Ali Khamenei: अली खामेनेई की मौत से खाड़ी देशों में बढ़ा तनाव, हजारों फ्लाइट रद्द

ओमान की खाड़ी में तैनात INS Surat के जरिए भारत ने अमेरिका और इजराइल को साफ संदेश दिया—भारतीय नागरिकों और समुद्री हितों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं।

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तेहरान/दोहा/दुबई। ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते टकराव के बीच सुरक्षा कारणों से हजारों अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद या सीमित कर दिया है।

एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों को एडवाइजरी जारी कर वैकल्पिक रूट अपनाने की जानकारी दी है। दुबई, दोहा, अबू धाबी और रियाद जैसे प्रमुख एयर हब पर भारी भीड़ और अफरातफरी का माहौल देखा गया।

किन-किन देशों पर असर?

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ईरान द्वारा खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने के बाद कतर, सऊदी अरब, इराक और संयुक्त अरब अमीरात ने सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ हमलों के कारण हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। खाड़ी देशों के एयरस्पेस से गुजरने वाली यूरोप-एशिया उड़ानों को भी वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़े हैं, जिससे उड़ानों में देरी और लागत बढ़ गई है।

सैन्य टकराव और बढ़ी अनिश्चितता

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तनाव के बीच अमेरिकी युद्धपोत पहले से ही फारस की खाड़ी में तैनात हैं। इस बीच Islamic Revolutionary Guard Corps ने ब्रिगेडियर जनरल Ahmad Vahidi को नया कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि ईरान सैन्य रूप से पीछे हटने के मूड में नहीं है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं संभले तो क्षेत्रीय संघर्ष और गहरा सकता है, जिसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, शेयर बाजार और अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर पड़ेगा।

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