ रुपये वसूले गए।
फरवरी 2026 के दौरान ही अनियमित यात्रा के 1.65 लाख मामले सामने आए, जिनसे 8.58 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। मध्य रेल के अनुसार टिकट जांच टीमों द्वारा उपनगरीय, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में नियमित विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाई जा सके।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें, ताकि जुर्माने और असुविधा से बचा जा सके।
मुंबई: मध्य रेलवे के मुंबई मंडल अंतर्गत तुर्भे गुड्स शेड में कथित तौर पर रद्दी बिक्री को लेकर एक बड़ा घोटाला(Scam) सामने आने की चर्चा है। यहां कार्यरत सीजीएस गिरीश कुमार शर्मा पर 300 किलोग्राम रद्दी में से 200 किलोग्राम गायब कर केवल 100 किलोग्राम दिखाकर बिक्री करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
सूत्रों के अनुसार 13 जनवरी 2026 को गुड्स शेड में कुल 300 किलोग्राम रद्दी मौजूद थी, लेकिन दस्तावेज़ों में केवल 100 किलोग्राम रद्दी(Scrap) दिखाकर उसकी बिक्री कर दी गई। इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई जा रही है कि बिक्री से संबंधित दस्तावेज़ों पर न तो सीसीआई के हस्ताक्षर हैं और न ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की उपस्थिति दर्ज है।
नियमों के अनुसार इस प्रकार की किसी भी बिक्री प्रक्रिया में संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी और दस्तावेज़ों पर उनके हस्ताक्षर अनिवार्य होते हैं। ऐसे में इस पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। चर्चा है कि आखिर 300 किलो रद्दी में से 200 किलो कहां चली गई और क्या यह पूरा मामला अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ है या फिर जिम्मेदार विभाग की लापरवाही के कारण ऐसा हुआ।
बताया जाता है कि संबंधित अधिकारी के कार्यकाल के दौरान समय पालन और कार्यप्रणाली को लेकर भी पहले कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
अब इस मामले को लेकर रेलवे प्रशासन की भूमिका पर सबकी निगाहें टिकी हैं। यह देखना होगा कि क्या उच्च अधिकारी इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराकर सच्चाई सामने लाते हैं या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में ही दबकर रह जाता है।
नवी मुंबई: ऐरोली सेक्टर-15 में महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (महावितरण) की बकाया बिल वसूली के नाम पर मीटर हटाने की कार्रवाई ने स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि महावितरण के ठेकेदार और कुछ कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के घरों और दुकानों के बाहर लगे बिजली मीटर निकालकर ले जा रहे हैं।
स्थानीय रहिवाशों का कहना है कि मीटर हटाने की यह कार्रवाई नियमों के विपरीत हो रही है। कई लोगों ने बताया कि मीटर हटाते समय कर्मचारियों द्वारा कोई नोटिस या सूचना नहीं दी जाती, और जब इसके कारण पूछे जाते हैं तो केवल बकाया बिल की वजह बताई जाती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से पहले नोटिस देना और समय देना आवश्यक है, लेकिन महावितरण की टीम सीधे मीटर निकाल लेती है।
सामाजिक कार्यकर्ता विठ्ठल बबन बांगर ने भी इस मामले में महावितरण प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कई उपभोक्ता मौके पर ही बकाया बिल भरने के लिए तैयार हो जाते हैं, लेकिन मीटर वापस लगाने में देरी की जाती है। इससे लोगों को महावितरण कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं और अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
नागरिकों ने बिल वितरण व्यवस्था में भी गड़बड़ी की शिकायत की है। कई सोसायटियों में घर-घर बिल नहीं पहुंचाया जाता, बल्कि बंडल किसी कोने में छोड़ दिया जाता है। इससे समय पर बिल न मिलने के कारण बाद में बकाया के नाम पर कार्रवाई होती है और उपभोक्ताओं पर दबाव बनता है।
विठ्ठल बांगर ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द ही जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो नागरिक आंदोलन की राह अपनाने पर मजबूर होंगे। नागरिक अब इस मामले की शिकायत राज्य के ऊर्जा विभाग, महावितरण के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से करने की तैयारी में हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना सूचना किसी के परिसर से मीटर हटाना उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। अब यह देखना होगा कि महावितरण प्रशासन इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण देता है और भविष्य में ऐसी कार्रवाई रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।