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  • Thane Issues Monsoon Health Advisory: मानसून में सतर्क रहें: ठाणे जिला परिषद ने नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जारी की एडवाइजरी

    Thane Issues Monsoon Health Advisory: मानसून में सतर्क रहें: ठाणे जिला परिषद ने नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जारी की एडवाइजरी

    डेंगू, मलेरिया, लेप्टोस्पायरोसिस, डायरिया और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए साफ-सफाई, सुरक्षित पानी और मच्छर नियंत्रण पर जोर

    ठाणे: मानसून के दौरान भारी बारिश, जलभराव और गंदगी के कारण जलजनित, खाद्यजनित, मच्छरजनित तथा संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए ठाणे जिला परिषद के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी उतरने के बाद भी संक्रमण का खतरा बना रहता है। इसलिए नागरिक अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और खुले बिजली के तारों, खंभों तथा विद्युत उपकरणों से दूरी बनाए रखें। किसी भी आपदा की स्थिति में प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करें।

    जलजनित और खाद्यजनित बीमारियों से ऐसे बचें

    बारिश के मौसम में डायरिया, हैजा, टाइफाइड और पीलिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए—

    • केवल उबला या शुद्ध किया हुआ पानी पिएं।
    • ताजा और अच्छी तरह पका भोजन ही करें।
    • खुले, बासी या दूषित भोजन से बचें।
    • फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर इस्तेमाल करें।
    • भोजन बनाने और खाने से पहले साबुन से हाथ धोएं।

    डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाव

    स्वास्थ्य विभाग ने घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी है। पानी की टंकियां, कूलर, बाल्टियां और ड्रम ढककर रखें तथा हर सप्ताह उन्हें साफ करें। पुराने टायर, प्लास्टिक के डिब्बे और नारियल के खोल जैसी वस्तुओं में पानी जमा न होने दें। पूरे बाजू के कपड़े पहनें और मच्छररोधी क्रीम या मच्छरदानी का उपयोग करें।

    लेप्टोस्पायरोसिस से बचाव

    गंदे पानी और कीचड़ के संपर्क से होने वाली लेप्टोस्पायरोसिस से बचने के लिए रबर के जूते और दस्ताने पहनने की सलाह दी गई है। शरीर पर घाव होने पर उसे ढककर रखें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

    इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

    यदि लगातार बुखार, उल्टी-दस्त, पीलिया, शरीर में तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ, त्वचा पर चकत्ते, रक्तस्राव, सांप के काटने या बिजली का झटका लगने जैसी स्थिति हो तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराएं।

    जिला परिषद की अपील

    जिला परिषद ठाणे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रंजीत यादव ने नागरिकों से मानसून के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, साफ भोजन, मच्छर नियंत्रण और आसपास की सफाई को प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

  • Congress Launches Ram Satyagraha: हर्षवर्धन सपकाल ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग, 9 जुलाई से कांग्रेस का राज्यव्यापी सत्याग्रह

    Congress Launches Ram Satyagraha: हर्षवर्धन सपकाल ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग, 9 जुलाई से कांग्रेस का राज्यव्यापी सत्याग्रह

    सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, पारदर्शिता पर सवाल

    राम भक्तों की दान का हिसाब दो : हर्षवर्धन सपकाल का केंद्र और ट्रस्ट पर बड़ा हमला (Congress Launches Ram Satyagraha)

    मुंबई/नासिक, 7 जुलाई। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल एसआईटी जांच पर्याप्त नहीं है और निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त या वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए।

    इसी मांग को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को नासिक के कालाराम मंदिर से ‘रघुपति राघव राजाराम सत्याग्रह’ की शुरुआत की। पार्टी ने घोषणा की है कि 9 जुलाई से यह सत्याग्रह पूरे महाराष्ट्र में आयोजित किया जाएगा।

    सत्याग्रह कार्यक्रम में सांसद शोभा बच्छाव, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहन जोशी, शरद अहिर, नासिक शहर कांग्रेस अध्यक्ष निलेश (बबलू) खैरे, नासिक ग्रामीण उत्तर के जिलाध्यक्ष रमेश कहांडोळे, दक्षिण के जिलाध्यक्ष भरत टाकेकर, प्रदेश महासचिव संदीप पाटील, ज्ञानेश्वर गायकवाड़, वत्सला खैरे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत ‘रघुपति राघव राजाराम’ भजन से हुई और समापन ‘पसायदान’ के साथ किया गया।

    राम भक्तों की oev का हिसाब मांगा

    मीडिया से बातचीत में हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के बाद देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने ट्रस्ट को नकद, सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के रूप में बड़ी मात्रा में दान दिया। उन्होंने मांग की कि इन मुंबई/नासिक, 7 जुलाई। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल एसआईटी जांच पर्याप्त नहीं है और निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त या वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए।

    इसी मांग को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को नासिक के कालाराम मंदिर से ‘रघुपति राघव राजाराम सत्याग्रह’ की शुरुआत की। पार्टी ने घोषणा की है कि 9 जुलाई से यह सत्याग्रह पूरे महाराष्ट्र में आयोजित किया जाएगा।

    सत्याग्रह कार्यक्रम में सांसद शोभा बच्छाव, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहन जोशी, शरद अहिर, नासिक शहर कांग्रेस अध्यक्ष निलेश (बबलू) खैरे, नासिक ग्रामीण उत्तर के जिलाध्यक्ष रमेश कहांडोळे, दक्षिण के जिलाध्यक्ष भरत टाकेकर, प्रदेश महासचिव संदीप पाटील, ज्ञानेश्वर गायकवाड़, वत्सला खैरे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत ‘रघुपति राघव राजाराम’ भजन से हुई और समापन ‘पसायदान’ के साथ किया गया।

    सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, पारदर्शिता पर सवाल

    मीडिया से बातचीत में हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के बाद देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने ट्रस्ट को नकद, सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के रूप में बड़ी मात्रा में दान दिया। उन्होंने मांग की कि इन दान का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में केंद्र सरकार और भाजपा से जुड़े लोगों को शामिल किया गया तथा ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं।

    एसआईटी जांच पर उठाए सवाल

    सपकाल ने कहा कि इस मामले में चल रही एसआईटी जांच केवल औपचारिकता प्रतीत होती है। उन्होंने दावा किया कि यदि आरोप सही हैं तो निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी आवश्यक है।

    उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी अन्य समुदाय का व्यक्ति आरोपी होता तो उसके खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई होती। इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाया कि यदि संबंधित लोगों पर आरोप हैं तो उनके खिलाफ समान मानकों के अनुसार कार्रवाई कब होगी।

    9 जुलाई से राज्यव्यापी सत्याग्रह

    कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का यह आंदोलन किसी धार्मिक भावना के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग के लिए है। उन्होंने कहा कि 9 जुलाई से महाराष्ट्र के सभी जिलों में ‘रघुपति राघव राजाराम सत्याग्रह’ आयोजित किया जाएगा।

    सपकाल ने कहा कि कांग्रेस भगवान श्रीराम के प्रति आस्था रखती है और श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर को दी गई देणगियों के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होना आवश्यक है।का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में केंद्र सरकार और भाजपा से जुड़े लोगों को शामिल किया गया तथा ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं।

    एसआईटी जांच पर उठाए सवाल

    सपकाल ने कहा कि इस मामले में चल रही एसआईटी जांच केवल औपचारिकता प्रतीत होती है। उन्होंने दावा किया कि यदि आरोप सही हैं तो निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी आवश्यक है।

    उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी अन्य समुदाय का व्यक्ति आरोपी होता तो उसके खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई होती। इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाया कि यदि संबंधित लोगों पर आरोप हैं तो उनके खिलाफ समान मानकों के अनुसार कार्रवाई कब होगी।

    9 जुलाई से राज्यव्यापी सत्याग्रह

    कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का यह आंदोलन किसी धार्मिक भावना के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग के लिए है। उन्होंने कहा कि 9 जुलाई से महाराष्ट्र के सभी जिलों में ‘रघुपति राघव राजाराम सत्याग्रह’ आयोजित किया जाएगा।

    सपकाल ने कहा कि कांग्रेस भगवान श्रीराम के प्रति आस्था रखती है और श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर को दी गई देणगियों के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होना आवश्यक है।

  • Kia Launches Ownership Service Camp 2026: किआ इंडिया ने लॉन्च किया ‘ओनरशिप सर्विस कैंप 2026’, सर्विस और स्पेयर पार्ट्स पर मिलेगी 20% तक की छूट

    Kia Launches Ownership Service Camp 2026: किआ इंडिया ने लॉन्च किया ‘ओनरशिप सर्विस कैंप 2026’, सर्विस और स्पेयर पार्ट्स पर मिलेगी 20% तक की छूट

    मुंबई, 5 जुलाई: Kia India ने अपने ग्राहकों के लिए ‘किआ ओनरशिप सर्विस कैंप 2026’ की शुरुआत की है। यह विशेष सर्विस अभियान 3 जुलाई से 12 जुलाई 2026 तक देशभर के 365 शहरों में स्थित 521 अधिकृत किआ सर्विस वर्कशॉप पर आयोजित किया जा रहा है।

    कंपनी का उद्देश्य ग्राहकों को बेहतर आफ्टर-सेल्स सेवाएं, वाहन की समुचित देखभाल और आकर्षक ऑफर्स उपलब्ध कराना है, जिससे उनका ओनरशिप अनुभव और बेहतर बनाया जा सके।

    ग्राहकों को मिलेंगे कई आकर्षक ऑफर्स

    सर्विस कैंप के दौरान ग्राहक निम्नलिखित लाभ उठा सकते हैं—

    • कार केयर सर्विसेज पर 20% तक की छूट
    • एक्सटेंडेड वारंटी पैकेज पर 10% तक की छूट
    • रिटेल रोडसाइड असिस्टेंस (RSA) प्लान पर 10% की छूट
    • स्पेयर पार्ट्स और लेबर चार्ज पर 10% की छूट
    • किआ जेन्युइन एक्सेसरीज पर 10% की छूट

    इन ऑफर्स का उद्देश्य ग्राहकों को अधिकृत सर्विस नेटवर्क के माध्यम से किफायती और भरोसेमंद मेंटेनेंस सुविधा उपलब्ध कराना है।

    मिलेगा मुफ्त 36-पॉइंट हेल्थ चेकअप

    इस अभियान के तहत सभी ग्राहकों को कॉम्प्लिमेंटरी 36-पॉइंट व्हीकल हेल्थ चेकअप की सुविधा भी दी जाएगी। इसमें वाहन के बाहरी हिस्से, इंटीरियर, इंजन कंपार्टमेंट और अंडरबॉडी सहित कई महत्वपूर्ण हिस्सों की विस्तृत जांच की जाएगी।

    कंपनी के अनुसार, इससे संभावित तकनीकी समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सकेगा और वाहन की सुरक्षा, प्रदर्शन तथा लंबी उम्र सुनिश्चित होगी।

    किआ इंडिया का ओनरशिप सर्विस कैंप 2026 शुरू, सर्विस पर 20% तक की छूट और मुफ्त हेल्थ चेकअप

    मुफ्त यूज्ड-कार वैल्यूएशन और एक्सचेंज ऑफर्स

    सर्विस कैंप के दौरान ग्राहक अपनी पुरानी कार का मुफ्त मूल्यांकन (Used Car Valuation) भी करा सकेंगे। साथ ही, आकर्षक एक्सचेंज ऑफर्स के जरिए किआ के नए मॉडलों में अपग्रेड करने का अवसर भी मिलेगा।

    ग्राहक अनुभव पर कंपनी का फोकस

    Bheemsen Gulabani ने कहा कि किआ ओनरशिप सर्विस कैंप 2026 ग्राहकों को बेहतर, पारदर्शी और सुविधाजनक आफ्टर-सेल्स सेवाएं प्रदान करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि किआ का लक्ष्य ग्राहकों के साथ दीर्घकालिक भरोसेमंद संबंध स्थापित करना और भारत का सबसे विश्वसनीय आफ्टर-सेल्स सर्विस ब्रांड बनना है।

    कंपनी ने कहा कि वह अपने सर्विस नेटवर्क, डिजिटल सुविधाओं और ग्राहक-केंद्रित पहलों में लगातार निवेश कर रही है ताकि ग्राहकों को वाहन खरीदने के बाद भी उत्कृष्ट सेवा अनुभव मिलता रहे।

  • Samsung Galaxy A27 5G Goes on Sale: सैमसंग गैलेक्सी ए27 5-जी की भारत में बिक्री शुरू, ₹3,000 तक कैशबैक और 6 साल के अपडेट का वादा

    Samsung Galaxy A27 5G Goes on Sale: सैमसंग गैलेक्सी ए27 5-जी की भारत में बिक्री शुरू, ₹3,000 तक कैशबैक और 6 साल के अपडेट का वादा

    120Hz Super AMOLED डिस्प्ले, Snapdragon 6 Gen 3 प्रोसेसर और 50MP OIS कैमरे के साथ तीन स्टोरेज वेरिएंट में उपलब्ध

    मुंबई: Samsung Electronics ने भारत में अपने नए Galaxy A27 5G स्मार्टफोन की बिक्री शुरू कर दी है। यह स्मार्टफोन अब सैमसंग एक्सक्लूसिव स्टोर्स, अधिकृत रिटेल आउटलेट्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है।

    Galaxy A27 5G को लाइट ग्रीन, लाइट पिंक और ब्लैक रंगों में लॉन्च किया गया है। यह तीन मेमोरी वेरिएंट—6GB+128GB, 8GB+128GB और 8GB+256GB—में उपलब्ध है।

    कीमत और ऑफर्स (Samsung Galaxy A27 5G Goes on Sale)

    ग्राहकों को ₹3,000 तक का कैशबैक और जीरो डाउन पेमेंट जैसी आसान फाइनेंसिंग सुविधाएं मिलेंगी।

    • 6GB + 128GB: ₹28,999 (नेट इफेक्टिव प्राइस)
    • 8GB + 128GB: ₹31,999 (नेट इफेक्टिव प्राइस)
    • 8GB + 256GB: ₹37,499 (कैशबैक के बाद नेट इफेक्टिव प्राइस)

    दमदार डिस्प्ले और परफॉर्मेंस

    Galaxy A27 5G में 6.7-इंच 120Hz Super AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जिसे Corning Gorilla Glass Victus+ का प्रोटेक्शन मिलता है।

    फोन में 4nm Snapdragon 6 Gen 3 प्रोसेसर, LPDDR5X RAM और UFS 3.1 स्टोरेज दी गई है, जिससे मल्टीटास्किंग और गेमिंग का अनुभव बेहतर होता है।

    50MP OIS कैमरा और AI फीचर्स

    फोटोग्राफी के लिए स्मार्टफोन में—

    • 50MP OIS प्राइमरी कैमरा (4K वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट)
    • 5MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा
    • 2MP मैक्रो कैमरा
    • 12MP फ्रंट कैमरा

    दिए गए हैं।

    इसके अलावा Object Eraser, Edit Suggestions और My Filter जैसे AI कैमरा फीचर्स भी शामिल हैं।

    AI और स्मार्ट फीचर्स

    Galaxy A27 5G में कई आधुनिक AI फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें—

    • Circle to Search with Google
    • Google Gemini इंटीग्रेशन
    • Perplexity AI सपोर्ट
    • 22 भाषाओं में रियल-टाइम वॉयस ट्रांसक्रिप्शन
    • हिंदी, अंग्रेज़ी और गुजराती में लाइव कॉल ट्रांसक्रिप्शन
    • Bixby के जरिए नैचुरल लैंग्वेज कमांड

    शामिल हैं।

    बैटरी और सिक्योरिटी

    फोन में 5000mAh बैटरी दी गई है। कंपनी ने 6 वर्षों तक Android OS और सिक्योरिटी अपडेट देने का वादा किया है।

    सुरक्षा के लिए Samsung Knox और Samsung Wallet की सुविधा दी गई है, जिसमें Tap & Pay, UPI भुगतान और डिजिटल आईडी सुरक्षित रखने जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

  • Thane heavy rain145 trees fallen water logging july monsoon: ठाणे में बारिश का कहर: लगातार पांचवें दिन 100 मिमी से अधिक वर्षा, तीन दिन में 145 पेड़ गिरे

    Thane heavy rain145 trees fallen water logging july monsoon: ठाणे में बारिश का कहर: लगातार पांचवें दिन 100 मिमी से अधिक वर्षा, तीन दिन में 145 पेड़ गिरे

    ठाणे | दिनेश चंद्र रावल

    Thane में मानसून का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार 3 जुलाई से शुरू हुई तेज बारिश के बाद शनिवार, रविवार और सोमवार को भी शहर में 100 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पिछले तीन दिनों में 145 पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि दीवार ढहने, जलभराव, होर्डिंग गिरने और वाहनों के क्षतिग्रस्त होने जैसी कई घटनाएं दर्ज की गईं।

    ठाणे आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार सोमवार सुबह से शाम करीब 5:30 बजे तक 85.86 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। सुबह से शुरू हुई तेज बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया और सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा।

    तीन दिन में 145 पेड़ गिरे

    आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार—

    • 3–4 जुलाई: 77.18 मिमी बारिश, 40 शिकायतें, 11 पेड़ गिरे।
    • 4–5 जुलाई: 184.66 मिमी बारिश, 93 शिकायतें, 24 पेड़ गिरे।
    • 5–6 जुलाई: 208.53 मिमी बारिश, 186 शिकायतें, 110 पेड़ गिरे।

    इस तरह केवल तीन दिनों में कुल 145 पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं।

    शहरभर में नुकसान

    भारी बारिश के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में कई घटनाएं सामने आईं—

    • कोपरी बारा बंगला क्षेत्र में एक प्रतिमा के पास दीवार क्षतिग्रस्त हुई।
    • गोकुल नगर, हरदास नगर, वसंत विहार और अन्य इलाकों में कई दीवारें ढह गईं।
    • वागले एस्टेट, पाटलीपाड़ा, खारेगांव, मनोरमा नगर, श्रीरंग सोसाइटी, कालवा, लोकमान्य नगर और लुईसवाड़ी समेत कई क्षेत्रों में पेड़ गिर गए।
    • अल्मेडा नाका और अन्य प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ।
    • एक बड़ा होर्डिंग भी गिरने की घटना दर्ज की गई।

    दो लोग घायल

    पेड़ गिरने और राहत कार्य के दौरान दो लोग घायल हुए।

    • नगर निगम कर्मचारी अंकित यादव पेड़ काटते समय घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए कालवा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
    • लुईसवाड़ी स्थित आरटीओ कार्यालय के पास पेड़ गिरने से पांडुरंग भुवाड घायल हो गए। उन्हें महावीर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    प्रशासन अलर्ट पर

    लगातार बारिश को देखते हुए ठाणे आपदा प्रबंधन विभाग और नगर निगम की टीमें पूरे शहर में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि तेज बारिश के दौरान जर्जर दीवारों, बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।

  • Child Burn Rumour Debunked: ठाणे में बच्चे को जलाने की अफवाह निकली झूठी, गर्म तवे पर गिरने से झुलसा था मासूम

    Child Burn Rumour Debunked: ठाणे में बच्चे को जलाने की अफवाह निकली झूठी, गर्म तवे पर गिरने से झुलसा था मासूम

    वागले एस्टेट पुलिस ने मां और दादी के बयान दर्ज किए, जांच में मारपीट के आरोप की नहीं हुई पुष्टि

    ठाणे: Thane के वागले एस्टेट क्षेत्र में छह वर्षीय बच्चे को उसकी मां द्वारा जलाने और मारपीट किए जाने की अफवाह फैलने से हड़कंप मच गया। हालांकि पुलिस जांच में प्रारंभिक तौर पर यह सामने आया कि बच्चा घर में खेलते समय गलती से गर्म तवे पर गिर गया था, जिससे उसकी पीठ झुलस गई।

    पुलिस के अनुसार, किसान नगर नंबर-3 निवासी छह वर्षीय बच्चा, जो ठाणे नगर निगम के स्कूल नंबर 23 में तीसरी कक्षा का छात्र है, शनिवार को घर में खेलते समय दुर्घटनावश गर्म तवे पर गिर गया। इस हादसे में उसकी पीठ पर दो स्थानों पर जलने के निशान आए।

    घटना के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर यह अफवाह फैल गई कि बच्चे की मां ने उसे गर्म तवे से दागा या पीटा है। सूचना मिलने पर Wagle Estate पुलिस ने बच्चे की मां और दादी को थाने बुलाकर उनके बयान दर्ज किए।

    पुलिस ने बताया कि मां और दादी ने एक समान बयान दिया कि बच्चा खेलते समय दुर्घटनावश गर्म तवे पर गिर गया था। प्रारंभिक जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पुलिस को मारपीट या जानबूझकर जलाने के आरोप की पुष्टि नहीं हुई।

    Child Burn Rumour Debunked

    जांच के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए मां और दादी को सामाजिक बंधपत्र (Social Bond) पर छोड़ दिया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी घटना को लेकर अपुष्ट जानकारी या अफवाहें फैलाने से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

  • Old Chawl Gallery Crashes in Thane: ठाणे में 35 साल पुरानी चॉल की गैलरी का हिस्सा ढहा, तीन परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया

    Old Chawl Gallery Crashes in Thane: ठाणे में 35 साल पुरानी चॉल की गैलरी का हिस्सा ढहा, तीन परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया

    ठाणे: Thane के अंबेडकर रोड स्थित स्काई पिलर सोसाइटी के समीप शांताबाई गोटावाले चॉल में शनिवार शाम भारी बारिश के दौरान गैलरी का एक हिस्सा अचानक ढह गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि या घायल होने की सूचना नहीं है।

    जानकारी के अनुसार, लगभग 35 वर्ष पुरानी यह एक मंजिला चॉल है। गैलरी का हिस्सा गिरने के बाद अधिकारियों ने निरीक्षण किया, जिसमें शेष गैलरी भी असुरक्षित और जर्जर स्थिति में पाई गई।

    घटना की सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा नौपाड़ा-कोपाड़ी वार्ड समिति के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

    तीन परिवारों को कराया गया सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट

    सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चॉल के कुल 11 फ्लैटों में से तीन फ्लैटों में रहने वाले परिवारों को एहतियातन अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया। संबंधित फ्लैटों को खाली करा लिया गया है ताकि किसी संभावित हादसे से बचा जा सके।

    आगे होगी मरम्मत और तकनीकी जांच

    आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, नौपाड़ा-कोपाड़ी वार्ड समिति द्वारा भवन की विस्तृत तकनीकी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक मरम्मत और अन्य सुरक्षा संबंधी कदम उठाए जाएंगे।

    लगातार हो रही बारिश के कारण शहर में पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि किसी भवन में दरारें, झुकाव या अन्य खतरनाक संकेत दिखाई दें तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।

  • Balkum Amazon Data Centre: बालकुम में प्रस्तावित अमेज़न डेटा सेंटर पर घमासान, सांसद नरेश म्हस्के ने परियोजना रोकने की उठाई मांग

    Balkum Amazon Data Centre: बालकुम में प्रस्तावित अमेज़न डेटा सेंटर पर घमासान, सांसद नरेश म्हस्के ने परियोजना रोकने की उठाई मांग

    बालकुम अमेज़न डेटा सेंटर पर विवाद, सांसद नरेश म्हस्के ने परियोजना रोकने और पेड़ों की कटाई की जांच की मांग की

    ठाणे | दिनेश चंद्र रावल

    Naresh Mhaske ने ठाणे के बालकुम क्षेत्र में प्रस्तावित अमेज़न डेटा सेंटर परियोजना को लेकर गंभीर आपत्तियां जताई हैं। उन्होंने Thane नगर निगम आयुक्त और ठाणे जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जनहित में परियोजना को तत्काल रोकने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

    सांसद का कहना है कि प्रस्तावित डेटा सेंटर से क्षेत्र में ट्रैफिक जाम, ध्वनि एवं वायु प्रदूषण बढ़ सकता है, जबकि पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परियोजना स्थल पर बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की गई है, जिसकी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।

    स्थानीय नागरिकों और पर्यावरणविदों का विरोध

    ज्ञापन के अनुसार, परियोजना क्षेत्र के आसपास कई आवासीय सोसायटियां, स्कूल, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं मौजूद हैं। स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि इतने बड़े डेटा सेंटर के निर्माण से क्षेत्र की जीवन गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

    सांसद ने कहा कि ठाणे शहर पहले से ही ट्रैफिक, जल संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में इस परियोजना से शहर पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है।

    रोजगार और लाभ पर मांगी स्पष्टता

    नरेश म्हस्के ने कहा कि अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस परियोजना से स्थानीय लोगों को कितने रोजगार मिलेंगे, शहर को क्या प्रत्यक्ष लाभ होगा और क्षेत्र के विकास में इसका वास्तविक योगदान क्या रहेगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना से जुड़े वैधानिक अनुमोदन, पर्यावरणीय मंजूरियां और उनसे जुड़ी शर्तों के पालन को लेकर नागरिकों के मन में कई सवाल हैं। इन सभी जानकारियों को सार्वजनिक और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

    स्वतंत्र जांच और सार्वजनिक सुनवाई की मांग

    सांसद ने प्रशासन से मांग की है कि—

    • परियोजना से जुड़े सभी निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोके जाएं।
    • सभी अनुमतियों और पर्यावरणीय मंजूरियों की स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति से समीक्षा कराई जाए।
    • स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी में विस्तृत सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की जाए।
    • पर्यावरण, यातायात, जल खपत और ध्वनि प्रदूषण से जुड़ी सभी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएं।
    • नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, संबंधित विभागों और विशेषज्ञों की संयुक्त बैठक बुलाकर आपत्तियों पर निर्णय लिया जाए।

    सांसद ने कहा कि स्थानीय लोगों के व्यापक विरोध और जनहित को देखते हुए परियोजना को फिलहाल स्थगित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

  • Thane Firm Buys India’s First 250T Hybrid Crane: ठाणे की कंपनी ने खरीदी देश की पहली 250 टन इलेक्ट्रिक ऑल-टेरेन क्रेन, हिंदुस्तान जिंक में होगी तैनात

    Thane Firm Buys India’s First 250T Hybrid Crane: ठाणे की कंपनी ने खरीदी देश की पहली 250 टन इलेक्ट्रिक ऑल-टेरेन क्रेन, हिंदुस्तान जिंक में होगी तैनात

    सालाना 93,600 लीटर डीजल की होगी बचत, 250.8 टन कार्बन उत्सर्जन में आएगी कमी

    ठाणे: Dinesh Cranes Limited ने देश की पहली 250 टन क्षमता वाली डीजल-इलेक्ट्रिक हाइब्रिड ऑल-टेरेन क्रेन खरीदकर भारतीय औद्योगिक क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। इस अत्याधुनिक क्रेन को Hindustan Zinc Limited के राजस्थान के देबारी स्थित जिंक स्मेल्टर में तैनात किया जाएगा।

    कंपनी के प्रबंध निदेशक सुमित महेश जोशी ने बताया कि यह अपनी श्रेणी की भारत की पहली इलेक्ट्रिक ऑल-टेरेन क्रेन है। इसका उद्देश्य भारी उद्योगों में स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता और कम-कार्बन तकनीक को बढ़ावा देना है।

    डीजल और बिजली दोनों से चलेगी क्रेन (Thane Firm Buys India’s First 250T Hybrid Crane)

    यह आधुनिक हाइब्रिड क्रेन डीजल और बिजली, दोनों माध्यमों से संचालित होगी। कंपनी के अनुसार इसके उपयोग से हर वर्ष लगभग 93,600 लीटर डीजल की बचत होगी, जबकि 250.8 टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन में कमी आएगी।

    हिंदुस्तान जिंक ने बताया बड़ा कदम

    विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल उद्योग क्षेत्र में हरित प्रौद्योगिकी (ग्रीन टेक्नोलॉजी) और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    Hindustan Zinc Limited के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण मिश्रा ने कहा कि कंपनी सतत विकास (Sustainability) और स्वच्छ प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। यह नई हाइब्रिड क्रेन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है।

    वहीं SANY India के प्रबंध निदेशक दीपक गर्ग ने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय खनन और औद्योगिक क्षेत्र में आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल मशीनरी के उपयोग को नई गति देगी।

    यह पहल न केवल ऊर्जा लागत कम करने में सहायक होगी, बल्कि भारत के औद्योगिक क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन घटाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करेगी।

  • India’s Largest Rail TBM Begins Work: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में बड़ा मील का पत्थर, विक्रोली से भारत की सबसे बड़ी रेल TBM ने शुरू की सुरंग की खुदाई

    India’s Largest Rail TBM Begins Work: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में बड़ा मील का पत्थर, विक्रोली से भारत की सबसे बड़ी रेल TBM ने शुरू की सुरंग की खुदाई

    13.6 मीटर व्यास और 3,100 टन वजनी टनल बोरिंग मशीन 6 किमी लंबी सुरंग बनाएगी, घनी आबादी वाले क्षेत्रों के नीचे से गुजरेगा मार्ग

    ठाणे/मुंबई: National High Speed Rail Corporation Limited ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए विक्रोली शाफ्ट से भारत की सबसे बड़ी रेल टनल बोरिंग मशीन (TBM) के जरिए भूमिगत सुरंग निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। यह मशीन निर्माणाधीन मुंबई बुलेट ट्रेन स्टेशन (बीकेसी) की दिशा में सुरंग की खुदाई करेगी।

    परियोजना के तहत कुल 21 किलोमीटर लंबा भूमिगत कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इसमें से 16 किलोमीटर का हिस्सा सावली (घंसोली) से Bandra Kurla Complex (बीकेसी) तक टनल बोरिंग मशीन से तैयार किया जाएगा, जबकि शेष 5 किलोमीटर का हिस्सा पहले ही एनएटीएम (New Austrian Tunnelling Method) तकनीक से पूरा किया जा चुका है।

    6 किलोमीटर लंबी सिंगल-ट्यूब सुरंग बनाएगी मशीन (Mumbai Bullet Train Tunnel Begins)

    विक्रोली से लॉन्च की गई यह अत्याधुनिक TBM करीब 6 किलोमीटर लंबी सिंगल-ट्यूब सुरंग की खुदाई करेगी। इस सुरंग को बुलेट ट्रेन के अप और डाउन दोनों ट्रैक को समायोजित करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह सुरंग बहुमंजिला इमारतों, प्रमुख सड़कों, मीठी नदी और अन्य महत्वपूर्ण शहरी ढांचों के नीचे से होकर गुजरेगी।

    13.6 मीटर व्यास और 3,100 टन वजनी टनल बोरिंग मशीन 6 किमी लंबी सुरंग बनाएगी, घनी आबादी वाले क्षेत्रों के नीचे से गुजरेगा मार्ग

    भारत की सबसे बड़ी रेल टनल बोरिंग मशीन

    (India’s Largest Rail TBM Begins Work)

    यह मशीन भारत में रेल सुरंग निर्माण के लिए इस्तेमाल की जा रही सबसे बड़ी टनल बोरिंग मशीनों में शामिल है। इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं—

    • कटरहेड का व्यास: 13.6 मीटर (लगभग चार मंजिला इमारत की ऊंचाई के बराबर)
    • कुल वजन: 3,100 टन (करीब 500 एशियाई हाथियों के वजन के बराबर)
    • कुल लंबाई: 96 मीटर (लगभग एक फुटबॉल मैदान जितनी)
    • कटर व्हील की गति: 4 RPM (प्रति मिनट चार चक्कर)

    मशीन में कटर व्हील, मेन बेयरिंग, जॉ क्रशर, मेन शील्ड, टेल शील्ड, इरेक्टर और चार विशेष गैंट्री जैसे अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं।

    मिक्सशील्ड तकनीक से होगी सुरक्षित खुदाई

    इस परियोजना में मिक्सशील्ड TBM का उपयोग किया जा रहा है, जो स्लरी आधारित आधुनिक टनलिंग तकनीक है। यह तकनीक मिश्रित भूगर्भीय संरचना और उच्च भूजल दबाव वाले क्षेत्रों में सुरक्षित खुदाई के लिए विकसित की गई है।

    दबावयुक्त बेंटोनाइट स्लरी की मदद से सुरंग के अग्रभाग को स्थिर रखा जाता है, जिससे जमीन धंसने का खतरा कम होता है और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सतह पर न्यूनतम प्रभाव पड़ता है।

    खुदाई और लाइनिंग का काम एक साथ

    इस अत्याधुनिक मशीन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सुरंग की खुदाई और कंक्रीट सेगमेंट की रिंग लगाने का कार्य एक साथ करती है। इससे निर्माण कार्य अधिक सुरक्षित, तेज और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा किया जा सकेगा।

    56 मीटर गहरे शाफ्ट से हुआ लॉन्च

    टीबीएम को लॉन्च करने के लिए विक्रोली में 56 मीटर गहरा शाफ्ट तैयार किया गया है, जिसकी गहराई लगभग 20 मंजिला इमारत के बराबर है।

    यहां अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिनमें—

    • वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट
    • स्लरी ट्रीटमेंट प्लांट
    • बेंटोनाइट स्टोरेज सिस्टम
    • समर्पित पावर सबस्टेशन
    • बैकअप जनरेटर
    • रेडी-मिक्स कंक्रीट प्लांट
    • सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
    • स्लरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम
    • लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर

    शामिल हैं।

    रियल-टाइम मॉनिटरिंग से होगी सुरक्षा सुनिश्चित

    निर्माण के दौरान आसपास की इमारतों और भूमिगत संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया गया है। इसके तहत सरफेस सेटलमेंट पॉइंट्स, ऑप्टिकल डिस्प्लेसमेंट सेंसर, 3डी टारगेट, स्ट्रेन गेज और सीस्मोग्राफ जैसे उपकरण लगातार निगरानी करेंगे।

    महापे कास्टिंग यार्ड में बन रहे 77 हजार कंक्रीट सेगमेंट

    Mahape स्थित 11.17 हेक्टेयर में फैले विशेष कास्टिंग यार्ड में सुरंग के लिए 77,000 कंक्रीट सेगमेंट तैयार किए जा रहे हैं। इनसे 7,700 टनल रिंग्स बनाई जाएंगी। प्रत्येक रिंग में नौ घुमावदार सेगमेंट और एक की-सेगमेंट होगा तथा एक रिंग का वजन लगभग 100 टन होगा।

    पूरी तरह वॉटरप्रूफ होगी सुरंग

    पूरे टीबीएम सेक्शन को पूर्णतः वॉटरप्रूफ संरचना के रूप में विकसित किया जा रहा है। सुरंग की लाइनिंग में डबल-लेयर EPDM गैस्केट और हाइड्रोफिलिक सील का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पानी का रिसाव रोका जा सके और लंबे समय तक संरचना की मजबूती बनी रहे।