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मुंबई: कांदिवली स्थित ठाकुर कॉम्प्लेक्स के एवेन्यू होटल प्रांगण में बुधवार को होली के पावन अवसर पर अवधी संस्कृति की अनूठी छटा देखने को मिली। आनंद जनसेवा संस्था द्वारा आयोजित होली (Holi Festival) स्नेह सम्मेलन मिलन समारोह में पारंपरिक फाग, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को रंगों और रस से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम का संयोजन आनंद दुबे ने किया। इस अवसर पर फिल्म, कला, राजनीति, शिक्षा, चिकित्सा और व्यवसाय जगत की हस्तियों के साथ प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कई पत्रकार भी मौजूद रहे।
भोजपुरी के सुप्रसिद्ध लोकगायक सुरेश शुक्ला और उनकी टीम ने फागुन के अवधी गीतों से समां बांध दिया। लोकनृत्य और संगीत की रंगारंग प्रस्तुतियों ने होली के उत्सव को नई ऊंचाई दी। बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार दिलीप सेन की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।
इस आयोजन में फ्रांस और दुबई से आए मेहमानों ने भी भारतीय संस्कृति और परंपराओं से सजी होली का भरपूर आनंद लिया। वरिष्ठ लेखक-पत्रकार शैलेंद्र श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया।
गमछा लपेटे होली प्रेमियों ने फूलों की होली खेलकर उत्सव को पारंपरिक रंग दिया। अवधी और भोजपुरी संगीत की महफिल देर तक सजी रही। संयोजक आनंद दुबे ने स्वयं भक्ति गीत, लोकगीत, नृत्य और मिमिक्री प्रस्तुत कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। पश्चिमी मुंबई उपनगर में आयोजित यह सांस्कृतिक उत्सव आकर्षण का केंद्र रहा और अवधी संस्कृति की महक से कांदिवली की होली खास बन गई।
मुंबई। होली (Holi Festival) रंग, रिश्ते और राग में डूबा ‘पत्रकार विकास संघ’ का 18वां लिट्टी-चोखा स्नेह मिलन) की पूर्व संध्या पर रविवार को मालाड पश्चिम स्थित ब्रह्मा महेश ग्राउंड के विशाल प्रांगण में ‘पत्रकार विकास संघ’(Patrakar Vikas Sangh) का 18वां लिट्टी-चोखा एवं स्नेह मिलन समारोह पूरे शबाब पर नजर आया। रंगों के पर्व से ठीक पहले आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल स्वाद का रंग जमाया, बल्कि संवाद, सौहार्द और सांस्कृतिक एकता की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसकी गूंज देर तक सुनाई देती रही।
संघ के प्रमुख सलाहकार सुनील कुमार सिंह, अध्यक्ष आनंद मिश्र और महासचिव अजय सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस आयोजन में राजनीति, कला, साहित्य, पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक विशिष्ट अतिथियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। अन्य प्रमुख सलाहकार अमरजीत मिश्र, अभय मिश्र और शैलेंद्र श्रीवास्तव ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धांजलि से हुई। संघ के प्रमुख सलाहकार सुनील सिंह की माताजी श्रीमती चंपादेवी मंगलाप्रसाद सिंह के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद श्री गणेश की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।
सांस्कृतिक संध्या में सुप्रसिद्ध लोकगायक सोनू सिंह सुरीला और लोकगायिका रीना अग्रवाल ने सुमधुर लोकगीतों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। भजन, लोकगीत और होली के पारंपरिक गीतों पर श्रोताओं ने तालियों की गूंज से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। कवि रवि यादव, अल्हड़ असरदार और कमलेश पांडे ‘तरुण’ ने अपनी काव्य रचनाओं से माहौल को साहित्यिक रंग भी दिया। भोज की बात करें तो ठेठ सात्विक उत्तर भारतीय व्यंजन लिट्टी-चोखा ने सबका मन मोह लिया। ताजे मटर से बने निमोना-भात और गर्मागर्म जलेबी का स्वाद लोगों ने बड़े चाव से लिया। पारंपरिक स्वाद और आत्मीय आतिथ्य ने इस स्नेह मिलन को खास बना दिया।
इस अवसर पर विद्या ठाकुर ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकार समाज को जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं और ऐसे आयोजन आपसी समन्वय को मजबूत करते हैं। संजय उपाध्याय ने कहा कि पत्रकार विकास संघ के नियमित कार्यक्रम सामाजिक समरसता को बल देते हैं। पूर्व सांसद संजय निरुपम ने अपने पत्रकारिता अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन करना आसान नहीं होता, इसके लिए अथक परिश्रम की आवश्यकता होती है, और संघ के पदाधिकारियों ने सराहनीय कार्य किया है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वाभिमान के संपादक अश्विनी कुमार दुबे, कानूनी सलाहकार गिरीश मिश्रा, मुरारी सिंह, समीउल्लाह खान, शिवलाल यादव, विपुल मीनावाला, देवांश मिश्रा, भानुप्रकाश मिश्र, अरविंद सिंह, श्रीश उपाध्याय, आलम पठान, प्रदीप धीवार, इकबाल ममदानी, गौरी टेंबकर, रंजीत सिंह श्रीनेत, विशाल सिंह, विक्रम जाधव, अर्जुन कांबळे, धर्मेंद्र पांडेय, राजेश उपाध्याय, वसीम हैदर, संदीप आशर, सईद अहमद खान, मनीष पाठक, संतोष पांडेय, राजीव सिंह, अभिषेक पांडेय, चेतन महोबिया, सचिन शर्मा, अब्दुल चौधरी के अलावा तुफैल खान, वसंत रसीवासिया, रविन्द्र द्विवेदी, रजनीकांत उपाध्याय, जगजीत सिंह, सय्यद इरफान, प्रशांत मिश्र, सीजू पाण्डेय, दिनेश गुप्ता, निशांत सिंह, युवराज सिंह, राकेश द्विवेदी, सुनील तिवारी, सगीर सलमानी, शिवलाल यादव, दुर्गा यादव आदि विशेष सहयोगी थे। कवि रवि यादव, अल्हड़ असरदार, कमलेश पांडे ‘तरुण’ आदि ने अपनी रचनाएं सुनाईं। यह स्नेह मिलन समारोह पत्रकारों के आपसी संवाद, एकता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने वाला एक यादगार आयोजन साबित हुआ।
इसके अलावा भाजपा, शिवसेना (उबाठा), राकांपा, कांग्रेस सहित विभिन्न दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, कलाकार और पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार शैलेंद्र श्रीवास्तव और अमर त्रिपाठी ने प्रभावशाली अंदाज में किया। अध्यक्ष आनंद मिश्र और महासचिव अजय सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संघ की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।
नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में भड़की जंग की आंच अब सीधे समुद्र की लहरों तक पहुंच चुकी है। अमेरिका और इजराइल की आक्रामक रणनीतियों के बीच ईरान के साथ बढ़ते टकराव ने पूरे क्षेत्र को बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है। लेकिन इस बार भारत ने साफ संकेत दे दिया है—उसके नागरिकों और उसके समुद्री हितों को कोई आंख उठाकर नहीं देख सकता।
ओमान की खाड़ी में भारतीय नौसेना का अत्याधुनिक युद्धपोत INS Surat तैनात है। यह महज एक जहाज नहीं, बल्कि हिंद महासागर में भारत की बढ़ती सामरिक ताकत का ऐलान है। हालात बिगड़ते ही यह पोत सीधे राहत और निकासी अभियान में कूद सकता है—और जरूरत पड़ी तो जवाबी ताकत दिखाने में भी सक्षम है।
करीब 163 मीटर लंबा और 7400 टन वजनी आईएनएस सूरत 30 नॉटिकल मील प्रति घंटे की रफ्तार से समुद्र चीर सकता है। इसमें 32 मीडियम रेंज सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और 16 ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइलें तैनात हैं। आधुनिक रडार, पनडुब्बी रोधी रॉकेट और टॉरपीडो सिस्टम इसे किसी भी चुनौती के लिए तैयार रखते हैं।
भारतीय नौसेना की ‘मिशन डेप्लॉयमेंट’ रणनीति के तहत Strait of Hormuz, Gulf of Aden और Suez Canal से जुड़े अहम समुद्री मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ये वही रास्ते हैं जिनसे भारत का बड़ा समुद्री व्यापार गुजरता है। अगर इन पर खतरा(tension) मंडराया, तो उसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।
साफ है—भारत इस बार मूकदर्शक नहीं है। अगर क्षेत्रीय तनाव की आड़ में कोई ताकत भारतीय हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करती है, तो जवाब सिर्फ कूटनीतिक नहीं, सामरिक भी हो सकता है। संदेश स्पष्ट है: भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और समुद्री व्यापार से समझौता नहीं होगा।
मध्य-पूर्व में बढ़ती सियासी और सैन्य हलचल के बीच हिंद महासागर में भारत की मौजूदगी अब सिर्फ रणनीति नहीं, बल्कि एक स्पष्ट चेतावनी भी है।
अलीबाग (रायगढ़): प्रजापति समाज विकास मंडल (पंजीकृत राष्ट्रीय सामाजिक संस्था) (Social News) की क्षेत्रीय बैठक पोयनाड, अलीबाग में उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुई। बैठक में समाज के विभिन्न पदाधिकारियों, स्थानीय कार्यकर्ताओं तथा महिला शक्ति की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे संगठन की जमीनी सक्रियता और सामाजिक प्रतिबद्धता स्पष्ट दिखाई दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ सृष्टि के प्रथम राजा ब्रह्मा जी के मानस पुत्र महाराजा श्री दक्ष प्रजापति के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर किया गया। स्थानीय कार्यकर्ता सेवाराम प्रजापति ने सर्वप्रथम नमन किया, तत्पश्चात उपस्थित सभी महानुभावों ने बारी-बारी से पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्र प्रताप प्रजापति ने संगठन के उद्देश्यों, सामाजिक सरोकारों एवं अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए संगठन की मजबूती अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने समाजबंधुओं से अधिकाधिक संख्या में संस्था से जुड़ने और सामाजिक अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उपस्थित जनों ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए संगठन को सशक्त बनाने का संकल्प दोहराया।
बैठक के दौरान स्थानीय प्रजापति समाज के सदस्यों ने शिक्षा, रोजगार, सामाजिक पहचान एवं क्षेत्रीय समस्याओं से जुड़े मुद्दों को विस्तार से रखा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी समस्याओं के समाधान हेतु शीघ्र सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय मुख्य महासचिव गजेंद्र प्रजापति, रायगढ़ जिला महासचिव इंदर प्रजापति, नवीन पनवेल शहर अध्यक्ष गोवर्धन प्रजापति, अलीबाग तालुका अध्यक्ष राज किशोर प्रजापति, महेंद्र प्रजापति, सेवाराम प्रजापति, अशोक, निलेश सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एवं समाजबंधु उपस्थित रहे।
बैठक का समापन समाज की एकता, संगठन सुदृढ़ीकरण और सामाजिक उत्थान के संकल्प के साथ हुआ। वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में प्रजापति समाज विकास मंडल सामाजिक, शैक्षणिक एवं संगठनात्मक स्तर पर और अधिक सक्रिय भूमिका निभाएगा।
नवी मुंबई महानगरपालिका की महासभा में परिवहन समिति सदस्य के चुनाव को लेकर जोरदार हंगामा हुआ, जिसके चलते सभा की कार्यवाही करीब आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी।
जानकारी के अनुसार, परिवहन समिति (Transport Committee) के सदस्य का चुनाव मतदान प्रक्रिया से कराने के निर्णय का शिवसेना के नगरसेवकों ने कड़ा विरोध किया। जैसे ही मतदान से चुनाव कराने की घोषणा की गई, विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ सदस्यों ने महापौर का घेराव करते हुए राजदंड उठाने के मुद्दे पर भी आपत्ति जताई, जिससे सभागार में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थिति तनावपूर्ण होते देख सत्ताधारी दल की महिला नगरसेविकाएं महापौर की सुरक्षा के लिए उनके आसपास खड़ी हो गईं। अधिकारियों और वरिष्ठ सदस्यों ने हस्तक्षेप कर माहौल शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन बढ़ते हंगामे के चलते अंततः सभा को लगभग आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया।
गौरतलब है कि परिवहन समिति सदस्य के चुनाव को लेकर पहले से ही राजनीतिक खींचतान चल रही थी, जिसके कारण महासभा में यह विवाद और अधिक उग्र रूप ले बैठा।
नवी मुंबई(Navi Mumbai News)। राज्य के वन मंत्री एवं पालघर जिले के पालकमंत्री गणेश नाईक ने कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अनेक लोगों को सम्मान का अवसर नहीं मिल पाता, लेकिन साप्ताहिक ‘धगधगती मुंबई’ पिछले 16 वर्षों से ऐसे लोगों को सामने लाने का सराहनीय कार्य कर रहा है।
कोपरखैरणे स्थित स्वर्गीय अण्णासाहेब पाटील सभागृह में आयोजित ‘धगधगती मुंबई’(Dhagdhagti Mumbai) के 16वें वर्धापन दिवस एवं राज्यस्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह में वे मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इस अवसर पर अभिनेता विजय पाटकर, पूर्व सांसद डॉ. संजीव नाईक, नवी मुंबई की महापौर सुजाता पाटील, वरिष्ठ पत्रकार अजित जगताप, मुंबई बैंक के संचालक नंदकुमार काटकर, अधिवक्ता स्मिता चिपळूणकर, उद्योजक हनुमंत रांजणे, के. के. शेलार, लोक कलाकार योगेश चिकटगावकर, ‘धगधगती मुंबई’ के संपादक भिमराव धुळप तथा सरपंच रमेश धनावडे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
भिमराव धुळप पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता के माध्यम से समाज के उपेक्षित वर्गों की आवाज उठाते आ रहे हैं। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को राज्यस्तरीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
मंत्री गणेश नाईक ने कहा कि तळागाळ में काम करने वाले लोगों को पहचान देना और उनका सम्मान करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी मान्यवरों ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए इस पहल को आगे भी जारी रखने का आश्वासन दिया।
मुंबई : जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ महाराष्ट्र (Journalist Union of Maharashtra) की मुंबई इकाई के उपाध्यक्ष पद पर अरविंद बनसोडे का चयन किया गया है। इस संबंध में यूनियन के अध्यक्ष नारायण पंचाल ने जानकारी दी।
अध्यक्ष पंचाल ने बताया कि संगठन के विस्तार और सशक्तिकरण के लिए बनसोडे द्वारा किए गए कार्यों को ध्यान में रखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बनसोडे अपने अनुभव और कार्यकुशलता के बल पर उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे और यूनियन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वाभिमान के संपादक अश्विनीकुमार, वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र भोजने, पत्रकार हंसराज कनौजिया, समाजसेवी विक्रम कांबळे तथा कानूनी विशेषज्ञ गिरीश मिश्रा सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने अरविंद बनसोडे को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
नवी मुंबई। नवी मुंबई महानगरपालिका (New Mumbai Municipal Corporation) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजटीय लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए संपत्ति कर वसूली अभियान तेज कर दिया है। 31 मार्च 2026 की अंतिम तिथि को देखते हुए मुख्यालय सहित शहर के आठों विभागीय कर संग्रहण कार्यालय अब साप्ताहिक अवकाश और सार्वजनिक छुट्टियों में भी खुले रहेंगे।
महापालिका के अनुसार शनिवार-रविवार के साथ गुड़ी पड़वा, श्रीराम नवमी और महावीर जयंती जैसे अवकाश के दिनों में भी कर केंद्र सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक कार्यरत रहेंगे, ताकि करदाता अंतिम समय की भीड़ से बचते हुए समय पर भुगतान कर सकें।
ऑनलाइन भुगतान को बढ़ावा
नागरिक आधिकारिक वेबसाइट और ‘My NMMC’ मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे संपत्ति कर जमा कर सकते हैं। डेबिट कार्ड, आरटीजीएस, नेट बैंकिंग और यूपीआई माध्यमों से भी भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।
बकायेदारों पर सख्ती
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लंबे समय से कर बकाया रखने वालों के खिलाफ जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नोटिस के बावजूद भुगतान न करने वालों पर नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।
महापालिका आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने नागरिकों से 31 मार्च 2026 से पहले बकाया कर जमा करने की अपील की है, ताकि शहर के विकास कार्यों—सड़क, जल आपूर्ति, स्वच्छता और बुनियादी ढांचे—को मजबूती मिल सके।
नई दिल्ली। 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जिसके दौरान चांद लालिमा लिए दिखाई देगा। इसी वजह से इसे ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है। खगोल विज्ञान के अनुसार, जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया पूरी तरह चंद्रमा को ढक लेती है, तब पूर्ण चंद्र ग्रहण होता है।
भारत में कब लगेगा चंद्र ग्रहण?
भारतीय समय (IST) के अनुसार अनुमानित समय इस प्रकार है:
🌒 आंशिक ग्रहण शुरू: देर रात लगभग 3:20 बजे
🔴 पूर्ण ग्रहण (Blood Moon) शुरू: सुबह करीब 4:30 बजे
🌕 पूर्ण ग्रहण समाप्त: लगभग 5:40 बजे
🌑 ग्रहण समाप्त: सुबह लगभग 6:50 बजे
(सटीक समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।)
कितनी देर दिखेगा ‘ब्लड मून’?
पूर्ण चंद्र ग्रहण की अवस्था लगभग 1 घंटा 10 मिनट तक रहने की संभावना है। इस दौरान चंद्रमा गहरे लाल या तांबे रंग का दिखाई देगा।
हालांकि भारत के कई हिस्सों में सूर्योदय के कारण पूरा चरण स्पष्ट रूप से देखने में कठिनाई हो सकती है। पश्चिमी और मध्य भारत में दृश्यता अपेक्षाकृत बेहतर रहने की संभावना है।
क्यों लाल दिखता है चांद?
जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तो सूर्य की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरती हैं। वायुमंडल नीली रोशनी को अधिक बिखेर देता है और लाल रोशनी चंद्रमा तक पहुंचती है। इसी कारण चांद लालिमा लिए दिखाई देता है।
क्या रखें सावधानी?
चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना सुरक्षित होता है।
दूरबीन या टेलीस्कोप से देखने पर दृश्य और भी आकर्षक दिखता है।
किसी विशेष चश्मे की आवश्यकता नहीं होती (यह सूर्य ग्रहण से अलग है)।
धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताएं
भारत में चंद्र ग्रहण को लेकर धार्मिक मान्यताएं भी जुड़ी हैं। कई लोग ग्रहण के दौरान भोजन नहीं करते और मंत्र जाप या पूजा-पाठ करते हैं। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से यह एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है।
3 मार्च 2026 की यह खगोलीय घटना आसमान में दुर्लभ नजारा पेश करेगी। मौसम साफ रहा तो देशभर में लाखों लोग ‘ब्लड मून’ का अद्भुत दृश्य देख सकेंगे।
नागपुर(Nagpur News)। महाराष्ट्र के नागपुर जिले में डेटोनेटर बनाने वाली एक निजी कंपनी के प्लांट में हुए भीषण विस्फोट में 17 कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 18 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए और कई किलोमीटर दूर तक आवाज सुनाई दी।
घटना के तुरंत बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और आपदा राहत दल मौके पर पहुंच गए। घायलों को नजदीकी सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में औद्योगिक विस्फोटकों के लिए इस्तेमाल होने वाले डेटोनेटर तैयार किए जाते थे। आशंका जताई जा रही है कि रसायनों के मिश्रण या भंडारण के दौरान सुरक्षा मानकों में चूक के कारण विस्फोट हुआ।
फोरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ते को जांच के लिए बुलाया गया है। पुलिस ने फैक्ट्री परिसर को सील कर दिया है और मलबे को हटाने का काम जारी है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। महाराष्ट्र सरकार ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार:
फैक्ट्री के लाइसेंस और सुरक्षा ऑडिट की जांच की जाएगी।
यह पता लगाया जाएगा कि क्या विस्फोटक पदार्थों के भंडारण में नियमों का पालन किया गया था।
श्रम विभाग और औद्योगिक सुरक्षा विभाग संयुक्त जांच करेंगे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके के बाद आग की ऊंची लपटें उठती दिखाई दीं। कई कर्मचारी मलबे में दब गए थे, जिन्हें घंटों की मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। आसपास के ग्रामीणों ने भी राहत कार्य में मदद की।
एक कर्मचारी ने बताया कि धमाके से पहले तेज जलने की गंध आ रही थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि इतनी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
औद्योगिक सुरक्षा पर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि विस्फोटक सामग्री से जुड़ी फैक्ट्रियों में नियमित निरीक्षण, प्रशिक्षित स्टाफ और आपातकालीन प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन बेहद जरूरी है।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।