Category: Bharat

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  • Navratra News: डॉ. अनील काशी मुरारका ने किया श्री शतचंडी महायज्ञ के पंडाल का लोकार्पण, मलाड में 10 दिवसीय आयोजन शुरू

    Navratra News: डॉ. अनील काशी मुरारका ने किया श्री शतचंडी महायज्ञ के पंडाल का लोकार्पण, मलाड में 10 दिवसीय आयोजन शुरू

    मुंबई। श्री रानी सती प्रचार समिति, मलाड (पूर्व) द्वारा अपनी स्थापना के 50वें स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में यज्ञ वाटिका, मलाड पूर्व में 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक 10 दिवसीय श्री शतचंडी महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया है। इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक उत्सव का शुभारंभ 20 सितंबर को रात 9:30 बजे उद्योगपति एवं समाजसेवी डॉ. अनील काशी मुरारका द्वारा पंडाल के लोकार्पण के साथ हुआ।
    लोकार्पण समारोह में डॉ. मुरारका ने कहा, “यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी आध्यात्मिक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और समाज सेवा के संकल्प का उत्सव है।”

    डॉ. अनील काशी मुरारका ने किया श्री शतचंडी महायज्ञ के पंडाल का लोकार्पण

    इस अवसर पर मुख्य यजमान विजय पोद्दार एवं उनकी धर्मपत्नी रितु पोद्दार भी उपस्थित रहे। समिति की अध्यक्ष कुसुम माहेश्वरी ने जानकारी दी कि इस महायज्ञ में पूरे मुंबई से श्रद्धालु भाग लेंगे। प्रतिदिन सुबह से शाम तक वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, दुर्गा सप्तशती पाठ, प्रवचन और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करेगा, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संदेश भी देगा। मलाड की यज्ञ वाटिका इन दस दिनों तक आध्यात्मिक चेतना, भक्तिभाव और सांस्कृतिक समरसता का केंद्र बनी रहेगी।

  • White House Clarification on H-1B Visa:H-1B वीज़ा पर 88 लाख रुपये शुल्क की अफवाह पर व्हाइट हाउस का स्पष्टीकरण- मौजूदा धारकों को नहीं देना होगा शुल्क

    White House Clarification on H-1B Visa:H-1B वीज़ा पर 88 लाख रुपये शुल्क की अफवाह पर व्हाइट हाउस का स्पष्टीकरण- मौजूदा धारकों को नहीं देना होगा शुल्क

    नई दिल्ली। अमेरिका में H-1B वीज़ा को लेकर एक नई नीति ने दुनियाभर में हलचल मचा दी है। डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने इस वीज़ा पर शुल्क बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत नए आवेदकों को अब H-1B वीज़ा के लिए 1 लाख अमेरिकी डॉलर यानी लगभग ₹88 लाख चुकाने होंगे। इस फैसले से अमेरिका में काम करने के इच्छुक हजारों भारतीय तकनीकी पेशेवरों को सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
    कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि यह शुल्क हर साल देना होगा और मौजूदा वीज़ा धारकों को भी वीज़ा रिन्यूअल के समय यही राशि चुकानी पड़ेगी, अन्यथा उन्हें अमेरिका छोड़कर अपने देश लौटना होगा। इन खबरों से लोगों में भ्रम और चिंता का माहौल बन गया।
    इस गड़बड़ी को देखते हुए व्हाइट हाउस ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर सभी अफवाहों का खंडन किया। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि यह शुल्क केवल नए आवेदकों पर लागू होगा। मौजूदा H-1B वीज़ा धारकों को न तो अमेरिका छोड़ना पड़ेगा और न ही वीज़ा रिन्यूअल के लिए इतनी बड़ी राशि देनी होगी।


    व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए कहा, “जो H-1B वीज़ा धारक फिलहाल देश के बाहर हैं, उन्हें अमेरिका लौटने के लिए 1 लाख डॉलर का शुल्क नहीं देना होगा। सरकार की नई नीति केवल नए आवेदकों के लिए है, मौजूदा वीज़ा धारकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।”
    गौरतलब है कि अमेरिका में H-1B वीज़ा पर रहने वाले लोगों में करीब 70% भारतीय हैं, जो मुख्य रूप से आईटी सेक्टर में कार्यरत हैं। ट्रम्प प्रशासन के इस नए निर्णय से अमेरिका जाने की योजना बना रहे भारतीयों के लिए रास्ता कठिन हो सकता है। कई लोगों का मानना है कि इससे उनका अमेरिका में काम करने का सपना टूट सकता है।

  • Election Newdelhi: हमने EVM हैक किया तो राहुल गांधी को क्यों बुरा लग रहा है: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

    Election Newdelhi: हमने EVM हैक किया तो राहुल गांधी को क्यों बुरा लग रहा है: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

    नई दिल्ली। देश में EVM यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कई बार EVM की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि EVM के जरिए चुनावी प्रक्रिया में छेड़छाड़ की जा सकती है और इससे चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। इसी वजह से उन्होंने और कई विपक्षी दलों ने मांग की है कि चुनाव मतपत्रों के जरिए कराए जाएं।
    इस बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक मीडिया बातचीत में ऐसा बयान दिया है जिससे विवाद और गहराया है। जब एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि विपक्ष का आरोप है कि भाजपा और उसके सहयोगी दल EVM की मदद से चुनाव जीतते हैं और चुनाव आयोग भी उनके पक्ष में है, तो रेखा गुप्ता ने जवाब दिया, “70 साल तक वो लोग (कांग्रेस) EVM हैक करते रहे तो उन्हें फर्क नहीं पड़ा, अब हमने किया तो उन्हें बुरा लग रहा है, ये अच्छा है।”
    रेखा गुप्ता के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। आम आदमी पार्टी ने भी इस वीडियो को शेयर किया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वीडियो साझा करते हुए लिखा, “दिल्ली की मुख्यमंत्री क्या कह रही हैं, एक बार देखिए।”


    इस बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। एक एक्स यूजर ने लिखा, “रेखा गुप्ता कह रही हैं कि कांग्रेस 70 साल से EVM हैक कर रही थी, जबकि भारत में EVM से चुनाव 2004 के बाद ही शुरू हुए हैं।” भारत में अब तक पांच लोकसभा चुनाव EVM से हुए हैं, जिनमें से तीन भाजपा ने जीते हैं। 2004 से पहले देश में चुनाव मतपत्रों के जरिए होते थे।
    रेखा गुप्ता के इस बयान को लेकर विपक्ष का कहना है कि यह राहुल गांधी के आरोपों की अप्रत्यक्ष पुष्टि है। इससे EVM की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर फिर से सवाल उठने लगे हैं।

  • Bombay High Court: पवित्र पोर्टल की खामियों पर हाईकोर्ट सख्त, शिक्षा विभाग को लगाई फटकार

    Bombay High Court: पवित्र पोर्टल की खामियों पर हाईकोर्ट सख्त, शिक्षा विभाग को लगाई फटकार

    मुंबई: राज्य सरकार के पवित्र पोर्टल के सही ढंग से संचालन न होने और इसके चलते शिक्षकों की नियुक्तियों को रद्द किए जाने पर शनिवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को कड़ी फटकार लगाई। न्यायालय ने यह भी नाराजगी जताई कि सीधे नियुक्त किए गए शिक्षकों की नियुक्तियों को नियमित करने के लिए 100 से अधिक आदेश दिए गए, लेकिन उनका कोई ठोस असर नहीं हुआ।
    न्यायमूर्ति रविंद्र घुगे और न्यायमूर्ति अश्विन भोबे की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि राज्य के महाधिवक्ता ने स्वयं विभिन्न परिसंवादों में पवित्र पोर्टल के उपयोग की जानकारी दी थी, फिर भी शिक्षा अधिकारी इस प्रणाली को समझने में असफल रहे हैं। इस संदर्भ में एक शिक्षिका और दो संस्थाओं ने अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं, जिनमें उन आदेशों को रद्द करने की मांग की गई थी, जिनमें शिक्षकों की नियुक्तियों को मान्यता देने से इनकार किया गया था।
    पवित्र पोर्टल राज्य के शालेय शिक्षण व क्रीड़ा विभाग का एक ऑनलाइन मंच है, जिसे जिला परिषद और महानगरपालिका की शालाओं में शिक्षक भर्ती के लिए शुरू किया गया था। लेकिन याचिकाओं में आरोप लगाया गया कि यह पोर्टल ठीक से काम नहीं कर रहा है और इसी आधार पर शिक्षकों की नियुक्तियों को खारिज किया जा रहा है।
    न्यायालय ने सवाल उठाया कि हर शिक्षक को अपनी नियुक्ति की मंजूरी के लिए कोर्ट क्यों आना पड़ता है। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि अब तक कितने शिक्षकों की नियुक्तियां पवित्र पोर्टल के माध्यम से की गई हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी दी जाए। न्यायालय ने यह भी संकेत दिया कि इस मामले को पूर्णपीठ के समक्ष भेजा जा सकता है।
    खंडपीठ ने याचिकाकर्ता शिक्षकों के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि शिक्षा अधिकारियों को आदेश देकर और कार्रवाई करके हम थक चुके हैं। इसलिए अब पवित्र पोर्टल के उपयोग को लेकर स्पष्ट मार्गदर्शक सिद्धांत जारी करने की आवश्यकता है।
    इस बीच, अतिरिक्त सरकारी वकील मनीष पाबळे ने न्यायालय से राज्य का पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने अगली सुनवाई अगले सप्ताह निर्धारित की है।

  • Nagpur News:ब्राह्मण समाज को आरक्षण न मिलना परमेश्वर का उपकार- नितीन गडकरी का आरक्षण पर बयान

    Nagpur News:ब्राह्मण समाज को आरक्षण न मिलना परमेश्वर का उपकार- नितीन गडकरी का आरक्षण पर बयान

    नागपुर। राज्य में मराठा, ओबीसी और बंजारा आरक्षण को लेकर चल रहे तीव्र सामाजिक और राजनीतिक विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नितीन गडकरी ने नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान आरक्षण पर एक महत्वपूर्ण और विचारोत्तेजक बयान दिया। उन्होंने कहा, “ब्राह्मण समाज को आरक्षण नहीं मिला, यह परमेश्वर का सबसे बड़ा उपकार है।” उनका यह वक्तव्य ऐसे समय आया है जब आरक्षण को लेकर राज्य में भावनाएं उफान पर हैं।

    गडकरी के इस बयान ने आरक्षण की बहस को एक नई दिशा दी है। आइए अब विस्तार से समझते हैं कि उन्होंने किन सामाजिक मुद्दों पर क्या दृष्टिकोण रखा और इसका वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर क्या प्रभाव पड़ सकता है…
    गडकरी नागपुर में आयोजित हलबा महासंघ के कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसके गुणों और कर्तृत्व से होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार में ब्राह्मण समाज को सामाजिक महत्त्व प्राप्त है, जबकि महाराष्ट्र में ऐसा नहीं है। “मैं जात-पात में विश्वास नहीं करता,” उन्होंने स्पष्ट किया।
    उन्होंने आगे कहा कि बेरोजगारी आज की सबसे बड़ी समस्या है और केवल शैक्षणिक या आर्थिक प्रगति ही नहीं, बल्कि सामाजिक प्रगति भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने समाज के वरिष्ठों से अपील की कि वे समाज सुधार के लिए आगे आएं और युवाओं को सही दिशा दें। उन्होंने कहा कि एक समय था जब समाज में हाथमाग बंद हो गया और हाथभट्टी व शराब का चलन बढ़ा, लेकिन अब वह स्थिति बदल चुकी है।
    आरक्षण के मुद्दे पर गडकरी ने कहा कि यह एक संवेदनशील विषय है और उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन के 50 वर्षों में सबसे अधिक प्रयास युवाओं को नौकरियाँ दिलाने के लिए किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम किसी एक क्षेत्र में सफल होते हैं, तो हम कई लोगों की नौकरियाँ बचा सकते हैं। उन्होंने समाज के डॉक्टरों, वकीलों और शिक्षित वर्ग से अपील की कि वे समाज के सर्वांगीण विकास के लिए योजनाबद्ध कार्यक्रम बनाएं।
    गडकरी ने यह भी कहा कि “पैसा नहीं होगा तो कुछ नहीं हो सकता,” और कला व कौशल के माध्यम से ही प्रगति संभव है। उन्होंने युवाओं को अपने पैरों पर खड़े होकर मेहनत करने की प्रेरणा दी।
    उनके इस बयान ने आरक्षण पर एक अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है, जो सामाजिक समरसता और व्यक्तिगत गुणों को प्राथमिकता देता है। ऐसे समय में जब आरक्षण को लेकर समाज में तनाव है, गडकरी का यह वक्तव्य नई बहस को जन्म दे सकता है।
    अगर आप चाहें तो मैं इस विषय पर विश्लेषणात्मक लेख या सोशल मीडिया पोस्ट भी तैयार कर सकता हूँ।

  • Bombay High Court V/S DCM: उपमुख्यमंत्री के स्थगन आदेश पर कोर्ट सख्त, सरकार ने याचिका के स्वरूप पर उठाए सवाल

    Bombay High Court V/S DCM: उपमुख्यमंत्री के स्थगन आदेश पर कोर्ट सख्त, सरकार ने याचिका के स्वरूप पर उठाए सवाल

    मुंबई के वाशी इलाके में दो अवैध इमारतों को लेकर चल रहे विवाद में महाराष्ट्र सरकार ने उच्च न्यायालय के सवालों का सीधा जवाब देने के बजाय याचिका के स्वरूप पर ही सवाल उठाए हैं। यह मामला तब सामने आया जब नवी मुंबई महापालिका ने इन इमारतों को तोड़ने के लिए नोटिस जारी किए थे, लेकिन उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इन नोटिसों पर स्थगन आदेश जारी कर दिया। इस आदेश को लेकर न्यायालय ने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा था कि उपमुख्यमंत्री ने किस अधिकार के तहत यह स्थगन दिया।

    इस कानूनी टकराव के बीच अब सवाल यह उठता है कि क्या उपमुख्यमंत्री को नियोजन प्राधिकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने का अधिकार है? और क्या जनहित के नाम पर दायर याचिका वास्तव में जनहित की परिभाषा में आती है? आइए, अब इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि और कानूनी पेचीदगियों को विस्तार से समझते हैं…

    सरकार का जवाब टालना,22 वर्षों से अवैध बिक्री का आरोप

    यह मामला ‘कॉन्शस सिटीझन्स फोरम’ नामक एक स्वयंसेवी संस्था द्वारा उच्च न्यायालय में उठाया गया है। संस्था ने उपमुख्यमंत्री के आदेश को अवैध बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की है और महापालिका द्वारा जारी की गई तोड़फोड़ की नोटिसों को लागू करने की अपील की है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इन इमारतों को कभी भी निवासी प्रमाणपत्र नहीं मिला, फिर भी पिछले 22 वर्षों से इनकी अवैध बिक्री जारी है।

    खंडपीठ की गंभीर टिप्पणी

    न्यायमूर्ति रविंद्र घुगे और न्यायमूर्ति अश्विन भोबे की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई के दौरान गंभीर टिप्पणी करते हुए पूछा कि क्या नगर विकास मंत्री के रूप में उपमुख्यमंत्री को नियोजन प्राधिकरण की कार्रवाई पर स्थगन देने का अधिकार है। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि जब महापालिका ने कानून के अनुसार कार्रवाई शुरू की थी, तो उसमें हस्तक्षेप क्यों किया गया।

    2003 से विवादित निर्माण

    विवादित इमारतें ‘अपार्टमेंट ओनर्स असोसिएशन कंडोमिनियम नंबर-१४’ और ‘नैवेद्या को-ऑपरेटिव हाऊसिंग सोसायटी कंडोमिनियम नंबर-३’ हैं, जिनका निर्माण वर्ष 2003 में सिडको की अनुमति के बिना किया गया था। आरोप है कि स्थानीय नगरसेवक और शिवसेना नेता किशोर पाटकर की मिलीभगत से यह निर्माण हुआ। सिडको ने इस पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्षों को नोटिसें भेजीं।

    महापालिका की कार्रवाई

    बाद में यह क्षेत्र नवी मुंबई महापालिका के अधीन आ गया और महापालिका ने नई इमारतों को अस्थायी अनुमति दी। लेकिन निर्माण कार्य स्वीकृत आराखड़े के अनुसार नहीं हुआ, जिससे महापालिका ने 3 मार्च 2025 को तोड़फोड़ की नोटिस जारी की। इसके विरोध में सोसायटियों ने 13 मई को उपमुख्यमंत्री शिंदे से स्थगन की मांग की, जिसे उन्होंने तुरंत स्वीकार कर लिया।

    इस बीच राज्य के महाधिवक्ता बिरेंद्र सराफ ने अदालत को बताया कि याचिका जनहित स्वरूप की है, क्योंकि इसमें अवैध निर्माण का मुद्दा उठाया गया है। अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए महानिबंधक कार्यालय को आदेश दिया है कि वह दो दिनों के भीतर यह स्पष्ट करे कि याचिका जनहित याचिका है या व्यक्तिगत रिट।

    यह मामला अब केवल अवैध निर्माण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें प्रशासनिक अधिकारों की सीमाएं और जनहित की परिभाषा भी केंद्र में आ गई हैं। अदालत की अगली सुनवाई में यह तय होगा कि उपमुख्यमंत्री का आदेश वैध था या नहीं, और क्या महापालिका की कार्रवाई को रोका जाना कानूनन उचित था।

  • Mumbai Election: BMC चुनावों के लिए आरक्षण सूची जारी, महिलाओं और SC-ST वर्गों को मिला प्रतिनिधित्व

    Mumbai Election: BMC चुनावों के लिए आरक्षण सूची जारी, महिलाओं और SC-ST वर्गों को मिला प्रतिनिधित्व

    BMC मुख्यालय मुंबई में चुनावी आरक्षण सूची जारी

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने आगामी नगर निगम चुनावों को लेकर प्रभाग आरक्षण की सूची जारी कर दी है। इस सूची में सर्वसाधारण, महिलाएं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जाति महिला, अनुसूचित जमाती (ST) और अनुसूचित जमाती महिला वर्गों के लिए आरक्षित प्रभागों की घोषणा की गई है।

    आरक्षण का वर्गीकरण इस प्रकार है:

    • सर्वसाधारण श्रेणी: 110 प्रभाग
    • सर्वसाधारण महिला श्रेणी: 109 प्रभाग
    • अनुसूचित जाति (SC): 7 प्रभाग
    • SC महिला: 8 प्रभाग
    • अनुसूचित जमाती (ST): 1 प्रभाग
    • ST महिला: 1 प्रभाग

    प्रमुख आरक्षित प्रभागों की सूची:

    • सर्वसाधारण: प्रभाग संख्या 1, 3, 4, 6, 7, 8, 12–20, 24, 26–209
    • सर्वसाधारण महिला: 5, 28, 29, 39, 45, 46, 64, 67, 69, 74, 80, 92, 103, 120, 125, 131, 142, 147, 151, 163, 168, 177
    • SC: 9, 11, 44, 50, 53, 75, 79, 81, 88, 96, 99, 102, 130, 137, 146, 148
    • SC महिला: 85, 107, 119, 139, 165, 190, 194, 204
    • ST: 55
    • ST महिला: 124

    इस आरक्षण सूची के जारी होने से राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की रणनीतियों में बड़ा बदलाव आने की संभावना है। चुनावी समीकरणों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है, खासकर महिला और अनुसूचित वर्गों के प्रतिनिधित्व को लेकर।

  • Chhattisgarh-Rajnandgaon News: सीईओ जिला पंचायत ने शिक्षा विभाग की बैठक में कार्यों की गहन समीक्षा की

    Chhattisgarh-Rajnandgaon News: सीईओ जिला पंचायत ने शिक्षा विभाग की बैठक में कार्यों की गहन समीक्षा की

    राजनांदगांव: मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुरूचि सिंह ने डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बसंतपुर में प्राचार्यों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर शैक्षणिक कार्यों की गहन समीक्षा की।

    बैठक में सुश्री सिंह ने पाक्षिक, तिमाही एवं गत वर्ष के परीक्षा परिणामों की जानकारी ली और बच्चों को गंभीरतापूर्वक गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने के निर्देश दिए। उन्होंने शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

    विनोबा एप पर विशेष जोर:

    • मासिक एवं पाक्षिक परीक्षाओं के आयोजन के निर्देश
    • शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति और परीक्षा परिणामों की सही प्रविष्टि सुनिश्चित करने की बात
    • सभी प्राचार्यों, शिक्षकों, सीएसी, ब्लॉक एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को एप की संपूर्ण जानकारी रखने और समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश

    प्रदर्शन आधारित सम्मान:

    • बेहतर परीक्षा परिणाम देने वाले विद्यालयों को सम्मानित किया जाएगा
    • मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता कार्यक्रम एवं जिले के शिक्षा सुधार कार्यक्रम की समीक्षा की गई
    • बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार हेतु कोचिंग, उपचारात्मक शिक्षण एवं अतिरिक्त कक्षाओं के संचालन की बात कही गई
    • कक्षा पहली से आठवीं तक के लर्निंग आउटकम में पिछड़ने वाली संस्थाओं की समीक्षा कर सुधार हेतु कार्ययोजना बनाने के निर्देश

    जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने भी सभी संकुल समन्वयकों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं स्रोत समन्वयकों को शासन की योजनाओं का लाभ बच्चों तक पहुँचाने और गुणवत्तायुक्त शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    पर्यावरण पहल: “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत विद्यालयों में बच्चों द्वारा पौधरोपण कराने और वृक्षों के महत्व को समझाने की बात कही गई।

    बैठक में जिला परियोजना अधिकारी साक्षरता श्रीमती रश्मि सिंह, जिला मिशन समन्वयक श्री सतीश ब्योहरे सहित अनेक प्राचार्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • Uttar Pradesh News(Meerut): गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल बनी शिव बारात: फलावदा में ऐतिहासिक आयोजन

    Uttar Pradesh News(Meerut): गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल बनी शिव बारात: फलावदा में ऐतिहासिक आयोजन

    मेरठ (फलावदा): आदर्श रामलीला समिति द्वारा आयोजित शिव बारात ने धार्मिक समरसता और सांस्कृतिक एकता की अनूठी मिसाल पेश की। प्राचीन बूढ़ा शिव मंदिर से शुरू हुई इस बारात का शुभारंभ परमप्रज्ञ जगदगुरु प्रो. पुष्पेन्द्र कुमार आर्यम जी महाराज के करकमलों से हुआ, जिनकी उपस्थिति ने आयोजन को दिव्यता प्रदान की।

    गुरुदेव ने अपने संबोधन में कहा, “शिव बारात विविधता में एकता का प्रतीक है, जहाँ देवता, असुर, भूत-प्रेत, ऋषि-मुनि और सामान्य जन सभी सम्मिलित होकर सनातन धर्म की समरसता को दर्शाते हैं।” उन्होंने भगवान शिव को आशुतोष बताते हुए समाज में सहयोग, सामंजस्य और समानता का संदेश देने की बात कही।

    बारात में नृत्य, गान और उल्लास के बीच गुरुदेव के मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय हो गया। पंचदीप प्रज्वलन कर उन्होंने सनातन परंपरा का गौरव बढ़ाया।

    इस आयोजन की विशेष बात रही मुस्लिम समुदाय के नेताओं द्वारा हिंदू धर्मगुरु का स्वागत — अटल चौक से शुरू हुआ यह स्वागत जुलूस मुख्य बाज़ार होते हुए बूढ़ा शिव मंदिर तक पहुँचा, जिसने गंगा-जमुनी तहज़ीब की भावना को सजीव कर दिया।

    कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष अशोक सैनी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति और रामलीला समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

    शिव बारात: एकता और समरसता का उत्सव

    • स्थान: फलावदा, मेरठ
    • आयोजनकर्ता: आदर्श रामलीला समिति
    • शुभारंभ: प्राचीन बूढ़ा शिव मंदिर से, जगदगुरु प्रो. पुष्पेन्द्र कुमार आर्यम जी महाराज के करकमलों द्वारा
    • मुख्य संदेश:
      • शिव बारात में देवता, असुर, भूत-प्रेत, ऋषि-मुनि और आमजन की भागीदारी विविधता में एकता का प्रतीक है
      • भगवान शिव की बारात सहयोग, सामंजस्य और समानता का संदेश देती है
      • पंचदीप प्रज्वलन और मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय बना

    गंगा-जमुनी तहज़ीब की अनूठी मिसाल

    • विशेष पहल: मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने हिंदू धर्मगुरु का स्वागत कर सांप्रदायिक सौहार्द का परिचय दिया
    • स्वागत जुलूस: अटल चौक से बूढ़ा शिव मंदिर तक, मुख्य बाज़ार होते हुए
    • उपस्थिति: नगर परिषद अध्यक्ष अशोक सैनी और अन्य गणमान्य व्यक्ति

  • Rajnandgaon Chhattisgarh News:तुमडीबोड पुलिस ने हत्या के मामले को सुलझाया: दीवानभेडी में आपसी रंजिश में युवक की पीट-पीटकर हत्या

    Rajnandgaon Chhattisgarh News:तुमडीबोड पुलिस ने हत्या के मामले को सुलझाया: दीवानभेडी में आपसी रंजिश में युवक की पीट-पीटकर हत्या

    राष्ट्रीय स्वाभिमान। हेमंत वर्मा

    राजनांदगांव: पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के मार्गदर्शन, अति. पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा एवं नगर पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र नायक के निर्देश पर तुमडीबोड पुलिस चौकी ने ग्राम दीवानभेडी में हुई हत्या के मामले को सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

    घटना का विवरण

    दिनांक 19 सितंबर 2025 को सुबह करीब 10:00 बजे मोबाइल पर सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम दीवानभेडी पंचायत भवन के पास घनश्याम साहू नामक युवक की हत्या हो गई है। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी दिलीप पटेल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। पंचायत भवन के पास घनश्याम साहू अचेत अवस्था में मिला, जिसे ग्रामीणों ने बताया कि उसे गुलैल रखने के आरोप में फूलसिंग साहू, राहुल यादव और अन्य लोगों ने मिलकर हाथ-मुक्का, लात-घूंसा और डंडे से पीटा।

    घनश्याम को गंभीर चोटें आईं, विशेष रूप से सिर, कोहनी, हाथ और पैरों में। उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल, राजनांदगांव ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    प्राथमिकी और जांच

    मृतक के भाई चंद्रशेखर साहू ने पुलिस चौकी मेडिकल कॉलेज पेण्ड्री में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि उसे गांव के अशोक साहू और देवेंद्र साहू ने फोन कर बताया कि उसके भाई को गांव वाले मार रहे हैं। मौके पर पहुँचने पर घनश्याम ने खुद बताया कि उसे गुलैल रखने के आरोप में पीटा गया।

    पुलिस ने अपराध क्रमांक 434/2025, धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। एफएसएल यूनिट को बुलाकर साक्ष्य संकलन किया गया। मृतक का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंपा गया।

    आरोपी गिरफ्तार

    दिनांक 20 सितंबर 2025 को तीन आरोपियों:

    1. फूलबाई साहू (65 वर्ष)
    2. फूलसिंग साहू (70 वर्ष)
    3. राहुल यादव (25 वर्ष) सभी निवासी दीवानभेडी, को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य एकत्र कर कार्रवाई की।