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तेहरान/दोहा/दुबई। ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते टकराव के बीच सुरक्षा कारणों से हजारों अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद या सीमित कर दिया है।
एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों को एडवाइजरी जारी कर वैकल्पिक रूट अपनाने की जानकारी दी है। दुबई, दोहा, अबू धाबी और रियाद जैसे प्रमुख एयर हब पर भारी भीड़ और अफरातफरी का माहौल देखा गया।
किन-किन देशों पर असर?
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ईरान द्वारा खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने के बाद कतर, सऊदी अरब, इराक और संयुक्त अरब अमीरात ने सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ हमलों के कारण हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। खाड़ी देशों के एयरस्पेस से गुजरने वाली यूरोप-एशिया उड़ानों को भी वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़े हैं, जिससे उड़ानों में देरी और लागत बढ़ गई है।
सैन्य टकराव और बढ़ी अनिश्चितता
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तनाव के बीच अमेरिकी युद्धपोत पहले से ही फारस की खाड़ी में तैनात हैं। इस बीच Islamic Revolutionary Guard Corps ने ब्रिगेडियर जनरल Ahmad Vahidi को नया कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि ईरान सैन्य रूप से पीछे हटने के मूड में नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं संभले तो क्षेत्रीय संघर्ष और गहरा सकता है, जिसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, शेयर बाजार और अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर पड़ेगा।
तेहरान/वॉशिंगटन/तेल अवीव। मध्य पूर्व की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत के बाद देश में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक हालिया हमलों के बाद यह घटनाक्रम सामने आया।
ईरान की सत्ता संरचना में सुप्रीम लीडर की भूमिका सर्वोच्च होती है, ऐसे में उनकी मौत ने 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से स्थापित शासन व्यवस्था को गहरे संकट में डाल दिया है। राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में लोग सड़कों पर उतरे हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी है।
ईरान ने तेजी दिखाते हुए Ahmad Vahidi को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का नया कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया है।
वाहिदी इससे पहले कुद्स फोर्स के पहले कमांडर रह चुके हैं और रक्षा व गृह मंत्री जैसे अहम पद संभाल चुके हैं। वे लंबे समय से Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) से जुड़े रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका नाम विवादों में भी रहा है। 1994 में अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में AMIA यहूदी केंद्र पर हुए हमले के मामले में वे इंटरपोल की रेड नोटिस सूची में शामिल रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय संघ पहले ही उन पर प्रतिबंध लगा चुके हैं।
हमलों के बाद ईरान ने पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। क्षेत्र में अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती पहले से बढ़ाई गई थी।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव António Guterres ने आपात बैठक में हमलों की निंदा करते हुए तत्काल बातचीत की अपील की है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि ईरान की केंद्रीय सत्ता कमजोर पड़ती है तो इसका सीधा असर Hamas, Hezbollah और Houthi movement जैसे समूहों पर पड़ सकता है, जिन पर लंबे समय से ईरान के समर्थन के आरोप लगते रहे हैं। इससे Israel को रणनीतिक बढ़त मिल सकती है।
क्या बदलेगा मिडिल ईस्ट का समीकरण?
ईरान शिया राजनीति का बड़ा केंद्र रहा है और सऊदी अरब व तुर्की के साथ उसका प्रभाव क्षेत्रीय संतुलन तय करता रहा है। यदि सत्ता परिवर्तन स्थायी रूप लेता है तो:
क्षेत्र में शक्ति संतुलन बदल सकता है
अमेरिका समर्थित सरकार की चर्चा तेज हो सकती है
आंतरिक अस्थिरता और जनआंदोलन बढ़ सकते हैं
IRGC की भूमिका और मजबूत हो सकती है
कुछ प्रवासी ईरानी समुदायों में पूर्व शाही परिवार के उत्तराधिकारी Reza Pahlavi का नाम भी चर्चा में है, हालांकि ईरान के भीतर उनकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं है।
विशेषज्ञों के मुताबिक यह घटनाक्रम केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। पूरे मध्य पूर्व में इसका असर देखने को मिल सकता है। आने वाले दिन तय करेंगे कि ईरान में नया नेतृत्व सख्त रुख अपनाता है या अंतरराष्ट्रीय वार्ता का रास्ता खोलता है।
फिलहाल, तेहरान से लेकर वॉशिंगटन और तेल अवीव तक कूटनीतिक हलचल तेज है और दुनिया की निगाहें ईरान पर टिकी हुई हैं।
मुंबई | मेट्रो सिनेमा के समीप धोबी तालाब स्थित ‘महासत्ता महाराष्ट्र’ के संपादक ओमशंकर पांडे के नूतन गृह प्रवेश के पावन अवसर पर रामचरितमानस का भव्य संगीतमय पाठ (Ramcharitmanas sangeetmay Path) पंडित ललित मिश्र योगी जी के सानिध्य में अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव से संपन्न हुआ। मधुर स्वर लहरियों से वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो गया और उपस्थित श्रद्धालु संगीत एवं रामकथा में भावविभोर होकर लीन रहे।
इस दिव्य आयोजन में बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से आदर्श ग्रुप ऑफ होटल के डायरेक्टर जगदीश पुरोहित जी, वरिष्ठ पत्रकार मनोज तिवारी, उद्योगपति प्रेमसागर पांडेय जी, हरीशंकर तिवारी, सीनियर एड. लालजी तिवारी, पूर्व नगरसेवक व कुलाबा विधायक प्रतिनिधि जनक संघवी, उद्योगपति सूर्यनारायण पांडेय, राजेश पांडेय, समाजसेवी पी.सी. दीक्षित, अधिवक्ता आनंद विजयशंकर उपाध्याय, समाजसेवी सचिन उपाध्याय, पत्रकार बी.के. पाठक, आनंद दुबे, मदन दुबे, अधिवक्ता फणीश्वरनाथ मिश्रा, अधिवक्ता मुकेश तिवारी, मार्स इंडिया लिमिटेड के डायरेक्टर अनिल शुक्ला, चंद्रशेखर मूलचंद शुक्ला, विनोद मिश्रा (बेस्ट), पर्यावरणविद बिपिन तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार अरविंद तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार नागमणि पांडेय, राष्ट्रीय स्वाभिमान के संपादक अश्विनी दुबे, भाजपा झारखंड सेल मुंबई अध्यक्ष मनोज सिंह, योगगुरु अजय पांडेय, शिवनारायण पांडेय, परशुराम पांडेय, सुरेंद्र पांडेय, पवन पांडेय, अंकुर तिवारी, मनोज विजयशंकर तिवारी, गिरधारी पुरोहित, यगनेस मोतीवरस, राजन वाजपेयी, प्रोफेसर अनमोल ब्रह्मानंद मिश्रा, रमेश शिवमणि पांडेय, कल्लू हरिशंकर पांडेय, एससीपीएल के डायरेक्टर चंदर पांडेय, इंदर पांडेय, हिमांशु पांडेय, अनिल पांडेय (रामपुर), सशी शुक्ला, साजन तिवारी, राम अनुज सिंह, पत्रकार राजेन्द्र पाल, चुलबुल पांडेय, वीरेंद्र जायसवाल, विनोद जायसवाल, डब्बू जायसवाल, गुड्डू जायसवाल, उमेश गुप्ता, रामरक्षा गुप्ता, सुरेश गुप्ता, राजेंद्र प्रसाद तिवारी, सभाशंकर तिवारी, पंकज तिवारी, अनूप तिवारी, गुड्डू तिवारी, डॉ. दिनेश चतुर्वेदी, अरुण तिवारी, रमेश तिवारी, प्रदीप तिवारी, जीत तिवारी, अनिल रमाशंकर तिवारी, सुशील तिवारी, शिवधर तिवारी, कपिल मिश्रा, योगेश उपाध्याय, केशवचंद्र उपाध्याय, मुरलीधर मिश्रा, अनिल कपूर, अनिल शुक्ला, लवकुश पांडेय, मदन तिवारी, जितेंद्र चौरसिया (काशी), मुंबई आकाशवाणी से शैलेश चिले, दैनिक देशमोर्चा के पत्रकार रविन्द्र खांडेकर, पत्रकार लॉयर गिरीश मिश्रा, कांति भाई शाह, मुकेश जी, दर्शन पटेल, सुशील मिश्रा, सुधाकर मिश्रा, सुभाष पांडेय, दिलीप पांडेय, अरुण पांडेय, कुलदीप पांडेय, विंदु उपाध्याय, समाजसेवी नारायण शुक्ला, शिवाजी पांडेय, विनोद पांडेय, लल्लन पांडेय, संदीप सुभाष पांडेय, रिंकू सुरेश पांडेय, मेघजी होददार, जेपी गुलाब पांडेय, अनिल गुलाब पांडेय, धनेश पांडेय, सुरेश जैन, दर्शन पटेल, बिपिन तिवारी तथा कैमरामैन कमल पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
ओमशंकर पांडे ने सभी उपस्थित महानुभावों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी की गरिमामयी उपस्थिति से रामकथा को दिव्यता, भव्यता और ऐतिहासिक स्वरूप प्राप्त हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, सहयोगियों और शुभचिंतकों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि यह आयोजन सदैव स्मरणीय रहेगा। सभी अतिथियों के आने से भक्ति, संगीत और श्रद्धा के अद्भुत संगम से सुसज्जित यह आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा और उपस्थित जनों के हृदय में अमिट छाप छोड़ गया।
मुंबई: प्रख्यात साहित्यकार वि. वा. शिरवाडकर (कुसुमाग्रज) की जयंती के उपलक्ष्य में पूरे महाराष्ट्र में ‘मराठी राजभाषा गौरव दिवस'(Marathi Rajbhasha Gaurav Divas) उत्साह के साथ मनाया गया। इसी कड़ी में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) द्वारा मुंबादेवी विधानसभा प्रभाग क्रमांक 220 में एक विशेष गौरव समारोह का आयोजन किया गया।
विशिष्ट व्यक्तियों का सम्मान
इस कार्यक्रम के माध्यम से कला, खेल, सामाजिक, प्रशासनिक और उद्यम जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले मराठी भाषी प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। सभी गणमान्य जनों को शॉल, गुलाब पुष्प और सम्मान पत्र प्रदान कर उनके कार्यों की सराहना की गई।
उद्यमी जयवंत कोळेकर का विशेष सत्कार
कार्यक्रम के दौरान प्रभाग के वरिष्ठ और अनुभवी मराठी उद्यमी (विकासक) श्री जयवंत कोळेकर का विशेष सम्मान किया गया। उन्होंने अपने क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाकर मराठी अस्मिता को गौरवान्वित किया है।
प्रमुख उपस्थिति
समारोह में मनसे के प्रमुख पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
प्रशांत गांधी (विभाग अध्यक्ष)
अनिल शांताराम नागरे (उपविभाग अध्यक्ष)
राजेश बनसोडे (उपविभाग सचिव)
वैभव राऊत (शाखाध्यक्ष)
सांस्कृतिक संदेश
इस आयोजन के जरिए मनसे ने मराठी भाषा, संस्कृति और अस्मिता के संरक्षण व संवर्धन का कड़ा संदेश दिया। उपस्थित ‘महाराष्ट्र सैनिकों’ ने मराठी भाषा के गौरव को अक्षुण्ण रखने का संकल्प दोहराया।
आर. एस. नेटवर्क। ज्योति दुबे नवी मुंबई (NewMumbai)। खुद को शहर का ‘शिल्पकार’ बताने वाली सिडको(CIDCO) की कार्यशैली एक बार फिर कटघरे में है। नेरूल स्थित आगरी कोळी भवन, जिसे स्थानीय आगरी-कोळी समाज की सांस्कृतिक पहचान का केंद्र माना जाता था, आज अव्यवस्था, लापरवाही और कथित मनमानी वसूली का उदाहरण बन चुका है।
हाल ही में यहां कार्यक्रम आयोजित करने वाली एक संस्था ने भवन की दुर्दशा को उजागर किया। मौके पर की गई पड़ताल में जो तस्वीर सामने आई, वह सिडको के दावों की पोल खोलने के लिए काफी है।
25 हजार रुपए किराया, लेकिन टूटी कुर्सियां और जर्जर हाल
तीन घंटे के लिए ऑडिटोरियम का किराया करीब 25,000 रुपए वसूला जाता है। 550 सीटों वाले सभागार में लगभग 180 कुर्सियां टूटी या जर्जर हालत में हैं। आयोजकों को मजबूरन बाहर से प्लास्टिक कुर्सियां मंगवानी पड़ती हैं, जिस पर प्रति कुर्सी 30–40 रुपए का अतिरिक्त खर्च आता है। यानी कार्यक्रम के नाम पर हजारों रुपये की अतिरिक्त मार।
इतना भारी किराया लेने के बावजूद मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं होना सीधे-सीधे प्रबंधन की विफलता को दर्शाता है।
अंदर की सामग्री पर भी मनमानी वसूली
हॉल के अलावा अन्य सामान के नाम पर भी ‘अव्वा के सव्वा’ दर वसूले जा रहे हैं—
एक समय (सामान) के लिए 1,200 रुपए तक
टेबल व झालर के लिए 200 रुपए
पूरे कार्यक्रम में केवल एक कॉर्डलेस माइक
लाइटिंग व्यवस्था भी बेहद सामान्य
सवाल उठता है कि जब सुविधाएं न्यूनतम हैं, तो शुल्क आसमान छू क्यों रहे हैं?
सुरक्षा से समझौता, सीढ़ियां बनीं कबाड़घर
भवन की साफ-सफाई की स्थिति दयनीय है। सीढ़ियों और सार्वजनिक मार्गों पर कबाड़ का ढेर लगा है। आपात स्थिति में यह अवरोध जानलेवा साबित हो सकता है। क्या सिडको को किसी बड़े हादसे का इंतजार है?
अजीब नियम, जनता से दूरी
तीन मंजिला इमारत होने के बावजूद शादी या बड़े आयोजनों में भोजन पकाने पर रोक है। वहीं ‘वीआईपी रूम’ आम नागरिकों के लिए बंद है और कथित तौर पर केवल नेताओं व अधिकारियों तक सीमित है। मुख्य ऑडिटोरियम तीसरी मंजिल पर और वीआईपी कक्ष भूतल पर — यह भवन नियोजन की गंभीर खामी को दर्शाता है।
पार्किंग और कैंटीन तक नहीं
आश्चर्यजनक रूप से इतने बड़े सांस्कृतिक भवन में समुचित पार्किंग और कैंटीन जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। आगरी-कोळी संस्कृति के संरक्षण के नाम पर बने कक्ष में समाज की परंपराओं का प्रदर्शन भी नगण्य है।
नागरिकों का गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय नागरिकों और आगरी-कोळी समाज में भारी रोष है। ‘सजग नागरिक मंच’ के सुधीर दाणी ने आरोप लगाया कि जवाबदेही की कमी और प्रशासनिक उदासीनता ने सिडको को आर्थिक लूट का केंद्र बना दिया है। अधिकारी औपचारिक बयानबाजी छोड़कर खुद स्थल का निरीक्षण करें और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाएं। अन्यथा आंदोलन की राह अपनाने की चेतावनी दी गई है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सिडको सिर्फ इमारतें बनाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेती है, या उनकी देखरेख और जनता को बेहतर सुविधा देना भी उसकी प्राथमिकता में है? नेरूल का आगरी कोळी भवन आज इसी सवाल का जवाब मांग रहा है।
वाशी/नवी मुंबई। बिना वैध अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) लिए और बाजार शुल्क (सेस) का भुगतान किए बिना कृषि उपज का कारोबार करने वाले व्यापारियों पर मुंबई कृषी उत्पन्न बाजार समिति (APMC) ने सख्त कार्रवाई करते हुए जनवरी से फरवरी 2026 के बीच 17 करोड़ 51 लाख 30 हजार रुपये मूल्य का कृषि माल जब्त किया है। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित व्यापारियों से तीन गुना दंड वसूलते हुए 59 लाख 90 हजार रुपये की वसूली भी की गई है।
यह विशेष अभियान जेएनपीटी, तुर्भे, नेरुल और ठाणे-बेलापुर औद्योगिक क्षेत्र सहित कई इलाकों में चलाया गया। विशेष रूप से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) के आसपास स्थित आयात-निर्यात से जुड़े गोदामों और थोक मंडियों की जांच की गई। बाजार समिति के सचिव शरद जरे के मार्गदर्शन में सतर्कता पथक के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया।
जांच के दौरान पाया गया कि कई व्यापारी APMC की वैध अनुज्ञप्ति लिए बिना ही सीधे किसानों और एजेंटों से कृषि उपज की खरीद-बिक्री कर रहे थे। इतना ही नहीं, बाजार समिति को देय सेस और सुपरविजन फीस भी जमा नहीं की गई थी। कुछ आयातकों ने विदेश से मंगाए गए कृषि उत्पादों को APMC के अधिकार क्षेत्र में लाते समय पूर्व सूचना तक नहीं दी। कई मामलों में आयातकों के पास वैध लाइसेंस भी नहीं था, फिर भी बड़े पैमाने पर लेन-देन जारी था।
नियमों की इस गंभीर अनदेखी को देखते हुए बाजार समिति ने संबंधित व्यापारियों पर तीन गुना जुर्माना लगाया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी बिना लाइसेंस और बिना शुल्क भुगतान के व्यापार करने वालों के खिलाफ जब्ती और दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
ठाणे (Thane News)। ठाणे अपराध शाखा की यूनिट-1 ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कलवा के खारेगांव टोल नाका पर एक कार से 123.640 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस ने कार सहित कुल 30 लाख 91 हजार रुपये मूल्य का मादक पदार्थ जब्त किया है।
इस मामले में पुलिस ने सागर गोविंद पवार (33, निवासी नंदुर शिंगोटे, तहसील सिन्नर, जिला नासिक) और धोंडीराम वैतु भागडे (50, निवासी नंदगांव सादो, तहसील इगतपुरी, जिला नासिक) को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, क्राइम ब्रांच यूनिट-1 के कांस्टेबल सागर सुरालकर को गुप्त सूचना मिली थी कि एक कार के जरिए गांजे की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर 24 फरवरी को कलवा स्थित खारेगांव टोल प्लाजा से कलवा जाने वाली सड़क पर जाल बिछाया गया।
इस दौरान एक संदिग्ध सैंट्रो कार को रोककर तलाशी ली गई। जांच में कार के भीतर प्लास्टिक की थैलियों में छिपाकर रखा गया 123 किलो 640 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मादक पदार्थ और वाहन दोनों को जब्त कर लिया।
इस प्रकरण में कलवा पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को ठाणे अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 28 फरवरी 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
ठाणे (Thane News) : दिवा में बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की दिवा नगर महिला संगठन की पदाधिकारी ज्योति पाटिल ने सत्ताधारी दल और नगर प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि अब राजनीति से ऊपर उठकर नागरिकों की बुनियादी जरूरतों पर ध्यान देने का समय आ गया है।
ज्योति पाटिल ने आरोप लगाया कि दिवा की तेजी से बढ़ती आबादी के मुकाबले स्वास्थ्य सुविधाएं बेहद कम हैं। सामान्य उपचार के लिए भी नागरिकों को ठाणे शहर या कालवा स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है। आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर इलाज न मिलने से मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है।
उन्होंने नगर प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वार्ड समिति कार्यालय के लिए निजी इमारत किराए पर ली जा सकती है, तो जनता के स्वास्थ्य के लिए किराए के भवन में अस्पताल क्यों नहीं शुरू किया जा सकता। उनका कहना है कि स्थायी सरकारी भवन की प्रतीक्षा करने के बजाय वैकल्पिक व्यवस्था के तहत तत्काल अस्पताल शुरू किया जाना चाहिए।
ज्योति पाटिल ने नगर आयुक्त से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि दिवा की जनता ने विश्वास के साथ जनप्रतिनिधियों को चुना है और अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उन्हें न्यूनतम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराए।
इस मांग के बाद दिवा में स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। अब सबकी नजरें ठाणे नगर निगम पर टिकी हैं कि वह दिवा में मनपा अस्पताल शुरू करने को लेकर क्या कदम उठाता है।
मुंबई : कोकण विकास आघाड़ी के पूर्व पदाधिकारियों ने मुंबई महानगरपालिका की नवनियुक्त महापौर ऋतु तावड़े और उपमहापौर संजय घाडी से शिष्टाचार भेंट कर दी शुभकामनाएं।
के पूर्व मुंबई महामंत्री राजेंद्र फणसगांवकर ने बृहंमुंबई महानगरपालिका की नवनियुक्त महापौर सौ. रितू ताई तावडे से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर शिवसेना के उपमहापौर संजय घाडी, स्थायी समिति के अध्यक्ष मंगेश पवार तथा शिक्षा समिति की अध्यक्षा राजश्री ताई शिरवडकर से भी मुलाकात की गई।
भेंट के दौरान मुंबई शहर में चल रहे विकास कार्यों, कोकण क्षेत्र से जुड़े सामाजिक उपक्रमों तथा संगठनात्मक समन्वय को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। फणसगांवकर ने शहर के सर्वांगीण विकास के लिए महानगरपालिका प्रशासन को सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
इसके पश्चात उन्होंने बृहंमुंबई महानगरपालिका स्थित भाजपा पक्ष कार्यालय का भी दौरा किया। इस दौरान कोकण विकास आघाड़ी के पूर्व मुंबई अध्यक्ष सुधीर राणे, राजाराम मोरे, नरेंद्र मोरे, महेंद्र लोके, सुरेश बापर्डेकर, रसिका आणेराव, अनिता तावडे, लांबेश तावडे, कृष्णा कांबळी, प्रीती लाड, आर. सावंत तथा अनिल गोपाले सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस शिष्टाचार भेंट को संगठनात्मक मजबूती और आपसी समन्वय को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की ओर से राज्यसभा सीट को लेकर लगभग अंतिम फैसला हो चुका है। जानकारी के अनुसार दिवंगत अजित पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार को राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया गया है।
गुरुवार (26 फरवरी) को हुई पार्टी की कोर कमेटी बैठक में सर्वसम्मति से पार्थ पवार के नाम पर मुहर लगाई गई। इसके बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस फैसले की औपचारिक घोषणा की गई।
सुनेत्रा पवार ने ली उपमुख्यमंत्री पद की शपथ
इसी के साथ पार्टी संगठन में बड़ा बदलाव भी हुआ है। सुनेत्रा पवार ने राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। इससे पहले उन्होंने राज्यसभा सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद राज्यसभा में एनसीपी की सीट रिक्त हो गई थी।
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अजित पवार के असामयिक निधन के बाद पार्टी अध्यक्ष का पद खाली था। अब सुनेत्रा पवार को निर्विरोध पार्टी अध्यक्ष चुना गया है। इस फैसले को संगठनात्मक एकजुटता और परिवार के भीतर नेतृत्व बनाए रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
पार्थ पवार का राजनीतिक सफर
पार्थ पवार ने वर्ष 2019 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने मावल लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
चुनाव हारने के बाद वे कुछ समय के लिए सक्रिय राजनीति से दूर हो गए थे और पार्टी में कोई औपचारिक पद नहीं लिया था। नामांकन पत्र में उन्होंने लगभग 20 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी। वे बीकॉम स्नातक हैं और आगे की पढ़ाई के लिए लंदन भी गए थे।
राजनीतिक मायने
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय एनसीपी (अजित गुट) में नेतृत्व की निरंतरता और पारिवारिक विरासत को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एक ओर जहां सुनेत्रा पवार को संगठन की कमान सौंपी गई है, वहीं पार्थ पवार को संसद के उच्च सदन में भेजकर पार्टी भविष्य की रणनीति को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
आने वाले दिनों में पार्थ पवार के नामांकन की औपचारिक घोषणा और चुनाव प्रक्रिया पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।