Category: Bharat

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  • FCRA 2.0 Portal: शाह ने एफसीआरए 2.0 पोर्टल तथा ई-ओसीआई कार्ड का शुभारंभ किया

    FCRA 2.0 Portal: शाह ने एफसीआरए 2.0 पोर्टल तथा ई-ओसीआई कार्ड का शुभारंभ किया

    FCRA 2.0 Portal: केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को यहां विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम , एफसीआरए 2.0 पोर्टल तथा ई- ओसीआई कार्ड का शुभारंभ किया और कहा कि इससे नागरिकों को सुविधाएं बढेंगी। शाह ने कहा कि इन दोनों पहलों से नागरिकों की सुविधाएं बढेंगी और विशेष रूप से एफसीआरए पोर्टल से दान प्राप्त करने वालों की दिक्कतें दूर होंगी।

    उन्होंने कहा, ” जब नीयत साफ हो, नीति स्पष्ट हो और तकनीक को स्वीकारने की मानसिकता तो सभी प्रकार का शासन ईमानदार लोगों के लिए बहुत सरल हो जाता है, गलत करने वालों पर पैनी निगरानी की व्यवस्था होती है और देश को अधिक से अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।”

    उन्होंने कहा कि पुरानी सरकारों में एफसीआरए की व्यवस्था फाइलों और प्रक्रियाओं में उलझी हुई और निगरानी से परे थी लेकिन अब इसे मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में आवेदनों की संख्या और दान के प्रवाह में काफी वृद्धि हुई है, जिसे देखते हुए कागजी कार्यवाही में कमी लाना और विदेशी अंशदान पर प्रभावी निगरानी देश की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी हो गया है। एफसीआरए कानून के कारण गलत उद्देश्यों से आने वाले विदेशी अंशदान पर निगरानी बढ़ेगी।

    नयी प्रणाली के माध्यम से भौतिक रूप से दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी और ई-साइन आधारित प्रमाणीकरण, ओसीआर और एनजीओ दर्पण बैंक विवरण प्रणाली जैसी सुविधाएँ सुनिश्चित होंगी। उन्होंने कहा कि यह सारा डेटा सरकारी क्लाउड ‘मेघराज’ पर होने से डेटा चोरी की संभावनाएँ बहुत कम हो जाती हैं। इसके साथ ही अगले कुछ महीनों में एफसीआरए मोबाइल एप्लीकेशन, एआई संचालित चैटबॉट और बैंकों के लिए एक समर्पित ऑनलाइन डैशबोर्ड भी शुरू किया जाएगा।

    शाह ने कहा कि आज ई-ओसीआई कार्ड का भी शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि ओसीआई प्रणाली में आने वाली शुरूआती समस्याओं को इस प्रणाली में दूर कर दिया गया है और इस प्रणाली से 50 लाख से अधिक ओसीआई कार्डधारकों को बहुत सरलता होगी। बीस वर्ष के बाद नया पासपोर्ट जारी होने पर ओसीआई बुकलेट को पुनः जारी करने की आवश्यकता नहीं होगी और कार्डधारकों की पंजीकरण संख्या भी विशेष हो जाएगी।

    इसी प्रकार, डिजिटल ओसीआई कार्ड होने के बाद दस्तावेज खोने या क्षतिग्रस्त होने की समस्या भी समाप्त हो जाएगी और कार्डधारक स्वयं वास्तविक समय पर सत्यापन कर पाएंगे। एफसीआरए 2.0 पोर्टल और ई-ओसीआई कार्ड का शुभारंभ, बेहतर शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए तकनीक का उपयोग करने की गृह मंत्रालय की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और डिजिटल रूप से सशक्त शासन व्यवस्था के निर्माण में योगदान देता है।

    इस अवसर पर केन्द्रीय गृह सचिव, विदेश सचिव और खुफिया ब्यूराे के निदेशक सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

  • Vaiko Accuses DMK Government: वाइको ने पूर्ववर्ती द्रमुक सरकार पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया!

    Vaiko Accuses DMK Government: वाइको ने पूर्ववर्ती द्रमुक सरकार पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया!

    Vaiko Accuses DMK Government: मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एमडीएमके) के महासचिव वाइको ने मंगलवार को तमिलनाडु की पूर्ववर्ती द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। वाइको ने इसके साथ ही यह घोषणा भी की कि उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) के साथ मजबूती से खड़ी है और श्री सी जोसेफ विजय एक कार्यकाल से आगे भी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने रहेंगे।

    वाइको ने चेंगलपट्टू जिले में एक जनसभा को संबोधित करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए दावा किया कि द्रमुक के पांच साल के शासनकाल में हर चीज में ‘कट, कमीशन और भ्रष्टाचार’ का बोलबाला था। उन्होंने कहा कि द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद, उन्होंने गठबंधन धर्म को बनाए रखने के लिए चुप्पी साधे रखी थी।

    एमडीएमके नेता से गठबंधन में रहने के दौरान उनके द्वारा साधी गई चुप्पी को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने इसका बचाव करते हुए कहा कि एक गठबंधन सहयोगी होने के नाते कोई सरकार पर कैसे सवाल उठा सकता है। वाइको ने यह रेखांकित करते हुए कि कथित भ्रष्टाचार के कारण पिछली द्रमुक सरकार के दौरान जनता की नाराजगी चरम पर पहुंच गयी थी, उन्होंने कहा, “कमीशन, कट और रिश्वतखोरी व्यापक हो गयी थी।

    मैंने तब इसके बारे में इसलिए बात नहीं की क्योंकि हम गठबंधन का हिस्सा थे। गठबंधन में रहते हुए किसी सहयोगी की आलोचना करना असम्मानजनक होता।” विजय के नेतृत्व और चुनावी संभावनाओं पर विश्वास व्यक्त करते हुए वाइको ने भविष्यवाणी की कि विजय न केवल अगले पांच वर्षों के लिए मुख्यमंत्री के रूप में काम करेंगे, बल्कि उस अवधि के बाद भी इस पद पर बने रहेंगे।

  • Customs duty exemption: महत्वपूर्ण पेट्रो-रसायन उत्पादों पर सीमा शुल्क में छूट 15 जुलाई तक बढ़ी!

    Customs duty exemption: महत्वपूर्ण पेट्रो-रसायन उत्पादों पर सीमा शुल्क में छूट 15 जुलाई तक बढ़ी!

    Customs duty exemption: पश्चिम एशिया के संकट को देखते हुए सरकार ने महत्वपूर्ण पेट्रो रसायन उत्पादों के आयात पर सीमा शुल्क में छूट की अवधि 15 दिन बढ़ा दी है। सरकार ने इस साल 01 अप्रैल को यह छूट देने की घोषणा की थी। इसकी अवधि तीन महीने की थी जो 30 जून को समाप्त हो रही थी। वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग द्वारा मंगलवार को जारी अधिसूचना के जरिये पूर्व की अधिसूचना में संशोधन कर छूट की अवधि आगे बढ़ायी गयी है।

    इस छूट से पेट्रो-रसायन कच्चे माल और मध्यवर्ती पदार्थों पर निर्भर क्षेत्रों, जैसे प्लास्टिक, पैकेजिंग, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, वाहनों के कल-पूर्जे और अन्य विनिर्माण उद्योगों को लाभ मिलने की संभावना है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं के लिए अंतिम उत्पादों की लागत में कमी आने की उम्मीद है।

    पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उसके कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में उत्पन्न बाधाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने पिछली अधिसूचना के जरिये 30 जून तक महत्वपूर्ण पेट्रो-रसायन उत्पादों के आयात पर पूरी तरह से सीमा शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया था।

    वित्त मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह छूट घरेलू बाजार में पेट्रो-रसायनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रदान की गयी थी क्योंकि पश्चिम एशिया संकट के बीच घरेलू पेट्रोलियम कंपनियों को एलपीजी के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा गया था। मंत्रालय ने कहा है कि चूंकि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, इसलिए प्रभावित क्षेत्रों के लिए सुचारु और बिना किसी व्यवधान के संक्रमण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से छूट की अवधि 15 दिन के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

  • VVMC Update: पहली ही बारिश में बह गए मनपा के दावे, जाम नालों ने खोली प्री-मानसून तैयारियों की पोल!

    VVMC Update: पहली ही बारिश में बह गए मनपा के दावे, जाम नालों ने खोली प्री-मानसून तैयारियों की पोल!

    VVMC Update: नालासोपारा मानसून की पहली ही बारिश ने वसई-विरार शहर महानगरपालिका की प्री-मानसून तैयारियों की वास्तविकता सामने ला दी। नालासोपारा पूर्व के मोरेगांव स्थित विवांता होटल के समीप बहने वाला नाला कचरे, गाद और झाड़ियों से अटा पड़ा मिला, जिससे जलनिकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    गौरतलब है कि मानसून शुरू होने से पहले क्षेत्र के सांसद, विधायक, महापौर, मनपा आयुक्त, सहायक आयुक्त, नगरसेवक और अन्य जनप्रतिनिधि अपने समर्थकों के साथ विभिन्न नालों एवं जलनिकासी व्यवस्था का निरीक्षण करते नजर आए थे। उस समय दावा किया गया था कि बरसात के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

    लेकिन पहली ही बारिश ने इन दावों की हकीकत उजागर कर दी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की प्रभावी सफाई कराई गई होती तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। जाम नालों के कारण पानी की निकासी प्रभावित हो रही है और लगातार बारिश होने पर जलभराव की आशंका बढ़ गई है। इससे आसपास के रहवासियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

    नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब निरीक्षण और दावों के बावजूद पहली ही बारिश में नालों की यह स्थिति है, तो आखिर प्री-मानसून कार्यों की निगरानी कितनी प्रभावी रही? लोगों ने महानगरपालिका प्रशासन से तत्काल नालों की सफाई, जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

  • Case solved in two days: मुंब्रा पुलिस के तकनीकी अध्ययन का नतीजा मुंब्रा से लापता चार नाबालिग लखनऊ में मिले!

    Case solved in two days: मुंब्रा पुलिस के तकनीकी अध्ययन का नतीजा मुंब्रा से लापता चार नाबालिग लखनऊ में मिले!

    Case solved in two days: मुंब्रा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में रहने वाली 15 से 17 वर्ष की तीन लड़कियां और एक 13 वर्षीय लड़का 25 जून को स्कूल जाने का बहाना बनाकर घर से निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे। वे एक दोस्त का जन्मदिन मनाने गए थे और वापस तो आ गए, लेकिन फिर नहीं लौटे। 26 जून को उनके माता-पिता ने मुंब्रा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया।

    पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के साथ-साथ अपहृत लड़की के मोबाइल फोन की लोकेशन की मदद से उत्तर प्रदेश के लखनऊ से चारों बच्चों को सुरक्षित छुड़ा लिया। इसी बीच, इन तीन लड़कियों और लड़के को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले 20 वर्षीय मोहम्मद कैफ अब्दुल कयम खान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, यह जानकारी वापोनी के अनिल शिंदे ने दी।

    25 जून को मुंब्रा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई कि तीन नाबालिग लड़कियां और एक 13 वर्षीय लड़का अपने घर से लापता हो गए हैं। मुंब्रा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल शिंदे ने चार पुलिस टीमें बनाकर तलाशी अभियान शुरू किया। मुंब्रा पुलिस ने मुंब्रा, ठाणे, कल्याण, घाटकोपर और कुर्ला सहित विभिन्न रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की।

    हालांकि, शुरुआत में बच्चों का कोई पता नहीं चला। इसी बीच, पुलिस को लापता बच्चों में से एक के मोबाइल फोन की लोकेशन से सुराग मिला। जमा किए गए मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करने पर पता चला कि लोकेशन उत्तर प्रदेश के लखनऊ में है, इसलिए मुंब्रा पुलिस की एक विशेष टीम लखनऊ पहुंची।

    यूपी पुलिस की मदद से मुंब्रा पुलिस ने लखनऊ के मंडी इलाके से तीन नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित हिरासत में ले लिया। उनके साथ 20 वर्षीय मोहम्मद कैफ अब्दुल कयूम खान भी मिला। ठाणे पुलिस ने उसे भी हिरासत में ले लिया। हालांकि, चारों बच्चों में शामिल 13 वर्षीय लड़का मौके पर नहीं मिला। अन्य बच्चों से मिली जानकारी के आधार पर, मुंब्रा पुलिस ने रेलवे पुलिस के माध्यम से कानपुर रेलवे स्टेशन से उन्हें हिरासत में लिया।

    मुंब्रा पुलिस ने चारों अपहृत बच्चों को उनके परिवारों को सौंप दिया। अपहरण के मामले में किसी और की संलिप्तता का पता लगाने के लिए गहन जांच की जा रही है। साथ ही, बच्चों के अपहरण के पीछे के सटीक कारणों की भी जांच की जाएगी, यह जानकारी वापोनी अनिल शिंदे ने दी।

  • RTE Admission 2026: आरटीई के तहत प्रवेश मिलने के बावजूद विद्यार्थियों को स्कूल में दाखिला नहीं, अभिभावकों का आरोप; शिक्षा विभाग ने शुरू की कार्रवाई!

    RTE Admission 2026: आरटीई के तहत प्रवेश मिलने के बावजूद विद्यार्थियों को स्कूल में दाखिला नहीं, अभिभावकों का आरोप; शिक्षा विभाग ने शुरू की कार्रवाई!

    RTE Admission 2026: आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत प्रवेश आवंटित होने के बावजूद मुलुंड (पूर्व) स्थित बॉम्बे प्रेसिडेंसी इंटरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों को वास्तविक प्रवेश नहीं दिए जाने का आरोप अभिभावकों ने लगाया है। इस मामले में अभिभावकों ने शिक्षा विभाग तथा बाल अधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कर न्याय की मांग की है। अभिभावकों का आरोप है कि अप्रैल 2026 से स्कूल प्रबंधन लगातार अलग-अलग कारण बताकर प्रवेश प्रक्रिया टालता रहा।

    कभी 15 जून को आने के लिए कहा गया, कभी आरटीई के तहत प्रवेश देने से इनकार किया गया। वहीं, कभी नर्सरी कक्षा बंद होने और कभी नर्सरी किसी अन्य संस्था को संचालित करने के लिए दिए जाने की बात कही गई। इतना ही नहीं, अभिभावकों को मुलुंड (पश्चिम) स्थित मराठी विद्यामंदिर स्कूल में प्रवेश लेने की सलाह भी दी गई। 15 जून को स्कूल द्वारा दी गई तारीख के अनुसार सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचे अभिभावकों को फिर भी प्रवेश नहीं दिया गया।

    इस बीच अन्य विद्यार्थियों की कक्षाएं शुरू हुए 15 दिनों से अधिक समय बीत चुका है, जिससे संबंधित बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। 29 जून को अभिभावकों ने उत्तर विभाग, चेंबूर के शिक्षा अधिकारी मुस्ताक शेख से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद उप शिक्षा निदेशक कांबले से भी मिलकर शिकायत प्रस्तुत की गई। अभिभावकों के अनुसार, उप शिक्षा निदेशक ने इस मामले की सुनवाई गुरुवार को करने का आश्वासन दिया है।

    वहीं, शिक्षा अधिकारी मुस्ताक शेख ने संबंधित स्कूल को नोटिस जारी कर आरटीई के तहत पात्र विद्यार्थियों को तत्काल प्रवेश देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि आदेश का पालन नहीं होने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (आरटीई अधिनियम) के तहत प्रत्येक पात्र बच्चे को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। अधिनियम की धारा 12(1)(सी) के अनुसार निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निर्धारित प्रतिशत सीटों पर प्रवेश देना अनिवार्य है।

    यदि आरटीई पोर्टल पर प्रवेश आवंटित होने के बाद भी किसी पात्र विद्यार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाता है, तो यह अधिनियम के उद्देश्य और प्रावधानों के अनुरूप गंभीर प्रश्न खड़े करता है तथा संबंधित प्राधिकरण द्वारा इसकी जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। इस पूरे मामले ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि आरटीई के तहत चयनित बच्चों को भी स्कूल में प्रवेश नहीं मिलता, तो क्या यह शिक्षा के अधिकार की भावना के विपरीत नहीं है? यदि कुछ स्कूलों की मनमानी और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के कारण बच्चे पूरे शैक्षणिक वर्ष शिक्षा से वंचित रह जाते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?

    अभिभावकों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में जवाबदेही तय की जाए ताकि किसी भी बच्चे का भविष्य प्रभावित न हो। इस मामले की शिकायत बाल अधिकार आयोग में भी की गई है। अभिभावकों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर बच्चों को तत्काल प्रवेश दिलाया जाए, उनका शैक्षणिक नुकसान रोका जाए और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। अब सभी की नजर इस बात पर है कि शिक्षा विभाग इस मामले में कितनी प्रभावी कार्रवाई कर विद्यार्थियों को समय पर न्याय दिला पाता है।यदि इसे इन्वेस्टिगेटिव न्यूज़, टीवी पैकेज, या वेब पोर्टल की शैली में और अधिक प्रभावशाली बनाना हो, तो मैं वह संस्करण भी तैयार कर सकता हूँ।

  • Pulse Polio campaign: ठाणे डिस्ट्रिक्ट रूरल में पल्स पोलियो कैंपेन पर अचानक रिस्पॉन्स; 1 लाख 17 हज़ार से ज़्यादा बच्चों को पोलियो की रोकथाम वाली डोज़ दी गई!

    Pulse Polio campaign: ठाणे डिस्ट्रिक्ट रूरल में पल्स पोलियो कैंपेन पर अचानक रिस्पॉन्स; 1 लाख 17 हज़ार से ज़्यादा बच्चों को पोलियो की रोकथाम वाली डोज़ दी गई!

    Pulse Polio campaign: नेशनल पल्स पोलियो वैक्सीनेशन कैंपेन के तहत, 0 से 5 साल के बच्चों को पोलियो की रोकथाम वाली डोज़ देने का एक बड़ा कैंपेन रविवार, 28 जून, 2026 को ठाणे डिस्ट्रिक्ट रूरल में सफलतापूर्वक चलाया गया। ज़िले के पांच तालुकों शाहपुर, मुरबाद, भिवंडी, कल्याण और अंबरनाथ में 1,699 वैक्सीनेशन बूथ पर कुल 1 लाख 17 हज़ार 249 बच्चों को पोलियो की डोज़ दी गई।

    तालुका के हिसाब से डेटा के मुताबिक, शाहपुर तालुका में 490 बूथ पर उम्मीद के मुताबिक 27,400 बच्चों में से 26,173 बच्चों को पोलियो की रोकथाम की डोज़ दी गई। मुरबाद तालुका में, उम्मीद के मुताबिक 12,050 बच्चों में से 11,692 बच्चों को 330 बूथ पर वैक्सीन लगाई गई। भिवंडी तालुका में, उम्मीद के मुताबिक 41,052 बच्चों में से 35,673 बच्चों को 445 बूथ पर डोज़ दी गई।

    कल्याण तालुका में, उम्मीद के मुताबिक 28,752 बेनिफिशियरी में से 25,952 बच्चों को 235 बूथ पर वैक्सीन लगाई गई, जबकि अंबरनाथ तालुका में उम्मीद के मुताबिक 19,163 बच्चों में से 17,759 बच्चों को 199 बूथ पर पोलियो की रोकथाम की डोज़ दी गई। यह कैंपेन भिवंडी के प्राइमरी हेल्थ सेंटर पडघा में MLA शांताराम मोरे ने शुरू किया। इसके अलावा, MLA राजेश मोरे की मौजूदगी में ताल कल्याण के निलजे प्राइमरी हेल्थ सेंटर में पल्स पोलियो कैंपेन शुरू किया गया।

    कैंपेन के दौरान, नेशनल हेल्थ मिशन के जॉइंट डायरेक्टर डॉ. बालासाहेब सोनवणे, ठाणे सर्कल के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अशोक नंदपुरकर, डिस्ट्रिक्ट सर्जन डॉ. कैलास पवार, डिस्ट्रिक्ट हेल्थ ऑफिसर डॉ. गंगाधर पारगे, डिस्ट्रिक्ट मैटरनल एंड चाइल्ड वेलफेयर ऑफिसर डॉ. स्वाति शिंदे, डिस्ट्रिक्ट आयुष ऑफिसर डॉ. बालाजी गावड़े और डिस्ट्रिक्ट एक्सटेंशन एंड मीडिया ऑफिसर संजय जाधव ने अलग-अलग वैक्सीनेशन सेंटर्स का दौरा किया और कैंपेन को सुपरवाइज़ किया।

    ठाणे जिले में, डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल और डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रंजीत यादव के गाइडेंस में यह कैंपेन असरदार तरीके से चलाया गया। कैंपेन को कामयाब बनाने के लिए हेल्थ डिपार्टमेंट, आंगनवाड़ी वर्कर्स, आशा वॉलंटियर्स, लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट बॉडीज़, वॉलंटरी ऑर्गनाइज़ेशन्स और सभी संबंधित ऑफिसर्स और एम्प्लॉइज ने कोऑर्डिनेशन से काम किया।

    डिस्ट्रिक्ट हेल्थ ऑफिसर डॉ. गंगाधर पारगे ने कहा कि जिले में एक भी बच्चा पोलियो वैक्सीन से वंचित नहीं रहेगा। 0 से 5 साल के सभी बच्चे जो रविवार को बूथ पर आकर डोज़ नहीं लगवा पाए, उन्हें अगले तीन दिनों तक घर-घर जाकर वैक्सीन लगाई जाएगी। “पोलियो-फ्री इंडिया के रास्ते को और मज़बूत करने के लिए यह ज़रूरी है कि हर बच्चे को पोलियो वैक्सीन मिले। यह कैंपेन हेल्थ डिपार्टमेंट, आशा और आंगनवाड़ी वर्कर्स और लोकल बॉडीज़ की मिली-जुली कोशिशों से सफल हुआ है।

    जिन पेरेंट्स के बच्चों को अभी तक वैक्सीन नहीं लगी है, वे हेल्थ वर्कर्स के घर जाकर वैक्सीन लगवाने में उनका साथ दें और यह पक्का करें कि हर बच्चा पोलियो से सुरक्षित रहे।” – ज़िला परिषद के चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव ऑफ़िसर रंजीत यादव। पोलियो जैसी गंभीर बीमारी को हमेशा के लिए हराने के लिए हर बच्चे का वैक्सीनेशन ज़रूरी है, और एडमिनिस्ट्रेशन ने पेरेंट्स से हेल्थ डिपार्टमेंट के इस कैंपेन में एक्टिवली हिस्सा लेने की अपील की है।

  • RTE 25% Admission Process 2026-27: RTE 25 परसेंट एडमिशन प्रोसेस 2026-27 के वेटिंग लिस्ट का तीसरा राउंड शुरू!

    RTE 25% Admission Process 2026-27: RTE 25 परसेंट एडमिशन प्रोसेस 2026-27 के वेटिंग लिस्ट का तीसरा राउंड शुरू!

    RTE 25% Admission Process 2026-27: राइट टू एजुकेशन एक्ट (RTE) 2009 के तहत प्राइवेट अनएडेड स्कूलों में 25 परसेंट रिज़र्व सीटों के लिए एडमिशन प्रोसेस 2026-27 के लिए वेटिंग लिस्ट के तीसरे राउंड को 24 जून, 2026 से 03 जुलाई, 2026 तक का समय दिया गया है। RTE 25 परसेंट एडमिशन प्रोसेस के तहत वेटिंग लिस्ट के दूसरे राउंड में 281 स्टूडेंट्स को एडमिशन मिला है और कुल 9 हज़ार 215 स्टूडेंट्स का एडमिशन प्रोसेस पूरा हो चुका है।

    यह एडमिशन प्रोसेस राज्य सरकार के स्कूल एजुकेशन और स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट के निर्देशों के अनुसार और महाराष्ट्र राज्य के डायरेक्टर ऑफ़ एजुकेशन (प्राइमरी) के गाइडेंस में लागू किया जा रहा है। एडमिशन प्रोसेस का दूसरा राउंड पूरा होने के बाद खाली बची सीटों पर वेटिंग लिस्ट में शामिल एलिजिबल स्टूडेंट्स को एडमिशन का मौका देने के लिए तीसरा राउंड शुरू किया गया है।

    इस राउंड में चुने गए स्टूडेंट्स के पेरेंट्स RTE एडमिशन पोर्टल पर दी गई जानकारी के अनुसार, तय समय में ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ संबंधित स्कूल में जाकर एडमिशन प्रोसेस पूरा करें। अगर डेडलाइन के अंदर एडमिशन कन्फर्म नहीं होता है, तो संबंधित सीट अगले एलिजिबल स्टूडेंट को दे दी जाएगी। पेरेंट्स एडमिशन प्रोसेस के लिए ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स, रेजिडेंस प्रूफ, बर्थ सर्टिफिकेट, आधार कार्ड और सरकार द्वारा बताए गए दूसरे डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें।

    एडमिशन प्रोसेस के दौरान किसी भी तरह की मुश्किल होने पर, संबंधित ग्रुप एजुकेशन ऑफिसर के ऑफिस, एजुकेशन डिपार्टमेंट या RTE हेल्पडेस्क पर कॉन्टैक्ट करें। सरकार का मकसद RTE के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े ग्रुप के स्टूडेंट्स को अच्छी क्वालिटी की पढ़ाई के मौके देना है, और एजुकेशन डिपार्टमेंट ने एलिजिबल पेरेंट्स से इस मौके का फायदा उठाने की अपील की है।

    “शिक्षा का अधिकार हर बच्चे का बुनियादी अधिकार है। RTE एडमिशन प्रोसेस के ज़रिए, अच्छी शिक्षा का मौका समाज के पिछड़े और कमज़ोर तबके तक पहुँच रहा है। वेटिंग लिस्ट के तीसरे राउंड में चुने गए स्टूडेंट्स के माता-पिता तय समय में एडमिशन प्रोसेस पूरा करें और इस मौके का फ़ायदा उठाएँ,” चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव ऑफ़िसर रंजीत यादव ने अपील की।

  • Mumbra Police’s Bold Action: मुंब्रा पुलिस की ढाई साल से साहसिक कार्रवाई; नशीली दवाओं के खिलाफ अभियान पूरी रफ्तार से जारी!

    Mumbra Police’s Bold Action: मुंब्रा पुलिस की ढाई साल से साहसिक कार्रवाई; नशीली दवाओं के खिलाफ अभियान पूरी रफ्तार से जारी!

    Mumbra Police’s Bold Action: आंकड़ों से पता चलता है कि मुंब्रा पुलिस स्टेशन की सीमा के भीतर स्थित एक बहुसंख्यक मुस्लिम क्षेत्र में संवेदनशील मुंब्रा पुलिस स्टेशन का सफलतापूर्वक कार्यभार संभालने वाले कांस्टेबल अनिल शिंदे ने मुंब्रा क्षेत्र में मादक पदार्थों के व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए निर्णायक कार्रवाई की और 1 जनवरी, 2024 से जून 2026 तक ढाई वर्षों के दौरान 36 करोड़ 61 लाख 39 हजार 335 रुपये मूल्य की ड्रग्स जब्त करके तस्करों की कमर तोड़ दी।

    मुंब्रा पुलिस स्टेशन का इलाका नशीले पदार्थों का गढ़ बन गया था। जब यह बात सामने आई कि नशीले पदार्थों के तस्कर मुंब्रा इलाके के खुदरा व्यापारियों को नशीले पदार्थों की आपूर्ति कर रहे हैं, तो मुंब्रा पुलिस ने कड़ी कार्रवाई शुरू की, जिससे नशीले पदार्थों के तस्कर मुंब्रा से भागकर ठाणे शहर में बसने को मजबूर हो गए। मुंब्रा इलाके में बड़ी संख्या में नशीले पदार्थों के तस्कर, खुदरा व्यापारी और नशेड़ी मौजूद हैं।

    ठाणे पुलिस आयुक्त आशुतोष दुंबरे के आदेश पर, मुंब्रा पुलिस स्टेशन के अधीक्षक अनिल शिंदे ने एक नशीले पदार्थों के खिलाफ दस्ते का गठन किया और कार्रवाई शुरू की। ठाणे शहर अपराध नशीले पदार्थों के खिलाफ दस्ते ने भी इसमें सहयोग किया। ढाई साल के भीतर, मुंब्रा पुलिस ने नशीले पदार्थों के रूप में इस्तेमाल होने वाले एमडी (मेट्रोपॉलिन) का बड़ा जखीरा जब्त किया। अधीक्षक अनिल शिंदे ने बताया कि कुल 31 करोड़ 47 लाख 13 हजार 700 रुपये मूल्य का एमडी जब्त किया गया। जब्त की गई वस्तुओं में सबसे अधिक गांजा था।

    मादक पदार्थों से संबंधित 68 अपराध; एनडीपीएस के तहत 1,252 मामला दर्ज
    1 जनवरी 2024 से जून 2026 तक ढाई वर्षों की अवधि में, मुंब्रा पुलिस ने नशे के प्रभाव में आए 1,252 नशाखोरों के खिलाफ एनडीपीएस के तहत कार्रवाई की है। इसमें, वर्ष 2024 में 505 नशाखोरों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए और 505 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वर्ष 2025 में, एनडीपीएस के तहत 450 नशाखोरों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए और उन्हें गिरफ्तार किया गया।

    जून 2026 से शुरू होने वाले छह महीनों में, मुंब्रा पुलिस ने 297 नशाखोरों के खिलाफ कार्रवाई की और उन्हें गिरफ्तार किया। पिछले ढाई वर्षों में, मुंब्रा पुलिस ने एनडीपीएस के तहत 68 लोगों के खिलाफ ड्रग्स की तस्करी, कब्जे या खुदरा बिक्री के आरोप में मामले दर्ज किए हैं और 143 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

    मुंब्रा पुलिस द्वारा इस अभियान में जब्त की गई वस्तुएं:
    एमडी ……………………………31 करोड़ 47 लाख 13 हजार 700
    कैनाबिस …………………………2 करोड़ 83 लाख 64 हजार 685
    हशीश ………………………… 2 करोड़ 14 लाख 79 हजार 500
    कोरेक्स बोतल ………………… 14 लाख 32 हजार 350
    अन्य संबंधित अपराध …………… 1 लाख 49 हजार 100
    कुल …………………………… 36 करोड़ 61 लाख 39 हजार 335

  • Launch of Agnishila: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों अग्निशिला विशेषांक का लोकार्पण!

    Launch of Agnishila: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों अग्निशिला विशेषांक का लोकार्पण!

    Launch of Agnishila: मुंबई के मलबार हिल स्थित वर्षा सरकारी निवासस्थान पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों “अग्निशिला” हिंदी मासिक के 22 वें स्थापना दिवस विशेषांक का लोकार्पण संपन्न हुआ।

    गत दो दशकों से “अग्निशिला” मासिक सामाजिक मुद्दों, जनहित, सूचना का अधिकार (RTI) और जनजागरण के क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। संपादक अनिल वेदव्यास गलगली के संपादकीय नेतृत्व में यह मासिक एक सशक्त जनआंदोलन बनकर उभरा है, जो समाज की बेचैनी, समस्याएं और परिवर्तन की आवाज़ को प्रभावशाली ढंग से सामने लाता है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने “अग्निशिला” की सामाजिक प्रतिबद्धता की सराहना की और संपादक अनिल गलगली को उनके कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।