Gulf Tension:खाड़ी में जंग की आहट: अमेरिका-इजराइल को सख्त संदेश, हिंद महासागर में भारत की गर्जना

ओमान की खाड़ी में तैनात INS Surat के जरिए भारत ने अमेरिका और इजराइल को साफ संदेश दिया—भारतीय नागरिकों और समुद्री हितों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं।

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नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में भड़की जंग की आंच अब सीधे समुद्र की लहरों तक पहुंच चुकी है। अमेरिका और इजराइल की आक्रामक रणनीतियों के बीच ईरान के साथ बढ़ते टकराव ने पूरे क्षेत्र को बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है। लेकिन इस बार भारत ने साफ संकेत दे दिया है—उसके नागरिकों और उसके समुद्री हितों को कोई आंख उठाकर नहीं देख सकता।

ओमान की खाड़ी में भारतीय नौसेना का अत्याधुनिक युद्धपोत INS Surat तैनात है। यह महज एक जहाज नहीं, बल्कि हिंद महासागर में भारत की बढ़ती सामरिक ताकत का ऐलान है। हालात बिगड़ते ही यह पोत सीधे राहत और निकासी अभियान में कूद सकता है—और जरूरत पड़ी तो जवाबी ताकत दिखाने में भी सक्षम है।

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https://iasgyan.sgp1.digitaloceanspaces.com/images/INS_SURAT.jpg

करीब 163 मीटर लंबा और 7400 टन वजनी आईएनएस सूरत 30 नॉटिकल मील प्रति घंटे की रफ्तार से समुद्र चीर सकता है। इसमें 32 मीडियम रेंज सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और 16 ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइलें तैनात हैं। आधुनिक रडार, पनडुब्बी रोधी रॉकेट और टॉरपीडो सिस्टम इसे किसी भी चुनौती के लिए तैयार रखते हैं।

भारतीय नौसेना की ‘मिशन डेप्लॉयमेंट’ रणनीति के तहत Strait of Hormuz, Gulf of Aden और Suez Canal से जुड़े अहम समुद्री मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ये वही रास्ते हैं जिनसे भारत का बड़ा समुद्री व्यापार गुजरता है। अगर इन पर खतरा(tension) मंडराया, तो उसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।

साफ है—भारत इस बार मूकदर्शक नहीं है। अगर क्षेत्रीय तनाव की आड़ में कोई ताकत भारतीय हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करती है, तो जवाब सिर्फ कूटनीतिक नहीं, सामरिक भी हो सकता है। संदेश स्पष्ट है: भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और समुद्री व्यापार से समझौता नहीं होगा।

मध्य-पूर्व में बढ़ती सियासी और सैन्य हलचल के बीच हिंद महासागर में भारत की मौजूदगी अब सिर्फ रणनीति नहीं, बल्कि एक स्पष्ट चेतावनी भी है।

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