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  • पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर गिरफ्तार: शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से दिल्ली की यात्रा के लिए रुके थे

    पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर गिरफ्तार: शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से दिल्ली की यात्रा के लिए रुके थे

    लखनऊ / देवरिया। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी अमिताभ ठाकुर को लखनऊ क्राइम ब्रांच और देवरिया पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार देर रात शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर देवरिया ले जाया है। ठाकुर उस समय लखनऊ–दिल्ली जा रही ट्रेन में सवार थे जब उन्हें हिरासत में लिया गया।

    गिरफ्तारी का विवरण

    स्थानीय पुलिस सूत्रों के अनुसार, ठाकुर को ट्रेन रुकने पर सादे कपड़ों में उपस्थित पुलिसकर्मियों ने उठाकर हिरासत में लिया और उन्हें देवरिया ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ शुरू की गई। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि गिरफ्तारी योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई।

    आरोप क्या हैं?

    पुलिस का दावा है कि वर्ष 1999 में देवरिया में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनाती के दौरान ठाकुर ने अपने पद का दुरुपयोग कर जिला उद्योग केंद्र, देवरिया के औद्योगिक प्लॉट संख्या B-2 का आवंटन अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम पर कराया। आरोप है कि आवंटन के लिए कूट रचित (जाली) दस्तावेज तैयार किए गए — जिसमें छद्म नाम, झूठे पते और परिवर्तित अभिलेख शामिल थे — और बाद में प्लॉट को लाभ के लिए बेचा गया। पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता संजय शर्मा ने यह प्रार्थना-पत्र/शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई।

    दर्ज धाराएँ और सजा की जानकारी

    • धारा 419 — किसी अन्य की पहचान धारण कर धोखाधड़ी: सजा तक 3 वर्ष या जुर्माना या दोनों।
    • धारा 420 — धोखाधड़ी व संपत्ति हानि: सजा तक 7 वर्ष व जुर्माना।
    • धारा 467 — मूल्यवान दस्तावेजों की जालसाजी: आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक की सजा व जुर्माना।
    • धारा 468 — जाली दस्तावेज बनाना धोखाधड़ी के उद्देश्य से: सजा तक 7 वर्ष व जुर्माना (अक्सर जमानत पर संकुल)।
    • धारा 471, 34, 120B भी आरोपपत्र में शामिल हैं। (नोट: सजा का निर्धारण अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगा।)

    पुलिस का बयान और वर्तमान स्थिति

    लखनऊ क्राइम ब्रांच और देवरिया पुलिस ने मामले की जांच और सत्यापन शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ठाकुर को देवरिया सदर कोतवाली में रखा गया और उनसे पूछताछ जारी है; आगे की कानूनी कार्यवाही—रिमांड, पेशी या जमानत—आगामी सुनवाई के अनुसार तय होगी।


    ठाकुर के प्रति प्रतिक्रिया

    पूर्व आईपीएस और सामाजिक सक्रियता में जुड़े ठाकुर ने इससे पहले कुछ रिपोर्ट्स में आरोपों को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ या ‘मंसूबाबद्ध’ बताकर खारिज किया था; इस गिरफ्तारी से जुड़े उनके हालिया बयान उपलब्ध होते ही उसे जोड़ा जाएगा। पहले भी इस प्रकरण पर मीडिया पर और सोशल प्लेटफॉर्म पर ठाकुर व उनके वकील की प्रतिक्रिया दर्ज रही है।


    निष्कर्ष — आगे क्या होने की सम्भावना है

    • पुलिस के बयान, दर्ज धाराओं और गिरफ्तारी के बाद प्राथमिकी के आधार पर जांच तेज़ कर दी गई है।
    • अगला कदम़: पुलिस द्वारा पूछताछ, सम्भवतः रिमांड के लिए अदालत में पेशी, और यदि आवश्यक हुआ तो जमानत याचिका/जमानत सुनवाई।
    • कोर्ट(Delhi High Court) और जांच एजेंसियों के आधिकारिक प्रवक्ताओं से प्राप्त बयानों के बाद ही केस की कानूनी दिशा स्पष्ट होगी।
  • Fail Modi Government:लूथरा ब्रदर्स ने जमानत के लिए दिल्ली कोर्ट में लगाई अर्जी, गिरफ्तारी से बचने के लिए भागे थाईलैंड

    Fail Modi Government:लूथरा ब्रदर्स ने जमानत के लिए दिल्ली कोर्ट में लगाई अर्जी, गिरफ्तारी से बचने के लिए भागे थाईलैंड

    गोवा। गोवा के एक नाइटक्लब में भीषण आग(Goa Fire) की घटना के बाद आरोपी रेस्टोरेंट मालिक गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा(Luthra Brothers) ने गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली कोर्ट में जमानत याचिका दायर (Bail Application) की है। दोनों पर आरोप है कि घटना के कुछ ही घंटों के भीतर वे थाईलैंड के फुकेत भाग गए।

    शनिवार रात ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’(Birch by Romeo Lane) रेस्टोरेंट में लगी आग में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में ज्यादातर रेस्टोरेंट के कर्मचारी शामिल थे।


    आग के बाद विदेश भागे आरोपी

    गोवा पुलिस के अनुसार, अरपोरा में आग की घटना के बाद:

    • दोनों भाई इंडिगो की फ्लाइट से फुकेत रवाना हुए
    • जांच एजेंसियों को समय पर जानकारी नहीं मिल सकी
    • अब CBI और इंटरपोल के साथ समन्वय किया जा रहा है

    DIG वर्षा शर्मा ने कहा:

    “हमने CBI और इंटरपोल के साथ तालमेल किया है। ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है।”


    एक अन्य मालिक अजय गुप्ता हिरासत में

    गोवा पुलिस ने बुधवार को नाइटक्लब के चार मालिकों में से एक अजय गुप्ता को क्राइम ब्रांच ऑफिस लाया। मामले में उनके बयान और भूमिका की जांच हो रही है। गुप्ता को आज बाद में कोर्ट में पेश किए जाने की उम्मीद है।


    रेस्टोरेंट का हिस्सा गिराया गया

    जिला प्रशासन ने वागाटोर में स्थित रोमियो लेन रेस्टोरेंट के एक हिस्से को ध्वस्त कर दिया। यह रेस्टोरेंट भी गौरव और सौरभ लूथरा के स्वामित्व में है। कार्रवाई अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के आधार पर की गई।


    घटना की जांच जारी

    ये घटनाक्रम तब सामने आए हैं जब रविवार तड़के लगी भीषण आग से:

    • 25 लोगों की मौत
    • कई घायल
    • भारी संपत्ति नुकसान

    गोवा सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष समिति का गठन किया है।

  • Nagpur Winter Session:आखिर सदन से क्यों गायब हो रहें हैं मंत्री?: विधायक भास्कर जाधव का सवाल

    Nagpur Winter Session:आखिर सदन से क्यों गायब हो रहें हैं मंत्री?: विधायक भास्कर जाधव का सवाल

    Nagpur Winter Session:नागपुर। महाराष्ट्र विधानसभा में बुधवार को विपक्ष ने मंत्रियों की अनुपस्थिति और ध्यानाकर्षण नोटिसों पर जवाब न मिलने को लेकर तीखा विरोध दर्ज किया। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक भास्कर जाधव(Bhaskar Jadhav) ने सदन में खड़े होकर कहा कि मंत्रियों की अनुपस्थिति अब आम बात हो गई है और सदस्यों को पहले से कोई जानकारी नहीं दी जाती।

    सदन में दो नोटिस सूचीबद्ध थे —
    1️⃣ राज्यभर में मानसून की भारी बारिश से हुई क्षति
    2️⃣ नासिक के जलाशयों व जयकवाड़ी बांध से गोदावरी नदी में छोड़े गए पानी से नुकसान

    चर्चा की शुरुआत होते ही जाधव ने नाराज़गी जताई:

    “मंत्री अक्सर अनुपलब्ध रहते हैं। पहले से मुद्रित उत्तर भी नहीं मिलते। यह अध्यक्ष का अपमान है। अगर मंत्री उपस्थित नहीं रह सकते तो पूर्व सूचना देना अनिवार्य है।”

    जाधव ने कहा कि अब सदन की प्रक्रियाओं का पालन नहीं हो रहा:

    “आजकल तो कुछ भी सूचित नहीं किया जाता। आखिर हो क्या रहा है?”

    उन्होंने अध्यक्ष से सख़्त कदम उठाने की मांग की और पूछा कि अधिकारी इतने उदासीन क्यों हो गए हैं।


    जवाब क्यों नहीं मिला? विपक्ष ने सवाल उठाए

    कृषि मंत्री मकरंद पाटिल ने दावा किया कि उन्हें उत्तर मिल गया है, लेकिन यह नहीं बता सके कि सदस्यों को जवाब क्यों नहीं मिला। विपक्ष ने इसे जानबूझकर देरी का तरीका बताया।

    दूसरे नोटिस पर चर्चा के दौरान स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, जब गोदावरी नदी से संबंधित क्षति पर जवाब देने के लिए विखे पाटिल अनुपस्थित रहे।


    रात में सूचना मिलती है: उद्योग मंत्री

    उद्योग मंत्री उदय सामंत ने बताया कि कभी-कभी सूचना इतनी देर से मिलती है कि तैयारी मुश्किल हो जाती है:

    “हमें रात के एक बजे या डेढ़ बजे सूचना मिलती है। हम जानकारी लेते हैं और तैयारी करते हैं। कभी-कभी सूचना आधी रात तक नहीं मिलती।”

    उन्होंने कहा कि प्रक्रियात्मक समस्याएँ हैं और इन्हें सुधारने की जरूरत है।


    निष्कर्ष

    विधानसभा की चर्चा में यह साफ़ हुआ कि:

    प्रक्रियाओं में सुधार की मांग तेज़ हो रही है

    मंत्रियों की अनुपस्थिति पर विपक्ष बेहद नाराज़ है

    जवाब देरी से मिलने पर कार्यवाही प्रभावित हो रही है

  • INDIGO FLIGHT: इंडिगो संकट पर कोर्ट नाराज़: “जिम्मेदारी कौन लेगा?”

    INDIGO FLIGHT: इंडिगो संकट पर कोर्ट नाराज़: “जिम्मेदारी कौन लेगा?”

    नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को इंडिगो एयरलाइन द्वारा बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द किए जाने पर केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई, जिसे अदालत ने “संकट” करार दिया। अदालत ने कहा कि न केवल यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, बल्कि इससे अर्थव्यवस्था पर भी सीधा असर पड़ता है।

    मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने केंद्र से पूछा कि जब हज़ारों यात्री हवाई अड्डों पर फंसे हुए थे, तो अन्य एयरलाइंस टिकटों की कीमतें बढ़ाकर इस स्थिति का फायदा कैसे उठा सकती हैं?

    अदालत ने कहा कि यह सिर्फ असुविधा का मामला नहीं, बल्कि यात्रियों के अधिकारों और आर्थिक नुकसान का मुद्दा भी है।


    कारण बताओ नोटिस जारी – सरकार का दावा

    केंद्र और निदेशालय महानिदेशक नागर विमानन (DGCA) की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि:

    • इंडिगो को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है
    • एयरलाइन ने लिखित रूप से खेद जताया है
    • संकट की स्थिति कई दिशानिर्देशों के उल्लंघन के कारण पैदा हुई
    • इसमें कर्मियों की उड़ान ड्यूटी घंटों से जुड़े नियम भी शामिल हैं

    सरकारी वकील ने कहा कि वर्तमान में कानूनी प्रावधान लागू किए जा रहे हैं और जांच जारी है।


    यात्रियों की मदद और रिफंड पर सुनवाई

    अदालत एक ऐसी जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें मांग की गई है कि:

    • फंसे यात्रियों को तुरंत सहायता दी जाए
    • रद्द उड़ानों का पूरा रिफंड(Refund) मिले
    • भविष्य में इस तरह का संकट न हो इसके लिए नीति तैयार की जाए

    अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसी स्थिति में सरकार की जिम्मेदारी(Responsibility) बढ़ जाती है, क्योंकि आम यात्री इस संकट का सबसे बड़ा शिकार बनते हैं।


    आगे क्या?

    दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से विस्तृत जवाब मांगते हुए अगली सुनवाई की तारीख तय की। अदालत ने स्पष्ट कहा:

    “यह जानना ज़रूरी है कि इस स्थिति से निपटने की जिम्मेदारी कौन लेगा।”

  • वाराणसी कफ सिरप केस में नया मोड़: भाजपा नेता अम्बरीश सिंह भोला पर गंभीर आरोप, पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने जांच की मांग

    वाराणसी कफ सिरप केस में नया मोड़: भाजपा नेता अम्बरीश सिंह भोला पर गंभीर आरोप, पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने जांच की मांग

    वाराणसी। वाराणसी में कफ सिरप किंगपिन शुभम जायसवाल प्रकरण में अब भाजपा नेता अम्बरीश सिंह भोला का नाम सुर्खियों में है। पूर्व IPS और आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने दावा किया कि भोला का संबंध शुभम जायसवाल से काफी नजदीकी था और उनसे हर महीने मोटी रकम मिलती थी।

    अमिताभ ठाकुर ने इस संबंध में दो वीडियो जारी करते हुए यूपी पुलिस के डीजीपी को पत्र भेजा है। ठाकुर ने कहा कि:

    “पहला मामला लीपापोती के साथ बंद कर दिया गया। अब नए तथ्य सामने आ रहे हैं, इसलिए तत्काल जांच जरूरी है।”

    उनका आरोप है कि जब कफ सिरप घोटाले की बात उठी, तब कुछ लोगों ने हाई-प्रोफाइल पब्लिसिटी हासिल करके केस को सस्पेंस स्टोरी जैसा बना दिया।
    लेकिन अब जांच की मांग तेज हो गई है।

    ठाकुर ने कहा कि पूरा मामला केवल कहानी नहीं, बल्कि बड़े नेटवर्क का संकेत देता है, जिसकी तहकीकात होना आवश्यक है।इस ताजा मांग के बाद कफ सिरप केस फिर से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर रहा है।

  • श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में सुगम दर्शन के नाम पर वसूली, 12 गिरफ्तार

    श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में सुगम दर्शन के नाम पर वसूली, 12 गिरफ्तार

    वाराणसी। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं से रुपये लेकर सुगम दर्शन कराने के आरोप में पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई दो जगहों पर की गई — मंदिर के गेट नंबर-4 से पाँच लोगों को और बांसफाटक के पास से सात लोगों को हिरासत में लिया गया।

    सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई
    एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि शिकायतों के बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। संदिग्ध गतिविधियाँ सामने आने पर टीम ने मौके पर पहुँचकर इन लोगों को पकड़ा। पूछताछ में सभी ने पैसे लेकर सुगम दर्शन कराने की बात स्वीकार की, जिसके बाद उनका चालान कर दिया गया।

    गिरफ़्तार किए गए लोगों के नाम
    दशाश्वमेध पुलिस द्वारा गिरफ्तार:

    • गणेश जयसवाल
    • अमन कुमार
    • कैलाशनाथ पांडेय
    • रितेश पांडेय
    • वहीद अहमद
    • रामबली बिन्द
    • रवि पांडेय

    चौक पुलिस द्वारा गिरफ्तार:

    • प्रदीप कुमार पटेल
    • किशन श्रीवास्तव
    • शैलेन्द्र नारायण पाठक
    • प्रवीन ठाकुर
    • प्रिंश चौहान

    पुलिस ने चेतावनी दी है कि मंदिर परिसर में किसी भी तरह की दलाली या वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • रामदास आठवले ने उल्हासनगर महानगर पालिका चुनाव में महागठबंधन का सुझाव, आरपीआई के लिए 15 सीटों की मांग

    रामदास आठवले ने उल्हासनगर महानगर पालिका चुनाव में महागठबंधन का सुझाव, आरपीआई के लिए 15 सीटों की मांग

    उल्हासनगर। केंद्रीय राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के अध्यक्ष रामदास आठवले ने रविवार रात उल्हासनगर में आयोजित पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में आगामी नगर निगम चुनाव के लिए महागठबंधन बनाने का सुझाव दिया। आठवले ने शिवसेना, भाजपा, राकांपा और आरपीआई को एकजुट होकर चुनाव लड़ने की सलाह देते हुए कहा कि यदि महायुति साथ आती है तो उल्हासनगर नगर निगम का महापौर निश्चित रूप से महायुति का ही होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरपीआई को कम से कम 15 सीटें मिलनी चाहिए।

    आठवले ने उल्हासनगर की सामाजिक और राजनीतिक भूमिका पर बोलते हुए कहा कि यह शहर कभी दलित आंदोलन का प्रमुख केंद्र रहा है, लेकिन अब आरपीआई सभी समुदायों के साथ चल रही है। उन्होंने सिंधी, मुस्लिम, उत्तर भारतीय, दक्षिण भारतीय सहित विभिन्न समुदायों के सहअस्तित्व का उल्लेख किया। आठवले ने यह भी याद दिलाया कि विधानसभा चुनाव में आरपीआई ने सिंधी समुदाय से पप्पू कलानी को टिकट दिया था और वे विधायक निर्वाचित हुए थे।

    बैठक के दौरान उन्होंने कोंकण के हापुस आम की गुणवत्ता से संबंधित मुद्दा उठाते हुए कहा कि बलसाड में उगाए जाने वाले आमों को हापुस नाम देने का प्रयास गलत है और कोंकण का हापुस आम नंबर वन है और वही रहना चाहिए। राजनीतिक टिप्पणियों के बीच आठवले ने कांग्रेस द्वारा “संविधान खतरे में है” कहे जाने को दुष्प्रचार बताते हुए कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा लिखित संविधान अभी भी सुरक्षित है। उन्होंने दलित समुदाय के अत्याचार के मामलों पर चिंता जताई और कहा कि उनकी पार्टी ऐसे मामलों के खिलाफ हमेशा लड़ती रहेगी।

    कार्यक्रम में आरपीआई नगर अध्यक्ष नाना बागुल, शिवसेना कल्याण ज़िला अध्यक्ष गोपाल लांडगे, विधायक कुमार अयलानी, महानगर अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, भाजपा नगर अध्यक्ष राजेश वधारिया, आरपीआई नेता शांताराम निकम समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

  • मुंब्रा में करोड़ों की चरस बरामद, आरोपी गिरफ्तार; सहायक पुलिस आयुक्त प्रिया डामले ने किया बड़ा खुलासा

    मुंब्रा में करोड़ों की चरस बरामद, आरोपी गिरफ्तार; सहायक पुलिस आयुक्त प्रिया डामले ने किया बड़ा खुलासा

    ठाणे। मुंब्रा पुलिस स्टेशन के एनडीपीएस पथक को नशा विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है, जहां 2 किलो 205 ग्राम चरस बरामद की गई जिसकी कीमत लगभग 1 करोड़ 10 लाख 25 हजार रुपये आंकी जा रही है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल शिंदे के निर्देश पर सपोनि रोहित केदार और सपोनि गणेश जाधव की टीम क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रही थी, तभी कौसा, एरोली–मुंब्रा ब्रिज टनेल के पास एक व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधि करते देखा गया। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा, लेकिन पीछा कर उसे पकड़ लिया गया। पंचों की मौजूदगी में तलाशी के दौरान पिशवी में छिपाकर रखी गई चरस बरामद हुई, जिसके बाद आरोपी मोहम्मद हारून हसरत अली सिद्दीकी (42), निवासी मुंब्रा को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(क), 20 (ब) II (क), 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है और न्यायालय ने उसे 8 दिसंबर 2025 तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पूछताछ में सामने आया कि वह चरस जम्मू-कश्मीर से मंगवाकर ठाणे और आसपास के इलाकों में बेचता था और उसके खिलाफ अजमेर में भी एक मामला दर्ज है। पुलिस अब उसके नेटवर्क, सप्लाई चैन और संपर्कों की जांच कर रही है। मुंब्रा एनडीपीएस टीम की लगातार कार्रवाई में अब तक 324 नशा सेवनकर्ताओं पर कार्रवाई और 27 तस्करों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जबकि कुल ₹3.41 करोड़ मूल्य का माल बरामद किया गया है। सहायक पुलिस आयुक्त प्रिया डामले ने स्पष्ट किया कि नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी। कार्रवाई को सफल बनाने में पुलिस अधिकारी और कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

  • ठाणे शहर में तीन दिन तक पानी की सप्लाई में कटौती

    ठाणे शहर में तीन दिन तक पानी की सप्लाई में कटौती

    ठाणे। पिसे बंधारा से ठाणे शहर को पानी सप्लाई करने वाली 1000 मिमी डायमीटर की पाइपलाइन, जो टेमघर वॉटर प्लांट तक जाती है, शनिवार सुबह कल्याण फाटा पर महानगर गैस के काम के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई। पिछले दो दिनों से वॉटर सप्लाई विभाग की ओर से पाइपलाइन की मरम्मत का काम जारी है, लेकिन पाइपलाइन पुरानी और प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट प्रकार की होने के कारण मरम्मत में तीन दिन और लगने का अनुमान है। इस वजह से शहर में पानी की सप्लाई में कमी आई है और फिलहाल केवल 30 प्रतिशत पानी ही सप्लाई किया जा रहा है। कम और अनियमित पानी के कारण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वॉटर सप्लाई विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि पानी का उपयोग सोच-समझकर करें और मरम्मत कार्य में नगरपालिका का सहयोग दें।

  • घणसोली की ऑरम सोसायटी में कमर्शियल पानी दर के खिलाफ आमरण अनशन, 720 परिवार प्रभावित

    घणसोली की ऑरम सोसायटी में कमर्शियल पानी दर के खिलाफ आमरण अनशन, 720 परिवार प्रभावित

    नवी मुंबई। घणसोली स्थित ऑरम सोसायटी में रहने वाले 720 परिवारों पर कमर्शियल पानी दर लागू किए जाने से नागरिकों में भारी रोष है। रिहायशी क्षेत्र में व्यावसायिक दर से बिल वसूलने को अवैध और अन्यायपूर्ण बताते हुए सोसायटी के अध्यक्ष योगेश चव्हाण ने एमआईडीसी कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। चव्हाण का कहना है कि जब तक पानी की दर रिहायशी श्रेणी में नहीं लाई जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कमर्शियल दर के कारण हर महीने हजारों रुपए का अतिरिक्त बोझ परिवारों पर पड़ रहा है और कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कदम न उठाए जाने से नागरिकों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। अनशन स्थल पर सोसायटी के रहवासियों के साथ-साथ शहर की सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों का भी सक्रिय समर्थन मिल रहा है। नारेबाजी कर लोग प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, जबकि एमआईडीसी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सूत्रों का कहना है कि अनशन शुरू होने के बाद इस मुद्दे के समाधान के लिए आंतरिक बैठकों की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन निर्णय का इंतजार जारी है। इस विवाद ने घणसोली क्षेत्र में पानी दर निर्धारण की नीति, नागरिकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर व्यापक सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्रों को रिहायशी दर पर पानी मिलना उनका मूल अधिकार है और इस अधिकार को हासिल करने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।