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  • NEET-UG 2026: पहली ही कोशिश में 596 अंक और AIR 11,470 हासिल कर भिवंडी के शेख वामिक ने बढ़ाया शहर का मान

    NEET-UG 2026: पहली ही कोशिश में 596 अंक और AIR 11,470 हासिल कर भिवंडी के शेख वामिक ने बढ़ाया शहर का मान

    स्वामी विवेकानंद हाई स्कूल एंड जूनियर कॉलेज में हुआ सम्मान, शिक्षकों, अभिभावकों और गणमान्य लोगों ने दी शुभकामनाएं

    भिवंडी | संवाददाता

    राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के परिणामों में भिवंडी के मेधावी छात्र शेख वामिक अब्दुल वदूद ने पहली ही कोशिश में शानदार सफलता हासिल कर शहर का नाम रोशन किया है। स्वामी विवेकानंद हाई स्कूल एंड जूनियर कॉलेज के छात्र शेख वामिक ने 596 अंक प्राप्त करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 11,470 हासिल की है।

    उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर निशांत एज्युकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी द्वारा संचालित स्वामी विवेकानंद हाई स्कूल एंड जूनियर कॉलेज में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के मुख्याध्यापक एल. यू. पाल, निशांत सर, शिक्षकगण, अभिभावक, छात्र-छात्राएं तथा शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने शेख वामिक और उनके माता-पिता को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    नीट जैसी देश की सबसे कठिन और प्रतिस्पर्धी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में पहली ही बार सफलता प्राप्त कर शेख वामिक ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और कठिन परिश्रम का परिचय दिया है। उनकी सफलता से परिवार, विद्यालय और पूरे भिवंडी शहर में खुशी का माहौल है।

    शेख वामिक के पिता अब्दुल वदूद मोहम्मद दीन शेख भिवंडी के अमजदिया हाई स्कूल में शिक्षक हैं। बेटे की इस उपलब्धि पर परिवार में हर्ष का वातावरण है। शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी शेख वामिक की सफलता की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

    सम्मान समारोह में कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों के बड़ी संख्या में अभिभावक भी उपस्थित रहे और सभी ने शेख वामिक की सफलता को अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताया।

  • Two Rape Cases Reported in Bhiwandi: शादी का झांसा देकर युवती से संबंध बनाने वाला गिरफ्तार, जीजा पर साली से दुष्कर्म का केस

    Two Rape Cases Reported in Bhiwandi: शादी का झांसा देकर युवती से संबंध बनाने वाला गिरफ्तार, जीजा पर साली से दुष्कर्म का केस

    नारपोली पुलिस ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार, दूसरे मामले में कर्नाटक पुलिस से मिली जांच के बाद फरार आरोपी की तलाश जारी

    भिवंडी | संवाददाता

    भिवंडी के नारपोली पुलिस थाना क्षेत्र में दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं।(Two Rape Cases Reported in Bhiwandi) पहले मामले में शादी का झांसा देकर युवती से शारीरिक संबंध बनाने और बाद में शादी से इनकार करने के आरोप में पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दूसरे मामले में एक महिला ने अपने जीजा पर लंबे समय तक दुष्कर्म करने और बदनामी की धमकी देने का आरोप लगाया है। इस मामले में कर्नाटक पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरण की जांच अब नारपोली पुलिस को सौंप दी गई है।

    पुलिस के अनुसार शांतिनगर क्षेत्र की 21 वर्षीय युवती ने शिकायत दर्ज कराई कि गुलजार नगर निवासी शाकीर हारुन शेख (28) ने उसे मिलने के बहाने वन्हालदेवी मंदिर के सामने स्थित पहाड़ी क्षेत्र में बुलाया। वहां आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए। शिकायत के अनुसार 15 अप्रैल 2026 को आरोपी ने युवती को रांजणोली नाका स्थित एक होटल में बुलाकर फिर से उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब युवती ने शादी की बात की तो आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया और उसे धमकी दी।

    पीड़िता की शिकायत पर नारपोली पुलिस ने मामला दर्ज कर 22 जुलाई 2026 को आरोपी शाकीर हारुन शेख को गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच महिला पुलिस उपनिरीक्षक सोनाली पाटील कर रही हैं।

    दूसरे मामले में पूर्णा क्षेत्र की 28 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया है कि उसके पति की अनुपस्थिति में उसके जीजा अशोक रामू राठौर (30) ने 5 मार्च 2024 से दिसंबर 2025 के बीच कई बार घर में घुसकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया तथा बदनामी की धमकी दी।

    प्रताड़ना से परेशान होकर महिला ने 19 जून को कर्नाटक के कलबुर्गी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। वहां मामला दर्ज करने के बाद जांच 22 जुलाई को भिवंडी के नारपोली पुलिस को स्थानांतरित कर दी गई। नारपोली पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2), 64(2)(एम) एवं 351(2) के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

  • Delhi Parliament March Student Protests Farmers Support Government Opposition: दिल्ली संसद मार्च के बाद आंदोलन तेज, कई राज्यों में छात्र संगठनों और किसानों ने समर्थन का किया ऐलान

    Delhi Parliament March Student Protests Farmers Support Government Opposition: दिल्ली संसद मार्च के बाद आंदोलन तेज, कई राज्यों में छात्र संगठनों और किसानों ने समर्थन का किया ऐलान

    नई दिल्ली। संसद मार्च के दौरान दिल्ली में हुए प्रदर्शन के बाद आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच हुई झड़पों के बाद अब कई राज्यों के छात्र संगठनों और किसान संगठनों ने भी आंदोलन के समर्थन का ऐलान किया है।

    प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव देखने को मिला। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। वहीं कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव की भी घटनाएं सामने आईं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इन घटनाओं में 50 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी सूचना है।

    Delhi Parliament March Student Protests Farmers Support Government Opposition

    प्रदर्शन के बाद देर रात जंतर-मंतर और अन्य स्थानों पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसी दौरान पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ किसान समूहों ने भी आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ कुछ लोगों के वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं। हालांकि, इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

    आंदोलन से जुड़े संगठनों का दावा है कि उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों के छात्र संगठन भी विरोध-प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, मुंबई और अन्य शहरों में प्रदर्शन की घोषणाएं की गई हैं।

    इस बीच आंदोलनकारी संगठनों ने कहा है कि उनकी मांगें पूरी होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। दूसरी ओर प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

    फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से आंदोलन के विस्तार और विभिन्न संगठनों के समर्थन के दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की है।

  • (DELHI PARLIAMENT MARCH VIOLENCE) दिल्ली संसद मार्च में बवाल: आंसू गैस, लाठीचार्ज और पथराव; 50 से अधिक पुलिसकर्मी घायल, CJP ने रखीं तीन मांगें

    (DELHI PARLIAMENT MARCH VIOLENCE) दिल्ली संसद मार्च में बवाल: आंसू गैस, लाठीचार्ज और पथराव; 50 से अधिक पुलिसकर्मी घायल, CJP ने रखीं तीन मांगें

    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में संसद मार्च के दौरान जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगहों पर झड़पें हुईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। वहीं, प्रदर्शनकारियों की ओर से कई स्थानों पर पथराव किए जाने की भी सूचना है, जिसमें 50 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए।

    दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, घायल पुलिसकर्मियों में 10 से अधिक भारतीय पुलिस सेवा (IPS) तथा दिल्ली, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह पुलिस सेवा (DANIPS) के अधिकारी भी शामिल हैं। सभी घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि घायलों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई कर्मियों का इलाज अभी जारी है। दूसरी ओर, झड़पों में कई प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं।

    DELHI PARLIAMENT MARCH VIOLENCE

    शाम करीब चार बजे सुरक्षा बलों ने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को समाप्त कराने के लिए कार्रवाई की। प्रदर्शन स्थल पर लगाए गए टेंट हटाए गए और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया गया। इसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।

    इस बीच CJP के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। बैठक के बाद जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन और अनशन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार से बातचीत का प्रस्ताव आया और सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा हुई। हालांकि CJP ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

    CJP की तीन प्रमुख मांगें

    • शिक्षा मंत्री का इस्तीफा।
    • सोनम वांगचुक को रिहा किया जाए तथा उनके आने-जाने पर किसी प्रकार की रोक न लगाई जाए।
    • नीट पेपर लीक से आहत होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

    फिलहाल CJP की इन मांगों पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं पुलिस ने हिंसा, पथराव और कानून-व्यवस्था भंग करने की घटनाओं की जांच शुरू कर दी है।

  • गुरुग्राम में ब्लड प्रेशर की नकली दवाओं का बड़ा रैकेट बेनकाब, 178 स्ट्रिप जब्त; दो आरोपी गिरफ्तार

    गुरुग्राम में ब्लड प्रेशर की नकली दवाओं का बड़ा रैकेट बेनकाब, 178 स्ट्रिप जब्त; दो आरोपी गिरफ्तार

    गुरुग्राम। हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने गुरुग्राम और दिल्ली पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए ब्लड प्रेशर (BP) की नकली दवाओं की आपूर्ति करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान Telma-AM (Telmisartan 40 mg + Amlodipine 5 mg) की 178 स्ट्रिप नकली दवा जब्त की गईं। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

    एफडीए अधिकारियों को गुरुग्राम में ब्लड प्रेशर की नकली दवाएं बाजार में बेचे जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद तीन ड्रग कंट्रोल अधिकारियों की संयुक्त टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान बैच संख्या 05251007A वाली Telma-AM दवा की 178 स्ट्रिप बरामद हुईं।

    पैकेजिंग में मिले कई अंतर

    सप्लाई चेन की जांच में अधिकारियों ने पाया कि समान बैच नंबर होने के बावजूद नकली और असली दवाओं की पैकेजिंग, प्रिंटिंग, फॉन्ट, वॉटरमार्क और चेतावनी संदेश में स्पष्ट अंतर था। कई स्ट्रिप पर ओवर प्रिंटिंग की गई थी, जबकि क्यूआर कोड भी असली दवा से अलग पाया गया। इन तकनीकी खामियों के आधार पर दवाओं के नकली होने की पुष्टि हुई।

    दिल्ली और मुरादाबाद से दो गिरफ्तार

    जांच के दौरान एफडीए ने दिल्ली के ओखला फेज-2 स्थित श्री बालाजी फार्मापोरियम के पार्टनर सुब्रत द्विवेदी, निवासी घिटोरनी (दिल्ली), को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि उसकी फर्म को नकली दवाओं की आपूर्ति उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के एक कारोबारी द्वारा की गई थी।

    इसके बाद टीम ने मुरादाबाद के शेखपुर थाना क्षेत्र के नोशाना गांव में छापेमारी कर दवा व्यापारी मोहम्मद जुवेर को भी गिरफ्तार कर लिया।

    रुड़की में बनती थीं नकली दवाएं

    प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि नकली ब्लड प्रेशर की दवाओं का निर्माण उत्तराखंड के रुड़की में किया जाता था। वहां से दवाओं को लखनऊ के रास्ते हरियाणा, दिल्ली और अन्य राज्यों में सप्लाई किया जाता था।

    एफडीए और पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि नकली दवाओं की सप्लाई किन-किन राज्यों और मेडिकल स्टोर्स तक की गई थी।

  • NEET पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ CJP का संसद मार्च, दिल्ली में भारी हंगामा; पुलिस से झड़प, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में

    NEET पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ CJP का संसद मार्च, दिल्ली में भारी हंगामा; पुलिस से झड़प, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में

    नई दिल्ली, 20 जुलाई। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले और देश में बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा सोमवार को आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान राजधानी दिल्ली में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर से संसद की ओर कूच कर रहे प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, धक्का-मुक्की तथा कथित लाठीचार्ज की घटनाएं सामने आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े।

    CJP ने मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को कथित रूप से दिल्ली पुलिस द्वारा भूख हड़ताल स्थल से जबरन अस्पताल ले जाने के विरोध में ‘चलो संसद’ मार्च का आह्वान किया था। पार्टी के समर्थन में देशभर से छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी तथा उनके अभिभावक बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पर एकत्र हुए।

    जंतर-मंतर से संसद तक कड़ी सुरक्षा

    संसद के मानसून सत्र को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। संसद भवन और उसके आसपास के क्षेत्रों को हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया। जंतर-मंतर से संसद मार्ग तक तथा दिल्ली के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में 5,000 से अधिक पुलिसकर्मी, अर्धसैनिक बल और सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए।

    पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, लेकिन कई प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर रेल भवन और विजय चौक तक पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और भीड़ को तितर-बितर किया। कुछ समय के लिए संसद भवन के मुख्य प्रवेश द्वारों सहित साउथ गेट को भी बंद कर दिया गया।

    भूख हड़ताल को लेकर विवाद

    CJP के अनुसार, जंतर-मंतर पर 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस जबरन अस्पताल ले गई। इसके बाद पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल शुरू की। पार्टी का कहना है कि कई अन्य कार्यकर्ता भी उनके साथ अनशन पर बैठे थे।

    बाद में पार्टी की ओर से जानकारी दी गई कि अभिजीत दीपके ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। वहीं CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि पुलिस ने दीपके को हिरासत में ले लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

    शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

    CJP लगातार NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। पार्टी का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।

    विपक्ष ने सरकार को घेरा

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों के प्रति असंवेदनशील रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से परीक्षाओं का संचालन नहीं करा सकती, तो इसकी जिम्मेदारी किसी सक्षम संस्था को सौंपनी चाहिए। उन्होंने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज को लोकतंत्र पर हमला बताया।

    कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि पूरा विपक्ष संसद में पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है। उनके अनुसार, सरकार की नीतियों से शिक्षा व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है।

    कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था तो पुलिस कार्रवाई की आवश्यकता समझ से परे है।

    अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

    दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों की मांगों पर ध्यान देने के बजाय उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है।

    तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने भी प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन शुरू होने के बाद इंटरनेट सेवाएं बाधित की गईं और छात्रों के साथ कठोर व्यवहार किया गया।

    संसद की सुरक्षा और बढ़ाई गई

    प्रदर्शनकारियों के संसद परिसर के निकट पहुंचने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संसद भवन की सुरक्षा और कड़ी कर दी। विजय चौक, रायसीना रोड, रेल भवन और ट्रांसपोर्ट भवन के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल, सीआरपीएफ और संसद सुरक्षा बल को तैनात किया गया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने में सफलता पाई।

    इस बीच सूत्रों के अनुसार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्थिति को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की।

    फिलहाल दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनी हुई है और पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है।

  • Varsha Gaikwad Demands Answers on TET Paper Leak: राजनीतिक बयानबाजी छोड़ सरकार बताए पेपर लीक कैसे हुआ, लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़:वर्षा गायकवाड

    मुंबई | महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद वर्षा गायकवाड ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सवाल किया कि सरकार पहले यह बताए कि परीक्षा का पेपर लीक कैसे हुआ, उसके बाद राजनीतिक बयानबाजी करे।

    वर्षा गायकवाड ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने TET पेपर लीक को लेकर छात्रों के हित में गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना था कि यदि सरकार की व्यवस्था इतनी मजबूत थी तो लाखों अभ्यर्थियों की परीक्षा रद्द करने की नौबत क्यों आई। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक होना सरकार और परीक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता है।

    Varsha Gaikwad Demands Answers on TET Paper Leak

    उन्होंने कहा कि केवल आरोपियों की गिरफ्तारी से सरकार अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकती। परीक्षा प्रणाली में हुई चूक की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, इसलिए सरकार को ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था करनी चाहिए।

    मुख्यमंत्री के इस बयान पर कि पेपर लीक से पहले ही आरोपियों को पकड़ लिया गया था, वर्षा गायकवाड ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सब कुछ नियंत्रण में था तो परीक्षा रद्द क्यों करनी पड़ी। उन्होंने पूछा कि लाखों विद्यार्थियों के समय, मेहनत और मानसिक तनाव की जिम्मेदारी कौन लेगा।

  • Atul Londhe’s Ram Mandir Remark Sparks Row: भाजपा का भगवान राम से कोई सरोकार नहीं, उनके सिर्फ नाथूराम हैं : अतुल लोंढे पाटिल

    Atul Londhe’s Ram Mandir Remark Sparks Row: भाजपा का भगवान राम से कोई सरोकार नहीं, उनके सिर्फ नाथूराम हैं : अतुल लोंढे पाटिल

    ‘लाडली बहन’ योजना में 62 लाख महिलाओं को ई-केवाईसी के नाम पर रोका गया: कांग्रेस

    नई दिल्ली/मुंबई | महाराष्ट्र की ‘लाडली बहन’ योजना को लेकर कांग्रेस ने भाजपा नेतृत्व वाली महायुति सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि सरकार ने विभिन्न कारणों का हवाला देकर करीब 38 प्रतिशत लाभार्थी महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया, जिससे लाखों महिलाएं अपने अधिकार से वंचित हो गई हैं।

    नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने आरोप लगाया कि सरकार ने 62 लाख महिलाओं को ई-केवाईसी पूरा न होने का कारण बताकर योजना के लाभ से वंचित कर दिया। वहीं, करीब 1.80 लाख महिलाओं को 65 वर्ष से अधिक आयु का हवाला देकर अपात्र घोषित किया गया।

    उन्होंने कहा कि आवेदन के समय महिलाओं ने आधार कार्ड जमा किए थे, जिनमें उनकी जन्मतिथि दर्ज थी। ऐसे में अब उम्र का आधार बनाकर लाभ रोकना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के पास स्मार्टफोन नहीं होने के बावजूद उनसे ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया, जिसके कारण बड़ी संख्या में पात्र महिलाएं योजना से बाहर हो गईं।

    कांग्रेस ने ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में इस्तेमाल किए जा रहे जटिल कैप्चा सिस्टम पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे अशिक्षित और ग्रामीण महिलाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी करना कठिन हो गया।

    अतुल लोंढे पाटिल ने कैग (CAG) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि स्वीकृत राशि से अधिक खर्च को लेकर उठाए गए सवालों का सरकार के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं है। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन, कथित अनियमितताओं और अपात्र लोगों को लाभ मिलने के मामलों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

    (Ram vs Nathuram Remark Fuels Political Clash)

    पत्रकार वार्ता के दौरान अतुल लोंढे पाटिल ने अयोध्या राम मंदिर दान चोरी प्रकरण का उल्लेख करते हुए भाजपा पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा, “भाजपा का भगवान राम से कोई सरोकार नहीं है, उनके सिर्फ नाथूराम हैं। इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा के लिए हिंदुत्व केवल दिखावा है।”

  • MHADA to Decide Aditya Society Redevelopment Dispute:आदित्य सहकारी गृहनिर्माण संस्था के पुनर्विकास विवाद पर म्हाडा के फैसले का इंतजार, डिप्टी रजिस्ट्रार अभिजीत देशपांडे पर टिकीं रहिवासियों की निगाहें

    MHADA to Decide Aditya Society Redevelopment Dispute:आदित्य सहकारी गृहनिर्माण संस्था के पुनर्विकास विवाद पर म्हाडा के फैसले का इंतजार, डिप्टी रजिस्ट्रार अभिजीत देशपांडे पर टिकीं रहिवासियों की निगाहें

    15 जुलाई 2026 को होने वाली सुनवाई सच बनाम भष्टाचार की लड़ाई की है

    मुंबई | प्रतिनिधि

    घाटकोपर स्थित आदित्य को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी लिमिटेड के पुनर्विकास विवाद में अब सभी की निगाहें म्हाडा के डिप्टी रजिस्ट्रार अभिजीत देशपांडे के निर्णय पर टिकी हैं। सोसायटी के कुछ सदस्यों का कहना है कि उन्होंने सुनवाई के दौरान पुनर्विकास प्रक्रिया से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत कर दिए हैं, ताकि वैध डेवलपर का चयन हो सके और प्रत्येक सदस्य को उसका कानूनी अधिकार प्राप्त हो।

    15 जुलाई 2026 को प्रस्तावित सुनवाई को लेकर रहिवासियों में बड़ी उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि यह सुनवाई उनके लिए सच्चाई और कथित भ्रष्टाचार के बीच की लड़ाई है। रहिवासियों का दावा है कि यदि निर्णय प्रस्तुत तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर निष्पक्ष रूप से लिया गया, तो उन्हें न्याय मिलेगा। वहीं उनका आरोप है कि यदि अनियमितताओं या भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला, तो उनके हित प्रभावित हो सकते हैं।

    MHADA to Decide Aditya Society Redevelopment Dispute

    सोसायटी के कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया है कि निर्वाणा डेवलपर्स के मालिक वर्धमान संघवी कथित रूप से कुछ विवादित एवं अवैध सदस्यों के माध्यम से पुनर्विकास प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, जिससे पूरी प्रक्रिया की वैधता पर सवाल खड़े हो गए हैं। उनका दावा है कि यदि पुनर्विकास नियमानुसार नहीं हुआ तो कई परिवारों के हित प्रभावित हो सकते हैं।

    सदस्यों के प्रतिनिधियों का कहना है कि डिप्टी रजिस्ट्रार के समक्ष हुई दो सुनवाई के दौरान बिल्डर पक्ष अपनी वैधता और संबंधित दस्तावेजों को संतोषजनक ढंग से प्रस्तुत नहीं कर सका। ऐसे में अब अंतिम निर्णय को लेकर सदस्यों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

    सदस्यों ने लगाए ये प्रमुख आरोप

    सोसायटी के कुछ सदस्यों के अनुसार वर्ष 2021 से सदस्यता, मतदाता सूची, प्रबंध समिति की वैधता और पुनर्विकास प्रक्रिया को लेकर लगातार शिकायतें की जाती रही हैं। उनका आरोप है कि—

    • सदस्य रजिस्टर, ‘आई’ रजिस्टर, ‘जे’ रजिस्टर और शेयर प्रमाणपत्रों की समय पर जांच नहीं हुई।
    • वैध सोसाइटी मतदाता सूची को लेकर विवाद लंबे समय तक बना रहा।
    • समिति की वैधता का मुद्दा वर्षों तक लंबित रहा।
    • पुनर्विकास प्रक्रिया की वैधानिकता पर समय रहते निर्णय नहीं लिया गया।
    • शिकायतों और आपत्तियों का समयबद्ध निस्तारण नहीं हुआ।
    • न्यायालय के निर्देशों और म्हाडा के नियमों के पालन में विलंब हुआ।
    • आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने के लिए सदस्यों को लगातार पत्राचार करना पड़ा।

    आपराधिक मामले के बाद भी उठे सवाल

    सदस्यों का कहना है कि पंतनगर पुलिस थाने में आपराधिक मामला दर्ज होने और न्यायालयीन प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद कई प्रशासनिक मुद्दों पर समय पर निर्णय नहीं लिया गया। उनका सवाल है कि यदि जांच और कार्रवाई समय पर होती तो क्या यह विवाद इतना गंभीर रूप लेता।

    निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग

    सोसायटी के कुछ सदस्यों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए सहकारी गृहनिर्माण संस्थाओं में पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

  • Commitment and Contract:आश्वासन और अनुबंध

    Commitment and Contract:आश्वासन और अनुबंध

    अख़तर अली

    बहुत से कामों के लिये अनुबंध होता है और बहुत से कामों के लिये आश्वासन होता है। अनुबंध वाले काम समय पर सफ़लता के साथ संपूर्ण हो जाते हैं और आश्वासन वाले काम कभी आरंभ ही नही होते।

    अनुबंध सोच समझ कर किया जाता है और आश्वासन में भला सोचने समझने की क्या दरकार? आश्वासन सबसे अधिक किये जाने वाला मज़ाक है जिसे कोई भी, कहीं भी, किसी से भी कर सकता है। अनुबंध में अनुबंध का अध्ययन भी करते रहना होता है कि काम अनुबंध के अनुसार ही हो। आश्वासन में इस तरह का तनाव नही होता क्योंकि आश्वासन का अनुबंध नही होता है।

    बदलाव प्रकृति का नियम है। आश्वासन में भी बदलाव हुआ है। पहले आश्वासन देने वाले कोई और थे, आज कोई और हैं, कल कोई और होंगे‌। यही बदलाव आश्वासन ग्रहण करने वालों भी हुआ है।

    अनुबंध में स्पष्टता और आश्वासन में दुष्टता है। न उधर की स्पष्टता दुष्टता में बदलती है न इधर की दुष्टता स्पष्टता में। जब आश्वासन में धोखा मिला होगा तभी अनुबंध जन्मा होगा। काम करने वाले अनुबंध करते है। आश्वासन दे रहे हैं तो समझ जाना इन्हें काम नही करना है।

    अनुबंध दो होशियार पक्षों के बीच में होता है जबकि आश्वासन होशियार और मूर्ख के बीच की घटना है। होशियार का आश्वासन सुन मूर्ख ताली बजाते हैं और जय जयकार करते हैं। अगर कहीं मूर्खो का हुजूम ख़ुशी मनाते, झूमते, गाते दिखे तो समझ जाना इन्हें बड़ा भारी आश्वासन मिला है।

    आश्वासन देने वाले हेलीकाप्टर में आते है, आश्वासन देते हैं और जाने के जैसे ही हेलीकाप्टर में बैठते है दिया गया आश्वासन भूल जाते हैं। वे अपना ब्रीफ़केस नही भूलते, चश्मा नही भूलते, रुमाल नही भूलते, मोबाईल नही भूलते बस दिया गया आश्वासन भूल जाते हैं। आश्वासन को भूलने के लिये भूलने की बीमारी का होना ज़रूरी नही है। जिनकी याददाश्त तेज़ है उन्हें भी आश्वासन भूलने में क्षण भर का समय भी नही लगता।

    बहुत चमकीला है आश्वासन का मीना बाज़ार। अभी कई दशकों तक चलता रहेगा यह कारोबार क्योंकि ऐसे लोगों की संख्या चक्रवृद्धि ब्याज की तरह बढ़ती जा रही है जिनके कानों में आश्वासन रस घोल देता है। जब लुटने को लोग तैयार बैठे हैं तो लुटेरों को क्या दोष देना। यह ऐसा पाप है जो पुण्य जैसा लगता है।

    अनुबंध तो लिखित करार है लेकिन मनमाने आश्वासन पर नियंत्रण ज़रूरी है। चुनाव आयोग की तरह आश्वासन आयोग होना चाहिये जो नेताओं के दिये गये आश्वासनों का लेखा-जोखा रखें | नये आश्वासन तभी दिये जा सके जब पुराने आश्वासन पूरे हो जायें। बात बात पर आश्वासन देना प्रतिबंधित हो। जिस नेता के आश्वासन का रिकार्ड ख़राब हो उसकी चुनाव लड़ने की पात्रता समाप्त हो जाये। नामांकन दाखिल करते समय आश्वासन आयोग की एन .ओ.सी. आवश्यक हो। आयोग हर नेता को हिदायत दे कि ज़ुबान दुर्लभ अंग है इसका इस्तेमाल झूठे आश्वासन देने के लिये न करें।

    मैंने नेता जी से कहा– भय्या आश्वासन का अनुबंध होना चाहिये तो उन्होंने तुरंत अनुबंध का आश्वासन दे दिया |